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Daily Current Affairs: 3 June 2021

चर्चित स्थल

तक्सिम मस्जिद

चर्चा में क्यों?

तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप अर्दोआन ने हाल ही में इस्तांबुल में एक विवादित मस्जिद का उद्घाटन किया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • यह मस्जिद इस्तांबुल के मशहूर तक्सिम चौक (Taksim Square) पर है इसलिए इसे तक्सिम मस्जिद के नाम से जाना जाता है।
  • इसी मस्जिद के निर्माण की योजना को लेकर साल 2013 में तुर्की में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे।
  • यह मस्जिद इस्तांबुल में उस सार्वजनिक जगह के बगल में है जिसे धर्मनिरपेक्ष तुर्की का प्रतीक माना जाता है।
  • तक्सिम मस्जिद इतनी विशाल है कि इसके सामने सार्वजनिक इमारत और तुर्की के संस्थापक मुस्तफ़ा कमाल अतातुर्क की मूर्ति छोटी नज़र आती हैं।

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नियुक्ति/निर्वाचन

जस्टिस अरुण कुमार मिश्रा

चर्चा में क्यों?

  • सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त जस्टिस अरुण कुमार मिश्रा को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय नियुक्ति समिति ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी है।
  • इसके साथ ही महेश मित्तल कुमार और डा.राजीव जैन को आयोग का सदस्य नियुक्त किए जाने की भी मंजूरी दे दी गई।
  • हालांकि समिति में शामिल राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने एससी-एसटी समुदाय के प्रतिनिधि को मानवाधिकार आयोग का सदस्य नहीं बनाए जाने पर एतराज जताते हुए बैठक में अपनी असहमति जताई।
  • उल्लेखनीय है कि जस्टिस एचएल दत्तू के सेवानिवृत्त होने के बाद से राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष पद बीते छह माह से खाली था।
  • इसीलिए आयोग के पूर्णकालिक अध्यक्ष और दो सदस्यों के चयन के लिए पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय स की सोमवार को बैठक हुई जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा में नेता विपक्ष खड़गे और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नरायण सिंह शामिल थे।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग क्या है?

  • राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission-NHRC) एक स्वतंत्र वैधानिक संस्था है।
  • इसकी स्थापना मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के प्रावधानों के अंतर्गत 12 अक्टूबर, 1993 को की गई थी।
  • आयोग का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।
  • यह आयोग मानवाधिकारों जैसे – जीवन का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार और समानता का अधिकार आदि की रक्षा करता है और उनके रक्षक के रूप में कार्य करता है।

संरचना

  • मानवाधिकार आयोग एक बहु-सदस्यीय संस्था है। इसमें एक अध्यक्ष समेत 7 सदस्य होते हैं।
  • 7 सदस्यों में 3 सदस्य पदेन (Ex-officio) सदस्य होते हैं।
  • आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिश पर की जाती है।
  • अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल 5 वर्षों या 70 वर्ष की उम्र, जो भी पहले हो, तक होता है।
  • इन्हें केवल तभी हटाया जा सकता है जब सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की जाँच में उन पर कदाचार या असमर्थता के आरोप सिद्ध हो जाएं।
  • इसके अतिरिक्त आयोग में पाँच विशिष्ट विभाग (विधि विभाग, जाँच विभाग, नीति अनुसंधान और कार्यक्रम विभाग, प्रशिक्षण विभाग और प्रशासन विभाग) भी होते हैं।
  • राज्य मानवाधिकार आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा राज्य के मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के परामर्श पर की जाती है।

NHRC के कार्य और शक्तियाँ

  • मानवाधिकारों के उल्लंघन से संबंधित किसी मामले का संज्ञान या शिकायत के आधार पर उसकी जाँच कराने का अधिकार है।
  • मानवाधिकारों के उल्लंघन से संबंधित सभी न्यायिक मामलों में हस्तक्षेप करने का अधिकार है।
  • आयोग किसी भी जेल का दौरा कर सकता है और जेल में बंद कैदियों की स्थिति का निरीक्षण एवं उसमे सुधार के लिये सुझाव दे सकता है।
  • आयोग संविधान या किसी अन्य कानून द्वारा मानवाधिकारों को बचाने के लिये प्रदान किये गए सुरक्षा उपायों की समीक्षा कर सकता है और उनमें बदलावों की सिफारिश भी कर सकता है।
  • आयोग के पास दीवानी अदालत की शक्तियाँ हैं और यह अंतरिम राहत भी प्रदान कर सकता है।
  • आयोग मुआवज़े या हर्जाने के भुगतान की सिफ़ारिश कर सकता है।
  • आयोग राज्य तथा केंद्र सरकारों को मानवाधिकारों के उल्लंघन को रोकने के लिये महत्त्वपूर्ण कदम उठाने की सिफ़ारिश भी कर सकता है।
  • आयोग अपनी रिपोर्ट भारत के राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत करता है जिसे संसद के दोनों सदनों में रखा जाता है।

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भारत एवं विश्व

भारत ने यूनाइटेड किंगडम (UK)

चर्चा में क्यों?

  • भारत ने यूनाइटेड किंगडम (UK) के साथ मिलकर नई कार्य-प्रक्रियाओं की शुरुआत की है। ये कार्य-प्रक्रियायें साफ ऊर्जा सम्बंधी पहलों के तहत औद्योगिक ऊर्जा दक्षता को प्रोत्साहन देने के लिये शुरू की गई हैं।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • उल्लेखनीय है कि ऊर्जा प्रमुखों की 12वीं बैठक क्लीन एनर्जी मिनिस्टेरियल (CEM) – इंडस्ट्रियल डीप डीकार्बनाइजेशन इनीशियेटिव (IDDI) 31 मई से नई दिल्ली में चल रही है और छह जून, 2021 तक चलेगी।
  • इसका आयोजन यूनाइटेड नेशन्स इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट ऑर्गनाईजेशन (यूनीडो) के सौजन्य से हो रहा है।
  • आईडीडीआई की पहलों को जर्मनी और कनाडा का समर्थन प्राप्त है और आशा है कि कई अन्य देश भी जल्द इससे जुड़ जायेंगे। इसका उद्देश्य हरित प्रौद्योगिकियों को लागू करना और कम कार्बन उत्सर्जन करने वाले औद्योगिक साजो-सामान की मांग बढ़ाना है।

यूनाइटेड नेशन्स इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट ऑर्गनाईजेशन (यूनीडो)

  • संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा संयुक्त राष्ट्र सचिवालय के एक स्वायत्त अंग के रूप में संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (यूनिडो) की स्थापना की गयी।
  • नवंबर 1966 में अस्तित्व में आये यूनिडो का उद्देश्य औद्योगिक विकास के क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र की गतिविधियों के समन्वय को प्रोत्साहित करना एवं उसकी समीक्षा करना है।
  • जनवरी 1967 से कार्य आरंभ करते हुए यूनिडो द्वारा औद्योगिक विकास केन्द्र (सचिवालय के अधीन जुलाई 1961 से कार्यरत) का स्थान ले लिया गया। 1985 में यह संयुक्त राष्ट्र का विशिष्ट अभिकरण बन गया। इसका मुख्यालय विएना (ऑस्ट्रिया) में स्थित है।

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रिपोर्ट/इंडेक्स

एसडीजी इंडिया इंडेक्स और डैशबोर्ड 2020-21

चर्चा में क्यों?

  • नीति आयोग द्वारा 3 जून 2021 को एसडीजी इंडिया इंडेक्स और डैशबोर्ड 2020-21 का तीसरा संस्करण जारी किया गया है।
  • यह सूचकांक सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय मापदंडों पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की प्रगति का मूल्यांकन करता है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • वर्ष 2018 में अपने उद्घाटन के बाद से, यह सूचकांक व्यापक रूप से सतत विकास लक्ष्यों(SDG) को प्राप्त करने की दिशा में राज्यों और केन्द्र- शासित प्रदेशों द्वारा की गई प्रगति का दस्तावेजीकरण और उनकी रैंकिंग निर्धारित कर रहा है।
  • ‘एसडीजी इंडिया इंडेक्स और डैशबोर्ड 2020-21: पार्टनरशिप्स इन द डिकेड ऑफ एक्शन’ शीर्षक रिपोर्ट के साथ जारी किया गया है।
  • नीति आयोग के एसडीजी भारत सूचकांक 2020-21 में केरल ने अपनी शीर्ष स्थान बरकरार रखा है, जबकि बिहार का प्रदर्शन सबसे बुरा रहा।

किस राज्य को मिली कौन सी रैंकिंग?

  • रिपोर्ट के अनुसार, केरल ने 75 अंक के साथ शीर्ष राज्य के रूप में अपना स्थान बरकरार रखा।
  • 74 अंक के साथ हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु को दूसरा स्थान मिला।
  • 72 अंको के साथ आंध्र प्रदेश, गोवा, कर्नाटक और उत्तराखंड तीसरे स्थान पर रहे।
  • 71 अंकों के साथ सिक्किम चौथे और 70 अंकों के साथ महाराष्ट्र पांचवे स्थान पर रहे।
  • बिहार (52) झारखंड (56) असम (57) अंकों के साथ अंतिम तीन स्थान पर रहे।

कब की गई थी शुरुआत?

  • इस सूचकांक की शुरुआत दिसंबर 2018 में हुई थी और यह देश में एसडीजी पर प्रगति की निगरानी के लिए प्रमुख साधन बन गया है।
  • पहले संस्करण 2018-19 में 13 ध्येय, 39 लक्ष्यों और 62 संकेतकों को शामिल किया गया था, जबकि इस तीसरे संस्करण में 17 ध्येय, 70 लक्ष्यों और 115 संकेतकों को शामिल किया गया।

ऐसे की जाती है गणना

  • एसडीजी इंडिया इंडेक्स प्रत्येक राज्य और केन्द्र – शासित प्रदेश के लिए 16 एसडीजी पर लक्ष्य-वार स्कोर की गणना करता है। कुल मिलाकर राज्य और केन्द्र – शासित प्रदेश के स्कोर 16 एसडीजी पर उनके प्रदर्शन के आधार पर उप-राष्ट्रीय इकाई के समग्र प्रदर्शन को मापने के लिए गणना किये गये लक्ष्य-वार स्कोर में से निकाले जाते हैं।
  • ये स्कोर 0-100 के बीच होते हैं, और अगर कोई राज्य/केन्द्र- शासित प्रदेश 100 का स्कोर प्राप्त करता है, तो यह इस तथ्य को दर्शाता है कि उस राज्य/केन्द्र – शासित प्रदेश ने 2030 के लक्ष्य हासिल कर लिए हैं। किसी राज्य/केन्द्र – शासित प्रदेश का स्कोर जितना अधिक होगा, उतनी ही अधिक दूरी तक उसने लक्ष्य हासिल कर लिया होगा।
  • राज्यों और केन्द्र- शासित प्रदेशों को उनके एसडीजी इंडिया इंडेक्स स्कोर के आधार पर निम्नलिखित तरीके से वर्गीकृत किया जाता है:
  • प्रतियोगी (एस्पीरेंट): 0–49
  • प्रदर्शन करने वाला (परफ़ॉर्मर): 50–64
  • सबसे आगे चलने वाला (फ्रंट – रनर): 65–99
  • लक्ष्य पाने वाला (एचीवर): 100

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