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Daily Current Affairs 29 June 2021

चर्चित पुस्तक

फियर्सली फीमेल: द दुती चंद स्टोरी”

चर्चा में क्यों?

  • ‘फियर्सली फीमेल: द दुती चंद स्टोरी (Fiercely Female: The Dutee Chand Story)’ पुस्तक एथिलीट दुति चंद पर लिखी गई है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इस पुस्तक के लेखक सुदीप मिश्रा हैं, जो कि पेशे से पत्रकार हैं।
  • इस पुस्तक लिंग-पहचान विवाद के विस्तृत वर्णन के साथ चंद की यात्रा का वर्णन है, जिसने उन्हें भारतीय खेल में एक प्रतिष्ठित व्यक्ति बना दिया।
  • यह पुस्तक वेस्टलैंड बुक्स (Westland Books) द्वारा प्रकाशित की गई थी।
  • भारत की पहली खुले तौर पर समलैंगिक एथलीट दुती चंद (Dutee Chand) ने 2019 में इतिहास रचा जब वह नेपल्स में वर्ल्ड यूनिवर्सियड में 100 मीटर की स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय बनीं।
  • ओडिशा के एक छोटे से गांव से आने वाली, दुती चंद ने महिलाओं के 100 मीटर में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया और ओलंपिक में महिलाओं की 100 मीटर में भाग लेने वाली केवल पाँचवीं भारतीय हैं, जब उन्होंने 2016 के रियो खेलों के लिए क्वालीफाई किया।

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नियुक्ति/निर्वाचन

कर्णम मल्लेश्वरी

चर्चा में क्यों?

  • भारत की पहली महिला ओलंपिक मेडल विजेता कर्णम मल्लेश्वरी को दिल्ली सरकार द्वारा दिल्ली खेल विश्वविद्यालय का पहला कुलपति नियुक्त किया गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • वर्तमान में हरियाणा के यमुनानगर की रहने वाली मल्लेश्वरी ने 2000 सिडनी ओलंपिक में वेट लिफ्टिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
  • उनका रिकॉर्ड अब भी बरकरार है, क्योंकि भारत की किसी भी महिला ने ओलंपिक में वेट लिफ्टिंग में मेडल नहीं जीता है।
  • कर्णम मल्लेश्वरी को 1994 में अर्जुन पुरस्कार और 1999 में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
  • वह 1999 में ही पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित की गईं थीं। कर्णंम मल्लेश्वरी वर्तमान में (FCI) में मुख्य महाप्रबंधक के रूप में कार्यरत हैं।
  • कर्णम आंध्र प्रदेश के एक छोटे से गांव वोसवानिपेटा हैमलेट में 12 साल की उम्र से खेल के मैदान में उतरी थीं।
  • उनके पिता कर्णम मनोहर फुटबॉल खिलाड़ी थे तो वहीं उनकी चार बहनें भारोत्तोलक खिलाड़ी थी।

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ग्रैंड फुकुओका पुरस्कार-2021

चर्चा में क्यों?

  • भारत के वरिष्ठ पत्रकार और पीपुल्स आर्काइव ऑफ रूरल इंडिया के संस्थापक संपादक पालागुम्मि साईनाथ को इस साल जापान के प्रतिष्ठित ग्रैंड फुकुओका पुरस्कार (Fukuoka Grand Prize) से सम्मानित किया गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • पी. साईनाथ भारत के प्रसिद्ध पत्रकार हैं, जो भारत में खेती करने वाले गरीब लोगों की आवाज उठाते हैं। साथ ही वह इन लोगों की जीवन शैली को वास्तविकता से रूबरू कराते हुए ‘ग्रामीण कहानियों’ की रिपोर्ट करते हैं।
  • पी साईनाथ के साथ दो अन्य लोगों को भी फुकुओका पुरस्कार दिया गया है। तीन अलग-अलग श्रेणियों में दिए जाने वाले इस पुरस्कार में ग्रैंड अवार्ड साईनाथ को दिया गया, वही अकादमिक पुरस्कार जापान के इतिहासकार किशिमोतो मियो, कला और संस्कृति के लिए थाईलैंड के लेखक और फिल्म निर्माता प्रबदा यूं को सम्मानित किया गया।
  • पी. साईंनाश को इससे पहले रेमन मैग्सेसे अवार्ड भी मिला था।
  • जापान में इस पुरस्कार की शुरुआत 1990 में की गई थी। इसका उद्देश्य एशिया की अनोखी और विविधतापूर्ण संस्कृति को संरक्षित रखने और प्रोत्साहित करने के काम करने वाले लोगों और संस्थानों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है।
  • पी साईनाथ से पहले संगीतकार एआर रहमान और इतिहासकार रामचंद्र गुहा को भी इस पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

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रक्षा प्रतिरक्षा

अग्नि प्राइम मिसाइल

चर्चा में क्यों?

  • भारत ने 28 जून 2021 को ओडिशा के बालासोर तट चांदीपुर परीक्षण रेंज में पर अग्नि श्रृंखला की एक नई मिसाइल अग्नि-प्राइम का सफल परीक्षण किया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने इस मिसाइल को विकसित किया है।
  • इस मिसाइल को 4000 किलोमीटर की रेंज वाली अग्नि 4 तथा 5000 किलोमीटर की रेंज वाली अग्नि 5 मिसाइल में इस्तेमाल होने वाली अत्याधुनिक तकनीकों से विकसित किया गया है।
  • यह मिसाइल 1000 से 1500 किलोमीटर तक मारक क्षमता रखती है।
  • 2 स्टेज और सॉलि़ड फ्यूल (Solid Fuel) पर आधारित अग्नि प्राइम मिसाइल को एडवांस रिंग लेजर गैरोस्कोप (Advance Ring Laser Gyroscope) पर आधारित नेविगेशन सिस्टम द्वारा निर्देशित किया जाता है।
  • इसका गाइडेड सिस्टम इलेक्ट्रो मैकेनिकल एक्यूटर (electro mechanical actuator) से लैस है।
  • इसे अग्नि-1 मिसाइल का विकल्प माना जा रहा है।
  • सिंगल स्टेज वाले अग्नि 1 के विपरीत डबल स्टेज वाले अग्नि प्राइम को सड़क और मोबाइल लॉन्चर दोनों से दागा जा सकता है।
  • अग्नि प्राइम अत्याधुनिक तकनीक के प्रयोग के कारण यह कम वजन वाली मिसाइल है।
  • उल्लेखनीय है कि भारत ने 1989 में पहली बार मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि 1 का परीक्षण किया था।

अग्नि मिसाइल प्रणाली

अग्नि- I

  • सिंगल स्टेज, ठोस ईंधन, मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (MRBM)।
  • ठोस प्रणोदन बूस्टर (solid propulsion booster) और एक तरल प्रणोदन (liquid propulsion) ऊपरी चरण का उपयोग करना।
  • मारक क्षमता- 700-800 किमी.।

अग्नि- II

  • मध्यम दूरी वाली बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM)।
  • मारक क्षमता-2000 किमी. से अधिक।

अग्नि- III

  • दो चरणों वाली मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM)।
  • वारहेड कॉन्फिगरेशन (warhead configuration) की एक विस्तृत शृंखला को सपोर्ट करती है।
  • मारक क्षमता-2,500 किलोमीटर से अधिक।

अग्नि- IV

  • ठोस प्रणोदक (solid propulsion) द्वारा संचालित दो चरणों वाली मिसाइल।
  • रोड मोबाइल लॉन्चर से फायर कर सकते हैं।
  • मारक क्षमता-3,500 किमी. से अधिक।
  • यह स्वदेशी रूप से विकसित रिंग लेज़र गायरो और समग्र रॉकेट मोटर से लैस है।

अग्नि- V

  • तीन चरणों वाली ठोस ईंधन, स्वदेशी अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM)।
  • 5 टन परमाणु वारहेड ले जाने में सक्षम।
  • नेविगेशन और मार्गदर्शन, वारहेड और इंजन के संदर्भ में नवीनतम एवं सबसे उन्नत संस्करण।
  • अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता है।
  • 5,000 किमी. से अधिक की मारक दूरी।

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स्वदेशी पिनाक रॉकेट के उन्नत संस्करण

चर्चा में क्यों?

  • रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने हाल ही में ओडिशा तट के पास चांदीपुर में एकीकृत परीक्षण केंद्र (ITR) से स्वदेशी पिनाक रॉकेट के उन्नत संस्करण का परीक्षण किया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • पुणे स्थित आयुध अनुसंधान एवं विकास स्थापना (Laboratories Armament Research & Development Establishment- ARDE) और उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला(High Energy Materials Research Laboratory- HEMRL) ने इकनॉमिक एक्सप्लोसिव लिमिटेड Economic Explosives Limited (EEL) नागपुर की मदद से इस रॉकेट प्रणाली को विकसित किया है।
  • रॉकेट के चार उन्नत संस्करणों को एक मल्टी-बैरल लांचर से पूरे उपकरण के साथ दागा गया और उन्होंने मिशन के उद्देश्यों को पूरा किया।
  • इसको भगवान शंकर के धनुष ‘पिनाक’ के नाम पर विकसित किया गया है।

पिनाक रॉकेटप्रणाली

  • पिनाका आर्टिलरी मिसाइल प्रणाली है, जिसकी मारक क्षमता पूरी सटीकता के साथ 75 किलोमीटर है।
  • पिनाका के उन्नत संस्करण में नौसंचालन, नियंत्रण और दिशा-प्रणाली जोड़ी गई हैं, ताकि उसकी सटीकता और रेंज में वृद्धि हो सके।
  • इसकी रेंज की ट्रैकिंग, दूरमापी (Telemetry), रडार और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल टारगेटिंग प्रणाली (Electro-optical targeting system- EOTS) से की जाती है।

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खेल परिदृश्य

राही सरनोबत ने जीता गोल्ड मेडल

चर्चा में क्यों?

  • क्रोएशिया में चल रहे शूटिंग वर्ल्ड कप में भारत को महिलाओं के 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल में राही सरनोबत ने पहला गोल्ड मेडल जीता।
  • राही का यह वर्ल्ड कप में दूसरा मेडल भी है। इससे पहले उन्होंने 10 मीटर एयरपिस्टल विमेंस टीम इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
  • अब तक भारत टूर्नामेंट में एक गोल्ड, एक सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल जीतकर छठे नंबर पर काबिज है। रूस 10 मेडल जिसमें 4 गोल्ड, 4 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज के साथ टॉप पर काबिज है।

मनु और सौरभ ने मिक्स्ड में जीता सिल्वर मेडल

  • वहीं 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड इवेंट में मनु भाकर और सौरभ चौधरी ने भारत को सिल्वर दिलाया।
  • यह भारतीय जोड़ी 387 पॉइंट के साथ दूसरे नंबर पर रही। मिक्स्ड इवेंट के फाइनल में मनु और सौरभ को रशियन जोड़ी वितालिना बत्सरश्किना और अर्तेम चेर्नोसोव ने हराया।

सौरभ ने सिंगल्स में ब्रॉन्ज जीता

  • स्टार भारतीय शूटर सौरभ चौधरी ने गुरुवार को देश को मेन्स इवेंट के 10 मीटर एयर पिस्टल में ब्रॉन्ज मेडल दिलाया था। यह इस टूर्नामेंट में भारत का पहला पदक रहा। 19 साल के सौरभ ने क्वालीफाइंग राउंड में 581 और फाइनल में 220 स्कोर किया था।

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अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य

सी ब्रीज 2021

चर्चा में क्यों?

  • रूस और यूक्रेन के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच यूक्रेन तथा संयुक्त राज्य अमेरिका ने काला सागर में संयुक्त नौसैनिक अभ्यास ‘सी ब्रीज’ (Sea Breeze) आरंभ किया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • सी ब्रीज अभ्यास 1997 से आयोजित हो रहा है, इसमें नाटो देश तथा काला सागर क्षेत्र में स्थित नाटो सहयोगी देश शामिल होते हैं।
  • इस बार का यह अभ्यास अभी तक आयोजित 21 अभ्यासों के इतिहास में सबसे बड़ा होगा। इस बार इसमें 30 से अधिक देशों के लगभग 5,000 सुरक्षाबल शामिल होंगे।
  • इस अभ्यास का उद्देश्य नौसेना और भूमि संबंधी ऑपरेशनों में सुधार करना तथा भाग लेने वाले देशों के बीच आपसी सहयोग में सुधार करना है।
  • अभ्यास का एक अन्य उद्देश्य क्षेत्र में स्थिरता और शांति बनाए रखने के लिये एक शक्तिशाली संदेश भेजना भी है।

काला सागर:

  • अटलांटिक महासागर का यह सीमांत समुद्र, पूर्वी यूरोप और पश्चिमी एशिया के बीच स्थित है।
  • काला सागर के तटवर्ती देशों में- रूस, यूक्रेन, जॉर्जिया, तुर्की, बुल्गारिया और रोमानिया शामिल हैं।
  • काला सागर एक मेरोमिक्टिक बेसिन के साथ सबसे बड़ा जल निकाय है। य़ानी यहां समुद्र की निचली और ऊपरी सतह के बीच जल की आवाजाही एक दुर्लभ घटना है जो इसके जल के एनोक्सिक (यानी जल में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की कमी) होने के लिये भी उत्तरदायी है।

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