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Daily Current Affairs: 28 August 2021

राष्ट्रीय परिदृश्य

वाहनों के लिए भारत सीरिज (BH-Series)

चर्चा में क्यों?

  • सरकार ने गतिशीलता को सुगम बनाने के लिए कई नागरिक केंद्रित कदम उठाये हैं। वाहन पंजीकरण के लिए आईटी आधारित समाधान ऐसा ही प्रयास है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने वाहनों के निर्बाध स्थानांतरण को सुगम बनाने के लिए नए वाहनों अर्थात ‘ भारत सीरिज (BH-Series) ‘ के लिए दिनांक 26 अगस्त, 2021 की अधिसूचना के जरिये एक नया पंजीकरण चिन्ह लागू किया है।
  • इस पंजीकरण चिन्ह वाले वाहन के मालिक के लिए अपने वाहन को एक राज्य से दूसरे राज्य में शिफ्ट करते समय नए पंजीकरण चिन्ह के निर्धारण की आवश्यकता नहीं होगी।
  • ‘भारत सीरिज (BH-Series) के तहत वाहन पंजीकरण की यह सुविधा स्वैच्छिक आधार पर रक्षा कर्मचारियों, केंद्रीय सरकार/राज्य सरकार/केंद्रीय/राज्य सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम तथा निजी क्षेत्र की कंपनियों/संगठनों, जिनके चार या अधिक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यालय हैं, को उपलब्ध होगी।
  • मोटर वाहन कर दो वर्षों के लिए या दो के मल्टीपल में लगाया जाएगा। यह स्कीम किसी नए राज्य/ केंद्र शासित प्रदेश में स्थानांतरण पर भारत के सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में व्यक्तिगत वाहनों की मुक्त आवाजाही को सुगम बनाएगी।
  • 14वें वर्ष की समाप्ति पर मोटर वाहन कर वार्षिक रूप से लगाया जाएगा जो उस राशि का आधा होगा जो पहले उस वाहन के लिए वसूल की गई थी।

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रक्षा-प्रतिरक्षा

भारत-जर्मनी नौसैनिक अभ्यास

चर्चा में क्यों?

  • यमन के निकट अदन की खाड़ी में भारत और जर्मनी की नौसेना ने संयुक्त अभ्यास किया, जिसमें हेलिकॉप्टरों को उतारना और तलाशी व जब्ती अभियान शामिल था।
  • भारतीय नौसेना के युद्धपोत ‘त्रिकंड’ ने जर्मन युद्धपोत ‘बेयर्न’ के साथ अदन की खाड़ी में अभ्यास किया।
  • इस अभ्यास में एक दूसरे के युद्धपोत पर हेलिकॉप्टर की लैंडिंग (क्रॉस डेक हेलो लैंडिंग) और पोत पर तलाशी व जब्ती अभियान शामिल था।
  • समुद्री डकैतों के खिलाफ गश्त के लिये भारतीय नौसेना का पोत INS त्रिकंड अदन की खाड़ी में तैनात है।

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भारत एवं विश्व

ग्रेटर माले संपर्क परियोजना

चर्चा में क्यों?

  • भारत की वित्तीय सहायता से तैयार होने वाली ‘ग्रेटर माले संपर्क परियोजना’ के लिए हाल ही में मालदीव के राष्ट्रीय योजना, आवास और बुनियादी ढांचा मंत्रालय और भारतीय कंपनी एफकॉन के बीच समझौते पर हस्ताक्षर हुए।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • यह मालदीव की सबसे बड़ी ढांचागत परियोजना है। भारत इसे वित्त पोषित कर रहा है। इसके लिए 10 करोड़ डॉलर की वित्तीय मदद और 40 करोड़ डॉलर की ऋण सहायता दी जाएगी। योजना के तहत माले में 6.74 किमी लंबा पुल और सेतु लिंक तैयार किया जाएगा और यह परियोजना राजधानी माले को नजदीकी द्वीपों विलिंगली, गुल्हिफाल्हू और थिलाफुशी से जुड़ेगी।

मालदीव से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

  • मालदीव का क्षेत्रफल 298 वर्ग किमी. है, जो हिंद महासागर में श्रीलंका के 600 किमी. दक्षिण पश्चिम में 1,200 प्रवाल द्वीपों में विस्तृत है, जिनमें से केवल 202 द्वीपों पर ही निवास है।
  • इन द्वीपों की औसत ऊंचाई लगभग एक मीटर है।
  • यहां का सबसे बड़ा धार्मिक संप्रदाय मुस्लिम धर्म है जो की कुल जनसंख्या का लगभग 99.04% है।

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अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य

स्टॉप टीबी पार्टनरशिप बोर्ड

चर्चा में क्यों?

  • भारत के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया ने हाल ही में स्टॉप टीबी पार्टनरशिप बोर्ड (Stop TB Partnership Board) के अध्यक्ष का पदभार संभाल लिया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • वह 2024 तक इस पद पर रहते हुए वह स्टॉप टीबी पार्टनरशिप सचिवालय, भागीदारों और बड़े पैमाने पर टीबी समुदाय के प्रयासों का नेतृत्व करेंगे।
  • 2022 तक संयुक्त राष्ट्र टीबी लक्ष्यों तक पहुंचने की दिशा में, 2030 तक टीबी को समाप्त करने के वैश्विक लक्ष्य में यह एक मील का पत्थर साबित होगा।
  • उल्लेखनीय है कि भारत ने वर्ष 2025 तक देश में टीबी के उन्मूलन हेतु प्रतिबद्धता व्यक्त की है।
  • स्टॉप टीबी पार्टनरशिप के कार्यकारी निदेशक, डॉ. लुसिका दितिउ ने टीबी को खत्म करने के लिए भारत के प्रयासों को स्वीकार करते हुए कहा कि नए नेतृत्व का अनुभव और जुनून अगले तीन वर्षो में संगठन को आगे ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

स्टॉप टीबी पार्टनरशिप बोर्ड

  • इसकी स्थापना वर्ष 2000 में की गई थी और यह सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में टीबी रोग को समाप्त करने हेतु समर्पित है।
  • संगठन की स्थापना की परिकल्पना मार्च 1998 में लंदन में आयोजित ‘तपेदिक महामारी पर तदर्थ समिति’ (Ad Hoc Committee on the Tuberculosis Epidemic) के प्रथम सत्र की बैठक के बाद की गई थी।
  • अपनी स्थापना के प्रथम वर्ष में ही एम्स्टर्डम घोषणा (Amsterdam Declaration) के माध्यम से स्टॉप टीबी पार्टनरशिप ने टीबी से सर्वाधिक प्रभावित 20 देशों के मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों से सहयोगात्मक कार्रवाई का आह्वान किया।
  • वर्ष 2019 में इसने टीबी समाप्ति के लिये अद्यतन वैश्विक योजना “Global Plan to End TB 2018-2022” लॉन्च की।
  • ‘स्टॉप टीबी पार्टनरशिप’ द्वारा प्रतिवर्ष ऐसे व्यक्तियों और/या संगठनों को कोचोन पुरस्कार (Kochon Prize) प्रदान किया जाता है, जिन्होंने टीबी का मुकाबला करने में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है।
  • कोरिया गणराज्य में पंजीकृत एक गैर-लाभकारी फाउंडेशन, कोचोन फाउंडेशन द्वारा दिये जाने वाले इस पुरस्कार के तहत 65,000 अमेरिकी डॉलर की राशि प्रदान की जाती है।
  • इसका सचिवालय स्विट्ज़रलैंड, जिनेवा में स्थित है।

क्या है क्षय रोग?

  • टीबी या क्षय रोग या तपेदिक बैक्टीरिया (माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस) के कारण होता है जो फेफड़ों को सबसे अधिक प्रभावित करता है।
  • टीबी एक संक्रामक रोग है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में खांसी, छींकने या थूकने के दौरान हवा के माध्यम से या फिर संक्रमित सतह को छूने से फैलता है।
  • इस रोग से पीड़ित व्यक्ति में बलगम और खून के साथ खांसी, सीने में दर्द, कमज़ोरी, वज़न कम होना तथा बुखार इत्यादि लक्षण देखे जाते हैं।

चार देशों में 44 प्रतिशत टीबी के मामले                                         

  • वैश्विक तपेदिक रिपोर्ट-2020 के अनुसार ‘भारत, इंडोनेशिया फिलीपींस और दक्षिण अफ्रीका में दुनियाभर के टीबी के मामलों के 44 फीसद होते हैं।

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चर्चित व्यक्तित्व

सोनू सूद

चर्चा में क्यों?

  • सिने अभिनेता सोनू सूद को दिल्ली सरकार ने बच्चों के लिए ‘देश के मेंटर’ के लिए दिल्ली सरकार का ब्रांड एंबेसडर बनाया है।
  • सोनू सूद पिछले साल लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों की मदद करने को लेकर वे सुर्खियों में हैं। खासतौर से युवाओं के बीच वे काफी लोक्रप्रिय हैं।
  • ‘देश के मेंटर’ दिल्ली सरकार के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए यह कार्यक्रम है, जो पिछले एक-डेढ़ साल से पायलट बेसिस पर चल रहा था।
  • इस कार्यक्रम के तहत सरकार लोगों से अपील करेगी कि वे अपनी मर्जी और सुविधा के मुताबिक कुछ बच्चों के मेंटोर या उस्ताद बनें।

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पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी

कूनो पालपुर में बसाए जाएंगे चीते

चर्चा में क्यों?

  • मध्य प्रदेश में जल्दी ही चीतों की दहाड़ सुनाई देगी। श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में नंवबर या दिसंबर के पहले सप्ताह में अफ्रीका से 20 चीते लाए जाएंगे।
  • केंद्र सरकार की कोशिश है कि दो फेज में 10 नर और 10 मादा चीते कूनो नेशनल पार्क में शिफ्ट करा दिए जाएं।
  • देश में लुप्त हो चुके चीते को फिर लाने के लिए लंबे समय से प्रोजेक्ट चल रहा है।
  • 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी को इसकी मंजूरी दी है। प्रयोग के लिए अफ्रीकन चीते को भारत के जंगलों में लाया जाएगा।
  • उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश के कूनो-पालपुर वन्यजीव अभयारण्य को भारत का पहला चीता अभयारण्य (Cheetah Sanctuary) नामित किया गया है।

कूनो-पालपुर वन्यजीव अभयारण्य

  • कूनो-पालपुर वन्यजीव अभयारण्य को वर्ष 2018 में एक राष्ट्रीय उद्यान के रूप में अपग्रेड किया गया था।
  • मध्य प्रदेश के चंबल क्षेत्र में स्थित, कुनो-पालपुर राष्ट्रीय उद्यान 750 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है।
  • वर्तमान में इसमें तेंदुए, सियार, चित्तीदार हिरण, सांभर, नीलगाय, चिंकारा, जंगली सूअर और चार सींग वाले मृग हैं। यह सब चीता जैसी बिल्ली प्रजाति के लिए एक आदर्श आधार उपलब्ध कराते हैं।

योजना का लाभ

  • विशेषज्ञों का कहना है कि चीता पुनर्वास परियोजना, भारत में इकोटूरिज्म(Ecotourism) के लिए जबरदस्त अवसर पैदा करेगी।
  • कूनो-पालपुर वन्यजीव अभयारण्य, रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान (Ranthambore National Park) से सिर्फ 100 किलोमीटर दूर है, जिसने 2019 में 431,000 पर्यटकों को आकर्षित किया था।

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चर्चित स्थान

पंजशीर घाटी

चर्चा में क्यों?

  • तालिबान अफगानिस्तान सत्ता पर कब्जा कर चुका है, लेकिन पंजशीर उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर खड़ा है। ये वो भूभाग है जिसे तालिबान कभी नहीं जीत सका। इस बार भी इस अभेद्य दुर्ग को तालिबानी अब तक भेद नहीं पाए हैं।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • पंजशीर की घाटियां तालिबान के विरोध का प्रतीक बनती जा रही हैं। कभी पंजशीर के शेर अहमद शाह मसूद का गढ़ रहे इस इलाके से विरोध का झंडा उनके बेटे अहमद मसूद ने उठाया है। उनके साथ अशरफ गनी सरकार में उप राष्ट्रपति रहे अमरुल्लाह सालेह भी हैं।

पंजशीर घाटी का भूगोल

  • काबुल से 150 किलोमीटर दूर उत्तर में स्थित पंजशीर घाटी हिंदुकुश के पहाड़ों के करीब है। उत्तर में पंजशीर नदी इसे अलग करती है।
  • पंजशीर का उत्तरी इलाका पंजशीर की पहाड़ियों से भी घिरा है। वहीं दक्षिण में कुहेस्तान की पहाड़ियां इस घाटी को घेरे हुए हैं। ये पहाड़ियां सालभर बर्फ से ढंकी रहती हैं।

चांदी के खनन के लिए प्रसिद्ध रहा है पंजशीर

  • मध्यकाल में ये घाटी चांदी के खनन के लिए मशहूर रही है। इस घाटी में अभी पन्ना के भंडार हैं।
  • कहा जाता है कि यहां पाए जाने वाले क्रिस्टल की क्वॉलिटी कोलंबिया की मुजो खदानों जैसी है। मुजो खदानों के क्रिस्टल दुनिया में सबसे बेहतरीन होते हैं। पंजशीर की धरती के नीचे पन्ना का बहुत बड़ा भंडार है। जिसे अब तक छुआ तक नहीं गया है। अगर यहां माइनिंग का इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार हो जाता है तो इस इलाके का बहुत तेजी से विकास हो सकता है।
  • 5 लाख की आबादी वाले इस इलाके में ताजिक समुदाय की बहुलता है। मई के बाद जब तालिबान ने एक बाद एक इलाके पर कब्जा करना शुरू किया तो बहुत से लोगों ने पंजशीर में शरण ली। उन्हें ये उम्मीद थी कि पहले की ही तरह इस बार भी ये घाटी तालिबान के लिए दुर्जेय साबित होगी। उनकी ये उम्मीद अब तक सही साबित हुई है।

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