रक्षा अनुसंधान और विकास

प्रोफेसर वी. रामगोपाल राव समिति

चर्चा में क्यों?

  • रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) में बड़े सुधारों के लिए इस समिति का गठन किया गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • दिल्ली आईआईटी के निदेशक प्रोफेसर वी. रामगोपाल राव की अध्यक्षता में इस समिति को देश भर में डीआरडीओ की प्रयोगशालाओं की क्षमता में सुधार के उपाय सुझाने के लिए नियुक्त किया गया है ताकि घरेलू रक्षा उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके।
  • देश भर में डीआरडीओ की 50 से अधिक प्रयोगशालाएं हैं जो रक्षा प्रौद्योगिकियों का विकास करने में संलग्न हैं।
  • ये प्रयोगशालाएं एयरोनॉटिक्स, हथियार, लड़ाकू वाहन, इंजीनियरिंग प्रणाली, मिसाइल, उन्नत कंप्यूटिंग और नौसेना की प्रणालियां विकसित करती हैं।

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन

  • डीआरडीओ ( Defence Research & Development Organization-DRDO) की स्थापना 1958 में की गई थी।
  • DRDO रक्षा मंत्रालय के रक्षा अनुसंधान और विकास विभाग के तहत काम करता है।
  • इसका लक्ष्य “विश्वस्तरीय विज्ञान और प्रोद्यौगिकी आधार की स्थापना द्वारा भारत को समृद्ध बनाना और अंतराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्द्धी प्रणालियों तथा समाधान से सुसज्जित कर हमारी रक्षा सेवा में निर्णायक बढ़त प्रदान करना है।
  • देश की सुरक्षा सेवाओं के लिये स्टेट-ऑफ-द-आर्ट सेंसर (state-of-the-art sensors), शस्त्र प्रणाली (weapon systems), प्लेटफॉर्म और संबद्ध उपकरणों के उत्पादन का डिज़ाइन, विकास और नेतृत्व करना।

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राष्ट्रीय परिदृश्य

सतलुज-यमुना लिंक नहर विवाद

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के इस पर विवादास्पद बयान देने के कारण यह चर्चा में है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • पंजाब और हरियाणा के बीच सतलुज यमुना के जल-बँटवारे को लेकर विवाद पिछले 50 साल से भी ज्यादा समय से गहराया हुआ है।
  • इस नहर के माध्यम से पंजाब से बहने वाली सतलज और हरियाणा से बहने वाली यमुना नदी को एक नहर से जोड़ा जाना है इसलिए इसका नाम सतुलज यमुना लिंक नहर है।
  • पंजाब सरकार का कहना है कि राज्य में जल का स्तर बहुत कम है इसलिए सतलुज-यमुना नहर के जरिए हरियाणा को पानी देते हैं तो पंजाब में पानी का संकट पैदा हो जाएगा। वहीं हरियाणा सरकार सतलुज के पानी पर अपना अधिकार जताती रही है।
  • दरअसल सतलुज-यमुना विवाद की बुनियाद 1 नवम्बर 1966 को पंजाब के पुनर्गठन के साथ ही पड़ गई थी। इस पुनर्गठन के तहत ही हरियाणा स्वतंत्र राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। किन्तु उत्तराधिकारी राज्यों अर्थात पंजाब व हरियाणा के बीच नदियों के पानी का बँटवारा सुनिश्चित नहीं किया गया।
  • केवल केन्द्र सरकार की एक अधिसूचना के जरिए कुल पानी 7.2 एमएएफ (मिलियन एकड़ फीट) में से 3.5 एमएएफ पानी हरियाणा को आबंटित कर दिया गया।
  • इस पानी को पंजाब से हरियाणा लाने के लिये सतलुज-यमुना नहर (एसवाईएल) बनाने का फैसला हुआ। इस नहर की कुल लम्बाई 212 किलोमीटर है।
  • हरियाणा ने अपने हिस्से में आने वाली 91 किमी नहर का निर्माण समय-सीमा पूरा कर लिया गया, लेकिन पंजाब ने अपने हिस्से की 122 किमी लम्बी नहर का निर्माण अभी तक नहीं किया है।
  • 8 अप्रैल, 1982 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने एसवाईएल योजना का शुभारंभ पंजाब के पटियाला जिले के कपुरई गांव से किया।
  • इस फैसले के विरोध में सन्त हरचंद सिंह लोंगोवाल की अगुवाई में अकाली दल ने नहर निर्माण के खिलाफ धर्म-युद्ध छेड़ दिया। नतीजतन पूरे पंजाब में इस नहर के खिलाफ वातावरण गरम होता चला गया।इसी दौरान पंजाब उग्रवाद की चपेट में आ गया

राजीव-लोंगोवाल समझौता

  • विवाद को सुलझाने की दिशा में क़दम बढ़ाते हुए 24 जुलाई, 1985 को तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष हरचंद सिंह लोंगोवाल के बीच एक समझौता हुआ, जिसके तहत नहर बनाने के लिए पंजाब की ओर से सहमति दे दी गई। लेकिन इसके कुछ दिनों बाद ही आतंकवादियों ने लोंगोवाल की हत्या कर दी थी।
  • 1988-90 के दौरान आतंकवादियों ने नहर बना रहे कई मज़दूरों और इंजीनियरों को गोली मार दी थी। उसके बाद नहर का काम रुक गया था।
  • नवंबर, 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के पक्ष में फैसला दिया लेकिन पंजाब ने भी सुप्रीम कोर्ट का रूख़ किया और दशकों पुराना यह विवाद अदालत में लंबित है।

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स्वास्थ्य एवं पोषण

अफ्रीका महाद्वीप पोलियो मुक्त घोषित

चर्चा में क्यों?

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के अफ्रीका क्षेत्र के कार्यालय द्वारा अफ्रीका के अंतिम देश नाइजीरिया को पोलियो मुक्त देश घोषित करने के बाद 25 अगस्त, 2020 को पूरा अफ्रीका महाद्वीप पोलियो (वाइल्ड पोलियो वायरस) से मुक्त हो गया।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • अफ्रीका में अंतिम बार पोलियो का मामला 2016 में नाइजीरिया में आया था।
  • डब्ल्यूएचओ के अनुसार जब किसी देश में चार साल तक पोलियो का कोई नया मामला नहीं सामने आता, तो उसे पोलियो मुक्त मान लिया जाता है।
  • अब केवल पाकिस्तान और अफगानिस्तान ही ऐसे देश बचे हैं, जहां अभी तक पोलियो वायरस मौजूद है।
  • डब्लूएचओ ने 27 मार्च, 2014 को दक्षिण-पूर्व एशिया को पोलियो मुक्त क्षेत्र घोषित किया था। इसी के तहत भारत भी पोलियो मुक्त घोषित हो गया था।
  • यह दूसरी बार है, जब अफ्रीका में किसी वायरस को खत्म किया गया है। चार दशक पहले अफ्रीका में चेचक (smallpox) को पूरी तरह से खत्म किया गया था।

क्या है पोलियो?

  • पोलियो एक संक्रामक रोग है जो पोलियो विषाणु से मुख्‍यतः छोटे बच्‍चों में होता है। यह बीमारी बच्‍चें के किसी भी अंग को जिन्‍दगी भर के लिये कमजोर कर देती है।
  • पोलियो लाईलाज है क्‍योंकि इसका लकवापन ठीक नहीं हो सकता है बचाव ही इस बीमारी का एक मात्र उपाय है।
  • इसका संकमण मल के माध्यम से फैलता है। ज्‍यादातर वायरस युक्‍त भोजन के सेवन करने से यह रोग होता है। यह वायरस श्‍वास तंत्र से भी शरीर में प्रवेश कर रोग फैलाता है।
  • पोलियो स्‍पाइनल कॉर्ड व मैडुला की बीमारी है। स्‍पाइनल कॉर्ड मनुष्‍य का वह हिस्‍सा है जो रीड की हड्डी में होता है।पोलियो मॉंसपेशियों व हड्डी की बीमारी नहीं है।
  • बच्‍चों में पोलियों विषाणु के विरूद्व किसी प्रकार की प्रतिरोधक क्षमता नहीं होती है इसी कारण यह बच्‍चों में होता है।
  • पोलियो विषाणु के विरूद्व प्रतिरोधक क्षमता उत्‍पन्‍न के लिए ‘नियमित टीकाकरण कार्यक्रम’ व ‘पल्‍स पोलियो अभियान के उन्‍तर्गत पोलियों वैक्‍सीन की खुराकें दी जाती है। ये सभी खुराके 05 वर्ष से कम उम्र के सभी बच्‍चों के लिये अत्‍यन्‍त आवश्‍यक है।
  • ओरल पोलियो वैक्‍सीन का आविष्‍कार रूसी वैज्ञानिक डॉ. अल्‍बर्ट सेबिन ने सन् 1961 में किया था।
  • पोलियो वैक्‍सीन में विशेष प्रकिया द्वारा निष्क्रिय किये गये पोलियो के जीवित विषाणु होते हैं। इस विशेष प्रकिया में पोलियो विषाणु की बीमारी पैदा करने की क्षमता समाप्‍त कर दी जाती है, परन्‍तु इनसे पोलियो बीमारी के विरूद्ध प्रतिरोधक क्षमता उत्‍पन्‍न करती है।
  • डब्ल्यूएचओ ने 1988 में वैश्विक पोलियो उन्मूलन पहल (जीपीईआई) शुरू की थी।

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पुरस्कार/सम्मान

अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतने वाली सबसे कम उम्र की लेखिका

चर्चा में क्यों?

  • नीदरलैंड की 29 साल की मारिके लुकास रिजनेवेल्ड (Marieke Lucas Rijneveld) अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतने वाली सबसे कम उम्र की लेखक बन गई हैं।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • यह पुरस्कार मूल बुकर पुरस्कार से अलग है और इसका लक्ष्य दुनियाभर में अच्छे उपन्यास के अधिक प्रकाशन और उसे पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।
  • रिजनेवेल्ड की किताब ‘द डिस्कम्फर्ट ऑफ इवनिंग’ (The Discomfort of Evening) को विजेता घोषित किया गया।
  • इस उपन्यास में ग्रामीण नीदरलैंड के एक कट्टर ईसाई समुदाय के एक किसान परिवार की कहानी है।
  • पुरस्कार के नियम के अनुसार, पुरस्कार राशि 50,000 पाउंड लेखक और अनुवादक मिशेल हचिसन के बीच बराबर बांटी जाएगी।

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निधन

अर्नोल्ड स्पीलबर्ग

चर्चा में क्यों?

  • प्रसिद्ध फिल्मकार स्टीवन स्पीलबर्ग के पिता एवं नवोन्मोषी इंजीनियर अर्नोल्ड स्पीलबर्ग (Arnold Spielberg) का 103 वर्ष की आयु में निधन हो गया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • अर्नोल्ड स्पीलबर्ग और चार्ल्स प्रॉप्स्टर ने ‘जनरल इलेक्ट्रिक’ के लिए काम करते हुए 1950 के दशक में जीई-225 मेनफ्रेम कंप्यूटर बनाया था।
  • इस मशीन की मदद से ही डार्टमाउथ कॉलेज के कंप्यूटर विज्ञानी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज बेसिक विकसित कर सके थे, जो 1970 तथा 1980 के दशक में पर्सनल कंप्यूटर बनाने के लिए बेहद आवश्यक थी।

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योजना/परियोजना

उड़ान 4.0

चर्चा में क्यों?

  • नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने, उड़े देश का आम नागरिक (UdeDeshKaAamNagrik) यानी उड़ान (UDAN) योजना के चौथे चरण (UDAN 0) की शुरुआत की है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • उड़ान योजना के चौथे चरण के अंतर्गत 27 अगस्त 2020 को 78 नए हवाई मार्गों को मंजूरी दे दी है।
  • देश के सीमावर्ती और पहाड़ी क्षेत्रों से संपर्क बढ़ाने के लिए इन नए रूटों को शुरु किया जा रहा है।
  • इसमें नॉर्थ ईस्ट क्षेत्र और हिल एरिया प्रमुख रूप से शामिल है।
  • नागरिक एवं उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अनुसार इससे कुल 18 अनारक्षित और अंडरसर्विस एयरपोर्ट (Unserved/Underserved Airports) को मेट्रो शहरों से जोड़ा जाएगा।
  • इसमें दिल्ली (Delhi), कोलकाता (Kolkata) और कोच्चि (Kochi) जैसे मेट्रो शहर शामिल हैं।
  • उल्लेखनीय है कि UDAN योजना के अंतर्गत अब तक कुल 766 रुट पर विमान सेवा की मंजूरी दी गई है।

उड़ान (Ude Desh Ka Aam Naagrik- UDAN) योजना

  • उड़ान देश में क्षेत्रीय विमानन बाज़ार को विकसित करने की दिशा में केन्द्र सरकार की पहल है।
  • अक्तूबर, 2016 में इस योजना को शुरू किया गया था।
  • यह वैश्विक स्तर पर अपनी तरह की पहली योजना है जो क्षेत्रीय मार्गों पर सस्ती, आर्थिक रूप से व्यवहार्य एवं लाभप्रद उड़ानों को बढ़ावा देती है ताकि आम आदमी वहनीय कीमत पर हवाई यात्रा कर सके।
  • इसके तहत विमान में उपलब्ध कुल सीटों में से आधी यानी 50% सीटों के लिये प्रति घंटा एवं 500 किमी. की यात्रा उड़ान हेतु अधिकतम 2500 रुपए किराया वसूला जाता है एवं इससे एयरलाइनों को होने वाले नुकसान की भरपाई सरकार द्वारा की जाती है।

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समारोह/ सम्मेलन

विश्व उर्दू सम्मेलन

चर्चा में क्यों?

  • 27 अगस्त, 2020 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद (NCPUL) द्वारा नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय विश्व उर्दू सम्मेलन (World Urdu Conference) के उद्घाटन सत्र को वर्चुअली संबोधित किया।

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने ‘राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद’ द्वारा उर्दू लेखकों एवं साहित्यकारों को उर्दू को प्रोत्साहित करने के लिये अमीर खुसरो, मिर्ज़ा गालिब, आगा हशर, राम बाबू सक्सेना एवं दया शंकर नसीम जैसी उर्दू की महत्त्वपूर्ण हस्तियों के नाम पर पुरस्कार एवं सम्मान से सम्मानित करने की घोषणा की।

उर्दू भाषा:

  • भारत में उर्दू संवैधानिक रूप से मान्यता प्राप्त आठवीं अनुसूची की 22 भाषाओं में से एक है।
  • उर्दू का विकास 12वीं शताब्दी में आने वाले मुसलमानों के प्रभाव के फलस्वरूप पश्चमोत्तर भारत की उपक्षेत्रीय अपभ्रंश की भाषाई कठिनता से बचने के उपाय के रूप में हुआ।
  • इसके पहले प्रमुख कवि अमीर ख़ुसरो थे, जिन्होंने दोहों, लोकगीतों, पहेलियों व मुकरियों की रचना नवनिर्मित भाषा हिन्दवी में की।
  • मध्यकाल तक इस मिश्रित भाषा को हिन्दवी, ज़बान-ए-हिन्द, हिन्दी, ज़बान-ए-दिल्ली, रेख़्ता, गुजरी, दक्खनी, ज़बान-ए-उर्दू-ए-मुअल्ला, ज़बान-ए-उर्दू या सिर्फ़ उर्दू कहा जाता था, जो वस्तुतः सैनिक छावनी की भाषा थी।
  • इस बात के प्रमाण हैं कि इसे 17वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में हिन्दुस्तानी भी कहा गया, जो बाद में उर्दू का समानार्थी बन गया, फिर भी प्रमुख उर्दू लेखक इसे 19वीं शताब्दी के आरम्भ तक हिन्दी या हिन्दवी कहते रहे।

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रिपोर्ट/ सूचकांक

निर्यात तत्परता सूचकांक

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में नीति आयोग ने प्रतिस्पर्धा संस्थान ( Institute of Competitiveness) के साथ संयुक्त रूप से निर्यात तत्परता सूचकांक (Export Preparedness Index-EPI) 2020 जारी किया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • राज्यों की निर्यात तत्परता का मूल्यांकन करने के उद्देश्य से यह सूचकांक तैयार किया गया है।
  • सूचकांक में गुजरात को पहला स्थान प्राप्त हुआ है जबकि दूसरे और तीसरे स्थान पर क्रमशः महाराष्ट्र और तमिलनाडु हैं।
  • सूचकांक में शीर्ष 10 में स्थान प्राप्त करने वाले अन्य राज्यों में राजस्थान, ओडिशा, तेलंगाना, हरियाणा, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और केरल शामिल हैं।
  • कुल मिलाकर निर्यात तत्परता के मामले में भारत के तटीय राज्यों का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा और इस सूचकांक में शीर्ष 10 राज्यों में से 6 तटीय राज्य हैं।
  • पूरी तरह से भू-सीमा से घिरे हुए राज्यों में राजस्थान ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है, जिसके बाद तेलंगाना और हरियाणा का स्थान है।
  • हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड को पहला स्थान, जबकि त्रिपुरा और हिमाचल प्रदेश क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है।
  • रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्तमान में, भारत के 70 प्रतिशत निर्यात में पाँच राज्यों- महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना का वर्चस्व मौजूद है।
  • रिपोर्ट यह भी रेखांकित करती है कि निर्यात अनुकूलन और तत्परता केवल समृद्ध राज्यों तक ही सीमित नहीं है। कई ऐसे भी राज्य हैं जो उतने अधिक समृद्ध नहीं हैं, किंतु उन्होंने निर्यात को बढ़ावा देने के लिये कई उपाय आरंभ किये हैं।
  • निर्यात तत्परता सूचकांक का मुख्य उद्देश्य भारतीय निर्यात क्षेत्र के लिये चुनौतियों और अवसरों की पहचान करना, सरकारी नीतियों की प्रभावोत्पादक को बढ़ाना और एक सुविधाजनक नियामकीय संरचना को प्रोत्साहित करना है।
  • निर्यात तत्परता सूचकांक (EPI) की संरचना में कुल 4 स्तंभ- (1) नीति (2) व्यवसाय परितंत्र (3) निर्यात परितंत्र (4) निर्यात निष्पादन शामिल हैं।

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