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Daily Current Affairs: 26 August 2021

आर्थिक एवं वाणिज्यिक परिदृश्य

गन्ने के लिए उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) घोषित

चर्चा में क्यों?

  • गन्ना किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए,  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने चीनी सीजन 2021-22 (अक्टूबर-सितंबर) के लिए गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) 290 रुपये प्रति क्विंटल को स्वीकृति दे दी है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • स्वीकृति के मुताबिक यह प्रत्येक 1% की वसूली में 10% से अधिक की वृद्धि हेतु, और एफआरपी में रिकवरी हेतु प्रत्येक 0.1% की कमी के लिए 2.90 रुपए प्रति क्विंटल का एक प्रीमियम प्रदान करते हुए 10% की मूल वसूली दर के लिए 290/- रुपये प्रति क्विंटल होगी।
  • हालांकि, सरकार ने किसानों के हितों की रक्षा के लिए यह भी निर्णय लिया है कि उन चीनी मिलों के मामले में कोई कटौती नहीं होगी जहां वसूली 5 फीसदी से कम है।
  • ऐसे किसानों को गन्ने के लिए वर्तमान चीनी सीजन 2020-21 में 75 रुपये प्रति क्विंटल के स्थान पर आगामी चीनी सीजन 2021-22 में 275.50 रुपये प्रति क्विंटल मिलेंगे।
  • चीनी सीजन 2021-22 के लिए गन्ने की उत्पादन लागत 155 रुपए प्रति क्विंटल है। 10% की वसूली दर पर 290 रुपए प्रति क्विंटल की यह एफआरपी उत्पादन लागत से 1% अधिक है, यह किसानों को उनकी लागत पर 50% से अधिक का रिटर्न देने के वादे को भी सुनिश्चित करती है।

क्या है एफआरपी?

  • एफआरपी का निर्धारण कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर और राज्य सरकारों एवं अन्य हितधारकों के परामर्श के बाद किया जाता है।
  • जिस तरह रबी, खरीफ की फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MRP) घोषित किया जाता है उसी तरह गन्ने के लिए उचित एवं लाभकारी मूल्य घोषित किया जाता है।

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ईज़ 3.0 पुरस्कार विजेताओं की घोषणा

चर्चा में क्यों?

  • केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज वर्ष 2021-22 के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक सुधार एजेंडा ‘ईज़ 0’ के चौथे संस्करण का अनावरण किया। इसमें तकनीक-सक्षम, सरलीकृत और सहयोगी बैंकिंग की व्यवस्था है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • उन्होंने 2020-21 के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक सुधार एजेंडा ईज़ 0 की वार्षिक रिपोर्ट का भी अनावरण किया और ईज़ 3.0 बैंकिंग रिफॉर्म्स इंडेक्स पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले बैंकों को सम्मानित करने के लिए पुरस्कार समारोह में भाग लिया।
  • स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ोदा तथा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने सर्वोच्च सम्मान पाया।
  • स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने ईज़ इंडेक्स के आधार पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक सुधार ईज़ 0 के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले बैंकों का पुरस्कार जीता है।
  • इंडियन बैंक ने बेसलाइन प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ सुधार का पुरस्कार जीता। एसबीआई, बीओबी, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक और केनरा बैंक ने सुधार एजेंडा ईज़ 0 के विभिन्न विषयों में शीर्ष पुरस्कार जीते।

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रक्षा-प्रतिरक्षा

भारत-कजाकिस्तान सैन्य अभ्यास

चर्चा में क्यों?

  • कजाकिस्‍तान के साथ बढ़ रहे रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने और सैन्‍य कूटनीति के एक हिस्‍से के रूप में ‘भारत-कजाकिस्‍तान संयुक्‍त प्रशिक्षण अभ्यास काजिंद (kazind 21) का 5वां संस्‍करण’ ट्रेनिंग नोड, आइशा बीबी, कजाकिस्‍तान में 30 अगस्‍त से 11 सितम्‍बर, 2021 तक आयोजित किया जाएगा।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • यह दोनों देशों की सेनाओं के बीच एक संयुक्‍त प्रशिक्षण अभ्‍यास है जो भारत और कजाकिस्‍तान के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगा।
  • इस अभ्‍यास में भारतीय सेना की टुकड़ी का प्रतिनिधित्‍व बिहार रेजि‍मेंट की एक बटालियन करेगी, जिसमें एक टुकड़ी कमांडर की अगुवाई में कुल 90 सैन्‍य कर्मी शामिल हैं और कजाकिस्‍तान सेना का एक प्रतिनिधित्‍व एक कंपनी समूह द्वारा किया जाएगा।
  • यह सैन्‍य अभ्‍यास भारत और कजाकिस्‍तान के सशस्‍त्र बलों को संयुक्‍त राष्‍ट्र के जनादेश के तहत पहाड़ी, ग्रामीण क्षेत्रों में उग्रवाद और आतंकवाद निरोधी अभियानों में दक्ष करने का एक अवसर प्रदान करेगा।
  • इस संयुक्‍त अभ्‍यास में दोनों देशों की सेनाओं के बीच पेशेवर रणनीतिक कौशल, उप इकाई स्‍तर पर आतंकवाद विरोधी माहौल में अभियानों की योजना और उनके क्रियान्‍वयन, हथियार चलाने संबंधी कौशल और आतंकवाद तथा उग्रवाद संबंधी अभियानों के अनुभवों को साझा किया जाएगा।

भारत-कज़ाकिस्तान संबंध

  • भारत और कज़ाकिस्तान के संबंध अत्यधिक प्राचीन और ऐतिहासिक हैं जो 2000 वर्षों से अधिक समय से चले आ रहे हैं।
  • दोनों देशों के मध्य व्यापार का एक निरंतर और नियमित प्रवाह रहा है तथा सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण, विचारों और संस्कृति के आदान-प्रदान की निरंतरता है।
  • भारत से मध्य एशिया में बौद्ध धर्म का प्रसार तथा मध्य एशिया से भारत में सूफी विचारों का प्रसार ऐसे ही दो उदाहरण हैं।

राजनीतिक संबंध:

  • भारत, कज़ाकिस्तान की स्वतंत्रता को मान्यता देने वाले शुरूआती देशों में से एक था।
  • दोनों देशों के मध्य फरवरी 1992 में राजनयिक संबंध स्थापित किये गए थे।
  • वर्ष 2009 से भारत और कज़ाकिस्तान दोनों एक-दूसरे के रणनीतिक साझेदार हैं।

भारत के लिए कजाकिस्तान का महत्व

  • कज़ाकिस्तान भारत के लिये अपनी भू-रणनीतिक अवस्थिति, ऊर्जा संसाधनों और बहु-जातीय तथा धर्मनिरपेक्ष संरचना के कारण विशेष महत्त्व रखता है।
  • चीन के साथ लंबी सीमाओं के साथ-साथ रूस और एशिया के बीच भू-राजनीतिक अवस्थिति कज़ाखस्तान को प्रमुख रणनीतिक महत्त्व प्रदान करती है।
  • कज़ाखस्तान पश्चिम में कैस्पियन सागर, उत्तर में रूस, पूर्व में चीन और दक्षिण में किर्गिस्तान, तुर्कमेनिस्तान तथा उज़्बेकिस्तान से घिरा हुआ है।
  • कज़ाखस्तान भारत को चीन के साथ भू-रणनीतिक संतुलन हासिल करने में मदद कर सकता है। भारत का प्रमुख उद्देश्य इस क्षेत्र में चीन के वन बेल्ट वन रोड (OBOR) पहल के आर्थिक प्रभाव को कम करना है।

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चर्चित पुस्तक: ‘एक्सेलरेटिंग इंडिया : 7 इयर्स ऑफ मोदी गवर्नमेंट’

लेखक: पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री के जे अल्फोंस

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योजना/परियोजना

सुजलम अभियान

चर्चा में क्यों?

  • जल शक्ति मंत्रालय ने हाल ही में ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ समारोह के अंतर्गत ‘सुजलम’ अभियान की शुरुआत की है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इसके तहत ग्रामीण स्तर पर अपशिष्ट जल प्रबंधन संबंधी गतिविधियों जैसे- दस लाख सोख-गड्ढों का निर्माण और अन्य ग्रेवाटर प्रबंधन गतिविधियों के माध्यम से अधिक-से-अधिक गाँवों को ओडीएफ प्लस गाँवों में परिवर्तित करने का प्रयास किया जाएगा।
  • इस अभियान को आगामी 100 दिनों के लिये संचालित किया जाएगा। इस अभियान के माध्यम से न केवल गाँवों में ग्रेवाटर प्रबंधन के लिये वांछित बुनियादी संरचना अर्थात् सोख गड्ढों का निर्माण किया जाएगा, बल्कि जल के सतत् प्रबंधन में भी सहायता प्राप्त होगी।
  • गौरतलब है कि गाँवों में या गाँवों के बाहरी इलाकों में गंदे पानी का निष्कासन और जल निकायों का निस्तारण एक बहुत बड़ी समस्या बनी हुई है। इस अभियान से अपशिष्ट जल प्रबंधन में सहायता प्राप्त होगी और साथ ही जल निकायों को पूर्वरूप में लाने में भी मदद मिलेगी।
  • इसके अलावा इस अभियान के माध्यम से सामुदायिक भागीदारी द्वारा ‘स्वच्छ भारत मिशन- ग्रामीण’ के फेज़-II की गतिविधियों को तीव्रता प्राप्त होगी तथा इससे ओडीएफ-प्लस गतिविधियों के बारे में जागरूकता को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।
  • इस अभियान के अंतर्गत गाँवों में आयोजित की जाने वाली प्रमुख गतिविधियों में- सामुदायिक परामर्श और ग्राम सभा का आयोजन, 100 दिवसीय कार्ययोजना विकसित करना, आवश्यक सोख गड्ढों का निर्माण करना, शौचालयों का निर्माण करना और गाँव के सभी परिवारों को शौचालय की सुविधा प्रदान करना आदि शामिल हैं।

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नियुक्ति

प्रणय वर्मा

चर्चा में क्यों?

  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 217 के खंड (1) द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रणय वर्मा को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया है।

कैसे होती है उच्च न्यायालय के न्यायधीश की नियुक्ति?

  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 217 के मुताबिक़, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश और संबंधित राज्य के राज्यपाल के परामर्श के आधार पर की जाती है।
  • मुख्य न्यायाधीश के अलावा अन्य न्यायाधीश की नियुक्ति के मामले में उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से भी परामर्श लिया जाता है।

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