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Daily Current Affairs 23 July 2021

पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी

साइबेरिया में आग

  • रूस के साइबेरिया में स्थित याकुत्स्क को दुनिया के सबसे ठंडे शहर के तौर पर जाना जाता है। ऐसी जगह जहां सर्दियों के दौरान भीषण ठंड पड़ती है, लेकिन, अब आस-पास के इलाकों में जंगलों में लगी आग (वाइल्डफायर) के चलते यह शहर धुंध से ढका हुआ है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • यहां के जंगल पिछले कई हफ्तों से जल रहे हैं और बहुत ऊंची-ऊंची लपटें उठ रही हैं। हवाएं भी काफी तेज चल रही हैं और धुंआ अमेरिका के अलास्का तक पहुंच रहा है।
  • इसके साथ ही अमेरिका के ओरेगॉन में बूटलेग वाइल्टफायर ने भी भीषण रूप धारण कर लिया है।
  • इसके चलते धुंआ महाद्वीप के एक छोर से दूसरे छोर (करीब 3000 मील) तक पहुंच रहा है।
  • कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में भी वाइल्डफायर की समस्या का सामना करना पड़ रहा है

इस बार पहले से अलग है साइबेरिया में वाइल्डफायर

  • लंदन स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स में एनवायरनमेंटल जियोग्राफी में सहायक प्रोफेसर थॉमस स्मिथ कहते हैं कि आग का यह सीजन लंबा होता जा रहा है, आग अधिक समय तक जल रही है। जंगल पहले के मुकाबले कहीं अधिक तेजी से जल रहे हैं और यह उन स्थानों पर भी हो रहा है जहां नहीं होना चाहिए।
  • उल्लेखनीय है कि वैज्ञानिक इस बारे में सालों से चेतावनी दे रहे हैं। वाइल्डफायर बढ़ रही हैं और ऐसे स्थानों पर भी जंगलों में आग लग रही है जहां नहीं लगनी चाहिए। वहीं, इसकी रफ्तार और अवधि में भी इजाफा हुआ है। जलवायु परिवर्तन की समस्या को इसके पीछे का सबके बड़ा कारण बताया जा रहा है।

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खेल परिदृश्य

टोक्यो ओलंपिक गेम्स-2021

  • टोक्यो ओलंपिक गेम्स 23 जुलाई 2021 से शुरू हो गए हैं। ये 8 अगस्त 2021 तक चलेंगे

महत्वपूर्ण बिंदु

  • कोरोना महामारी की वजह से खाली स्टेडियम में आयोजन किया गया।
  • एक हज़ार से भी कम दर्शकों को समारोह में जाने की इजाज़त दी गई है।
  • जापान के सम्राट नरुहितो ने खेलों का शुभारंभ किया।
  • खिलाड़ियों को दिए जाने वाले पदक इलेक्ट्रानिक कचरे से बनाए गए हैं ।
  • पदक के पीछे के हिस्से में टोक्यो ओलिंपिक का लोगो है, जबकि आगे स्टेडियम की तस्वीर के सामने विजय का प्रतीक माने जाने वाली ग्रीक देवी नाइक को दर्शाया गया है।
  • टोक्यो ओलिंपिक खेलों के शुभंकर को मिराइतोवा और सोमाइटी (Miraitowa and Someity ) नाम दिया गया है।
  • इसे खास जापानी इंडिगो ब्लू रंग का पैटर्न दिया गया है। जापानी शब्द मिराइतोवा में मिराइ का अर्थ भविष्य और तोवा का अर्थ अनंत काल होता है।

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2032 के ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी ब्रिसबेन को मिली

चर्चा में क्यों?

  • ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन (Brisbane) शहर ने 2032 के ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी जीत ली है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने 22 जुलाई को अपने कार्यकारी बोर्ड की सिफारिशों को मंजूरी दे दी।
  • ब्रिस्बेन शहर ने ओलम्पिक की मेजबानी टोक्यो में आईओसी के 138वें सत्र में टोक्यो ओलंपिक्स के शुरू होने से दो दिन पहले गुप्त मतदान में हासिल की।
  • यह तीसरा मौका होगा जब ऑस्ट्रेलिया ओलंपिक का मेजबान होगा। मेलबर्न ने 1956 और सिडनी ने 2000 के ओलंपिक की मेजबानी की थी।
  • ऑस्ट्रेलिया के प्रधामंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि यह ब्रिस्बेन और क्वींसलैंड  के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है।
  • ओलंपिक नियमों के अनुसार केवल वैश्विक शहर ही ओलम्पिक खेलों की मेजबानी हासिल कर सकते हैं।

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निधन

गिरा साराभाई

चर्चा में क्यों?

  • नेशनल इंसीट्यूट ऑफ डिजाइन की सह संस्थापक गिरा साराभाई का हाल ही में निधन हो गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • गिरा सराभाई की तबीयत कुछ समय से तबीयत खराब चल रही थी। गौरतलब है कि वह कपड़ा व्यापारी अंबालाल साराभाई की बेटी और देश के महान वैज्ञानिक विक्रम साराभाई की बहन थीं।
  • गीरा साराभाई, जिन्हें इंस्टीट्यूशन बिल्डर के रूप में जाना जाता है, उन्होने अपने भाई गौतम साराभाई के साथ मिल के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिज़ाइन और केलिको म्यूज़ियम ऑफ़ टेक्सटाइल्स की भी स्थापना की थी। जहां उन्होंने दुनियाभर के कुछ टेक्सटाइल के सैंपल रखे हैं।
  • 1923 में जन्मी गिरा साराभाई अंबालाल और सरला देवी साराभाई के आठ बच्चों में सबसे छोटी बेटी थी।

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आर्थिक एवं वाणिज्यिक परिदृश्य

विशेष इस्पात के लिए उत्पादन-सम्बद्ध प्रोत्साहन (PLI) योजना

चर्चा में क्यों?

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में विशेष इस्पात के लिए उत्पादन-सम्बद्ध प्रोत्साहन (PLI) योजना को मंजूरी दी गई।

मह्त्वपूर्ण बिंदु

  • यह योजना वर्ष 2023-24 से वर्ष 2027-28 तक के लिए होगी। 6322 करोड़ रुपए की इस योजना से 40 हजार करोड़ रुपए के निवेश होने और विशेष इस्पात में 250 लाख टन क्षमता की बढ़ोतरी की उम्मीद है।
  • साथ ही इस योजना से करीब 25 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। इनमें 68 हजार को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
  • इससे वर्ष 2026-27 तक देश में 420 लाख टन विशेष इस्पात का उत्पादन होगा, जिसका मूल्य 5 लाख करोड़ होगा।
  • अभी देश में विशेष इस्पात का उत्पादन केवल 180 लाख टन है।
  • इससे निर्यात में भी बढ़ोतरी होगी और करीब 33 हजार करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा प्राप्त होगी।

क्या है विशेष इस्पात?

  • विशेष इस्पात मूल्यवर्धित इस्पात है, जिसमें सामान्य तैयार इस्पात को उच्च मूल्यवर्धित इस्पात में परिवर्तित करने के लिए उसपर कोटिंग, प्लेटिंग, हीट ट्रीटमेंट के जरिये प्रभाव डाला जाता है।
  • इसका प्रयोग ऑटोमोबाइल क्षेत्र, विशेषीकृत कैपिटल गुड्स इत्यादि के अलावा रक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा आदि क्षेत्रों में किया जा सकता है।
  • पीएलआई योजना में विशेष इस्पात की पांच श्रेणियों को चुना गया है। इनमें : कोटेड/प्लेटेड इस्पात उत्पाद, हाई स्ट्रेंथ/ वियर रेजिस्टेंट स्टील, स्पेशियिलटी रेल, अलॉय स्टील उत्पाद और स्टील वॉयर और इलेक्ट्रिकल स्टील शामिल हैं।

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रिपोर्ट/इंडेक्स

सतत व्यापार सुगमीकरण पर वैश्विक सर्वेक्षण

चर्चा में क्यों?

  • भारत ने संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक आयोग (UNESCAP) के डिजिटल और सतत व्यापार सुगमीकरण पर वैश्विक सर्वेक्षण में 32 प्रतिशत अंक हासिल कर उल्लेखनीय सुधार हासिल किया है।

मह्तवपूर्ण बिंदु

  • सर्वेक्षण 2021 में 143 अर्थव्यवस्थाओं के मूल्यांकन के बाद पाया गया कि भारत ने सभी महत्वपूर्ण संकेतकों….पारदर्शिता, औपचारिकतााएं, संस्थागत व्यवस्था और सहयोग, कागज रहित व्यापार और सीमा पार कागज रहित व्यापार… उल्लेखनीय सुधार किया है।
  • भारत ने डिजिटल और सतत व्यापार सुगमीकरण पर वैश्विक सर्वे में 32 प्रतिशत अंक हासिल किया। यह 2019 में 78.49 प्रतिशत के मुकाबले महत्वपूर्ण सुधार है।
  • पारदर्शिता संकेतक के तहत देश ने 2021 में 100 प्रतिशत अंक हासिल किया जो 2019 में 33 प्रतिशत था। कागज रहित व्यापार के मामले में अंक 96.3 प्रतिशत रहा जो 2019 में 81.48 प्रतिशत था।
  • संस्थागत व्यवस्था और सहयोग के मामले में भारत का अंक सुधरकर 89 प्रतिशत रहा जो 2019 में 66.67 प्रतिशत था।
  • केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) विभिन्न सुधारों को आगे बढ़ाने में अगुआ रहा है। उसने महत्वपूर्ण सुधार ‘तुरंत कस्टम’ के माध्यम से बिना आमने सामने आये (फेसलेस), कागज रहित (पेपरलेस)और संपर्क रहित (कांटेक्टलेस) सीमा शुल्क व्यवस्था को आगे बढ़ाया।
  • एशिया प्रशांत के लिये आर्थिक और सामाजिक आयोग
  • एशिया प्रशांत के लिये आर्थिक और सामाजिक आयोग (UNESCAP) संयुक्त राष्ट्र के क्षेत्रीय केंद्र के रूप में कार्य करता है और समावेशी तथा सतत विकास प्राप्त करने के लिए देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देता है।
  • यूएनईएससीएपी हर दो साल में डिजिटल और सतत व्यापार सुविधा को लेकर वैश्विक सर्वेक्षण करता है। इस साल के सर्वेक्षण में विश्व व्यापार संगठन के व्यापार सुगमीकरण समझौते में शामिल व्यापार को सुविधाजनक बनाने के 58 उपायों का आकलन शामिल है। किसी देश के लिये अधिक अंक कंपनियों को उनके निवेश निर्णयों में भी मदद करता है।

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रक्षा/प्रतिरक्षा

दो स्वदेशी मिसाइलों का सफल परीक्षण

चर्चा में क्यों?

  • आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देते हुए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन DRDO) ने दो स्वदेशी मिसाइलों का सफल परीक्षण किया।
  • इनमें से एक जमीन से हवा में मार करने वाली नई पीढ़ी की आकाश मिसाइल (आकाश-एनजी) और दूसरी कम वजन, फायर एंड फार्गेट मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (MP-ATGM) है।

मह्तवपूर्ण बिंदु

  • मैन-पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल को थर्मल साइट के साथ एकीकृत मैन पोर्टेबल लांचर से दागा गया और इसने एक टैंक की नकल कर रहे लक्ष्य को सफलतापूर्वक दागा।
  • इसे मनुष्य द्वारा ढो सकने वाले ट्राइपाड से दागा गया।
  • डीआरडीओ के अनुसार एमपी-एटीजीएम ने सीधे हमले मोड में लक्ष्य को भेदा और उसे सटीक तरीके से नष्ट कर दिया। इसके साथ ही परीक्षण ने न्यूनतम सीमा को सफलतापूर्वक सत्यापित किया।
  • नई पीढ़ी की आकाश मिसाइल को डीआरडीओ की प्रयोगशाला के साथ मिलकर हैदराबाद स्थित रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (DRDL) द्वारा विकसित किया गया है।
  • इस मिसाइल का निर्माण भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड (BEL) और भारत डायनैमिक्स लिमिटेड (BDL) द्वारा किया गया है।

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