Daily Current Affairs 22 February 2021

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

मंगल ग्रह पर नासा भेजा हेलीकॉप्टर

चर्चा में क्यों?

  • अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA ने मंगल पर Perseverance रोवर के साथ एक स्पेशल हेलिकॉप्टर भी भेजा है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • Ingenuity नाम का यह हेलिकॉप्टर यह टेस्ट करने के लिए गया है कि लाल ग्रह की सतह और वायुमंडल में रोटरक्राफ्ट टेक्नॉलजी का इस्तेमाल किया जा सकता है या नहीं।
  • रोवर की सफल लैंडिंग के बाद उसमें लगे हेलिकॉप्टर ने अपनी पहली स्टेटस रिपोर्ट भी भेज दी है।
  • कैलिफोर्निया में NASA की जेट प्रोपल्शन लैबोरेटरी के मिशन कंट्रोल में मंगल के Jezero Crater से भेजा गया सिग्नल रिसीव किया गया है।
  • इसे मंगल का चक्कर काट रहे Mars Reconnaisance Orbiter के जरिए भेजा गया है।
  • अगर उड़ान में सफल रहा तो Ingenuity धरती के अलावा कहीं और ऐसा करने वाला पहला रोटरक्राफ्ट होगा।

मंगल पर हेलिकॉप्टर क्यों भेजा गया?

  • मंगल पर रोटरक्राफ्ट की जरूरत इसलिए है क्योंकि वहां की अनदेखी-अनजानी सतह बेहद ऊबड़-खाबड़ है। मंगल की कक्षा में चक्कर लगा रहे ऑर्बिटर ज्यादा ऊंचाई से एक सीमा तक ही साफ-साफ देख सकते हैं।
  • वहीं रोवर के लिए सतह के हर कोने तक जाना मुमकिन नहीं होता। ऐसे में ऐसे रोटरक्राफ्ट की जरूरत होती है जो उड़ कर मुश्किल जगहों पर जा सके और हाई-डेफिनेशन तस्वीरें ले सके।
  • 2 किलो के Ingenuity को नाम भारत की स्टूडेंट वनीजा रुपाणी ने एक प्रतियोगिता के जरिए दिया था।

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चर्चित स्थल

माउंट एटना

चर्चा में क्यों?

  • इटली के सिसिली में स्थित विश्व के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक माउंट एटना (Mount Etna) में 22 फरवरी 2021 को फिर से विस्फोट हुआ। इससे आसपास का क्षेत्र गर्म लावा, धुएं और राख के विशाल बादलों से भर गया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • माउंट एटना (Mount Etna) यूरोप का सबसे ऊँचा और सक्रिय ज्वालामुखी है।
  • यह इटली में सिसली के पूर्वी तट पर स्थित है और इटली का सबसे ऊँचा पर्वत है।
  • संयुक्त राष्ट्र ने माउंट एटना को डिकेड वोल्केनो का खिताब दिया है।
  • संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर स्थल की सूची में भी शामिल किया है।
  • यह ज्वालामुखी लगभग 3326 मीटर ऊँचा है।
  • यह अफ्रीकन प्लेट और यूरेशियन प्लेट की सीमा पर स्थित है।

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महोत्सव/उत्सव

खजुराहो नृत्‍य महोत्‍सव

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में मध्य प्रदेश के खजुराहो में 47वें खजुराहो नृत्य महोत्सव की शुरुआत की गई।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इस महोत्सव को भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण (ASI) की अनुमति मिलने के बाद 44 वर्ष पश्चात् मंदिर परिसर में आयोजित किया जा रहा है।
  • इस महोत्‍सव की शुरुआत वर्ष 1975 में मध्य प्रदेश के सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी, हालांकि महोत्सव के दौरान स्मारकों और मूर्तियों को नष्ट करने की घटनाओं के चलते भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण ने वर्ष 1976 में मंदिर परिसर में महोत्सव का आयोजन करने पर प्रतिबंध लगा दिया था।
  • इस कारण प्रदेश के सांस्कृतिक विभाग द्वारा बीते 44 वर्षों के दौरान यह महोत्सव मंदिर के पास ही एक खुले बगीचे में आयोजित किया जाता रहा।

खजुराहो

  • खजुराहो को हाल ही में 19 प्रतिष्ठित विश्व पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल किया गया।
  • चंदेल राजवंश द्वारा 10वीं और 11वीं शताब्दी में निर्मित यह मंदिर समूह स्थापत्य कला और मूर्ति कला का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करता है।
  • नागर शैली में बने यहाँ के मंदिरों की संख्या अब केवल 20 ही रह गई है, जिनमें कंदरिया महादेव का मंदिर विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
  • यहां के मंदिर दो धर्मों- जैन और हिंदू से संबंधित हैं।
  • इन मंदिरों के बाहरी दीवारों पर बनी कलाकृतियाँ इतनी प्रसिद्ध हैं कि UNESCO ने इन्हें World Heritage Sites में भी जगह दी है।
  • खजुराहों के मंदिर बलुआ पत्थरों से बने है।
  • खजुराहों के मंदिरों में सबसे बड़ा व प्रसिद्ध कन्दरिया महादेव मंदिर है।
  • इन सभी मंदिरों के शिखरों को बहुत ऊँचा बनाया गया है।
  • मंदिर की बाहरी दीवारों पर बनी मिथुन आकृतियां इन मंदिरों की खास विशेषताओं में है।
  • इन आकृतियों के माध्यम से इन मंदिरों द्वारा मानवता को आध्यात्म और सांसारिक मोहमाया के बीच संतुलन बनाने का संदेश दिया गया है।
  • कंदरिया महादेव मंदिर के अलावा, खजुराहों के प्रसिद्ध मंदिरों में लक्ष्मण मंदिर तथा चौंसठ योगिनी मंदिर भी प्रसिद्ध है।
  • जहां लक्ष्मण मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है वहीं चैसठ योगिनी मंदिर तांत्रिक विधा के लिये जाना जाता हैं।

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राज्य परिदृश्य

केरल: स्मार्ट आंगनवाड़ी

चर्चा में क्यों?

  • केरल सरकार ने हाल ही में पारंपरिक आंगनवाड़ियों को बेहतर सुविधाओं के साथ ‘स्मार्ट’ अवसंरचना के रूप में विकसित करने के लिये 9 करोड़ रुपए की मंज़ूरी दी है।
  • ‘स्मार्ट आँगनवाड़ी योजना’ के तहत राज्य के महिला और बाल विकास विभाग ने राज्य में 48 आँगनवाड़ियों को नई इमारतों के निर्माण की मंज़ूरी दी है।
  • राज्य सरकार की योजना के मुताबिक, इन ‘स्मार्ट आँगनवाड़ियों’ को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास सुनिश्चित करने के लिये आँगनवाड़ियों में मौजूद सुविधाओं को अधिक बाल-सुलभ बनाना है।
  • ‘स्मार्ट आंगनवाड़ियों’ का डिज़ाइन और विकास ‘एकीकृत बाल विकास योजना’ (ICDS) के हिस्से के रूप में किया जा रहा है।
  • इन ‘स्मार्ट आंगनवाड़ियों’ में भूमि की उपलब्धता के अनुसार स्टडी हॉल, किचन, डाइनिंग एरिया, स्टोर रूम, क्रिएटिव ज़ोन और गार्डन से लेकर स्विमिंग पूल तथा आउटडोर प्ले एरिया जैसी सुविधाएँ मौजूद होंगी।

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चंडीगढ़

‘कार्बन वॉच’ मोबाइल एप्लीकेशन

महत्वपूर्ण बिंदु

  • हाल ही में चंडीगढ़ ने ‘कार्बन वॉच’ नामक मोबाइल एप्लीकेशन लॉन्च किया है, इसका उद्देश्य एक व्यक्ति के कार्बन फुटप्रिंट का आकलन करना है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इसके साथ ही चंडीगढ़ इस तरह की पहल शुरू करने वाला पहला केंद्रशासित प्रदेश/राज्य बन गया है।
  • इस मोबाइल एप्लीकेशन को डाउनलोड करने पर उपयोगकर्त्ताओं को कुल चार श्रेणियों यथा- जल, ऊर्जा, अपशिष्ट उत्पादन और परिवहन से संबंधित विवरण प्रदान करना होगा, जिसके पश्चात् प्राप्त सूचना के आधार पर यह एप स्वयं एक व्यक्ति के कार्बन फुटप्रिंट की गणना कर लेगा। इसके अलावा यह मोबाइल एप्लीकेशन उपयोगकर्त्ताओं द्वारा प्रदान की गई सूचना के आधार पर कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के तरीकों का भी सुझाव देगा। कार्बन फुटप्रिंट एक का आशय किसी विशेष मानवीय गतिविधि द्वारा वातावरण में जारी ग्रीनहाउस गैसों, विशेष रूप से कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा से है।

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अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य

पेरिस जलवायु समझौते में शामिल हुआ अमेरिका

चर्चा में क्यों?

  • पेरिस जलवायु समझौते से अलग होने के लगभग साढ़े तीन साल बाद 20 फरवरी 2021 को एक बार फिर अमेरिका से आधिकारिक रूप से इसमें शामिल हो गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने इसे दुनिया के लिए ‘आशा का दिन’ बताया है।
  • राष्‍ट्रपति जो बाइडन ने जनवरी 2021 में इस समझौते में अमेरिका की वापसी को लेकर एक एग्‍जीक्‍यूटिव ऑर्डर पर साइन किए थे।
  • दिसंबर 2015 में हुए इस समझौते पर अमेरिका ने ओबामा प्रशासन के दौरान हस्‍ताक्षर किए थे और वो ऐसा करने वाले दुनिया के 194 देशों में शमिल हुआ था।
  • पेरिस समझौते को दुनिया में बढ़ रहे तापमान को रोकने के लिए कारगर और एतिहासिक माना गया था, लेकिन अमेरिका के पूर्व राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने अगस्‍त 2017 में इससे बाहर आने का औपचारिक एलान किया था।

क्या है पेरिस समझौता?

  • पेरिस समझौता एक महत्त्वपूर्ण पर्यावरणीय समझौता है जिसे जलवायु परिवर्तन और उसके नकारात्मक प्रभावों से निपटने के लिये वर्ष 2015 में विश्व के 194 देशों ने अपनाया था।
  • इस समझौते का उद्देश्य वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को काफी हद तक कम करना है, ताकि इस सदी में वैश्विक तापमान वृद्धि को पूर्व-औद्योगिक स्तर (Pre-Industrial level) से 2 डिग्री सेल्सियस कम रखा जा सके।
  • इसके साथ ही आगे चलकर तापमान वृद्धि को और 1.5 डिग्री सेल्सियस रखने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
  • इन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये प्रत्येक देश को ग्रीनहाउस गैसों के अपने उत्सर्जन को कम करना होगा, जिसके संबंध में कई देशों द्वारा सराहनीय प्रयास भी किये गए हैं।
  • यह समझौता विकसित राष्ट्रों को उनके जलवायु से निपटने के प्रयासों में विकासशील राष्ट्रों की सहायता हेतु एक मार्ग प्रदान करता है।

पेरिस समझौते के प्रमुख बिंदु

  • ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कटौती के अलावा पेरिस समझौते में प्रत्येक पाँच वर्ष में उत्सर्जन में कटौती के लिये प्रत्येक देश के योगदान की समीक्षा करने की आवश्यकता का उल्लेख किया गया है ताकि वे संभावित चुनौती के लिये तैयार हो सकें।
  • समझौते के अनुसार, विकसित देशों को ‘जलवायु वित्त’ के माध्यम से जलवायु परिवर्तन से निपटने और नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने में विकासशील और अल्पविकसित देशों की मदद करनी चाहिये।
  • किसी एक देश की सरकार पेरिस समझौते के उद्देश्यों को पूरा नहीं कर सकती है। इसीलिये पेरिस समझौते के तहत स्पष्ट रूप से स्थानीय सरकारों, व्यवसायों, निवेशकों, नागरिक समाज, यूनियनों और शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका को महत्त्वपूर्ण माना गया है।
  • उल्लेखनीय है कि कार्बन उत्सर्जन की कटौती के उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु वैश्विक उत्सर्जन के 90 प्रतिशत से अधिक के लिये ज़िम्मेदार 186 देशों ने कार्बन कटौती के लक्ष्य निर्धारित किये हैं, जिन्हें ‘राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान’ (INDC) के रूप में जाना जाता है।
  • पेरिस समझौते में कार्बन उत्सर्जन की कटौती के लक्ष्यों की प्रगति की निगरानी, ​​सत्यापन और रिपोर्टिंग हेतु अनिवार्य उपाय भी सुझाए गए हैं।

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खेल परिदृश्य

ऑस्ट्रेलियन ओपन-2021

  • 21 फरवरी 2021 को साल के पहले टेनिस ग्रैंड स्लैम ऑस्ट्रेलियन ओपन (Australian Open) का समापन हो गया।

मेंस सिंगल्स

  • मेंस सिंगल्स फ़ाइनल में नोवाक जोकोविच ने रूस के डैनिल मेदवेदेव (Daniil Medvedev) को हराकर लगातार तीसरी बार ऑस्ट्रेलियन ओपन का ख़िताब जीता। जोकोविच के करियर का ये 9वां ऑस्ट्रेलियन ओपन ख़िताब और करियर का ये 18वां ग्रैंड स्लैम सिंगल्स ख़िताब है।
  • इस साल की महिला सिंगल्स की चैंपियन रहीं जापान की युवा सनसनी नाओमी ओसाका, जिन्होंने ख़िताबी भिड़ंत में अमेरिका की जेनिफ़र ब्रैडी (Jennifer Brady) को सीधे सेटों शिकस्त दी।
  • ओसाका का ये लगातार दूसरा ऑस्ट्रेलियन ओपन ख़िताब है, जबकि उनके कुल ग्रैंड स्लैम की संख्या चार हो गई।

मेंस डबल्स

  • साल 2021 का मेंस डबल्स ख़िताब क्रोएशिया के इवान डोडिग (Ivan Dodig) और स्लोवेकिया के फ़िलिप पोलासेक (Filip Polasek) के नाम रहा।
  • इस जोड़ी ने फ़ाइनल में गत विजेता अमेरिका के राजीव राम (Rajeev Ram) और इंग्लैंड के जो सैल्सबरी (Joe Salisbury) की जोड़ी को सीधे सेटों में 6-3, 6-4 से मात दी।

वुमेंस डबल्स

  • महिला युगल का ख़िताबी ताज दूसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी बेलारुस की एरिना साबालेन्का (Aryna Sabalenka) और बेल्जियम की एलिस मेर्टन्स (Elise Mertens) के सिर रहा।
  • इस जोड़ी ने चेक रिपब्लिक की तीसरी वरीयता हासिल जोड़ी बारबोरा क्रेजकिकोवा (Barbora Krejcikova) और कैटेरिना सिनियाकोवा (Katerina Siniakova) को सीधे सेटों में 6-2, 6-3 से शिकस्त दी।

मिक्स्ड डबल्स

  • ऑस्ट्रेलियन ओपन 2021 का मिक्सड डबल्स ख़िताब अमेरिका के राजीव राम और चेक रिपब्लिक की उनकी जोड़ीदार बारबोरा क्रेजकिकोवा ने जीता।
  • इस छठी वरीयता जोड़ी ने ऑस्ट्रेलिया की वाइल्ड कार्ड एंट्री वाली जोड़ी मैथ्यू एब्डेन (Matthew Ebden) और सामंथा स्टोसुर (Samantha Stosur) की जोड़ी को सीधे सेटों में 6-1, 6-4 से मात दी।

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