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Daily Current Affairs 21 June 2021

नियुक्ति/निर्वाचन

इब्राहिम रईसी

चर्चा में क्यों?

  • ईरान में राष्ट्रपति पद के चुनाव में देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खोमैनी के कट्टर समर्थक इब्राहिम रईसी को बड़े अंतर से विजय प्राप्त हुई है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • राष्ट्रपति पद के चुनाव में ईरान के इतिहास में इस बार सबसे कम मतदान हुआ।
  • 62 फ़ीसदी वोटों के साथ जीत दर्ज करने के बाद रईसी देश के 13वें राष्ट्रपति बनेंगे। वह हसन रुहानी का स्थान लेंगे।
  • रईसी की जीत की आधिकारिक घोषणा के बाद वह पहले ईरानी राष्ट्रपति होंगे जिन पर पदभार संभालने से पहले ही अमेरिका प्रतिबंध लगा चुका है।
  • उनपर यह प्रतिबंध 1988 में राजनीतिक कैदियों की सामूहिक हत्या के लिए तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना झेलने वाली ईरानी न्यायपालिका के मुखिया के तौर पर लगाया गया था।
  • ईरानी न्यायपालिका के प्रमुख रहे रईसी के राजनीतिक विचार ‘अति कट्टरपंथी’ माने जाते हैं और संभवत: यही वजह है कि क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तरों पर ईरान की आगामी नीतियों को लेकर अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं।

कैसा है ईरान का राजनीतिक ढांचा?

  • ईरान एक ऐसा देश है जहाँ के राजनीतिक ढांचे को समझना काफ़ी जटिल है।
  • एक ओर सर्वोच्च नेता से नियंत्रित अनिर्वाचित संस्थाओं का जाल है तो दूसरी ओर ईरानी मतदाताओं की ओर से चुनी हुई संसद और राष्ट्रपति हैं। ये दोनों ही तंत्र एक साथ मिलकर काम करते हैं।
  • ईरानी राज व्यवस्था में सर्वोच्च नेता का पद सबसे ताक़तवर माना जाता है। 1979 में हुई इस्लामिक क्रांति के बाद से अब तक सिर्फ़ दो लोग सर्वोच्च नेता के पद तक पहुँचे हैं।
  • इनमें से पहले ईरानी गणतंत्र के संस्थापक अयातुल्लाह रुहोल्ला ख़ुमैनी थे और दूसरे उनके उत्तराधिकारी वर्तमान अयातोल्लाह अली ख़ामेनेई हैं।
  • सर्वोच्च नेता ईरान की सशस्त्र सेनाओं का प्रधान सेनापति होता है। उनके पास सुरक्षा बलों का नियंत्रण होता है। वह न्यायपालिका के प्रमुखों और अन्य प्रभावशाली पदों के प्रमुखों की नियुक्ति करते हैं।

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महमूद जमाल

चर्चा में क्यों?

  • भारतीय मूल के न्यायाधीश महमूद जमाल को कनाडा के उच्चतम न्यायालय में नामित किया गया है।
  • इसके साथ ही, वह देश के शीर्ष न्यायालय में नामित होने वाले प्रथम अश्वेत न्यायाधीश हो गये हैं।
  • प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने गुरुवार को न्यायमूर्ति जमाल को उच्चतम न्यायालय में नामित किये जाने की घोषणा की।
  • जमाल का जन्‍म केन्‍या में हुआ
  • सीटीवी न्यूज के मुताबिक, न्यायमूर्ति जमाल का जन्म केन्या में हुआ था। उनका परिवार मूल रूप से भारतवंशी है।
  • उनका परिवार 1981 में कनाडा आया था और यहीं बस गया था। न्‍यायमूर्ति जमाल का जन्‍म केन्‍या में हुआ था और उनका परिवार मूल रूप से भारत से है।
  • केन्‍या से जमाल का परिवार ब्रिटेन आ गया था। वर्ष 1981 में जमाल का परिवार कनाडा चला गया था।

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एंतोनियो गुतारेस

चर्चा में क्यों?

  • संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने हाल ही में को पुर्तगाल के पूर्व प्रधानमंत्री रहे एंतोनियो गुतारेस को फिर से महासचिव नियुक्त किया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 193 सदस्यीय इस संस्था के लिए गुतारेस के फिर से निर्वाचन की सर्वसम्मति से सिफारिश की थी। बता दें कि यूएनएससी में अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन शामिल हैं।
  • संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र के अध्यक्ष वोल्कन बोजकिर ने घोषणा करते हुए बताया कि एंतोनियो गुतारेस को फिर से संयुक्त राष्ट्र का महासचिव नियुक्त किया जाता है।
  • उनका दूसरा कार्यकाल एक जनवरी 2022 से आरंभ होगा और 31 दिसंबर 2026 को समाप्त होगा।

सुरक्षा परिषद ने गुतारेस के कार्यकाल का किया था समर्थन

  • इससे पहले, आठ जून को 15 सदस्यीय परिषद की बैठक में महासचिव के पद के लिए सर्वसम्मति से गुतारेस के नाम की सिफारिश वाले प्रस्ताव को अपनाया गया था। यह बैठक बंद कमरे में आयोजित की गई थी, जिसमें यूएनएससी के स्थायी और अस्थायी सदस्य शामिल थे।
  • भारत ने भी दिया था समर्थन
  • भारत ने भी एंतोनियो गुतारेस के दूसरे कार्यकाल के लिए अपना समर्थन दिया था। पिछले महीने के अंत में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एंतोनियो गुतारेस से न्यूयॉर्क में मुलाकात की थी।

पुर्तगाल के प्रधानमंत्री रह चुके हैं गुतारेस

  • गुतारेस ने एक जनवरी 2017 को संयुक्त राष्ट्र के नौवें महासचिव का पदभार ग्रहण किया था और उनका पहला कार्यकाल इस वर्ष 31 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। अगले महासचिव का कार्यकाल एक जनवरी 2022 से शुरू होगा। पुर्तगाल के पूर्व प्रधानमंत्री गुतारेस ने इससे पहले संयुक्त् राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त के तौर पर जून 2005 से दिसंबर 2015 तक अपनी सेवा दी थी।

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चर्चित पुस्तक

द नटमेगस कर्स: पैरेबल्स फॉर ए प्लैनेट इन क्राइसिस

चर्चा में क्यों?

  • ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित और प्रसिद्ध लेखक अमिताभ घोष (Amitav Ghosh) की नई पुस्तक ‘द नटमेग’स कर्स: पैरेबल्स फॉर ए प्लैनेट इन क्राइसिस (The Nutmeg’s Curse: Parables for a Planet in Crisis)’ हाल ही में प्रकाशित हुई है।
  • जॉन मुर्रे (John Murray) द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक में जायफल की कहानी के माध्यम से आज दुनिया पर उपनिवेशवाद के प्रभाव के इतिहास की चर्चा की गई है।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2021

चर्चा में क्यों?

  • 21 जून 2021 को विश्व भर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया।
  • इस बार के योग दिवस की थीम “Yoga for wellness” है।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अपने सम्बोधन में कहा कि हमारे ऋषियों-मुनियों ने योग के लिए “समत्वम् योग उच्यते” परिभाषा दी थी। उन्होंने सुख-दुःख में समान रहने, संयम को एक तरह से योग का पैरामीटर बनाया था।
  • भारत सरकार द्वारा योग की महत्ता को विश्व में ख्याति दिलाने के उद्देश्य से इस दिवस को वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र में प्रस्तावित किया गया था। जिसके उपरान्त दिसंबर 2014 में ‘वैश्विक स्वास्थ्य और विदेश नीति’ की कार्यसूची के तहत संयुक्त राष्ट्र में सर्वसम्मति से 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की गयी थी।
  • इस दिवस के लिए 21 जून की तारीख का चयन इसलिए किया गया क्योंकि यह दिन उत्तरी गोलार्द्ध (ग्रीष्मकालीन संक्रांति) का सबसे लंबा दिन होता है जिसका दुनिया के कई हिस्सों में विशेष महत्त्व है, साथ ही आध्यात्मिक कार्यों के लिए भी यह दिन विशेष महत्त्व रखता है।
  • भारतीय मान्यता के अनुसार, आदि योगी शिव ने इसी दिन मनुष्य जाति को योग विज्ञान की शिक्षा देनी शुरू की थी, जिसके बाद वे आदि गुरू बने।
  • उल्लेखनीय है कि विश्व का पहला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (IYD) 21 जून, 2015 को मनाया गया था।

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