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Daily Current Affairs 21 July 2021

चर्चित व्यक्तित्व

वैदेही डोंगरे

चर्चा में क्यों?

  • मिशिगन (USA) की 25 वर्षीय वैदेही डोंगरे को मिस इंडिया यूएसए 2021 का ताज पहनाया गया है। वहीं जॉर्जिया की अर्शी लालानी दूसरे स्थान पर रहीं।
  • वैदेही डोंगरे ने अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन में मिशिगन विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया है।
  • वैदेही ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य कथक में ‘मिस टैलेंटेड’ पुरस्कार भी जीता है।
  • 20 वर्षीय अर्शी लालानी जो ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित हैं, दूसरे स्थान पर रहीं। नार्थ कैरोलिना की मीरा कसारी तीसरे स्थान पर रहीं।

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खेल परिदृश्य

ओलंपिक खेलों का आदर्श वाक्य बदला

चर्चा में क्यों?

  • 20 जुलाई, 2021 को ओलंपिक के आदर्श वाक्य को “Faster, Higher, Stronger” से बदलकर “Faster, Higher, Stronger – Together” में अपडेट किया गया है।
  • यह अपडेट कोविड-19 महामारी के समय दुनिया भर में एकजुटता दिखाने के लिए किया गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • टोक्यो ओलंपिक 2021 से पहले अपने सत्र में, अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने इस बदलाव को मंजूरी दे दी है।
  • 1894 के बाद से, ओलंपिक आदर्श वाक्य लैटिन में “सिटियस, अल्टियस, फोर्टियस” (Citius, Altius, Fortius) या “ तेज़, उच्च, मजबूत” (Faster, Higher, Stronger) रहा है, जब इसे अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के संस्थापक औऱ आधुनिक ओलंपिक खेलों के अग्रदूत पियरे डी कुबर्टिन के सुझाव पर अपनाया गया था।
  • अब इस वाक्य का लैटिन संस्करण “सिटियस, अल्टियस, फोर्टियस, कम्युनिटर” (Citius, Altius, Fortius, Communiter) है।

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राष्ट्रीय परिदृश्य

कर्नाटक में ट्रांसजेंडरसमुदाय को मिलेगा आरक्षण

चर्चा में क्यों?

  • कर्नाटक सभी सरकारी सेवाओं में ‘ट्रांसजेंडर’ समुदाय के लिए एक प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • सरकार ने इस संबंध में उच्च न्यायालय को एक रिपोर्ट सौंपी, जिसमें बताया गया कि कर्नाटक सिविल सेवा (सामान्य भर्ती) नियम, 1977 में संशोधन के बाद एक अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है।
  • 6 जुलाई को जारी अंतिम अधिसूचना में सभी सामान्य और साथ ही तीसरे लिंग के लिए आरक्षित श्रेणियों में एक प्रतिशत आरक्षण तय किया गया है।
  • अधिसूचना में यह भी रेखांकित किया गया है कि चयन की प्रक्रिया में ट्रांसजेंडरों के साथ कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।
  • अधिसूचना नोट में कहा गया है कि ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों की अनुपलब्धता के मामले में, उसी श्रेणी के पुरुष या महिला को नौकरी दी जा सकती है।
  • एक एनजीओ ‘संगामा’ ने राज्य विशेष रिजर्व कांस्टेबल फोर्स और बैंड्समैन पोस्टिंग में नौकरी के अवसरों से इनकार करने के लिए उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की थी।
  • सरकार की ओर से पेश लोक अभियोजक विजय कुमार पाटिल ने पीठ को सूचित किया कि सरकार ने मौजूदा नियम में संशोधन लाकर सरकारी भर्तियों में एक प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया है।
  • हाईकोर्ट ने सरकार के इस कदम का स्वागत और सराहना की।

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रक्षा अनुसंधान 

रूस का एस-500 एंटी मिसाइल सिस्टम

चर्चा में क्यों?

  • अमेरिका और ब्रिटेन के साथ बढ़ते तनाव के बीच रूस ने अपने अडवांस्ड S-500 एंटी मिसाइल सिस्टम को टेस्ट किया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • दक्षिणी रूस के अस्तरखान (Astrakhan) क्षेत्र में एक ट्रेनिंग ग्राउंड पर हाई-स्पीड बैलिस्टिक टार्गेट पर इस मिसाइल सिस्टम को टेस्ट किया गया जिसके बारे में यह दावा किया जाता है कि इस सिस्टम के अत्याधुनिक रडार से दुश्मनों के स्टील्थ लड़ाकू विमान भी बच नहीं पाएंगे।
  • देश के रक्षा मंत्रालय ने इस बारे में जानकारी दी और टेस्ट को सफल बताया।
  • सभी टेस्ट पूरे होने के बाद S-500 सिस्टम को मॉस्को क्षेत्र की एयर डिफेंस यूनिट को डिलिवर किया जाएगा।
  • S-500 डिफेंस सिस्टम को प्रोमटी (Prometey) भी कहा जाता है। S-300 और S-400 की तरह इस डिफेंस सिस्टम को रूस की सरकारी कंपनी अल्माज-एनेटी कॉर्पोरेशन विकसित कर रहा है।

अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित

  • S-500 Prometey नाम का यह डिफेंस सिस्टम 400 से 600 किलोमीटर की दूरी तक दुश्मनों के मिसाइल और लड़ाकू विमानों को मार गिराने में सक्षम है।
  • रूस के हथियारों में अब तक का सबसे सबसे उन्नत और आधुनित तकनीकी पर आधारित ऐंटी-मिसाइल सिस्टम है।

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आर्थिक एवं वाणिज्यिक परिदृश्य

पांचवां सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार वाला देश बना भारत

चर्चा में क्यों?

  • 25 जून, 2021 को भारत 608.99 अरब डालर के साथ दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार वाला देश बन गया था।
  • 20वीं लोकसभा में केन्द्रीय वित्त राज्य वित्त मंत्री पंकज चौधरी द्वारा इसका उल्लेख किया गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • भारत 600 अरब डॉलर से अधिक की विदेशी मुद्रा वाला पांचवां देश बन गया है। इस मामले में हम रूस से मामूली अंतर से पीछे हैं।
  • रूस के पास 605.20 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है। चीन 3,330 अरब डॉलर के साथ सूची में पहले स्थान पर है।
  • जापान 1,378 अरब डॉलर के दूसरे और स्विट्जरलैंड 1,070 अरब डॉलर के साथ तीसरे स्थान पर है।
  • भारत का भुगतान संतुलन (balance of payments) वर्ष 2020-21 में पूंजी और चालू खातों दोनों में अधिशेष हो गया है, जिसने बड़े पैमाने पर देश के विदेशी मुद्रा भंडार में लाभ में योगदान दिया।

18 महीने से अधिक के लिए आयात को कवर करने के लिए पर्याप्त

  • भारत का वर्तमान विदेशी मुद्रा भंडार अप्रत्याशित बाहरी झटकों के खिलाफ एक बफर प्रदान करने और 18 महीने से अधिक के लिए आयात को कवर करने के लिए पर्याप्त है।
  • भारतीय रिजर्व बैंक नियमित रूप से विदेशी मुद्रा स्वैप और रेपो बाजारों में परिचालन बढ़ाकर, नए बाजारों या उत्पादों की खोज और सोने की खरीद करके देश के मुद्रा भंडार में विविधता लाने के लिए विभिन्न उपाय करता है। यह सब तरलता और सुरक्षा मानदंडों का पालन करते हुए किया जाता है।

विदेशी मुद्रा भंडार:

  • विदेशी मुद्रा भंडार का आशय केंद्रीय बैंक द्वारा विदेशी मुद्रा में आरक्षित संपत्ति से होता है, जिसमें बॉण्ड, ट्रेज़री बिल और अन्य सरकारी प्रतिभूतियाँ शामिल होती हैं।
  • गौरतलब है कि अधिकांश विदेशी मुद्रा भंडार अमेरिकी डॉलर में आरक्षित किये जाते हैं।

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में शामिल हैं:

  • विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ
  • स्वर्ण भंडार
  • विशेष आहरण अधिकार (SDR)
  • अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ रिज़र्व ट्रेंच

विदेशी मुद्रा भंडार को बनाए रखने का उद्देश्य:

  • मौद्रिक और विनिमय दर प्रबंधन के लिये नीतियों का समर्थन तथा उनमें विश्वास बनाए रखना।
  • राष्ट्रीय मुद्रा के समर्थन में हस्तक्षेप करने की क्षमता प्रदान करता है।
  • यह संकट के समय या जब ऋण तक पहुँच में कटौती की स्थिति में नुकसान को कम करने के लिये विदेशी मुद्रा तरलता को बनाए रखते हुए बाह्य भेद्यता को सीमित करता है।

बढ़ते विदेशी मुद्रा भंडार का महत्त्व:

  • बढ़ता विदेशी मुद्रा भंडार भारत के बाहरी और आंतरिक वित्तीय मुद्दों के प्रबंधन में सरकार तथा भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) को सुविधा प्रदान करता है।
  • यह आर्थिक मोर्चे पर भुगतान संतुलन (Balance of Payment) को लेकर संकट की स्थिति में मदद करता है।
  • यह भंडार बाज़ारों और निवेशकों को विश्वास का स्तर प्रदान करेगा जिससे एक देश अपने बाहरी दायित्वों को पूरा कर सकता है।
  • बड़े विदेशी मुद्रा भंडार को इसलिए भी उपयोगी माना जाता है कि यह केंद्रीय बैंक को मुद्रा को कमजोर होने से बचाने की पर्याप्त ताकत देता है।
  • अगर डॉलर के मुक़ाबले मुद्रा का मूल्य घटने लगता है तब केंद्रीय बैंक डॉलर के भंडार में से बिक्री करके स्थानीय मुद्रा की खरीद कर सकता है और उसका मूल्य गिरने से रोक सकता है।

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रिपोर्ट/इंडेक्स

बिजली गिरने की घटनाओं में 23 प्रतिशत की वृद्धि

चर्चा में क्यों?

  • भारत में 2019 की तुलना में पिछले साल आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में 23 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल इन राज्यों में बिजली गिरने की अधिक घटनाएं सामने आई। वहीं बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और महाराष्ट्र में बिजली गिरने से सबसे अधिक लोगों की जान गई।
  • हाल ही में जारी द अर्थ नेटवर्क्स की रिपोर्ट ‘2020 India Lightning Report’ के अनुसार भारत में 3 करोड़ 90 लाख से अधिक बार आकाशीय बिजली गिरी। जिसमें एक करोड़ से अधिक बार आकाशीय बिजली जमीन से टकराई। आकाशीय बिजली के जमीन के टकराने से जान माल के अधिक नुकसान की संभावना रहती है।
  • जनवरी में मौसम विभाग की ओर से 2020 की जारी रिपोर्ट के अनुसार गरज और बिजली गिरने की घटनाओं के कारण कारण देश के विभिन्न हिस्सों से 815 लोगों की जान चली गई। इनमें बिहार से 280, उत्तर प्रदेश से 220, झारखंड से 122, मध्य प्रदेश से 72, महाराष्ट्र से 23 और आंध्र प्रदेश से 20 मौतें हुई।
  • द अर्थ नेटवर्क्स के कुमार मार्गसहायम ने बताया कि यह संख्या अधिक है। लोगों को समय पर मौसम का अलर्ट मिल जाने और इसको लेकर जागरुकता से लोगों की जान बचाई जा सकती है।
  • अर्थ नेटवर्क्स ने दावा किया कि यह पूरे भारत में विभिन्न केंद्रीय और राज्य एजेंसियों, विश्वविद्यालयों और निजी उद्योग क्षेत्रों के साथ मिलकर काम कर रहा है। सरकारी एजेंसियां जैसे भारतीय सशस्त्र बल, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, और उत्तर पूर्वी अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (एनईएसएसी) मौसम को लेकर अपनी अपनी तैयारियों को बढ़ाने के लिए अर्थ नेटवर्क्स के लाइटनिंग सेंसर और उनके डेटा का प्रयोग करते हैं।

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राष्ट्रीय परिदृश्य

पेगासस जासूसी कांड

चर्चा में क्यों?

  • जासूसी के लिए कुख्यात इजरायल पेगासस स्पायवेयर (pegasus spyware) एक बार फिर समाचारों की सुर्खियों में हैं। न्यूज पोर्टल ‘द वायर’ ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि भारत सरकार ने 2017 से 2019 के दौरान करीब 300 भारतीयों की जासूसी की है।
  • इन लोगों में पत्रकार, वकील, सामाजिक कार्यकर्ता, विपक्ष के नेता और बिजनेसमैन शामिल हैं।
  • सरकार ने पेगासस स्पायवेयर के जरिए इन लोगों के फोन हैक किए थे। इस रिपोर्ट के बाद सरकार ने सफाई देते हुए सभी आरोपों को निराधार बताया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • पेगासस इससे पहले भी कई बार सुर्खियों में रहा है। 2019 में वाट्सऐप ने पेगासस को बनाने वाली कंपनी पर मुकदमा भी किया था।
  • दरअसल पेरिस की एक संस्था फॉरबिडन स्टोरीज और एमनेस्टी इंटरनेशनल के पास करीब 50 हजार फोन नंबर्स की एक लिस्ट है। इन संस्थानों का दावा है कि ये वो नंबर है, जिन्हें पेगासस स्पायवेयर के जरिए हैक किया गया है।
  • इन दोनों संस्थानों ने इस लिस्ट को दुनियाभर के 16 मीडिया संस्थानों के साथ शेयर किया है। हफ्तों के इन्वेस्टिगेशन के बाद खुलासा हुआ है कि अलग-अलग देशों की सरकारें पत्रकारों, विपक्षी नेताओं, बिजनेसमैन, सामाजिक कार्यकर्ताओं, वकीलों और वैज्ञानिकों समेत कई लोगों की जासूसी कर रही हैं।
  • इस सूची में भारत का भी नाम है। न्यूज पोर्टल ‘द वायर’ की रिपोर्ट के मुताबिक, जिन लोगों की जासूसी की गई है उनमें 300 भारतीय लोगों के नाम शामिल हैं। जासूसी के लिए इजराइली कंपनी द्वारा बनाए गए स्पायवेयर पेगासस का इस्तेमाल किया गया है।
  • पेगासस ग्रीक मायथोलॉजी में पंखों वाला घोड़ा है। इजराइली सॉफ्टवेयर ने अपनी कंपनी का लोगो भी इसी काल्पनिक घोड़े पर बनाया है। कुछ साल पहले फेसबुक इस कंपनी को खरीदने की कोशिश कर चुकी है।
  • पेगासस ग्रीक मायथोलॉजी में पंखों वाला घोड़ा है। इजराइली सॉफ्टवेयर ने अपनी कंपनी का लोगो भी इसी काल्पनिक घोड़े पर बनाया है। कुछ साल पहले फेसबुक इस कंपनी को खरीदने की कोशिश कर चुकी है।

पेगासस क्या है?

  • पेगासस एक स्पायवेयर है। स्पायवेयर यानी जासूसी या निगरानी के लिए इस्तेमाल होने वाला सॉफ्टवेयर। इसके जरिए किसी फोन को हैक किया जा सकता है। हैक करने के बाद उस फोन का कैमरा, माइक, मैसेजेस और कॉल्स समेत तमाम जानकारी हैकर के पास चली जाती है। इस स्पायवेयर को इजराइली कंपनी NSO ग्रुप ने बनाया है।

इस मामले में सरकार की क्या भूमिका है?

  • पेगासस को बनाने वाली कंपनी का कहना है कि वो किसी निजी कंपनी को यह सॉफ्टवेयर नहीं बेचती है, बल्कि इसे केवल सरकार और सरकारी एजेंसियों को ही इस्तेमाल के लिए देती है। इसका मतलब है कि अगर भारत में इसका इस्तेमाल हुआ है, तो कहीं न कहीं सरकार या सरकारी एजेंसियां इसमें शामिल हैं।

पेगासस काम कैसे करता है?

  • साइबर सिक्युरिटी रिसर्च ग्रुप सिटीजन लैब के मुताबिक, किसी डिवाइस में पेगासस को इंस्टॉल करने के लिए हैकर अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। एक तरीका ये है कि टारगेट डिवाइस पर मैसेज के जरिए एक “एक्सप्लॉइट लिंक” भेजी जाती है। जैसे ही यूजर इस लिंक पर क्लिक करता है, पेगासस अपने आप फोन में इंस्टॉल हो जाता है।
  • 2019 में जब व्हाट्सऐप के जरिए डिवाइसेस में पेगासस इंस्टॉल किया गया था तब हैकर्स ने अलग तरीका अपनाया था। उस समय हैकर्स ने व्हाट्सएप के वीडियो कॉल फीचर में एक कमी (बग) का फायदा उठाया था।
  • हैकर्स ने फर्जी व्हाट्सऐप अकाउंट के जरिए टारगेट फोन पर वीडियो कॉल किए थे। इसी दौरान एक कोड के जरिए पेगासस को फोन में इंस्टॉल कर दिया गया था।
  • एक बार आपके फोन में आने के बाद पेगासस के पास आपकी क्या-क्या जानकारी होती है?
  • एक बार आपके फोन में इंस्टॉल होने के बाद पेगासस को हैकर कमांड एंड कंट्रोल सर्वर से इंस्ट्रक्शन दे सकता है।
  • आपके पासवर्ड, कॉन्टेक्ट नंबर, लोकेशन, कॉल्स और मैसेजेस को भी रिकॉर्ड कर कंट्रोल सर्वर पर भेजे जा सकते हैं।
  • पेगासस आपके फोन का कैमरा और माइक भी अपने आप चालू कर सकता है। आपकी रियल टाइम लोकेशन भी हैकर को पता चलती रहेगी।
  • साथ ही आपके ई-मेल, SMS, नेटवर्क डिटेल्स, डिवाइस सेटिंग, ब्राउजिंग हिस्ट्री की जानकारी भी हैकर को होती है। यानी एक बार अगर आपके डिवाइस में पेगासस स्पाईवेयर इंस्टॉल हो गया तो आपकी सारी जानकारी हैकर को मिलती रहेगी।

भारत में सर्विलांस के कानूनी तरीके

  • भारत में सरकारों के पास वैध ‘जासूसी’ का भी विकल्प मौजूद है।
  • भारतीय टेलीग्राफ एक्ट, 1885 और सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम, 2000 में मौजूद प्रावधान केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारों को फोन कॉल, ईमेल,व्हाट्सएप मैसेज आदि सभी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन को सुनने की अनुमति देते हैं।
  • भारतीय टेलीग्राफ एक्ट,1885 की धारा 5(2) के अंतर्गत केंद्र और राज्य की एजेंसियां किसी भी “पब्लिक इमरजेंसी की घटना या पब्लिक सेफ्टी के हित में” इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन की निगरानी कर सकती है।
  • यह कानून नामित अधिकारी को किसी भी डिवाइस को सर्विलांस पर रखने का अधिकार देता है अगर उस अधिकारी को यह लगे कि “भारत की संप्रभुता-अखंडता ,राज्य की सुरक्षा, विदेशी राष्ट्रों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों, पब्लिक ऑडर या किसी अपराध को रोकने के लिए” ऐसा करना जरूरी है।
  • इस स्थिति में आदेश देने के लिए जरूरी कारणों को संबंधित अधिकारियों द्वारा लिखित रूप में दर्ज किया जाना चाहिए।
  • इसी तरह सूचना प्रौद्योगिकी एक्ट, 2000 की धारा 69 और आईटी (प्रोसीजर फॉर सेफगार्ड फॉर इंटरसेप्शन,मॉनिटरिंग एंड डिस्क्रिप्शन ऑफ़ इनफार्मेशन) रूल्स, 2005 एजेंसी को मोबाइल फोन सहित किसी भी कंप्यूटर रिसोर्स की निगरानी के लिए आदेश जारी करने का अधिकार देता है।
  • IT एक्ट, 2000 की धारा 69 के अनुसार- “भारत की संप्रभुता-अखंडता,राज्य की सुरक्षा, विदेशी राज्यों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों या पब्लिक ऑर्डर के हित में या उपरोक्त से संबंधित किसी भी संज्ञेय अपराध की जांच के लिए” सर्विलांस की अनुमति होगी।

सर्विलांस से जुड़े संवैधानिक पक्ष

  • सर्विलांस पर पहला सबसे बड़ा जजमेंट 1964 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया था। ‘खड़क सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य’ मामले में 7 जजों वाली पीठ ने निर्णय दिया कि सरकार द्वारा सर्विलांस अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है क्योंकि ऐसा कोई भी कानून नहीं है जिसके तहत ‘फिजिकल सर्विलांस’ की मंजूरी हो।
  • ‘जस्टिस पुट्टास्वामी बनाम भारत संघ’ के मामले में सुप्रीम कोर्ट के 9 जजों वाली पीठ ने ‘निजता के अधिकार’ को अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता दी. लेकिन किसी भी अन्य मौलिक अधिकार की तरह इसकी भी कुछ सीमा है।

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