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Daily Current Affairs: 21 August 2021

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

एडवांस्ड चैफ टेक्नोलॉजी

चर्चा में क्यों?

  • भारतीय वायु सेना के युद्धक विमानों और नौसैनिक पोतों को शत्रु की मिसाइलों से बचाने के उद्देश्य से रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने एक एडवांस्ड चैफ टेक्नोलॉजी (Advanced Chaff Technology) विकसित की है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इस एडवांस्ड चैफ टेक्नोलॉजी (Advanced Chaff Technology) का उपयोग शत्रु की रडार-निर्देशित मिसाइलों को विचलित करने के लिए किया जाएगा।
  • बड़ी मात्रा में इसका उत्पादन करने के लिए अब इस प्रौद्योगिकी को उद्योग में स्थानांतरित कर दिया गया है।
  • डीआरडीओ की रक्षा प्रयोगशाला जोधपुर (DLJ) ने इस महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी के तीन प्रकारों कम दूरी की मारक क्षमता वाला चैफ रॉकेट (SRCR), मध्यम रेंज चैफ रॉकेट (MRCR) और लंबी दूरी की मारक क्षमता वाला चैफ रॉकेट (LRCR) का स्वदेश में विकास किया है।

क्या है चैफ टेक्नोलॉजी?

  • चैफ एक अप्रतिरोधी विस्तार योग्य इलेक्ट्रॉनिक जवाबी प्रौद्योगिकी (non-resistive expandable electronic countermeasures technology) है, जो विश्वभर में नौसैनिक पोतों को शत्रु के रडार और रेडियो फ्रीक्वेंसी मिसाइल साधकों से संरक्षण देती है।
  • यह प्रौद्योगिकी इसलिए महत्वपूर्ण है कि इसमें नौसैनिक पोतों को शत्रु के मिसाइल हमले से बचाने के लिए बहुत कम मात्रा में चैफ सामग्री को प्रलोभन के तौर पर हवा में छोड़ा जाता है।

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO)

  • रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO:Defence Research & Development Organization-) की स्थापना 1958 में रक्षा विज्ञान संगठन (Defence Science Organisation- DSO) के साथ भारतीय सेना के तकनीकी विकास प्रतिष्ठान (Technical Development Establishment- TDEs) और तकनीकी विकास और उत्पादन निदेशालय (Directorate of Technical Development & Production- DTDP) के संयोजन के बाद किया गया।
  • DRDO रक्षा मंत्रालय के रक्षा अनुसंधान और विकास विभाग के तहत काम करता है।
  • यह रक्षा प्रणालियों के डिज़ाइन एवं विकास के साथ-साथ सान्य बलों के तीनों अंगों की आवश्यकताओं के अनुसार विश्व स्तर की हथियार प्रणाली एवं उपकरणों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।
  • डीआरडीओ सैन्य प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहा है, जिसमें वैमानिकी (Aeronautics), शस्त्र (Weapons), युद्धक वाहन (Combat Vehicles), इलेक्ट्रॉनिक्स, इंस्ट्रूमेंटेशन (Instrumentation), इंजीनियरिंग प्रणालियाँ, मिसाइलें, नौसेना प्रणालियाँ, उन्नत कंप्यूटिंग, सिमुलेशन (Simulation ) और जीवन विज्ञान शामिल है।
  • डीआरडीओ के वर्तमान अध्यक्ष डॉ. जी. सतीश रेड्डी हैं।

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चर्चित स्थान

नारायणकोटि मंदिर

चर्चा में क्यों?

  • उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग जिले के गुप्तकाशी में स्थित नारायणकोटि मंदिर केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की विरासत अंगीकरण परियोजना में शामिल किया गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • नारायणकोटि प्राचीन मंदिरों का एक समूह है, जो रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग पर गुप्तकाशी से लगभग 2 किमी. दूर अवस्थित है।
  • यह देश का एकमात्र स्थान (नारायणकोटि) है जहां नौ ग्रहों के मंदिर एक समूह में स्थित हैं।
  • यह लक्ष्मी नारायण को समर्पित है।
  • ऐसा माना जाता है कि इन मंदिरों का निर्माण 9वीं शताब्दी में किया गया था।
  • परियोजना के तहत सोशल लीगल रिसर्च एंड एजुकेशन फाउंडेशन( SLRE Foundation) मंदिर परिसर में मूलभूत एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
  • फाउंडेशन मार्ग निर्माण, पथ प्रकाश व्यवस्था, कूड़ा निस्तारण, पेयजल, पार्किंग, बैंच, प्रवेश, चारदीवारी आदि का कार्य समबद्ध ढंग से करेगा
  • यह केंद्र सरकार की यह एक महत्वपूर्ण योजना है। इसके तहत महत्वपूर्ण विरासत स्थलों का निजी व्यक्तियों व संस्थाओं द्वारा अंगीकरण होगा और वे इनका बेहतर रखरखाव करेंगे।

अब तक उत्तराखंड के इन विरासत स्थलों का हो चुका है चयन

  • विरासत के अंगीकरण परियोजना के तहत उत्तराखंड के महत्वपूर्ण विरासत स्थलों में नेलांग वैली की गरतांगगली, पिथौरागढ़ किला, चांयशील बुग्याल, चौरासी कुटिया, सती घाट, नारायणकोटी मंदिर का चयन हुआ है। सातवें फेज में विशेषज्ञ समिति ने नारायणकोटि मंदि का चयन किया है।

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आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टिट्यूट का नया नामकरण

चर्चा में क्यों?

  • पुणे स्थित आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टिट्यूट अब टोक्यो ओलिंपिक में जेवलिन में गोल्ड मेडल जीतने वाले नीरज चोपड़ा के नाम से जाना जाएगा।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • नीरज चोपड़ा भारतीय सेना की 4 राजपूताना रायफल्स में सूबेदार हैं।
  • पुणे के आर्मी स्टेडियम में ही टोक्यो ओलिंपिक में गई आर्चरी टीम का नेशनल कैंप पर लगा था।
  • इस स्टेडियम का निर्माण 2006 में हुआ है। इस स्टेडियम में एथलेटिक्स का 400 मीटर का सिंथेटिक ट्रैक है।
  • सेना के अनुसार इस स्टेडियम का नाम ओलिंपिक मेडल जीतने वाले आर्मी के जूनियर कमिशंड अधिकारी नीरज चोपड़ा के नाम पर रखा जा रहा है, ताकि अन्य एथलीट और जवान प्रेरित हों।

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भारत एवं विश्व

रिमोट सेंसिंग डेटा साझाकरण हेतु ब्रिक्स समझौता

चर्चा में क्यों?

  • ब्रिक्स देशों ( ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) ने हाल ही में रिमोट सेंसिंग उपग्रह डेटा साझाकरण में सहयोग के लिये एक समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं।
  • ‘भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन’ (ISRO) के अनुसार, यह समझौता ब्रिक्स देशों को अपनी अंतरिक्ष एजेंसियों के निर्दिष्ट रिमोट सेंसिंग उपग्रहों के माध्यम से एक ‘वर्चुअल इंस्टॉलेशन’ के निर्माण में सक्षम बनाता है, जिसमें संबंधित देशों के ग्राउंड स्टेशनों से डेटा प्राप्त किया जा सकेगा।
  • यह वैश्विक जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदाओं और पर्यावरण संरक्षण जैसी चुनौतियों का सामना करने में ब्रिक्स अंतरिक्ष एजेंसियों के बीच बहुपक्षीय सहयोग को मज़बूत करने में योगदान देगा। यह समझौता ब्रिक्स में भारत की अध्यक्षता के तहत हस्ताक्षरित किया गया है।

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नियुक्ति/ निर्वाचन

एनके सिंह

चर्चा में क्यों?

  • 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष रहे एन.के. सिंह को आर्थिक विकास संस्थान (Institute of Economic Growth (IEG) Society) सोसायटी के नए अध्यक्ष के रूप में चुने गये हैं।
  • उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का स्थान लिया जो 1992 से IEG के अध्यक्ष थे।
  • आर्थिक विकास संस्थान (Institute of Economic Growth) एक स्वायत्त, बहु-विषयक केंद्र है जिसका उपयोग उन्नत अनुसंधान और प्रशिक्षण के लिए किया जाता है।
  • यह 1952 में वी.के.आर.वी. राव द्वारा स्थापित किया गया था। यह दिल्ली विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी एन्क्लेव में स्थित है।

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