Daily Current Affairs 20 January 2021

भारत एवं विश्व

भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सौर ऊर्जा सहयोग

चर्चा में क्यों?

  • मंत्रिमंडल ने भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सौर ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने की मंजूरी दी है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इस समझौता ज्ञापन के तहत कार्य का मुख्‍य क्षेत्र राष्‍ट्रीय सौर ऊर्जा संस्‍थान (NISE), नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत तथा अंतर्राष्‍ट्रीय सौर ऊर्जा संस्‍थान (ISEI) उज्‍बेकिस्‍तान के बीच परस्‍पर पहचान किए गए निम्‍नलिखित क्षेत्रों में अनुसंधान/प्रदर्शन/पायलट परियोजनाओं की पहचान करना है।
  • सोलर फोटोवोल्टिक
  • भंडारण प्रौद्योगिकियां
  • प्रौद्योगिकी का हस्‍तांतरण
  • परस्‍पर अनुबंध के आधार पर दोनों पक्ष अंतर्राष्‍ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) सदस्‍य देशों में पायलट परियोजना के कार्यान्‍वयन और तैनाती के लिए कार्य करेंगे।

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राष्ट्रीय परिदृश्य

हावड़ा-कालका मेल का बदला नाम

  • रेल मंत्रालय ने ट्रेन संख्या 12311/12312 हावड़ा-कालका मेल का नाम बदलकर “नेताजी एक्सप्रेस” कर दिया है।
  • उल्लेखनीय है कि हावड़ा-कालका मेल बहुत लोकप्रिय और भारतीय रेलवे की सबसे पुरानी ट्रेनों में से एक है। हावड़ा-कालका मेल दिल्ली होते हुए हावड़ा (पूर्व रेलवे) और कालका (उत्तर रेलवे) के बीच चलती है।
  • एक जनवरी 1866 को कालका मेल पहली बार चली थी। तब इस ट्रेन का नाम 63 अप हावड़ा-पेशावर एक्सप्रेस था।
  • 18 जनवरी 1941 को फिरंगियों को चकमा देकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस इसी ट्रेन पर धनबाद जिले के गोमो जंक्शन से सवार होकर निकले थे।
  • नेताजी की यादों से जुड़ी होने के कारण ही रेलवे ने कालका मेल का नामकरण नेताजी एक्सप्रेस के रूप में किया है।
  • इससे पहले तत्कालीन रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव ने 23 जनवरी 2009 को धनबाद जिले के गोमो जंक्शन का नामकरण नेताजी सुभाष चंद्र बोस जंक्शन गोमो किया था।

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रक्षा-प्रतिरक्षा

डेजर्ट नाइट -21

चर्चा में क्यों?

  • भारतीय वायु सेना और फ्रांसीसी वायु एवं अंतरिक्ष सेना  (Armée de l’Air et de l’Espace) 20 से 24 जनवरी, 2021 तक जोधपुर के वायु सेना स्टेशन पर आयोजित एक द्विपक्षीय वायु अभ्यास एक्स डेजर्ट नाइट-21 (Desert Knight-21) में हिस्सा लेंगी। जिसमें दोनों देशों के लड़ाकू विमान शामिल होंगे।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • फ्रांस की तरफ़ से राफाल, एयरबस ए-330 मल्टी-रोल टैंकर ट्रांसपोर्ट (MRTT), ए-400एम सामरिक परिवहन विमान और लगभग 175 वायुसैनिक इस अभ्यास में भाग लेंगे।
  • वहीं भारत की ओर से हिस्सा लेने वाले वायु सेना के विमानों में मिराज 2000, सु -30 एमकेआई, राफाल, आईएल -78 फ्लाइट के दौरान ईंधन भरने वाले विमान, एडब्ल्यूएसीएस तथा एईडब्ल्यू एंड सी विमान शामिल होंगे।
  • यह सैन्य अभ्यास दोनों वायु सेनाओं के बीच सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
  • भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग के हिस्से के रूप में, भारतीय वायु सेना और फ्रांसीसी एवं अंतरिक्ष सेना ने मिलकर ‘गरुड़’ नाम के वायुसैनिक अभ्यास के छह संस्करणों का आयोजन किया है।
  • आखिरी ‘गरुड़’ अभ्यास जुलाई 2019 में फ्रांस के मोंट-द-मारसन एयरबेस में आयोजित किया गया था।
  • आपस में मौजूदा सैन्य सहयोग को और आगे बढ़ाने के उद्देश्य से दोनों देशों की सेनाओं ने ‘होप-एक्सरसाइज’ के संचालन के लिए उपलब्ध अवसरों का लाभकारी रूप से उपयोग किया है।
  • 2018 में पिचब्लैक अभ्यास (Ex Pitchblack) के लिए ऑस्ट्रेलिया की उड़ान भरते समय फ्रांसीसी वायु एवं अंतरिक्ष सेना की तैनाती आगरा और ग्वालियर वायुसेना स्टेशनों में लड़ाकू विमानों और एमआरटीटी विमानों के साथ अभ्यास के लिए की गई थी।
  • वर्तमान समय में डेजर्ट नाइट -21 अभ्यास के लिए फ्रांसीसी टुकड़ी एशिया में अपने ‘स्काईरोस डिप्लॉयमेंट’ के हिस्से के रूप में तैनात है और जोधपुर वायु सेना स्टेशन में उड़ान भरेगी।
  • यह अभ्यास अपने आप में महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें राफेल विमान दोनों ही देशों की वायु सेनाओं में शामिल है और यह दो प्रमुख वायु सेनाओं के बीच बढ़ते हुए सहयोग का संकेत है।
  • चूंकि दोनों वायु सेनाओं की टुकड़ियों के बीच 20 जनवरी से हवाई अभ्यास सहयोग शुरू होना है, इसलिए इलाक़ों और कालांतर में प्राप्त परिचालन अनुभव को ध्यान में रखा जाएगा तथा परस्पर व्यवहार को बढ़ाने के लिए विचारों एवं सर्वोत्तम प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान करने का प्रयास भी होगा।

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भारत एवं विश्व

चाबहार बंदरगाह को भेजी दो मोबाइल हार्बर क्रेन

चर्चा में क्यों?

  • भारत ने ईरान के चाबहार बंदरगाह को दो मोबाइल हार्बर क्रेन (MHC) की एक खेप भेजी है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • यह खेप 6 मोबाइल हार्बर क्रेन की आपूर्ति के लिए किये गये एक अनुबंध समझौते के तहत भेजी गई है, जिसका कुल अनुबंध मूल्य 25 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक है।
  • इटली के मारघेरा बंदरगाह से पहुंचे क्रेनों के इस खेप को 18 जनवरी, 2021 को चाबहार बंदरगाह पर सफलतापूर्वक उतार लिया गया और अभी इन क्रेनों का परीक्षण चल रहा है।
  • 140 मीट्रिक टन भार उठाने की क्षमता से लैस मोबाइल हार्बर क्रेन जैसे बहुउद्देशीय उपकरण और सामान भारत पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड को चाबहार के शहिद बेहेश्टी बंदरगाह में कंटेनर, बल्क और जनरल कार्गो की निर्बाध सेवाएं प्रदान करने में सक्षम बनायेंगे।
  • यह चाबहार के शहीद बेहेश्टी बंदरगाह के बुनियादी ढांचे के विकास में भारत की प्रतिबद्धता की दिशा में एक कदम है।
  • भौगोलिक अवस्थिति की दृष्टि से चाबहार बंदरगाह का रणनीतिक महत्व है और इसमें भारत, ईरान, अफगानिस्तान, उज्बेकिस्तान तथा अन्य सीआईएस देशों, विशेष रूप से पूर्वी सीआईएस देशों, के साथ संपर्क प्रदान करने और उनके बीच व्यापार बढ़ाने की जबरदस्त क्षमता है।
  • यह चीन की मदद से विकसित किए गए पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट से महज 72 किलोमीटर दूर है।
  • अफगानिस्तान तक भारत की पहुंच बढ़ाने के लिये यह सबसे बेहतर रास्ता है, यहाँ वे तमाम सुविधाएं हैं, जिनके माध्यम से सिस्तान, बलूचिस्तान, खोरासान प्रांतों तक भी आसानी से व्यावसायिक पहुँच बनाई जा सकती है।

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समारोह/सम्मेलन

कलरव

चर्चा में क्यों?

  • बिहार के जमुई जिले में स्थित नागी-नकटी पक्षी अभयारण्य में राज्य के पहले पक्षी महोत्सव कलरव (Kalrav) का आयोजन किया गया।
  • यह महोत्सव राज्य के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा पक्षियों, विशेष रूप से प्रवासी पक्षियों के बारे में लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए आयोजित किया गया था।
  • नागी-नटकी पक्षी अभयारण्य, पक्षियों और प्रवासी पक्षियों की एक विस्तृत विविधता का घर रहा है, जो यूरेशिया, मध्य एशिया, आर्कटिक सर्कल, रूस और उत्तरी चीन जैसी जगहों से सर्दियों के दौरान यहां आते हैं।
  • इन अभयारण्यों में पक्षियों की 136 से अधिक प्रजातियों को देखा जा सकता है।
  • लगभग 1,600 बार-सिर वाले कुछ कलहंस, जो इस किस्म की वैश्विक आबादी का लगभग 3% है, को वेटलैंड्स इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट के अनुसार, यहाँ देखा गया है।
  • इस दुर्लभ घटना के कारण, बर्डलाइफ़ इंटरनेशनल, एक वैश्विक निकाय, नागी बांध पक्षी अभयारण्य को पक्षियों की आबादी के संरक्षण के लिए विश्व स्तर पर महत्वपूर्ण माना है और इसे एक महत्वपूर्ण पक्षी क्षेत्र घोषित किया गया है।

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निधन

कमल मोरारका

  • उद्योगपति कमल मोरारका का 15 जनवरी 2021 को निधन हो गया। वह 74 वर्ष के थे।
  • कमल मोरारका 1990-91 में चंद्रशेखर सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे थे।
  • वह 1988 से 1994 तक जेडीएस से राज्यसभा सदस्य भी रहे थे।
  • वह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई के उपाध्यक्ष भी रहे थे।
  • उनका जन्म परंपरागत मारवाड़ी परिवार में 18 जून 1946 को हुआ था।
  • कमल मोरारका हिंदी अख़बार “चौथी दुनिया” के अलावा अंग्रेज़ी अख़बार “आफ़्टरनून डिस्पैच एंड कुरियर” के मालिक थे।

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खेल परिदृश्य

भारत ने जीती बार्डर-गावस्कर ट्रॉफी

चर्चा में क्यों?

  • मेजबान ऑस्‍ट्रेलिया को गाबा टेस्‍ट में हराकर भारत ने 2-1 से बॉर्डर गावस्‍कर ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
  • इस जीत के बाद टीम इंडिया आईसीसी वर्ल्‍ड टेस्‍ट चैंपियनशिप ( ICC World Test Championship) में नंबर एक पहुंच गई, वहीं ऑस्‍ट्रेलिया नंबर तीन पर आ गई है।
  • अजिंक्‍य रहाणे की कप्तानी में टीम इंडिया ने 3 विकेट से गाबा टेस्‍ट जीतकर इतिहास रच दिया है।
  • भारत ने ऑस्ट्रेलिया की गाबा में 32 वर्षों से चली आ रही अजेय स्थिति भी खत्म कर दी।
  • ऑस्ट्रेलिया ने गाबा में आखिरी टेस्ट मैच 1988 में वेस्टइंडीज के खिलाफ गंवाया था। इसके बाद से उसे इस मैदान पर कभी हार नहीं मिली थी।

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