Daily Current Affairs 19 September 2020

रिपोर्ट/इंडेक्स

ग्लोबल स्मार्ट सिटी इंडेक्स:2020

चर्चा में क्यों?

  • इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट डेवलपमेंट (IND) ने सिंगापुर यूनिवर्सिटी फॉर टेक्नोलॉजी एंड डिजाइन (SUTD) के सहयोग से वर्ष 2020 के लिए  ग्लोबल स्मार्ट सिटी इंडेक्स: 2020 (Global Smart City Index) जारी किया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • ग्लोबल स्मार्ट सिटी इंडेक्स के दूसरे संस्करण में सिंगापुर शीर्ष पर है, जबकि दूसरे स्थान पर ‘हेलसिंकी’ और तीसरे स्थान पर ‘ज्यूरिख’ है।
  • भारत के चार शहर इस सूचकांक में शामिल हैं।
  • ग्लोबल स्मार्ट सिटी इंडेक्स 2020 की लिस्ट में हैदराबाद को 85 वां स्थान और दिल्ली को 86 वां स्थान मिला है। वहीं मुंबई को 93 वां और बेंगलुरु को 95 वां स्थान दिया गया है।
  • वर्ष 2019 में हैदराबाद को 67, दिल्ली को 68, मुंबई को 78 और बेंगलुरु को 79 वां स्थान मिला था।

भारतीय शहरों की रैंकिंग में गिरावट के क्या रहे कारण?

  • रिपोर्ट के अनुसार भारतीय शहरों- नई दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु की रैंकिंग में उल्लेखनीय गिरावट का प्रमुख कारण तकनीकी विकास  का न होना और कोरोना महामारी का ज्यादा प्रभाव हो सकता है।
  • भारतीय शहर कोरोनावायरस (Coronavirus) से ज्यादा प्रभावित हुए हैं, क्योंकि वे इसके लिए तैयार नहीं थे। इसी के साथ इन शहरों में एक समस्या वायु प्रदूषण की भी रही है।

रैंकिंग की प्रक्रिया :

  • स्मार्ट सिटी रैंकिंग में देखा जाता है कि आधुनिक सुविधाओं के विकास के लिए प्रौद्योगिकी का कितना इस्तेमाल किया तथा इसके माध्यम से उसने शहरीकरण की कमियों को दूर करने में किस स्तर की कोशिश की।
  • रैंकिंग में विश्वभर  के 109 शहर शामिल रहे। हर शहर के 120 लोगों से राय ली गई।

शीर्ष 10 शहर

1- सिंगापुर

2- हेलसिंकी (फिनलैंड)

3- ज्यूरिख (स्विटजरलैंड)

4- ऑकलैंड (न्यूजीलैंड)

5- ओस्लो (नार्वे)

6- कोपेनहेगन (डेनमार्क)

7- जेनेवा (स्विटजरलैंड)

8- ताइपे (ताइवान)

9- एम्सटर्डम (नीदरलैंड)

10- न्यूयार्क (यूएसए)

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पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी

भारत के आठ सागर तटों को प्रतिष्ठित “ब्लू फ्लैग अंतरराष्ट्रीय ईको लेबल” दिए जाने की सिफारिश

चर्चा में क्यों?

  • अंतर्राष्ट्रीय सागर तट स्वच्छता दिवस 19 सितंबर की पूर्व संध्या पर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु मंत्री ने एक आभासी कार्यक्रम में घोषणा की कि पहली बार भारत के आठ सागर तटों की प्रतिष्ठित “अंतरराष्ट्रीय ईको लेबल ब्लू फ्लैग प्रमाणपत्र” के लिए सिफारिश की गई है ।

महत्पूर्ण बिंदु

  • ब्लू फ्लैग प्रमाणपत्र प्राप्त करने वाले आठ सागर तट हैं -गुजरात का शिवराजपुर तट, दमण एवं दीव का घोघला तट, कर्नाटक का कासरगोड बीच और पदुबिरदी बीच, केरल का कप्पड बीच, आंध्र प्रदेश का रुषिकोंडा बीच, ओडिशा का गोल्डन बीच और अंडमान निकोबार का राधानगर बीच।
  • “ब्लू फ्लैग सागर तट” (Blue Flag Beaches ) विश्व के सबसे स्वच्छ सागर तट माने जाते हैं।
  • ब्लू फ्लैग प्रमाण-पत्र अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक गैर सरकारी संगठन फाउंडेशन फॉर इनवॉयरमेंटल एजूकेशन (Foundation for Environmental Education-FEE) द्वारा प्रदान किया जाता है।
  • FEE से मिलने वाले प्रमाण-पत्र की वैधता 1 वर्ष की होती है।
  • ब्लू फ्लैग प्रमाण-पत्र को प्राप्त करने के लिये पानी की गुणवत्ता, अपशिष्ट प्रबंधन सुविधा, विकलांगों हेतु अनुकूलता, प्राथमिक चिकित्सा और मुख्य क्षेत्रों में पालतू जानवरों की न पहुँच, जैसे 33 मानकों को पूरा करना होता है।
  • इस कार्यक्रम में भारत के अपने ईको लेबल “बीम्स” का भी शुभारंभ किया और इसके लिए इन आठों सागर तटों पर एक साथ – #IAMSAVINGMYBEACH नाम का ई ध्वज लहराया गया।

क्या है बीम्स?

  • पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने तटवर्ती इलाकों के सतत विकास के उद्देश्य से तैयार अपनी नीतियों को आगे बढ़ाने. के लक्ष्य को लेकर अपने समन्वित तटीय प्रबंधन परियोजना (Integrated Coastal Zone Management, ICZM) के अंतर्गत एक उच्च गुणवत्ता वाला कार्यक्रम “बीम्स” (BEAMS : Beach Environment & Aesthetics Management Services) शुरू किया है।
  • इसे भारत सरकार तटवर्ती इलाकों के सतत विकास के लिए लागू कर रही है ताकि वैश्विक रूप से मान्य प्रतिष्ठित ईको लेबल ब्लू फ्लैग को हासिल किया जा सके।
  •  बीम्स कार्यक्रम का उद्देश्य तटवर्ती क्षेत्र के जल को प्रदूषित होने से बचाना, तटों पर समस्त सुविधाओं का सतत विकास, तटीय ईको व्यवस्था और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और संरक्षण करने के साथ साथ स्थानीय प्रशासन और अन्य भागीदारों को बीच की स्वच्छता और वहां आने वालों के स्वास्थ्य और सुरक्षा का तटीय पर्यावरण और नियमों के अनुसार पालन सुनिश्चित करने को प्रेरित करना है।
  •  इस कार्यक्रम का लक्ष्य प्रकृति के साथ पूर्ण तादात्म्य बनाकर तटीय मनोरंजन का विकास करना है।

क्या है आईसीजेडएम?

  • आईसीजेडएम की परिकल्पना 1992 में रियो दि जनेरियो में हुए पृथ्वी सम्मेलन के दौरान पेश की गई थी अब विश्व के लगभग सभी तटवर्ती देश अपने तटों के प्रबंधन का काम आईसीजेडएम के सिद्धांतों के अनुसार करते हैं।
  • अतः अपने तटीय क्षेत्र के प्रबंधन और सतत विकास के लिए आईसीजेडएम के सिद्धांतों के पालन से भारत को इस अंतर्राष्ट्रीय समझौते के प्रति व्यक्त प्रतिबद्धता को पूरा करने में मदद मिलती है।

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चर्चित व्यक्तित्व

उदित सिंघल

चर्चा में क्यों?

  • भारत के 18 वर्षीय उदित सिंघल को संयुक्त राष्ट्र ने सतत विकास लक्ष्य (SDG) 2020 के युवा प्रणेताओं ( Young Leaders for the SDGs) की सूची में शामिल किया है।
  • इस सूची में उदित सिंघल सहित विश्वभर के 17 युवा शामिल हैं।
  • संयुक्त राष्ट्र महासचिव की युवा मामलों की दूत के कार्यालय के अनुसार ये 17 युवा चैम्पियन एक समूह के रूप में टिकाऊ विकास लक्ष्यों को वास्तविक रूप देने के प्रयासों में मदद करने के लिये युवाओं को जोड़ेंगे।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • उदित “ग्लास 2 सैंड” (Glass To Send) के संस्थापक हैं, जो एक कचरा रहित पारिस्थितिकी तंत्र है और इसमें दिल्ली में कांच के बढ़ते कचरे से निपटने की दिशा में काम किया जा रहा है।
  • इस पहल के तहत कांच की बोतलों को कचरा घरों में फेंकने से रोका जाता है और इन्हें व्यवसायिक रूप से मूल्यवान रेत में तब्दील किया जाता है।
  • वह 65 लोगों की मदद से अब तक आठ हजार बोतलों को करीब 5 टन रेत में तब्दील कर चुके हैं।
  • युवा मामलों पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश की विशेष दूत जयथमा विक्रमानायके का कहना है कि दुनिया के सामने इस अभूतपूर्व दौर में, 2020 के युवा चैम्पियन इस मुहिम का एक चमकता उदाहरण हैं कि युवजन किस तरह से सभी के लिये एक टिकाऊ और समावेशी भविष्य बनाने का रास्ता दिखा रहे हैं।

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नियुक्ति

अनिल धस्माना

  • रिसर्च ऐंड एनालिसिस विंग (R&AW) के पूर्व अध्यक्ष अनिल धस्माना  को केंद्र सरकार ने नैशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (NTRO- National Technical Research Organisation) का नया अध्यक्ष बनाया है।
  • अनिल धस्माना 1981 बैच के आईपीएस अफसर हैं।
  • धस्माना पूर्व इंटेलिजेंस ब्यूरो ऑफिसर सतीश झा की जगह लेंगे जो गुरुवार को ऑफिस से पदमुक्त हुए हैं।
  • एनटीआरओ एक टेक्निकल ऑर्गनाइजेशन है, जो कि भारत सरकार के अधीन काम करती है।
  • राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन (NTRO) भारत की एक तकनीकी खुफिया एजेंसी है , *
  • यह एजेंसी विमानन और रिमोट सेंसिंग, डेटा एकत्रण और प्रसंस्करण (data gathering and processing), साइबर सुरक्षा, क्रिप्टोलॉजी सिस्टम, रणनीतिक हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर विकास और रणनीतिक निगरानी में भारत की प्रौद्योगिकी क्षमताओं का विकास करती है।
  • इसे 2004 में स्थापित किया गया था।

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चर्चित पुस्तक

‘ए प्रॉमिस्ड लैंड’

चर्चा में क्यों?

  • अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के संस्मरण का पहला खंड 17 नवम्बर को सामने आयेगा।
  •  इसे ‘ए प्रॉमिस्ड लैंड’ (A Promised Land) नाम दिया गया है और इसमें व्हाइट हाउस में उनके ऐतिहासिक उदय और कार्यालय में उनके पहले कार्यकाल के बारे में जानकारी होगी।

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दिन/दिवस

विश्व बांस दिवस

चर्चा में क्यों?

  • 18 सितंबर, 2020 को विश्व बांस दिवस (World Bamboo Day) के अवसर पर पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ने बेंत एवं बांस प्रौद्योगिकी केंद्र (CBTC) तथा भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा आयोजित बांस वेबिनार को संबोधित किया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • विश्व बांस दिवस-2020 (WBD-2020) की थीम ‘BAMBOO Now’ है।
  • वर्ष 2009 में बैंकाक (थाईलैंड) में आयोजित 8वीं विश्व बांस कॉन्ग्रेस (World Bamboo Congress) में विश्व बांस संगठन (World Bamboo Organization) ने आधिकारिक रूप से 18 सितंबर को विश्व बांस दिवस (WBD) मनाए जाने की  घोषणा की।
  • विश्व बांस संगठन (WBO) का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों एवं पर्यावरण की रक्षा के लिये  दुनिया में नए उद्योगों के लिये बांस की खेती को बढ़ावा देना और सामुदायिक आर्थिक विकास के लिये स्थानीय रूप से पारंपरिक उपयोगों को बढ़ावा देना है।
  • इसकी की स्थापना वर्ष 2005 में हुई थी।
  • इसका मुख्यालय एंटवर्प (बेल्जियम) में है।

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