Follow Us On

Daily Current Affairs 19 June 2021

निधन

भारत के महान धावक मिल्खा सिंह का निधन

महत्वपूर्ण बिंदु

  • पूर्व भारतीय लीजेंड स्प्रिंटर मिल्खा सिंह का 18 जून 2021। वे 91 साल के थे।
  • मिल्खा सिंह का चंडीगढ़ के PGIMER में 15 दिनों से इलाज चल रहा था। कोरोना से ही कुछ दिन पूर्व उनकी पत्नी और भारत की पूर्व महिला बॉलीबॉल कप्तान निर्मल कौर का भी निधन हो गया था।

पाकिस्तान में हुआ था जन्म

  • मिल्खा सिंह का जन्म 20 नवम्बर 1929 को ब्रिटिश भारत के गोविंदपुर जिला मुजफ्फरगढ़ (अब पाकिस्तान में है) हुआ था।
  • ‘फ्लाइंग सिख’ उपनाम से प्रसिद्ध मिल्खा सिंह ने रोम के 1960 ग्रीष्म ओलंपिक और टोक्यो के 1964 ग्रीष्म ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व किया था।
  • इसके साथ ही उन्होंने 1958 और 1962 के एशियाई खेलो में भी स्वर्ण पदक जीता था।
  • मिल्खा सिंह कॉमनवेल्थ गेम्स में ट्रैंक ऐंड फील्ड में गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने। उनका यह रेकॉर्ड 52 साल तक कायम रहा।

ऐसे मिला उपनाम “फ्लाइंग सिख”

  • 1960 में ही उन्हें पाकिस्तान के इंटरनैशनल ऐथलीट कंपीटीशन में न्योता मिला। पाकिस्तान में उस समय अब्दुल खालिक सर्वश्रेष्ठ धावक थे।
  • इस प्रतियोगिता में मिल्खा सिंह ने जीत हासिल की। मिल्खा की जीत के बाद पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति फील्ड मार्शल अयूब खान ने ‘फ्लाइंग सिख’ का नाम दिया।
  • मिल्खा सिह के नाम के साथ 1960 के रोम ओलम्पिक की वह ऐतिहासिक रेस जुड़ी हुई है जिसने उन्हें एक मिथक में तब्दील कर दिया।
  • वे फाइनल में पहुंचे और आधी रेस तक सबसे आगे रहने के बावजूद सेकेण्ड के सौवें हिस्से से मैडल पाने से रह गए।
  • मिल्खा सिंह को वर्ष 1959 में पद्मश्री (भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक) से सम्मानित किया गया था।
  • मिल्खा सिंह की आत्मकथा ‘द रेस ऑफ माई लाइफ’ वर्ष 2013 में प्रकाशित हुई थी।

“भाग मिल्खा भाग” नाम से बनी है फिल्म

  • मिल्खा सिंह के जीवन पर साल 2013 में बॉलीवुड हिंदी फिल्म- भाग मिल्खा भाग बनी थी। इसका निर्देशन राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने किया, जबकि लेखन प्रसून जोशी का था। मिल्खा सिंह की भूमिका में फरहान अख्तर नजर आए थे। अप्रैल 2014 में 61वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में इस फ़िल्म को सर्वश्रेष्ठ मनोरंजक फिल्म का पुरस्कार मिला।

…………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………

रक्षा/प्रतिरक्षा

EUNAVFOR अभ्यास

चर्चा में क्यों?

  • समुद्री डकैती रोधी अभियानों के लिए तैनात भारतीय नौसेना का जहाज INS त्रिकंद अडन की खाड़ी में भारतीय नौसेना और यूरोपीय संघ नौसैनिक बल के बीच संयुक्त नौसैनिक अभ्यास के लिए पहली बार भाग ले रहा है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • 18 और 19 जून 2021 को होने वाले इस अभ्यास में चार नौसेनाओं के कुल पांच युद्धपोत हिस्सा ले रहे हैं।
  • अन्य युद्धपोतों में इतालवी नौसेना जहाज आईटीएस कैराबिनेरे, स्पेनिश नौसेना जहाज ईएसपीएस नेवोर्रा, और दो फ्रांसीसी नौसेना जहाज एफएस टोन्नेर्रे और एफएस सोरकुर्फ शामिल हैं।
  • दो दिवसीय अभ्यास में समुद्र में उच्च स्तरीय नौसैनिक अभियान आयोजित होंगे, जिसमें उन्नत वायु रक्षा और पनडुब्बी रोधी अभ्यास, क्रॉस डेक हेलीकॉप्टर ऑपेरशन, सामरिक युद्धाभ्यास, बोर्डिंग ऑपरेशन, अंडरवे रिप्लेनिश्मेन्ट, खोजबीन एवं बचाव, मैन ओवरबोर्ड ड्रिल्स तथा अन्य समुद्री सुरक्षा अभियान शामिल हैं।
  • चार नौसेनाओं के जहाज समुद्री क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए एक एकीकृत बल के रूप में अपने युद्धकौशल और उनकी क्षमता को बढ़ाने और निखारने का प्रयास करेंगे।
  • यूरोपीय संघ नौसैनिक बल और भारतीय नौसेना विश्व खाद्य कार्यक्रम चार्टर (यूएन डब्ल्यूएफपी) के तहत तैनात समुद्री डकैती अभियानों और जहाजों की सुरक्षा सहित अनेक मुद्दों पर साथ काम करते हैं।
  • भारतीय नौसेना और यूरोपीय संघ नौसैनिक बल बहरीन में सालाना आयोजित एसएचएडीई (शेयर्ड अवेयरनेस एंड डी-कोन्फ्लिक्शन) बैठकों के माध्यम से नियमित बातचीत भी करते हैं ।

……………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………

रिपोर्ट/ सूचकांक

वैश्विक शांति सूचकांक (GPI)

चर्चा में क्यों ?

  • हाल ही में इंसीट्यूट फॉर इकोनोमिक्स एंड पीस (Institute for Economics and Peace (IEP) सिडनी ने वैश्विक शांति सूचकांक (Global Peace Index (GPI) के 15वें संस्करण को जारी किया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इस वर्ष सूचकांक की थीम है “एक जटिल विश्व में शांति का मापन’ (Masuring Peace in a Complex World)।
  • वर्ष 2021 के इस सूचकांक में विश्व के 163 स्वतंत्र देशों/क्षेत्रों को उनको शांति के स्तर के अनुसार रैंकिंग प्रदान की गई है।
  • इस वर्ष के सूचकांक के परिणाम दर्शाते हैं कि विगत एक वर्ष के दौरान विश्व में शांति के स्तर में 0.07 प्रतिशत की दर से सुधार हुआ है।
  • इस दौरान 87 देशों के शांति के स्तर में बढ़ोतरी जबकि 73 देशों के शांति के स्तर में गिरावट दर्ज की गई।
  • इस सूचकांक के अनुसार‚ यूरोप विश्व का सर्वाधिक शांतिपूर्ण क्षेत्र है।
  • जबकि मध्य-पूर्व एवं उत्तरी अफ्रीका (Middle East & North Africa) विश्व का सर्वाधिक अशांत क्षेत्र है।
  • वैश्विक शांति सूचकांक‚ 2021 के अनुसार‚ आइसलैंड (स्कोर-1.1) विश्व का सर्वाधिक शांतिमय देश है।
  • इसके पश्चात शीर्ष शून्य शांतिमय देशों में न्यूजीलैंड दूसरे‚ डेनमार्क तीसरे‚ पुर्तगाल चौथे तथा स्लोवेनिया पांचवें स्थान पर रहे।
  • इस सूचकांक में भारत को 135 वां (स्कोर-2.553) स्थान प्राप्त हुआ है।जबकि 2020 में भारत 137 वें स्थान पर था।
  • अफगानिस्तान (163वां‚ स्थान) विश्व का सर्वाधिक अशांत देश है।
  • इसके पश्चात यमन को 162वां‚ सीरिया को 161 वां‚ दक्षिण सूडान को 160 वां तथा इराक को 159 वां स्थान प्राप्त हुआ।
  • भारत के पड़ोसी देशों में भूटान को 22 वां‚ नेपाल को 85वां‚ बांग्लादेश को 91वां‚ श्रीलंका 95 वां तथा पाकिस्तान को 150 वां स्थान प्राप्त हुआ है।

क्या है ग्लोबल पीस इंडेक्स?

  • ग्लोबल पीस इंडेक्स (Global Peace Index-GPI) की शुरुआत एक ऑस्ट्रेलियाई प्रौद्योगिकी उद्यमी और समाज-सेवक स्टीव किल्लेली (Steve Killelea) ने की थी।
  • यह सूचकांक ऑस्ट्रेलियाई थिंक टैंक इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (Australian think tank Institute for Economics & Peace) द्वारा जारी किया जाता है।
  • इसमें निम्नलिखित तीन प्रमुख शर्तों के अनुसार देशों की रैंकिंग की जाती है:
  • सामाजिक सुरक्षा और सुरक्षा का स्तर
  • देशों में होने वाले आंतरिक एवं बाह्य संघर्ष के आधार पर
  • सैन्यीकरण की सीमा के आधार पर
  • संभावित जलवायु परिवर्तन को भी इसके अंतर्गत एक नए मानक के रूप में शामिल किया गया है।

……………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………

विश्व प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक (WCI)

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में विश्व प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक (World Competitiveness Index) जारी किया गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • भारत ने इंस्टीट्यूट फॉर मैनेजमेंट डेवलपमेंट (IMD) के सालाना वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक में 43वें स्थान को बरकरार रखा है।
  • इस बार के सूचकांक में कोविड-19 महामारी का दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़े प्रभाव का आकलन किया गया है।
  • कुल 64 देशों की सूची में स्विट्जरलैंड पहले स्थान पर, स्वीडन दूसरे स्थान पर (पिछले साल छठे से), डेनमार्क एक स्थान खोकर तीसरे स्थान पर जबकि नीदरलैंड चौथे स्थान पर बरकरार रहा है।
  • वहीं सूची में सिंगापुर पांचवें स्थान पर खिसक गया है जबकि 2020 में पहले स्थान पर था।
  • ताइवान सूची में आठवे स्थान पर पहुंच गया और 33 साल से तैयार किये जा रहे सूचकांक में पहली बार शीर्ष 10 में स्थान बनाने में कामयाब रहा है।
  • पिछले साल वह 11वें स्थान पर था। संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका पिछले साल की तरह नौवें और 10वें स्थान पर बरकरार हैं।
  • शीर्ष प्रदर्शन करने वाली एशियाई अर्थव्यवस्थाओं में सिंगापुर (पाचवें), हांगकांग (सातवें), ताइवान (आठवें) और चीन (16वें) पर हैं।

क्या है विश्व प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक (WCI)?

  • आईएमडी विश्व प्रतिस्पर्धात्मकता रैंकिंग में 64 अर्थव्यवस्थाओं को शामिल किया जाता है। इसमें यह आकलन किया जाता है कि कोई देश अपने लोगों की सुख समृद्धि को बढ़ाने में कहां तक आगे बढ़ा है।
  • इसके लिये तथ्यात्मक और गैर-विवादित आंकड़ों और कार्यकारियों की सर्वेक्षण प्रतिक्रियाओं के माध्यम से आर्थिक कल्याण का आकलन किया जाता है। इस साल की रैंकिंग में दुनिया भर में महामारी के आर्थिक प्रभाव पर भी गौर किया गया।
  • ब्रिक्स देशों में भारत, चीन (16वें) से पीछे और रूस (45वें), ब्राजील (57वें) और दक्षिण अफ्रीका (62वें) से आगे रहा है।

……………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

चीन का “शेनझाउ-12” मिशन

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में चीन का अंतरिक्षयान “शेनझाउ-12” (Shenzhou-12) तीन अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर अंतरिक्ष में गया है जहां उसे चीन के निर्माणाधीन अंतरिक्ष स्टेशन मॉड्यूल तियानहे -1 (Tianhe -1) के साथ जोड़ा गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • शेनझाउ-12 यान को गोबी रेगिस्तान में जिउक्वान लॉन्च सेंटर से 17 जून 2021 को प्रक्षेपित किया गया था।
  • यह यान तीन माह तियानहे मॉड्यूल पर बिताएगा, जो पृथ्वी से लगभग 340 किमी से 380 किमी. ऊपर परिक्रमा कर रहा है।
  • पूर्व सोवियत संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद चीन तीसरा देश है जिसने अपने दम पर एक मानव मिशन को अंजाम दिया।
  • यह मिशन चीन के अंतरिक्ष स्टेशन के निर्माण के लिए पहला मानवयुक्त मिशन है हालांकि अन्य उद्देश्यों के लिए चीन अपने अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजता रहा है।
  • उल्लेखनीय है कि चीन अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) में भागीदार नहीं है, और अब अपना स्पेस स्टेशन “तियानहे” बना रहा है।
  • ISS पाँच भागीदार अंतरिक्ष एजेंसियों की एक संयुक्त परियोजना है: नासा (संयुक्त राज्य अमेरिका), रोस्कोस्मोस (रूस), जेएक्सए (जापान), ईएसए (यूरोप) और सीएसए (कनाडा)।
  • हालाँकि चीन रूस और कई अन्य देशों के साथ सहयोग बढ़ा रहा है और इसका स्टेशन ISS की अवधि से आगे भी काम करना जारी रख सकता है, ISS अपने कार्यात्मक जीवन के अंत की ओर है।
  • अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन 2024 में काम करना बंद कर देगा. ऐसे में उस वक्त चीन का तियानहे ही शायद इकलौता स्पेस सेंटर पृथ्वी की कक्षा में रह जाएगा।

Related Posts

Leave a Reply