Daily Current Affairs 17 November 2020

राष्ट्रीय परिदृश्य
बिहार में नई सरकार का गठन
चर्चा में क्यों?
बिहार में एक बार फिर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की नई सरकार का गठन हुआ है।
महत्वपूर्ण बिंदु
16 नवंबर 2020 को बिहार के राज्यपाल फागू चौहान ने राजभवन में नीतीश कुमार को नए मुख्यमंत्री को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
जनता दल (यूनाईटेड) के नेता नीतीश कुमार सातवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बने हैं।
नीतीश कुमार के साथ बीजेपी के सात मंत्रियों, जद (यू) से पांच मंत्रियों और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा(HAM) पार्टी तथा वीआईपी पार्टी से एक-एक मंत्रियों ने शपथ ली।
बीजेपी विधानमंडल दल के नेता एवं कटिहार से विधायक तारकिशोर प्रसाद और उपनेता बेतिया से विधायक रेणु देवी ने भी शपथ ली। तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी उपमुख्यमंत्री बनाए गए हैं।
बिहार का नवगठित मंत्रीमंडल
नीतीश कुमार- मुख्यमंत्री
ताराकिशोर प्रसाद- (उपमुख्यमंत्री) वित्त, वाणिज्य और पर्यावरण मंत्रालय, इसके अलावा उन्हें वे सभी विभाग भी मिले हैं जिनका कार्यभार पहले सुशील कुमार मोदी के पास था।
रेणु देवी (उपमुख्यमंत्री)- महिला कल्याण मंत्रालय
मंगल पांडेय- स्वास्थ्य और पथ निर्माण मंत्रालय 
मेवालाल चौधरी-  शिक्षा मंत्रालय
अशोक चौधरी- भवन निर्माण, साइंस एंड टेक्नोलॉजी और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय
विजय चौधरी- ग्रामीण विकास और ग्रामीण कार्य विभाग
संतोष सुमन- लघु जल संसाधन मंत्रालय
शीला कुमारी- परिवहन मंत्रालय
विजेंद्र यादव- ऊर्जा, निबंधन व उत्पाद मंत्रालय
मुकेश सहनी- मत्स्य पालन और पशुपालन मंत्रालय
जीवेश कुमार- पर्यटन, श्रम संसाधन, खनन मंत्रालय
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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
रेजिलिएंस यान की उड़ान
चर्चा में क्यों?
अमेरिका के फ्लोरिडा स्‍पेस सेंटर से निजी कंपनी का स्पेसएक्स का फॉल्कन 9 राकेट 15 नवंबर 2020 को चार एस्‍ट्रोनॉट को लेकर इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) के लिए रवाना हुआ।
अपनी 27 घंटे की यात्रा पूरी करके फॉल्‍कन नामक यह रॉकेट 17 नवंबर 2020 को सुबह लगभग 9:30 पर आईएसएस पर पहुंचा।
यह रॉकेट अमेरिकी अरबपति एलन मस्क ( Elon Musk) की कंपनी स्पेसएक्स का है।
इससे पहले नासा रूस के सोयुज रॉकेट पर निर्भर था। रूस पिछले लगभग एक दशक से नासा को यह सुविधा दे रहा था।
इस लॉन्‍च को क्रू-1 मिशन ( Crew-1 mission) नाम दिया गया है।
स्‍पेसएक्‍स के इस क्रू ड्रैगन कैप्‍स्‍यूल को रेजिलिएंस ( Resilience) नाम दिया गया है। इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री हैं।
इनमें से तीन अमेरिका के हैं और एक जापान का।
नासा ने मई में प्रयोग के तौर पर दो अंतरिक्ष यात्रियों रॉबर्ट बेकन और डगलस हर्ले को अंतरिक्ष में भेजा था। इसका प्रक्षेपण एंडेवर नाम के एक कैप्सूल में किया गया था। स्‍पेसएक्‍स का यह रॉकेट अगस्‍त में दो अं‍तरिक्षयात्रियों को लेकर पृथ्‍वी पर वापस लौटा था।
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चर्चित स्थान
‘स्टैच्यू ऑफ पीस’
चर्चा में क्यों?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 नवंबर 2020 को राजस्थान के पाली में जैन आचार्य विजय वल्लभ सूरीश्वर महाराज की प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ पीस’ का वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से अनावरण किया।
महत्वपूर्ण बिंदु
पाली जिले के जैतपुरा में स्थापित आचार्य विजय वल्लभ की 151 इंच की अष्टधातु से बनी मूर्ति जमीन से 27 फीट ऊंची है।
जैन संत श्री विजय वल्लभ सूरिश्वर जी महाराज (1870-1954) ने भगवान महावीर के संदेश का जीवन भर प्रसार किया। उन्होंने लोगों के कल्याण, शिक्षा के प्रसार, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के लिए भी अथक परिश्रम किया।
उन्होंने प्रेरणादायक साहित्य (कविता, निबंध, भक्ति भजन और स्तवन) लिखे तथा स्वतंत्रता आंदोलन और स्वदेशी अभियान में सक्रिय सहयोग दिया।
उनकी प्ररेणा से कई राज्यों में कॉलेजों, स्कूलों और अध्ययन केंद्रों सहित 50 से अधिक शिक्षण संस्थान संचालित हैं।
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स्वास्थ्य एवं पोषण
सर्वाइकल कैंसर के विरुद्ध अभियान
चर्चा में क्यों?
सर्वाइकल कैंसर के विरुद्ध दिल्ली एम्स राष्ट्रीय स्तर पर अभियान शुरू कर रहा है।
महत्वपूर्ण बिंदु
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार 15 वर्ष तक सभी बच्चियों को एचपीवी टीका (Human Papillomavirus (HPV) Vaccines) लगाया जाएगा।
इस अभियान के तहत 30 साल तक की महिलाओं की जाएगी स्क्रीनिंग होगी। 
उल्लेखनीय है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 2030 तक सर्वाइकल कैंसर को समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए हाल ही में “Global Strategy to Accelerate the Elimination of Cervical Cancer” को लॉन्च किया गया है।
विश्व भर में महिलाओं की मौत का चौथा बड़ा कारण सर्वाइकल (गर्भाशय के मुंह) कैंसर हैं। हर साल देश में करीब 96 हजार मामले सामने आते हैं और करीब 60 हजार महिलाओं की इस बीमारी से मौत होती है। 
क्या है सर्वाइकल कैंसर ?
गर्भाशय ग्रीवा (जिसको अंग्रेजी में सर्विक्स कहते हैं) का कैंसर भारत तथा विकासशील देशों मेँ महिलाओं को होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है तथा यह विश्व के निम्न तथा मध्यम आय वाले देशों मेँ कैंसर की घटनाओं के लिए मुख्य रूप से उत्तरदायी है।
सर्विक्स गर्भाशय बेलनाकार मुख होता है जो गर्भाशय के निचले भाग को योनि से जोड़ता है। जब कैंसर सर्विक्स की कोशिकाओं को प्रभावित करता है तो इसे सर्वाइकल कैंसर कहते हैं।
र्विक्स का कैंसर है या नही इसका पता लगाने के लिए एक जांच प्रक्रिया है जिसे पैप स्मीयर (Pap Smear) टेस्ट कहा जाता है जिसमें योनि के भीतर स्पेकुलम नाम का उपकरण डाल कर कुछ कोशिकाएँ परीक्षण के लिए ली जाती हैं।
गर्भाशय ग्रीवा कैंसर से बचाव के लिए अब एक अत्यंत प्रभावशाली टीका भी उपलब्ध हो गया है। जैसा कि हम जानते हैं इस कैंसर के लगभग शत-प्रतिशत मामलों में एक विशेष वायरस एचपीवी का संक्रमण जिम्मेदार होता है।
एचपीवी टीका क्या है?
एचपीवी वायरसों का एक समूह है। यह यौन संपर्क के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे तक पहुंचता है। इस वायरस का संक्रमण करीब 8 फीसदी महिलाओं को कभी न कभी होता है।
इसका टीका लगाकर एचपीवी संक्रमण से बचाव कर सर्विक्स के कैंसर से भी बचा जा सकता है। एचपीवी टीका दो प्रकार का होता है। एक बायवेलेंट और दूसरा क्वाड्रिवेलेंट। बायवेलेंट टीका 10 से 15 वर्ष के आयु वर्ग एवं ट्रॉयवेलेंट टीका 9 से 26 वर्ष के आयु वर्ग की महिलाओं के लिए उपयुक्त पाया गया है। टीकाकरण के लिए सबसे उचित आयु 12 से 16 वर्ष होती है। बायवेलेंट टीके की 3 खुराकें (0, 1 व 6 माह पर) व क्वाड्रिवेलेंट टीके की 3 खुराकें (0, 2 व 6 माह पर) मांसपेशी में इंजेक्शन द्वारा दी जाती है।
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आर्थिक एवं वाणिज्यिक परिदृश्य
दुनिया की सबसे बड़ी व्यापार संधि’ पर हस्ताक्षर
चर्चा में क्यों?
चीन समेत एशिया-प्रशांत महासागर क्षेत्र के 15 देशों ने 15 नवंबर 2020 को ‘दुनिया की सबसे बड़ी व्यापार संधि’ पर वियतनाम के हनोई में हस्ताक्षर किये हैं।
महत्वपूर्ण बिंदु
जो देश इस व्यापारिक संधि में शामिल हुए हैं, वो वैश्विक अर्थव्यवस्था में क़रीब एक-तिहाई के हिस्सेदार हैं।
‘द रीजनल कॉम्प्रीहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप’ (Regional Comprehensive Economic Partnership)यानी आरसीईपी में दस दक्षिण-पूर्व एशिया के देश हैं।
इनके अलावा दक्षिण कोरिया, चीन, जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड भी इसमें शामिल हुए हैं।
इस व्यापारिक-संधि में भारत और अमेरिका शामिल नहीं हैं और चीन इसका नेतृत्व कर रहा है, इस लिहाज़ से अधिकांश आर्थिक विश्लेषक इसे ‘क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव’ के तौर पर देख रहे हैं।
पहले, ट्रांस-पैसिफ़िक पार्टनरशिप (टीपीपी) नाम की एक व्यापारिक संधि में अमेरिका भी शामिल था, लेकिन 2017 में, राष्ट्रपति बनने के कुछ समय बाद ही, डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका को इस संधि से बाहर ले गये थे।
आरसीईपी को लेकर भी बीते आठ वर्षों से सौदेबाज़ी चल रही थी, जिस पर अंतत: रविवार को हस्ताक्षर हुए।
इस संधि में शामिल हुए देशों को यह विश्वास है कि कोरोना वायरस महामारी की वजह से बने महामंदी जैसे हालात को सुधारने में इससे मदद मिलेगी।
वियतनाम के प्रधानमंत्री न्यून-शुअन-फ़ूक ने इसे ‘भविष्य की नींव’ बताया।
क्या प्रभाव होगा आरसीईपी का?
इस नई व्यापार संधि के मुताबिक़, आरसीईपी अगले बीस सालों के भीतर कई तरह के सामानों पर सीमा-शुल्क ख़त्म करेगा।
इसमें बौद्धिक संपदा, दूरसंचार, वित्तीय सेवाएं, ई-कॉमर्स और व्याव्सायिक सेवाएं शामिल होंगी।
हालांकि, किसी प्रोडक्ट की उत्पत्ति किस देश में हुई है जैसे नियम कुछ प्रभाव डाल सकते हैं लेकिन जो देश संधि का हिस्सा हैं, उनमें कई देशों के बीच मुक्त-व्यापार को लेकर पहले से ही समझौता मौजूद है।
भारत क्यों शामिल नहीं हुआ?
भारत आरसीईपी में शामिल नहीं
भारत इस संधि का हिस्सा नहीं है। सौदेबाज़ी के समय भारत भी आरसीईपी में शामिल था, लेकिन 2019 में ही भारत इससे अलग हो गया था।
तब भारत सरकार ने कहा था कि ‘इससे देश में सस्ते चीनी माल की बाढ़ आ जायेगी और भारत में छोटे स्तर पर निर्माण करने वाले व्यापारियों के लिए उस क़ीमत पर सामान दे पाना मुश्किल होगा, जिससे उनकी परेशानियाँ बढ़ेंगी।’
हालांकि आसियान देशों ने कहा कि ‘भारत के लिए दरवाज़े खुले रहेंगे, अगर भविष्य में भारत चाहे तो आरसीईपी में शामिल हो सकता है।’
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खेल परिदृश्य
लुइस हेमिल्टन ने की माइकल शूमाकर के रिकार्ड की बराबरी
चर्चा में क्यों?
हाल ही में मर्सिडीज के रेसर लुइस हैमिल्टन ने जर्मनी के लीजेंड ड्राइवर माइकल शूमाकर के सबसे ज्यादा 7 फॉर्मूला-वन वर्ल्ड चैम्पियनशिप जीतने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। उन्होंने यह उपलब्धि 15 नवंबर को तुर्की ग्रां प्री जीतकर हासिल की।
महत्वपूर्ण बिंदु
ब्रिटिश एफ वन ड्राइवर लुइस हैमिल्टन की यह 94वीं जीत है। वे अब तक हुई 14 में से 10 राउंड की रेस जीतकर वर्ल्ड चैम्पियनशिप जीत गए हैं।
हैमिल्टन ने 2008, 2014, 2015, 2017, 2018, 2019, 2020 में फॉर्मूला-वन वर्ल्ड चैम्पियनशिप अपने नाम किया। वहीं, शूमाकर ने 1994, 1995, 2000, 2001, 2002, 2003, 2004 में ये खिताब अपने नाम किया था। इस साल 17 राउंड की रेस होनी हैं।
हर साल अलग-अलग देशों में होने वाली हर एक ग्रां प्री रेस में टॉप-10 टीम को पॉइंट दिए जाते हैं। विजेता को सबसे ज्यादा और दूसरे नंबर को उससे कम, इसी तरह सभी को अंक मिलते हैं।
आखिर में सबसे ज्यादा पॉइंट वाला ड्राइवर वर्ल्ड चैम्पियन का खिताब जीतता है। पिछली बार भी सबसे ज्यादा 413 पॉइंट के साथ यह खिताब हैमिल्टन ने जीता था। उन्होंने 21 में से 11 रेस जीती थीं।
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निधन
सौमित्र चटर्जी
बंगाली सिनेमा जगत के जाने-माने अभिनेता सौमित्र चटर्जी का का 15 नवंबर को निधन हो गया। वह 85 साल के थे।सौमित्र चटर्जी का जन्म 19 जनवरी 1935 को पश्चिम बंगाल में नादिया ज़िले के कृष्णानगर में हुआ था।
उन्होंने जाने-माने निर्देशक सत्यजीत रे की फ़िल्म ‘अपूर संसार’ से अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने ‘जॉय बाबा फेलूनाथ’ में फेलूदा का किरदार निभाया।
कई बार अपने अभिनय के लिए नेशनल अवॉर्ड पा चुके सौमित्र चटर्जी को साल 2012 में दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से भी नवाज़ा गया था। साल 2004 में उन्हें भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उन्हें फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान लीज़न द’ऑनर से भी सम्मानित किया गया था।

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