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Daily Current Affairs: 16 August 2021

पुरस्कार / सम्मान

शौर्य चक्र

चर्चा में क्यों?

  • स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सेना के सेना के छह वीर जावानों को शौर्य चक्र से सम्‍मानित किया गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • शौर्य चक्र भारत का तीसरा सबसे बड़ा वीरता पदक है।
  • यह प्रतिष्ठित पुरस्कार पाने वालों में मेजर अरुण कुमार पांडे, मेजर रवि कुमार चौधरी, कैप्टन आशुतोष कुमार (मरणोपरांत), कैप्टन विकास खत्री, राइफलमैन मुकेश कुमार और सिपाही नीरज अहलावत शामिल हैं।
  • इसके अलावा स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर सेना के चार कर्मियों को ‘बार टू सेना’ पदक से सम्मानित किया गया, जबकि 116 अन्य को सेना पदक के लिए नामित किया गया।
  • राष्ट्रीय राइफल्स की 44वीं बटालियन के मेजर पांडे ने पिछले साल नौ और 10 जून को जम्मू-कश्मीर के एक गांव में आतंकवाद विरोधी अभियान का नेतृत्व किया और अभियान के दौरान ‘अद्वितीय साहस’ का प्रदर्शन किया।

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अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य

हैती में भूकंप

चर्चा में क्यों?

  • कैरिबियाई देश हैती में 14 अगस्त 2021 को आए भीषण भूकंप में एक हजार से भी अधिक लोगों की मृत्यु हो गई। जबकि हजारों लोगों के हताहत होने की आशंका जताई जा रही है।
  • रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 2 मापी गई है।
  • इस भूकंप का केंद्र राजधानी पोर्ट-ऑ-प्रिंस से लगभग 150 किमी पश्चिम में पेटिट ट्रौ डी निप्प्स शहर से 8 किमी दूर जमीन में 10 किमी अंदर था।

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राष्ट्रीय परिदृश्य

प्रधानमंत्री गतिशक्ति- नेशनल मास्टर प्लान

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2021 को देश में आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण और रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए जल्दी ही 100 लाख करोड़ रुपये की गतिशक्ति योजना शुरू किए जाने की घोषणा की।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • प्रधानमंत्री गतिशक्ति- नेशनल मास्टर प्लान (PM Gati Shakti National Master Plan) औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ एयरपोर्ट, नई सड़कों और रेल योजनाओं सहित यातयात की व्यवस्था को दुरूस्त करेगी और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करेगी।
  • पीएम मोदी ने राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन की औपचारिक घोषणा करते हुए आजादी के 100 साल पूरे होने से पहले यानी 2047 तक भारत को ऊर्जा के मामले में आत्मिनर्भर बनाने का भी ऐलान किया। प्रधानमंत्री ने 75वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत को आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ ढांचागत क्षेत्र के लिए एक समग्र रुख की जरूरत है।
  • उन्होंने कहा कि इस दिशा में जल्दी ही गतिशक्ति- राष्ट्रीय मास्टर प्लान योजना शुरू की जाएगी।
  • 100 लाख करोड़ रुपये से अधिक की गतिशक्ति-राष्ट्रीय मास्टर प्लान नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर लाएगी और बुनियादी के समग्र विकास में मददगार होगी। विकास को नई गति देने का संकेत देते हुए उन्होंने यह भी कहा कि अब हमें पूर्णता की तरफ जाना है।
  • प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें ऐसे विकास को हासिल करना है जहां सभी गांवों में सड़कें हों, सभी परिवारों के पास बैंक खाते हों, शत प्रतिशत लाभार्थियों के पास आयुष्मान भारत का कार्ड हो, सभी पात्र व्यक्तियों के पास उज्ज्वला योजना का गैस कनेक्शन हो।
  • उन्होंने कहा कि भारत गैस आधारित अर्थव्यवस्था, गन्ने से प्राप्त एथेनॉल को पेट्रोल में मिलाकर तथा बिजली से चलने वाली रेल, वाहनों के जरिये ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकता है।

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नेशनल हाइड्रोजन एनर्जी मिशन

चर्चा में क्यों?

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में नेशनल हाइड्रोजन मिशन (National Hydrogen Mission) की घोषणा की है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इस मिशन के माध्यम से भारत को ग्रीन हाइड्रोजन में भारत को ग्लोबल हब बनाने का टारगेट रखा गया है। बजट 2021 में भी राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन का जिक्र किया गया था।
  • हाइड्रोजन फ्यूल के इस्तेमाल से डीजल-पेट्रोल का इस्तेमाल घटेगा और इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता भी घटेगी। इसका एक बड़ा फायदा ये भी होगा कि प्रदूषण पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। हाइड्रोजन गैस को कंप्रेस्ड नेचुरल गैस में भी मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकेगा।

क्या है ग्रीन हाइड्रोजन?

  • नवीकरणीय ऊर्जा और इलेक्ट्रोलिसिस के इस्तेमाल से पानी को विभाजित कर हरित हाइड्रोजन को तैयार किया जाता है और यह मीथेन से उत्पन्न होने वाले ग्रे हाइड्रोजन से अलग है।
  • ग्रीन हाइड्रोजन को भविष्य के ईंधन के रूप में देखा जाता है। दरअसल कई कंपनियां, निवेशक, सरकारें और पर्यावरणवादी मानते हैं कि यह ऐसा ऊर्जा स्रोत है जो जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को ख़त्म करने में मददगार होगा और दुनिया को और गर्म होने से बचाएगा।

चुनौतियां क्या हैं?

  • बड़े पैमाने पर इसे अपनाने में कई रोड़े हैं। आलोचकों का तर्क है कि स्वच्छ ऊर्जा कहलाने के लिए ग्रीन हाइड्रोजन को अक्षय ऊर्जा स्रोतों से भारी पैमाने पर बिजली की ज़रूरत होगी।
  • पानी को हाइड्रोजन और ऑक्सीजन अणुओं में तोड़ने वाले इलेक्ट्रोलिसिस प्लांट को चलाने के लिए अक्षय ऊर्जा स्रोतों का बड़े पैमाने पर विस्तार करना होगा।
  • यह प्राकृतिक तौर पर नहीं मिलता इसलिए इसे अलग करने में ऊर्जा की ज़रूरत होती है। इसके भंडारण के लिए वायुमंडल के दबाव से 700 गुना ज़्यादा दबाव चाहिए। तरल रूप में रखने के लिए इसे- 253 डिग्री सेल्सियस तापमान पर ठंडा करना पड़ता है।
  • फिलहाल हाइड्रोजन उत्पादन का सबसे प्रचलित तरीक़ा प्राकृतिक गैस से हाइड्रोजन अलग करना है। प्राकृतिक गैस को भाप से प्रतिक्रिया कराने पर हाइड्रोजन, कार्बन मोनोऑक्साइड और कार्बन डाईऑक्साइड निकलते हैं।
  • मीथेन से हाइड्रोजन बनाने के इस परंपरागत तरीक़े में कार्बन डाईऑक्साइड का उत्सर्जन होता है इसलिए यह जलवायु के लिए अनुकूल नहीं है. इस तरह से बनाए गए हाइड्रोजन को “ग्रे हाइड्रोजन” कहा जाता है।

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