Daily Current Affairs 15 October 2020

योजना/परियोजना
आपरेशन ग्रीन-टॉप टू टोटल
चर्चा में क्यों?
केंद्र सरकार ने 13 अक्टूबर 2020 को किसान रेल के जरिए से अधिसूचित फलों एवं सब्जियों की ढुलाई पर 50 प्रतिशत सब्सिडी देने का आदेश जारी किया है।
महत्वपूर्ण बिंदु
यह सब्सिडी ‘आपरेशन ग्रीन-टॉप टू टोटल’ योजना के तहत दी जाएगी।
इस योजना के तहत किसान अब फल व सब्जियों को किसान रेल के जरिए सस्ती दर पर एक जगह से दूसरी जगह भेज सकेंगे।
केंद्र सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने पायलट आधार पर छह महीने के लिये आपरेशन ग्रीन योजना का विस्तार कर टमाटर, प्याज और आलू (टॉप) से लेकर सभी फल एवं सब्जियों (टोटल) को इसके दायरे में लाने की घोषणा की थी।
ऑपरेशन ग्रीन्स के तहत टमाटर, प्याज और आलू को इस योजना के दायरे में रखा गया है।
ऑपरेशन ग्रीन्स के अंतर्गत खाद्य जिंसों की सूची को टमाटर, प्याज और आलू (टीओपी) फसलों के लिए सब्सिडी प्रदान करने की बात की गई थी।
दस फलों में आम, केला, अमरूद, कीवी, लीची, पपीता, खट्टे फल, अनानास, अनार, कटहल और आठ सब्जियों में फ्रेंच बीन्स, लौकी, बैंगन, शिमला मिर्च, गाजर, फूलगोभी, मिर्च को शामिल किया गया है।

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‘थैलेसीमिया बाल सेवा योजना’
चर्चा में क्यों?
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने हाल ही में थैलेसीमिया बीमारी से ग्रस्त शोषित समाज के रोगियों के लिए ‘थैलेसीमिया बाल सेवा योजना’ के दूसरे चरण का शुभारंभ किया।
महत्वपूर्ण बिंदु
2017 में शुरू की गई यह योजना कोल इंडिया की सीएसआर वित्त पोषित हेमाटोपोएटिक स्टेम सेल ट्रांसप्लांटेशन (HSCT) कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य थैलेसीमिया और सिकल सेल जैसे हीमोग्लोबिनोपैथी रोग के लिए परिवार को जीवन में एक बार इलाज कराने का अवसर प्रदान करना है।
HSCT ‘मल्टीपोटेंट हेमाटोपोएटिक स्टेम कोशिकाओं’ (Multipotent Hematopoietic Stem Cells) का प्रत्यारोपण है जो आमतौर पर अस्थि मज्जा, परिधीय रक्त (Peripheral Blood) या गर्भनाल रक्त (Umbilical Cord Blood) से प्राप्त होता है।
क्या है थैलेसीमिया?
यह रक्त से जुड़ी हुई आनुवंशिक बीमारी है। इससे पीड़ित व्यक्ति के रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम होती है। रक्त में लाल रक्त कोशिकाएं (RBC) भी बेहद कम बनती हैं। इससे मरीज़ को एनीमिया हो जाता है।
थैलेसीमिया दो तरह का होता है- माइनर और मेजर। माइनर गंभीर नहीं होता। कभी-कभी माइनर के रोगियों को जिंदगीभर भी रोग के बारे में पता नहीं चल पाता। मेजर के भी दो प्रकार होते हैं- अल्फा और बीटा।
किन्हें हो सकती है बीमारी
थैलेसीमिया जेनेटिक बीमारी है, मतलब माता-पिता में से किसी को है, तो ही बच्चे को यह बीमारी हो सकती है। अगर माता-पिता में से किसी एक को थैलेसीमिया है, तो बच्चे को माइनर थैलेसीमिया हो सकता है।
लेकिन अगर माता-पिता दोनों को थैलेसीमिया है तो 25 प्रतिशत बच्चों को मेजर थैलेसीमिया होने की आशंका होती है। इसमें 25 प्रतिशत बच्चे सामान्य हो सकते हैं। वहीं 50 प्रतिशत को माइनर थैलेसीमिया की आशंका होती है।
थैलेसीमिया से ग्रसित बच्चों के शरीर में धीरे-धीरे पीलापन बढ़ता जाता है। बच्चे चिड़चिड़े होते जाते हैं, भूख बहुत कम हो जाती है। स्तनपान भी कम कर देते हैं, नतीजतन उनका वज़न बढ़ना भी कम हो जाता है। ऐसे बच्चों का पेट भी सामान्य बच्चों की तुलना में बढ़ा हुआ होता है।
हेमाटोपोएटिक स्टेम सेल ट्रांसप्लांटेशन (HSCT):

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स्टार्स परियोजना
चर्चा में क्यों?
मंत्रिमंडल ने स्कूली शिक्षा में सुधार के लिए विश्व बैंक से सहायता प्राप्त‍ 5718 करोड़ रुपये की परियोजना ‘स्‍टार्स’ को मंजूरी दी है।
महत्वपूर्ण बिंदु
विश्‍व बैंक से 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 3700 करोड़ रुपये) राशि की विश्‍व बैंक की सहायता से 5718 करोड़ रुपये की कुल परियोजना लागत वाली Strengthening Teaching Learning and Results for States (STARS) का कार्यान्‍वयन।
स्‍टार्स परियोजना स्‍कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय (MOE) के तहत एक नई केन्‍द्र सरकार द्वारा प्रायोजित योजना के रूप में लागू की जाएगी।
राष्‍ट्रीय आकलन केन्‍द्र, परख की स्‍कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय के तहत एक स्‍वतंत्र एवं स्‍वायत्तशासी संस्‍थान के रूप में स्‍थापना और सहायता करना।
इस परियोजना में 6 राज्‍य – हिमाचल प्रदेश, राजस्‍थान, महाराष्‍ट्र, मध्‍य प्रदेश, केरल और ओडिशा शामिल हैं। इन पहचान किए राज्‍यों को शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के विभिन्‍न उपायों के लिए सहायता प्रदान की जाएगी।
इस परियोजना के अतिरिक्‍त 5 राज्‍यों- गुजरात, तमिलनाडु, उत्तराखंड, झारखंड और असम में इसी प्रकार की एडीबी वित्त पोषित परियोजना लागू करने की भी कल्‍पना की गई है। सभी राज्‍य अपने अनुभव और श्रेष्‍ठ प्रक्रियाएं साझा करने के लिए एक दूसरे राज्‍य के साथ भागीदारी करेंगे।
है।
स्‍टार्स परियोजना का समग्र फोकस और इसके घटक गुणवत्ता आधारित शिक्षण परिणामों की राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उद्देश्‍यों के साथ पंक्तिबद्ध है।
इस परियोजना में चुनिंदा राज्‍यों में हस्‍तक्षेपों के माध्‍यम से भारतीय स्‍कूली शिक्षा प्रणाली में समग्र निगरानी और मापक गतिविधियों में सुधार लाने की कल्‍पना की गई है।
यह परियोजना इन परिणामों के साथ निधियों की प्राप्ति और वितरण को जोड़कर वास्‍तविक परिणामों के साथ इनपुट और आउटपुट के रखरखाव के प्रावधान से ध्‍यान केन्द्रित करने में बदलाव करती है।

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रिपोर्ट/इंडेक्स
‘विश्व आर्थिक परिदृश्य’ रिपोर्ट
चर्चा में क्यों?
हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने अपनी प्रतिष्ठित ‘विश्व आर्थिक परिदृश्य’ (World Econimic Outlook) रिपोर्ट जारी की है।
महत्वपूर्ण बिंदु
रिपोर्ट के अनुसार कोरोना वायरस से नकारात्मक रूप से प्रभावित भारतीय अर्थव्यवस्था में इस वर्ष के दौरान 10.3 फीसदी की बड़ी गिरावट आने का अनुमान है।
रिपोर्ट के अनुसार 2021 में भारतीय अर्थव्यवस्था में संभवत: 8.8 फीसदी की जोरदार बढ़त दर्ज की जायेगी और यह चीन को पीछे छोड़ते हुये सबसे तेजी से बढ़ने वाली उभरती अर्थव्यवस्था का दर्जा फिर से हासिल कर लेगी।
वहीं, मौजूदा वर्ष में वैश्विक अर्थव्यवस्था में 4.4 फीसदी की गिरावट और 2021 में 5.2 फीसदी की जोरदार वृद्धि के साथ आगे बढ़ने का अनुमान व्यक्त किया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 में वैश्विक अर्थव्यवस्था में 4.4 फीसदी की गिरावट आयेगी और 2021 में यह 5.2 फीसदी की जोरदार वृद्धि हासिल करेगी।
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund- IMF) एक अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्था है जो अपने सदस्य देशों को आर्थिक एवं तकनीकी सहायता प्रदान करने के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय विनिमय दरों को स्थिर रखने तथा आर्थिक विकास को सुगम बनाने में भी सहायता प्रदान करती है।
इसकी स्थापना अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक (International Bank for Reconstruction and Development-IBRD)के साथ वर्ष 1944 में अमेरिका के न्यू हैम्पशायर में ब्रेटन वुड्स सम्मेलन (Bretton Woods Conference) के दौरान हुई थी।
ब्रेटन वुड्स सम्मेलन को आधिकारिक तौर पर संयुक्त राष्ट्र मौद्रिक और वित्तीय सम्मेलन (United Nations Monetary and Financial Conference) के रूप में जाना जाता है।
IMF का मुख्यालय वाशिंगटन डी.सी. संयुक्त राज्य अमेरिका में है।
IMF की विशेष मुद्रा SDR (Special Drawing Rights) कहलाती है।
IMF का उद्देश्य आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करना, आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देना, गरीबी को कम करना, रोज़गार के नए अवसरों का सृजन करने के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को सुविधाजनक बनाना है।
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कृषि, पर्यावरण एवं जैव विविधता
खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) पर स्मारक सिक्का
चर्चा में क्यों?
संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) की 75 वीं वर्षगांठ पर 16 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 75 रुपये का स्मृति सिक्का जारी करेंगे।
महत्वपूर्ण बिंदु
यह सिक्का खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) और भारत के दीर्घकालिक संबंध को लेकर जारी किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी इस दौरान हाल ही में विकसित आठ फसलों की 17 प्रजातियों को भी देश को समर्पित करेंगे।
सरकार की ओर से कृषि और पोषण को प्राथमिकता देने की दिशा में यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि कमजोर वर्ग को पोषण उपलब्ध बनाने की दिशा में खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) की अद्वितीय यात्रा रही है।
भारत का खाद्य एवं कृषि संगठन के साथ ऐतिहासिक संबंध रहा है।
भारतीय सिविल सेवा के अफसर डॉ. बिनय रंजन सेन 1956-1967 के बीच खाद्य एवं कृषि संगठन के डायरेक्टर जनरल रहे।
ये फसलें देश को समर्पित करेंगे प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री द्वारा देश को समर्पित की जाने वाली 8 फसलों की हाल ही में विकसित जैव-विविधता वाली किस्में पोषण के मामले में 3.0 गुना अधिक हैं।
चावल की किस्म सीआर धान 315 जस्ता की अधिकता वाली है।
गेहूं की एचडी 3298 किस्म प्रोटीन और लौह से जबकि DBW 303 और DDW 48 प्रोटीन और लौह से समृद्ध है।
मक्का की हाइब्रिड किस्म 1,2 और 3 लाइसिन और ट्राइप्टोफैन से , बाजरे की सीएफएमवी 1 और 2 फिंगर किस्म कैल्शियम, लोहा और जस्ता से भरपूर है।
छोटे बाजारे की सीसीएलएमवी 1 किस्म लौह और जस्ते से भरपूर है।
पूसा सरसों 32 कम एरियूसिक एसिड से जबकि मूंगफली की गिरनार 4 और 5 किस्म बढ़े हुए ओलिक एसिड से तथा रतालू की श्री नीलिमा तथा डीए 340 किस्म एंथोसायनिन से भरपूर है।
उच्च जस्ता युक्त चावल की किस्म गारो पर्वतीय क्षेत्र तथा गुजरात के डांग जिले से संग्रहित की गई है।
आईसीएआर ने पोषण संबंधी सुरक्षा को बढ़ाने के लिए परिवार को खेती से जोड़ने के लिए न्यूट्री-सेंसिटिव एग्रीकल्चर रिसोर्सेज एंड इनोवेशंस (NARI) कार्यक्रम शुरू किया है, पोषण सुरक्षा बढ़ाने के लिए पोषक-स्मार्ट गांवों और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सुनिश्चित करने के लिए केवीके द्वारा सूक्ष्म पोषक तत्वों से युक्त स्वस्थ और विविध आहार स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराए जाने के लिए विशिष्ट पोषण उद्यान मॉडल विकसित और प्रचारित किए जा रहे हैं। .
कुपोषण को कम करने और प्राकृतिक रूप से समृद्ध खाद्य सामग्री के माध्यम से भारत को कुपोषण से मुक्त बनाने के लिए जैव-फोर्टिफाइड फसलों की किस्मों के उत्पादन को बढ़ावा देकर इन्हें मध्यान्ह भोजन, आंगनवाड़ी आदि जैसे सरकारी कार्यक्रमों के साथ जोड़ा जाएगा।
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गेहूं की नई किस्म मैक्‍स-6478
चर्चा में क्यों?
गेहूं की नई किस्म से महाराष्ट्र के एक गाँव में किसानों को उनकी उपज को दोगुना करने में मदद मिली।
महत्वपूर्ण बिंदु
नए विकसित सामान्‍य गेहूं या ब्रेड गेहूं को अधिक उपज देने वाला एस्टिवम भी कहा जाता है, जो 110 दिनों में परिपक्व हो जाता है और पत्ती और तने के अधिकांश हिस्सों के रोगों के लिए प्रतिरोधी होता है।
भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के एक स्वायत्त संस्थान, आगरकर अनुसंधान संस्‍थान (ARI)के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित मैक्‍स-6478 नामक इस गेहूं की किस्‍म से महाराष्ट्र के एक गाँव करंजखोप में किसानों के लिए फसल की पैदावार दोगुनीहो गई है।
नव विकसित सामान्‍य गेहूं या ब्रेड गेहूं, जिसे उच्च उपज देने वाला एस्टिवम भी कहा जाता है, 110 दिनों में परिपक्व हो जाता है और पत्ती और तने के अधिकांश रोगों के लिए प्रतिरोधी होता है।
एम्बर रंग के मध्यम आकार के अनाज में 14 प्रतिशत प्रोटीन, 44.1 पीपीएम जस्ता और 42.8 पीपीएम आयरन होता है, जो अन्य खेती की किस्मों से अधिक है।
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खेल परिदृश्य
फ्रेंच ओपन 2020
चर्चा में क्यों?
हंगरी की टिमिया बोबोस (Timea Babos) और फ्रांस की क्रिस्टीना म्लादेनोविच (Kristina Mladenovic) की जोड़ी ने पेरिस में चिली की एलेक्सा गुआराची (Alexa Guarachi) तथा अमेरिका की देसिरे क्रैवस्जीक (Desirae Krawczyk) की जोड़ी को 6-4, 7-5 से हराकर लगातार दूसरा फ्रेंच ओपन खिताब जीत लिया है।
इस जीत के साथ ही टिमिया बोबोस और क्रिस्टीना म्लादेनोविच की जोड़ी एक ही सीज़न में दो बड़ी जीत हासिल करने वाली दूसरी महिला युगल टीम बन गई है।
इससे पहले वर्ष 2018 में बारबोरा क्रेजिकोवका तथा करेनिना सिनाकोव की जोड़ी ने फ्रेंच ओपन और विंबलडन में जीत हासिल कर यह रिकॉर्ड बनाया था।
फ्रेंच ओपन चार ग्रैंड स्लैम टेनिस टूर्नामेंट्स में से एक है, अन्य तीन ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट्स हैं- विंबलडन, यूएस ओपन और ऑस्ट्रेलियन ओपन।
इन ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट्स का आयोजन इंटरनेशनल टेनिस फेडरेशन (ITF) द्वारा किया जाता है।
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चर्चित व्यक्तित्व
श्रीकांत दातार
चर्चा में क्यों?
भारतीय मूल के प्रसिद्ध शिक्षाविद और अर्थशास्त्री श्रीकांत दातार (Srikant Datar) को हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल (Harvard Business School) का नया डीन नियुक्त किया गया है।
महत्वपूर्ण बिंदु
भारत में जन्मे श्रीकांत दातार अमेरिका के प्रतिष्ठित हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल के 112 वर्ष के इतिहास में 11वें डीन हैं और वे 1 जनवरी, 2021 से पदभार ग्रहण करेंगे।
श्रीकांत दातार ने वर्ष 1973 में बॉम्बे विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद चार्टर्ड एकाउंटेंट (CA) के रूप में अपने कॅरियर की शुरुआत की थी।
इसके बाद उन्होंने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से सांख्यिकी और अर्थशास्त्र में अपनी मास्टर डिग्री प्राप्त की तथा बाद में वहीं से बिज़नेस में पीएचडी भी किया।
वर्ष 1996 में हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल में फैकल्टी के रूप में शामिल होने के बाद उन्होंने वहाँ कई महत्त्वपूर्ण पदों पर भी कार्य किया है।
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राष्ट्रीय परिदृश्य
ज़ोज़िला टनल
चर्चा में क्यों?
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग और एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने 15 अक्टूबर 2020 को केन्द्रशासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में ज़ोज़िला टनल के लिए पहला विस्फोट किया।
महत्वपूर्ण बिंदु
एनएच-1 पर इस बनने वाली टनल से श्रीनगर घाटी और लेह के बीच (लद्दाख पठार में) सभी मौसम में निर्बाध संपर्क सुनिश्चित होगा।
हिमस्खलन रोधी इस टनल से जम्मू कश्मीर (अब केंद्र शासित जम्मू कश्मीर और लद्दाख) में आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
द्रास और कारगिल के रास्ते श्रीनगर और लेह को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-1 पर 14.15 किलोमीटर लंबी इस सुरंग का निर्माण 3000 मीटर की ऊंचाई पर ज़ोज़िला पास के नीचे किया जाएगा।
यह मार्ग वाहन चलाने के संदर्भ में दुनिया के सबसे खतरनाक रस्तों में से एक है। साथ ही यह परियोजना रणनीतिक रूप से संवेदनशील है।
परियोजना का महत्व:
(i) ज़ोज़िला टनल के निर्माण से श्रीनगर, द्रास, कारगिल और लेह क्षेत्र में सभी मौसम में सुरक्षित संपर्क सुनिश्चित होगा। हर मौसम में इस क्षेत्र में सुरक्षित संपर्क रणनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।
(ii) जोजिला टनल के निर्माण से क्षेत्र में आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि यह क्षेत्र सर्दियों के मौसम में लगभग 6 महीनों के लिए भारी बर्फबारी के कारण देश के अन्य भागों से कट जाता है।
(iii) ज़ोज़िला क्षेत्र में पूरे साल संपर्क सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान में टनल ही सबसे मुफीद विकल्प है। जिस समय यह टनल बनकर तैयार होगी, आधुनिक भारत के इतिहास में यह एक मील का पत्थर स्थापित करने वाली उपलब्धि बनेगी। लद्दाख, गिलगित और बालटिस्तान की सीमाओं पर भारी सैन्य गतिविधियों के चलते देश की रक्षा रणनीति के क्षेत्र में भी इसका महत्वपूर्ण स्थान होगा।
(iv) ज़ोज़िला टनल परियोजना कारगिल, द्रास और लद्दाख क्षेत्र के लोगों की 30 वर्ष पुरानी मांग का सुफल है।
(v) इस परियोजना के पूर्ण होने पर एनएच-1 के श्रीनगर-कारगिल-लेह खंड पर अवलांच मुक्त यात्रा सुनिश्चित होगी।
(vi) यह परियोजना न सिर्फ ज़ोज़िला पास से गुजरने वाले यात्रियों को सुरक्षा सुनिश्चित करेगी बल्कि वर्तमान में यात्रा में लगने वाले 3 घंटे को घटाकर 15 मिनट कर देगी।
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