Daily Current Affairs 14 October 2020

चर्चित पुस्तक
‘देह वीचवा करणी’
चर्चा में क्यों?
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 13 अक्टूबर 2020 को डॉ. बालासाहेब विखे पाटिल की ‘देह वीचवा करणी’ नामक आत्मकथा का विमोचन किया।
महत्वपूर्ण बिंदु
इसके अलावा पीएम मोदी ने प्रवरा रूरल एजुकेशन सोसाइटी को ‘लोकनेता डॉ. बालासाहेब विखे पाटिल प्रवरा रूरल एजुकेशन सोसाइटी’ का नया नाम दिया ।
पूर्व केंद्रीय मंत्री बालासाहेब विखे पाटिल लंबे वक्त तक कांग्रेस पार्टी में रहे, लेकिन बाद में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन की. सात बार लोकसभा सांसद रहे बालासाहेब विखे पाटिल केंद्र सरकार में मंत्री पद पर रहे, 2016 में उनका निधन हो गया था।
साल 2010 में समाज सेवा के क्षेत्र में काम करने के लिए बालासाहेब विखे पाटिल को पद्म भूषण दिया गया था।
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मिशन/अभियान / पहल
आदिवासियों के लिए तकनीकी
चर्चा में क्यों?
ट्राइफेड, आईआईटी कानपुर और छत्तीसगढ़ लघु वन उपज फेडरेशन ने मिलकर “आदिवासियों के लिए तकनीकी” पहल की ई-लॉन्च के माध्यम से शुरुआत की है।
महत्वपूर्ण बिंदु
“आदिवासियों के लिए तकनीकी” पहल आदिवासी उद्यमियों और शहरी बाजारों के बीच खाई को पाटने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम के तहत ट्राइफेड ने लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) के साथ मिलकर ‘आदिवासियों के लिए तकनीकी’ कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य वन धन विकास केंद्रों (VDVK) के माध्यम से संचालित होने वाले स्वयं सहायता समूहों की सहायता से उद्यमिता विकास, सॉफ्ट स्किल, सूचना प्रौद्योगिकी और व्यावसायिक विकास पर ध्यान देने के साथ-साथ आदिवासियों का समग्र विकास करना है।
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भारत एवं विश्व
व्यापार, निवेश और सहयोग पर भारत-मैक्सिको द्विपक्षीय उच्च स्तरीय समूह (BHLG) की पांचवीं बैठक
चर्चा में क्यों?
व्यापार, निवेश और सहयोग पर भारत-मैक्सिको द्विपक्षीय उच्च स्तरीय समूह (BHLG) की पांचवीं बैठक 9 अक्टूबर 2020 को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित की गई।
महत्वपूर्ण बिंदु
बैठक की सह-अध्यक्षता भारत सरकार के वाणिज्य सचिव डॉ. अनूप वधावन और मैक्सिको सरकार के विदेश व्यापार उप मंत्री लूज मारिया डे ला मोरा ने की। बैठक में दोनों देशों के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और व्यापार मंडलों ने भाग लिया।
बैठक में दोनों पक्षों ने कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की, जिनमें शामिल हैं – ऑडियो-विजुअल सह-निर्माण, द्विपक्षीय निवेश संधि, कृषि उत्पादों के लिए बाजार तक पहुंच, सेनेटरी और फाइटोसैनिट्री (SPS) पर सहयोग रूपरेखा, दोनों देशों के बीच व्यापार में तकनीकी अवरोध (TBT) के लिए उपाय, बौद्धिक संपदा अधिकारों में सहयोग तथा भारत और मैक्सिको के बीच पर्यटन और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने के तरीकों का पता लगाना आदि।
बैठक में, संबंधित क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए दो ‘व्यापार से व्यापार’ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर निर्यात संवर्धन परिषद (ईएससी) और मैक्सिकन चैंबर ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स, टेलीकम्यूनिकेशन एंड इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी (सीएएनआईईटी) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। भारत और मैक्सिको के बीच व्यापार संबंधों को बढ़ावा देने के लिए भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) और मैक्सिकन बिजनेस काउंसिल ऑफ फॉरेन ट्रेड, इन्वेस्टमेंट एंड टेक्नोलॉजी (सीओएमसीई) के बीच भी एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
दोनों देश दवा, चिकित्सा उपकरण, स्वास्थ्य सेवा, कृषि उत्पाद, मत्स्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण, एयरोस्पेस उद्योग आदि में सहयोग के माध्यम से भारत और मैक्सिको के बीच पूरक-क्षमता का दोहन करने के लिए द्विपक्षीय व्यापार संबंधों का विस्तार करने और इसमें विविधता लाने पर सहमत हुए।
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चर्चित स्थान
माउंट किलिमंजारो
चर्चा में क्यों?
अफ्रीका महाद्वीप का सर्वोच्च पर्वत शिखर माउंट किलिमंजारो (Mount Kilimanjaro) भयानक आग के कारण चर्चा में है।
महत्वपूर्ण बिंदु
माउंट किलिमंजारो अफ्रीका महाद्वीप का सबसे ऊंचा पर्वत है, जिसकी ऊँचाई 5,895 मीटर है।
यह पर्वत पूर्वी अफ्रीका में तंज़ानिया के उत्तर-पूर्व में लगभग भूमध्य रेखा पर अवस्थित है।
किलिमंजारो विश्व के सात सबसे ऊँचे पर्वतों में से एक है।
किलिमंजारो विश्व का सबसे ऊँचा ‘फ्री-स्टैंडिंग माउंटेन’ है, जिसका अर्थ है कि यह किसी भी पर्वत शृंखला का हिस्सा नहीं है।
अधिकांश ऊंचे पर्वत किसी-न-किसी पर्वत शृंखला का हिस्सा होते है, जैसे माउंट एवरेस्ट हिमालय पर्वत शृंखला का हिस्सा है।
भू-वैज्ञानिकों के अनुसार माउंट किलिमंजारो का निर्माण अनुमानतः 460,000 वर्ष पहले ज्वालामुखी गतिविधियों के कारण हुआ था।
इस पर्वत पर तीन ज्वालामुखी शंकु [किबो (Kibo), शिरा (Shira) एवं मावेंज़ी (Mawenzi)] हैं जिनमें किबो ज्वालामुखी सबसे ऊँचा है।
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भारत एवं विश्व
इंडिया एनर्जी मॉडलिंग फोरम की संचालक संरचना
चर्चा में क्यों?
यूएस-इंडिया स्ट्रेटजिक एनर्जी पार्टनरशिप (US–India Strategic Energy Partnership) के तहत नीति आयोग और यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (United States Agency for International Development- USAID) द्वारा 2 जुलाई को इंडिया एनर्जी मॉडलिंग फोरम (India Energy Modelling Forum- IEMF) के गठन से आगे बढ़ते हुए नीति आयोग ने 8 अक्टूबर को इसकी संचालक संरचना को घोषित कर दिया।
महत्वपूर्ण बिंदु
यूएस-इंडिया स्ट्रेटजिक एनर्जी पार्टनरशिप (SEP) के सतत विकास स्तंभ के अंग के तौर पर आईईएमएफ का लक्ष्य भारतीय शोधकर्ताओं, ज्ञान संपदा के साझेदारों, थिंक टैंक, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सरकारी एजेंसियों और विभागों को मॉडलिंग और दीर्घकालिक ऊर्जा योजना निर्माण से जोड़ना है.
आईईएमएफ की संचालक संरचना में एक अंतर-मंत्रालयी और एक संचालन समिति शामिल है।
अंतर-मंत्रालयी समिति की बैठक नीति आयोग द्वारा बुलाई जाएगी और इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी ( CEO) इसकी अध्यक्षता करेंगे। और इसमें पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय; ऊर्जा मंत्रालय; नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा; कोयला; पर्यावरण; वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति अध्ययन/मॉडलिंग गतिविधियों की समीक्षा करेगी और अनुसंधान को दिशा देने के साथ नए क्षेत्र भी उपलब्ध कराएगी।

संचालन समिति इन प्रतिनिधियों से मिलकर बनेगी:
i. सरकार (वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नवीन एवं नवीकरण ऊर्जा मंत्रालय, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, तकनीक सूचना पूर्वानुमान एवं मूल्यांकन काउंसिल, कोयला संग्रहक संगठन, पेट्रोलियम नियोजन एवं विश्लेषण कोष्ठ, केंद्रीय बिजली प्राधिकरण और नीति आयोग)
ii. उद्योग संगठन (फिक्की एवं सीआईआई)
iii. अकादमिक क्षेत्र (आईआईटी बॉम्बे, अहमदाबाद और दिल्ली)
iv. नीतिगत शोध संस्थान, थिंक टैंक और फंडिंग एजेंसी (प्रयास ऊर्जा समूह, शक्ति सतत ऊर्जा फाउंडेशन, सीईईडब्लू, सीएसटीईपी, आईआरएडी, टीईआरआई, जीआईजेड, डीएफआईडी, डब्लूआरआई, पीएनएनएल, आईआईएएसए)
समिति के कार्य
यह समिति अध्ययन के लिए नीतिगत मुद्दों को छांटेगी और विशिष्ट अध्ययनों/मॉडलिंग अभ्यासों के आधार पर विभिन्न कार्यबल (टास्क फोर्स) का भी गठन कर सकेगी।
इस समिति के संयोजक दो साल के लिए रोटेशनल आधार पर चुना जाएगा और अंतर-मंत्रालयी व संचालन समितियों और कार्यकारी समूहों/कार्यबलों के बीच संपर्क के रूप में काम करेगा।
पुणे स्थित प्रयास समूह संचालन समिति का पहला संयोजक होगा।
भारत और अमेरिका की ऊर्जा साझेदारी
भारत और अमेरिका की ऊर्जा पर दीर्घकालिक स्थायी साझेदारी है। यूएस-इंडिया एसईपी के चार में से एक सतत विकास स्तंभ की अध्यक्षता नीति आयोग और यूएसएआईडी कर रही है।
यह स्तंभ भारतीय और अमेरिका के शोधकर्ताओं और निर्णयकर्ताओं को ऊर्जा डेटा प्रबंधन; एनर्जी मॉडलिंग, और कम कार्बन उत्सर्जन वाली प्रौद्योगिकियों को प्रोत्साहन जैसे तीन प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग करने के लिए एक साथ जोड़ना है।
आईईएमएफ को ऊर्जा मॉडलिंग के क्षेत्र के तहत शुरू किया गया था।
आईईएमएफ को स्टैनफोर्ड एनर्जी मॉडलिंग फ़ोरम और यूरोप के लिए एनर्जी मॉडलिंग प्लेटफ़ॉर्म जैसी ग्लोबल एनर्जी मॉडलिंग फोरम के साथ साझेदारी से श्रेष्ठ कार्य व्यवहार साझा होने और सीखने की उम्मीद है।
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राज्य परिदश्य
गुजरात के अशांतधारा कानून को मंजूरी
चर्चा में क्यों?
राज्‍य सरकार के अशांत धारा कानून को राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंजूर कर लिया है।
विधानसभा के पिछले मानसून सत्र में पारित अशांत धारा कानून-2020 पर राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को मंजूरी की मुहर लगा दी है।
महत्वपूर्ण बिंदु
अगस्‍त 2020 में गुजरात विधानसभा के मानसून सत्र में पारित अशांतधारा कानून के तहत राज्‍य के अशांत, दंगाग्रस्‍त अथवा संवेदनशील घोषित क्षेत्रों में जमीन, संपत्ति व अन्‍य अचल संपत्ति का मा‍लिकाना हक स्‍थानांतरण तथा किरायेदार से घर व दुकान खाली नहीं कराई जा सकेगी।
जिला कलेक्‍टर की मंजूरी के बाद ही इन अशांत व संवेदनशील क्षेत्रों में किसी अचल संपत्ति का हस्‍तांतरण हो सकेगा। इस कानून का उल्‍लंघन होने पर 3 से 5 साल की सजा तथा एक लाख अथवा संपत्ति के राजस्‍व कर का 10 फीसदी जुर्माना लगेगा।
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रिपोर्ट/इंडेक्स
‘एक्सपोर्टिंग करप्शन 2020’
चर्चा में क्यों?
ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ‘एक्सपोर्टिंग करप्शन 2020’ रिपोर्ट जारी की है।
महत्पूर्ण बिंदु
रिपोर्ट के अनुसार आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) के 37 में से केवल 4 देशों ने विदेशी रिश्वत के खिलाफ सक्रिय रूप से कानून लागू किया है। इन 4 देशों की ग्लोबल एक्सपोर्ट में 16.5 फीसदी हिस्सेदारी है।
2018 से दुनियाभर में रिश्वत और मनी लॉन्ड्रिंग घोटालों से जुड़ी जांच में गिरावट आई है।
बड़े वैश्विक निर्यातक देशों चीन, जापान, नीदरलैंड, दक्षिण कोरिया, हॉन्गकॉन्ग, कनाडा, भारत और मैक्सिको का ट्रैक रिकॉर्ड विदेशी रिश्वत की जांच के मामले में काफी खराब है।
चीन ने भी 2016 से 2019 के बीच विदेशी रिश्वत को लेकर कोई जांच नहीं की है। जबकि दूसरे देशों में कई घोटालों में चीन की कंपनियों का नाम शामिल रहा है।
ओईसीडी से अलग दो प्रमुख देशों हॉन्गकॉन्ग और भारत ने भी इस अवधि में विदेशी रिश्वत को लेकर एक भी जांच नहीं की है।
केवल इन चार देशों ने की रिश्वत की जांच
रिपोर्ट के मुताबिक, केवल अमेरिका, ब्रिटेन, स्विटजरलैंड और इजराइल ने बीते चार सालों में विदेशी रिश्वत के खिलाफ जांच की है।
ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल
भ्रष्टाचार के खिलाफ पहल करने के लिये ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की स्थापना 1993 में हुई थी।
वर्तमान में यह 100 से अधिक देशों में मौजूद है और इसका सचिवालय जर्मनी की राजधानी बर्लिन में है।
ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने 1995 में पहली बार करप्शन परसेप्शन इंडेक्स जारी किया था।
आर्थिक सहयोग और विकास संगठन
(Organisation for Economic Co-operation and Development -OECD)
14 दिसंबर 1960 को, 20 देशों द्वारा मूल रूप से आर्थिक सहयोग और विकास संगठन के कन्वेंशन पर हस्ताक्षर करने के बाद से 16 अन्य देश इस संगठन की सदस्यता ग्रहण कर चुके हैं। जुलाई 2018 में लिथुआनिया की सदस्यता के साथ वर्त्तमान में इसके सदस्य दशों की कुल संख्या 36 है।
इसका मुख्यालय पेरिस (फ़्राँस) में है।
दुनिया भर में लोगों के आर्थिक और सामाजिक कल्याण में सुधार लाने वाली नीतियों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना OECD का प्रमुख उद्देश्य है।
भारत इसका सदस्य नहीं है।
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