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Daily Current Affairs 14 May 2021

पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी

चक्रवात तौकते (CycloneTauktae) 

चर्चा में क्यों?

  • भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने हाल ही में आगाह किया है कि अगले 36 घंटों में लक्षद्वीप और अरब सागर के ऊपर चक्रवात बन सकता है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • यह हिंद महासागर में आने वाला 2021 का पहला ऊष्णकटिबंधीय चक्रवात होगा। इसका नाम “तौकते” (CycloneTauktae) रखा गया है। यह नाम इसे म्यांमार द्वारा उपलब्ध कराई गई चक्रवातों की सूची में से उपलब्ध कराया गया है।
  • स्‍थानीय भाषा में यह एक छिपकली का नाम है जो बहुत तेज आवाज निकालती है।

क्या होते हैं ऊष्णकटिबंधीय चक्रवात?

  • उष्णकटिबंधीय चक्रवात एक तीव्र वृत्ताकार तूफान होता है जो गर्म उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के महासागरों में उत्पन्न होता है।
  • निम्न वायुमंडलीय दबाव, तेज़ हवाएं और भारी बारिश की इसकी विशेषताएं है।
  • उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की एक विशेषता चक्रवात की आंख (Eye), स्पष्ट स्कीइस (Skies), गर्म तापमान और कम वायुमंडलीय दबाव का एक केंद्रीय क्षेत्र है।
  • स्कीइस (Skies) पृथ्वी से देखा गया वायुमंडल और बाहरी अंतरिक्ष का क्षेत्र होता है।
  • उष्णकटिबंधीय चक्रवात को उत्तरी अटलांटिक और पूर्वी प्रशांत में हरिकेन, दक्षिण पूर्व एशिया और चीन में टाइफून, दक्षिण-पश्चिम प्रशांत और हिंद महासागर क्षेत्र में उष्णकटिबंधीय चक्रवात और उत्तर-पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में विली-विली कहा जाता है।
  • ये तूफान उत्तरी गोलार्द्ध में वामावर्त (Anticlockwise) और दक्षिणी गोलार्द्ध में दक्षिणावर्त (Clockwise) घूमते हैं।

कौन करता है चक्रवातों का नामकरण?

  • विश्व मौसम विज्ञान संगठन (World Meteorological Organisation- WMO) के दिशा-निर्देशों के आधार पर क्षेत्रीय संगठन इन चक्रवातों का नामकरण करते हैं।
  • WMO के दिशानिर्देशों के अनुसार, प्रत्येक क्षेत्र के देशों को चक्रवातों का नाम देने के लिये अधिकृत किया गया है।
  • उत्तर हिंद महासागर क्षेत्र बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के ऊपर बने उष्णकटिबंधीय चक्रवातों का नामकरण करता है।
  • इस क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 13 सदस्य बांग्लादेश, भारत, मालदीव, म्याँमार, ओमान, पाकिस्तान, श्रीलंका, थाईलैंड, ईरान, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और यमन हैं।

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निधन

इंदु जैन

  • टाइम्स ऑफ इंडिया मीडिया समूह की चेयरपर्सन इंदु जैन का 14 मई 2021 को निधन हो गया। वे 84 साल की थीं।
  • जैन कल्याणकारी गतिविधियों के लिए स्थापित टाइम्स फाउंडेशन की संस्थापक भी थीं और उन्होंने उद्योग लॉबी फिक्की की महिला विंग की भी स्थापना की।
  • उन्हें 2016 में देश के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।
  • उन्होंने वर्षों पहले ‘आर्ट ऑफ डाइंग’ को लेकर एक पत्र लिखा था और कहा था कि उनकी मृत्यु पर शोक नहीं, उत्सव मनाया जाए। यह मृत्यु को लेकर उनकी अलग सोच बताती है।

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अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य

इजरायल – फिलिस्तीन में संघर्ष

चर्चा में क्यों?

  • फिलिस्तीन और इजराइल के बीच 10 मई 2021 से शुरू हुआ संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसमें अब तक 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

इस वजह से शुरू हुआ था वर्तमान विवाद

  • 10 मई को इस्राइली सुप्रीम कोर्ट ने पूर्वी जेरुसलम से फिलिस्तीनियों के सात परिवारों को हटाने का आदेश जारी किया था।
  • आदेश में इस्राइल के गठन से पहले 1948 में यहूदी रिलिजन एसोसिएशन के अधीन आने वाले घरों को खाली करने के निर्देश दिए गए थे।
  • इसका पालन करते हुए इस्राइल में स्थित शेख जर्राह नामक जगह में रहने वाले 70 फिलिस्तीनियों को हटाकर यहूदियों को बसाया जाने लगा।
  • लेकिन फिलिस्तीनी कोर्ट के इस आदेश से नाखुश थे, उन्होंने ने इसके लिए विरोध में इस्राइल में जगह-जगह पर आंदोलन किए।
  • रमजानमहीने के आखिरी शुक्रवार के मौके पर यरुशलम की मस्जिद अल-अक्सा में भारी तादद में नमाज पढ़ने के लिए मुस्लिम इकट्ठा हुए थे। इस मस्जिद को इस्लाम में तीसरी सबसे पाक जगह माना जाता है।
  • नमाज के बाद मौजूद मुस्लिम्स ने शेख जर्राह को खाली कराने के विरोध में प्रदर्शन करना शुरू किया। लेकिन शांतिपूर्वक शुरू हुआ यह प्रदर्शन हिंसक हो गया। फिलिस्तीनियों द्वारा इस्राइली पुलिस पर पथराव और पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले छोड़े गए। लेकिन असली विवाद तब शुरू हुआ जब मस्जिद में हैंड ग्रेनेड फेंके गए।

करीब 100 साल पुराना है विवाद का इतिहास

  • पहले विश्वयुद्ध में ब्रिटेन ने ओटोमन साम्राज्य ( आधुनिक इजराइल, फिलिस्तीन, मिस्र, तुर्की समेत आसपास के अरब देश ) को जीत लिया।
  • 1917 में ब्रिटेन ने एक घोषणा की जिसमें कहा गया कि ब्रिटेन फिलिस्तीन को यहूदियों की मातृभूमि बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसे बाल्फोर डिक्लेरेशन कहा जाता है।
  • साल 1945 तक ये इलाका ब्रिटेन के कब्जे में रहा। इस दौरान यूरोप के अलग-अलग देशों से यहूदी यहां आकर बसते रहे। इस दौरान फिलिस्तीनियों और यहूदियों में कई संघर्ष होते रहे।
  • दूसरे विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन ने ये मामला यूनाइटेड नेशन को सौंप दिया।
  • 1947 में यूनाइटेड नेशन ने फिलिस्तीन को दो हिस्सों में बांट दिया। एक अरब राज्य और दूसरा हिस्सा बना इजराइल।
  • यरुशलम को अंतरराष्ट्रीय सरकार के कब्जे में रखा गया। विवाद की एक बड़ी वजह यरुशलम शहर भी है।
  • 1948 में इजराइल ने खुद को स्वतंत्र राष्ट्र घोषित कर दिया। अगले ही दिन अरब देशों ने इजराइल पर हमला कर दिया। ये युद्ध करीब 15 महीनों तक चला। 1949 में एक संधि के साथ युद्ध खत्म हुआ। इजराइल ने युद्ध जीत लिया। 7 लाख के करीब फिलिस्तीनी शरणार्थी बन गए।
  • 1948 में इजराइल ने खुद को स्वतंत्र राष्ट्र घोषित कर दिया। अगले ही दिन अरब देशों ने इजराइल पर हमला कर दिया। ये युद्ध करीब 15 महीनों तक चला।
  • 1964 में फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गेनाइजेशन बना। इस बीच अरब देशों और इजराइल के बीच कई बातों को लेकर संघर्ष होता रहा।
  • इस संघर्ष ने 1967 में युद्ध का रूप ले लिया। 6 दिन तक चले इस युद्ध में अरब देशों को जान-माल और जमीन का नुकसान हुआ। इजराइल ने वेस्ट बैंक, गोलन हाइट्स और पूर्वी यरुशलम को अपने कब्जे में ले लिया।
  • 1987 में फिलिस्तीन की ओर से पहला इंतिफादा (विरोध प्रदर्शन और छोटे संघर्ष) शुरू किया गया। इस दौरान फिलिस्तीन और इजराइल के बीच भयंकर हिंसक झड़पें हुईं। 1993 में ओस्लो में समझौते के साथ ये संघर्ष थोड़ा कम हुआ।
  • 2002 में एक आत्मघाती हमले के साथ दूसरे इंतिफादा की शुरुआत हुई। माना जाता है कि ये 2005 तक चला। इसी साल इजराइल ने गाजा पर से सेना के नियंत्रण को खत्म किया। हालांकि हवाई मार्ग, जल मार्ग और बॉर्डर पर इजराइली सेना का नियंत्रण जारी रहा।
  • 2017 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यरुशलम को इजराइल की राजधानी के तौर पर मान्यता दी। हालांकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बात का समर्थन नहीं करता।

फिलिस्तीन की मांग क्या है?

  • फिलिस्तीन का कहना है, इजराइल 1967 से पहले की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं तक वापस लौट जाए और वेस्ट बैंक तथा गाजा पट्टी में स्वतंत्र फिलिस्तीन राष्ट्र की स्थापना हो। साथ ही इजराइल पूर्वी यरुशलम से अपना दावा छोड़े, क्योंकि फिलिस्तीन आजाद होने के बाद उसे अपनी राजधानी बनाना चाहता है।

इजराइल का क्या कहना है?

  • फिलिस्तीन की मांगों को इजराइल सिरे से नकारता आ रहा है। इजराइल यरुशलम से अपना दावा छोड़ने को राजी नहीं है। उसका कहना है कि यरुशलम हमारी राजधानी है और ये इजराइल का अभिन्न अंग है।

दोनों के बीच किन इलाकों को लेकर विवाद है?

वेस्ट बैंक:

  • वेस्ट बैंक इजराइल और जॉर्डन के बीच में है। इजराइल ने 1967 के युद्ध के बाद इसे अपने कब्जे में कर रखा है। इजराइल और फिलिस्तीन दोनों ही इस इलाके को अपना बताते हैं।

गाजा पट्टी:

  • गाजा पट्टी इजराइल और मिस्र के बीच में है। यहां फिलहाल हमास का कब्जा है। ये इजराइल विरोधी समूह है।
  • सितंबर 2005 में इजराइल ने गाजा पट्‌टी से अपनी सेना को वापस बुला लिया था। 2007 में इजराइल ने इस इलाके पर कई प्रतिबंध लगा दिए।

गोलन हाइट्स:

  • राजनीतिक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ये इलाका सीरिया का एक पठार है।
  • 1967 के बाद से ही इस पर इजराइल का कब्जा है। इस इलाके में कब्जे के विवाद को लेकर कई बार शांति वार्ता की कोशिशें हो चुकी हैं, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।

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समारोह/सम्मेलन

गोवा समुद्री संगोष्ठी (GMS)-21

चर्चा में क्यों?

  • अपने समुद्री पड़ोसियों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों को बढ़ावा देने की दिशा में भारतीय नौसेना ने दिनांक 11 और 12 मई 2021 को गोवा के नेवल वॉर कॉलेज के तत्वावधान में ‘जीएमएस-21’ (GOA MARITIME SYMPOSIUM (GMS) – 2021) की मेजबानी की।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • कोविड-19 महामारी के कारण पहली बार इस कार्यक्रम को वर्चुअल मोड में आयोजित किया गया था जिसमें तटवर्ती हिंद महासागर के 13 देशों की नौसेना प्रतिनिधियों की ऑनलाइन भागीदारी थी।
  • कार्यक्रम में भारत, बांग्लादेश, कोमोरोस, इंडोनेशिया, मेडागास्कर, मलेशिया, मालदीव, मॉरीशस, म्यांमार, सेशेल्स, सिंगापुर, श्रीलंका एवं थाईलैंड शामिल थे। जीएमएस-21 का विषय “समुद्री सुरक्षा और उभरते गैर-पारंपरिक खतरे: हिन्द महासागर क्षेत्र में स्थित नौसेनाओं हेतु सक्रिय भूमिका निभाने वाले हालात” पर केंद्रित था जिसमें उभरते साझा समुद्री खतरों से निपटने के लिए हिंद महासागर क्षेत्र की नौसेनाओं के बीच क्षमता निर्माण पर जोर दिया गया था।

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