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Daily Current Affairs: 14 August 2021

दिन-दिवस

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस

चर्चा में क्यों?

  • आजादी की 72वीं वर्षगांठ से ठीक एक दिन पहले केन्द्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के मनाने का निर्णय लिया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अगस्त को घोषणा की कि लोगों के संघर्षों एवं बलिदान की याद में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाएगा और कहा कि बंटवारे के दर्द को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता। बता दें कि भारत कल यानी रविवार को अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के बंटवारे के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता। नफरत और हिंसा की वजह से हमारे लाखों बहनों और भाइयों को विस्थापित होना पड़ा और अपनी जान तक गंवानी पड़ी।
  • उन लोगों के संघर्ष और बलिदान की याद में 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के तौर पर मनाने का निर्णय लिया गया है।

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अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य

समुद्र में दो टुकड़ों में टूट गया जापान का जहाज

चर्चा में क्यों?

  • उत्तरी जापान के समुद्र में एक मालवाहक जहाज तट से टकराकर दो टुकड़ों में टूट गया है। हालांकि इस पनामा फ्लेग्‍ड शिप के सभी क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • क्रिमसन पोलारिस (Crimson Polaris) नाम के इस जहाज का अगला हिस्‍सा और पिछला हिस्‍सा टूट कर अलग हो गया है।
  • जहाज टूटने से इसका ईंधन रिसकर करीब 24 किलोमीटर (15 मील) तक फैल गया है।
  • इससे पर्यावरण को कितना नुकसान हुआ है, इस बारे में अभी सटीक अंदाजा नहीं लग पाया है।
  • 39 हजार टन वजनी यह जहाज लकड़ी के चिप्‍स लेकर जा रहा था और 11 अगस्त 2021 को यह हचिनोहे (Hachinohe) बंदरगाह में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

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तुर्की में भीषण बाढ़ और आग

चर्चा में क्यों?

  • तुर्की के उत्तरी हिस्से में भीषण बाढ़ और भूस्खलन से दर्जन भर लोगों की मृत्यु होने की सूचना है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • काला सागर के आसपास के तटीय प्रांतों बार्टिन, कस्तमोनू, सिनोप और सैमसन में हाल में आई बाढ़ में कई आवास और पुल ध्वस्त हो गए और कारें बह गयी। मकानों की छतों पर फंसे लोगों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टर की मदद ली गयी।
  • बाढ़ की आपदा ऐसे वक्त आयी है जब दक्षिण-पश्चिम तुर्की के मुगला प्रांत में जंगल में लगी आग को बुझाने के लिए दमकलकर्मी मशक्कत कर रहे हैं।
  • एजियन सागर के पास स्थित यह प्रांत पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है।
  • तुर्की में 28 जुलाई के बाद से जंगल में आग लगने की 200 से ज्यादा घटनाएं सामने आ चुकी हैं और कम से कम आठ लोगों की मौत हो गयी और कई जानवर मारे गए। हजारों लोगों को घर बार छोड़ कर दूसरी जगह जाना पड़ा।
  • बोजकर्ट के कई इलाके जल सैलाब से प्रभावित हुए हैं। वहीं बार्टिन प्रांत में पुल का एक हिस्सा के ढह जाने से 13 लोग घायल हो गए।
  • सेना ने 80 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया।
  • तुर्की के काला सागर क्षेत्र को अक्सर भारी बारिश और बाढ़ का सामना करना पड़ता है। पिछले महीने तटीय प्रांत रिजे में बाढ़ में छह लोगों की मौत हो गयी थी।

काला सागरकी भौगौलिक स्थिति

  • काला सागर, जिसे यूक्सिन सागर के नाम से भी जाना जाता है, दुनिया के प्रमुख जल निकायों और प्रसिद्ध अंतर्देशीय समुद्रों में से एक है।
  • अटलांटिक महासागर का यह सीमांत समुद्र, पूर्वी यूरोप और पश्चिमी एशिया के बीच स्थित है।
  • यह दक्षिण, पूर्व और उत्तर में क्रमशः पोंटिक, काकेशस और क्रीमियन पहाड़ों से घिरा हुआ है।
  • तुर्की जलडमरूमध्य प्रणाली- डारडेनेल्स, बोस्फोरस और मरमारा सागर- भूमध्यसागर तथा काला सागर के बीच एक ट्रांज़ीशन ज़ोन के रूप में कार्य करती है।
  • काला सागर, केर्च जलडमरूमध्य के माध्यम से सागर से भी जुड़ा हुआ है।
  • काला सागर के सीमावर्ती देशों में- रूस, यूक्रेन, जॉर्जिया, तुर्की, बुल्गारिया और रोमानिया शामिल हैं।

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चर्चित व्यक्तित्व

कैप्टन जोया अग्रवाल

चर्चा में क्यों?

  • एयर इंडिया की पायलट कैप्टन जोया अग्रवाल को संयुक्त राष्ट्र में महिला प्रवक्ता नियुक्त किया गया है।
  • जोया को यह जिम्मेदारी जेनरेशन इक्वेलिटी के तहत सौंपी गई है।
  • जोया अग्रवाल के पास 10 साल से भी अधिक समय तक उड़ान भरने का अनुभव है।
  • वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं। जोया ने महज 8 साल की उम्र में आसमान में उड़ान भरने का सपना देखा था।
  • फिलहाल वह एयर इंडिया की कमांडर हैं और दुनिया भर में बोइंग 777 विमान उड़ा रही हैं।

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समारोह/सम्मेलन

कृषि पर ब्रिक्स कार्य समूह की बैठक

चर्चा में क्यों?

  • ब्राजील, रूस, भारत, चीन, और दक्षिण अफ्रीका (BRICS) के कृषि मंत्रियों ने वर्चुअली “खाद्य और पोषण सुरक्षा के लिए कृषि जैव विविधता को सुदृढ़ करने के लिए ब्रिक्स की साझेदारी” विषय पर विचार-विमर्श किया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इस बैठक में दीर्घकालिक विकास के लिए संयुक्त राष्ट्र 2030 एजेंडा के कार्यान्वयन का उल्लेख किया गया और कहा गया कि ब्रिक्स देश भूख और गरीबी को मिटाने के लिए 2030 लंबे समय तक चल सकने वाले विकास लक्ष्यों के उद्देश्यों को प्राप्त करने में मदद करने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए अच्छी तरह से तैयार हैं।
  • ब्रिक्स देशों की इस बैठक में मजबूत कृषि अनुसंधान आधार और ज्ञान का उपयोग और साझा करने की आवश्यकता, विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन की स्थिति में, उन्नत उत्पादकता के लिए बेहतर समाधान प्रदान करने के लिए प्रयोगशाला से भूमि पर प्रौद्योगिकियों के हस्तांतरण की सुविधा, कृषि जैव विविधता को बनाए रखना और प्राकृतिक संसाधनों के टिकाऊ उपयोग को सुनिश्चित करना आदि पर विचार-विमर्श किया गया।
  • ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) कृषि अनुसंधान मंच को भारत द्वारा कृषि अनुसंधान, विस्तार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए विकसित किया गया है।
  • ब्रिक्स कृषि अनुसंधान मंच को कार्यात्मक बनाने और उत्पादकों और प्रोसेसर की जरूरतों को पूरा करने के लिए कृषि प्रौद्योगिकियों के उपयोग और अनुप्रयोग में सुधार के लिए अनुसंधान सहयोग को प्रोत्साहित करने की मंशा भी व्यक्त की गई।
  • ब्रिक्स की ग्यारहवीं बैठक की संयुक्त घोषणा पत्र और ब्रिक्स देशों के कृषि सहयोग के लिए 2021-24 की कार्य योजना और ब्रिक्स कृषि अनुसंधान मंच पर गंभीरता से चर्चा की गई।

BRICS क्या है?

  • ब्रिक्स विश्व की पांच अग्रणी उभरती अर्थव्यवस्थाओं- ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के समूह के लिये एक संक्षिप्त शब्द (Abbreviation) है।
  • यह कोई अंतर्राष्ट्रीय अंतर-सरकारी संगठन नहीं है, न ही यह किसी संधि के तहत स्थापित हुआ है।
  • ब्रिक्स देशों के सर्वोच्च नेताओं का तथा अन्य मंत्रिस्तरीय सम्मेलन प्रतिवर्ष आयोजित किये जाते हैं।
  • ब्रिक्स शिखर सम्मलेन की अध्यक्षता प्रतिवर्ष B-R-I-C-S क्रमानुसार सदस्य देशों के सर्वोच्च नेता द्वारा की जाती है।

BRICS की विशेषताएँ

  • ब्रिक्स देशों की जनसंख्या दुनिया की आबादी का लगभग 40% है और इसका वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में हिस्सा लगभग 30% है।
  • इसे महत्त्वपूर्ण आर्थिक इंजन के रूप में देखा जाता है और यह एक उभरता हुआ निवेश बाज़ार तथा वैश्विक शक्ति है।

BRICS की शुरुआत

  • BRICS की चर्चा वर्ष 2001 में गोल्डमैन सैस (Goldman Sachs) के अर्थशास्री जिम ओ’ नील ने ब्राज़ील, रूस, भारत और चीन की अर्थव्यवस्थाओं के लिये विकास की संभावनाओं पर एक रिपोर्ट में की गई थी।
  • वर्ष 2006 में चार देशों ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की सामान्य बहस के अंत में विदेश मंत्रियों की वार्षिक बैठकों के साथ एक नियमित अनौपचारिक राजनयिक समन्वय शुरू किया।
  • इस सफल बातचीत से यह निर्णय हुआ कि इसे वार्षिक शिखर सम्मेलन के रूप में देश और सरकार के प्रमुखों के स्तर पर आयोजित किया जाना चाहिये।
  • पहला BRIC शिखर सम्मेलन वर्ष 2009 में रूस के येकतेरिनबर्ग में हुआ और इसमें वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
  • दिसंबर 2010 में दक्षिण अफ्रीका को BRIC में शामिल होने के लिये आमंत्रित किया गया और इसे BRICS कहा जाने लगा।
  • मार्च 2011 में दक्षिण अफ्रीका ने पहली बार चीन के सान्या में तीसरे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लिया।

BRICS के उद्देश्य

  • ब्रिक्स का उद्देश्य अधिक स्थायी, न्यायसंगत और पारस्परिक रूप से लाभकारी विकास के लिये समूह के साथ-साथ, अलग-अलग देशों के बीच सहयोग को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाना है।
  • ब्रिक्स द्वारा प्रत्येक सदस्य की आर्थिक स्थिति और विकास को ध्यान में रखा जाता है ताकि संबंधित देश की आर्थिक ताकत के आधार पर संबंध बनाए जाएँ और जहाँ तक संभव हो सके प्रतियोगिता से बचा जाए।
  • ब्रिक्स विभिन्न वित्तीय उद्देश्यों के साथ एक नए और आशाजनक राजनीतिक-राजनयिक इकाई के रूप में उभर रहा है जो वैश्विक वित्तीय संस्थानों में सुधार के मूल उद्देश्य से परे है।

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पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी

भारत की चार और वेटलैंडस को रामसर स्थलों के रूप में मान्यता

चर्चा में क्यों?

  • भारत की चार और आर्द्रभूमियों (वेटलैंड्स) को रामसर स्थलों के रूप में मान्यता मिल गई है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • ये स्थल हैं: गुजरात के थोल और वाधवाना और हरियाणा के सुल्तानपुर और भिंडावास।
  • इसके साथ ही भारत में रामसर स्थलों की संख्या 46 हो गई है और इन स्थलों से आच्छादित सतह क्षेत्र अब 1,083,322 हेक्टेयर हो गया है।
  • जहां एक ओर हरियाणा को अपनी पहली रामसर साइट मिली  है,  वहीं गुजरात को नलसरोवर के बाद तीन और स्थल मिल गए हैं।
  • नल सरोवर को 2012 में अंतर्राष्ट्रीय आर्द्रस्थल घोषित किया गया था।

 रामसर सूची का उद्देश्य

  • रामसर सूची का उद्देश्य “आर्द्रभूमि के एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय तन्त्र (नेटवर्क) को विकसित करना और सुरक्षित बनाए रखना है जो वैश्विक जैविक विविधता को संरक्षित करने  और सुरक्षित  रखने के साथ ही मानव जीवन की अपने इको-सिस्‍टम के घटकों, प्रक्रियाओं और लाभों के रखरखाव के माध्यम से सहेजे रखने के लिए भी  महत्वपूर्ण हैं।

क्या होती हैं आर्द्रभूमि:

  • आर्द्रभूमि (वेटलैंड्स) जल एवं स्थल के मध्य का संक्रमण क्षेत्र होता है। यह जैव विविधता की दृष्टि से एक समृद्ध क्षेत्र होता है।
  • इन्हें मुख्य रूप से दो वर्गों में विभक्त किया जाता है-
  • सागर तटीय आर्द्रभूमि
  • अंत:स्थलीय आर्द्रभूमि

आर्द्रभूमियों का महत्व

  • आर्द्रभूमियों से (वेटलैंड्स) भोजन, पानी, रेशा (फाइबर), भूजल का पुनर्भरण, जल शोधन, बाढ़ नियंत्रण, भूमि के कटाव का नियंत्रण और जलवायु विनियमन जैसे महत्वपूर्ण संसाधनों और इको-सिस्‍टम सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला प्राप्त होती हैं।
  • वस्तुतः ये क्षेत्र पानी का एक प्रमुख स्रोत हैं और मीठे पानी की हमारी मुख्य आपूर्ति आर्द्रभूमि की ऐसी उन श्रृंखलाओं से आती है जो वर्षा को सोखने और भूजल को फिर से उसी स्तर पर लाने (रिचार्ज करने) में मदद करती है।

भिंडावास वन्यजीव अभयारण्य,

  • भिंडावास वन्यजीव अभयारण्य, (झज्झर) हरियाणा की सबसे बड़ी ऐसी आर्द्रभूमि है जो मानव निर्मित होने के साथ ही मीठे पानी वाली  आर्द्रभूमि है। 250 से अधिक पक्षी प्रजातियां पूरे वर्ष इस अभयारण्य का उपयोग  अपने विश्राम एवं प्रजनन स्थल के रूप में करती हैं।
  • यह साइट मिस्र के लुप्तप्राय गिद्ध, स्टेपी ईगल, पलास के मछली (फिश) ईगल और ब्लैक-बेलिड टर्न सहित विश्व स्तर पर दस से अधिक खतरे में आ चुकी प्रजातियों को शरण देती है।

सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान

  • हरियाणा का सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान (गुरुग्राम) मिलने वाले पक्षियों, शीतकालीन प्रवासी और स्थानीय प्रवासी जलपक्षियों की 220 से अधिक प्रजातियों की उनके अपने जीवन चक्र के महत्वपूर्ण चरणों में आश्रय देकर सम्भरण करता है। इ
  • नमें से दस से प्रजातियाँ अधिक विश्व स्तर पर खतरे में आ चुकी हैं, जिनमें अत्यधिक संकट में लुप्तप्राय होने की कगार पर आ चुके मिलनसार टिटहरी (लैपविंग) और लुप्तप्राय मिस्र के गिद्ध, सेकर फाल्कन, पलास की मछली(फिश) ईगल और ब्लैक-बेलिड टर्न शामिल हैं।

 

 

थोल झील वन्यजीव अभयारण्य

  • गुजरात की थोल झील (मेहसाणा) वन्यजीव अभयारण्य पक्षियों के मध्य एशियाई उड़ान मार्ग (फ्लाईवे) पर स्थित है और यहां 320 से अधिक पक्षी प्रजातियां पाई जा सकती हैं।
  • यह आर्द्रभूमि 30 से अधिक संकटग्रस्त जलपक्षी प्रजातियों की शरण स्थली भी है, जैसे कि अत्यधिक संकट में आ चुके लुप्तप्राय सफेद-पंख वाले गिद्ध और मिलनसार टिटहरी (लैपविंग) और संकटग्रस्त सारस बगुले (क्रेन),  बत्तखें (कॉमन पोचार्ड) और हल्के सफ़ेद हंस (लेसर व्हाइट-फ्रंटेड गूज़)।

वाधवाना आर्द्रभूमि (वेटलैंड)

  • गुजरात में वाधवाना आर्द्रभूमि (वेटलैंड) अपने पक्षी जीवन के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह प्रवासी जलपक्षियों को सर्दियों में रहने के लिए उचित स्थान प्रदान करती है।
  • इनमें 80 से अधिक ऐसी प्रजातियां हैं जो मध्य एशियाई उड़ान मार्ग (फ्लाईवे) में स्थान-स्थान पर प्रवास करती हैं। इनमें कुछ संकटग्रस्त या संकट के समीप आ चुकी प्रजातियां शामिल हैं जैसे लुप्तप्राय पलास की मछली-ईगल, दुर्बल संकटग्रस्त सामान्य बत्तखें (कॉमन पोचार्ड) और आसन्न संकट वाले डालमेटियन पेलिकन, भूरे सर वाली (ग्रे-हेडेड) फिश-ईगल और फेरुगिनस डक।
  • पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय इन स्थलों (साइटों) का बुद्धिमत्ता से उपयोग सुनिश्चित किए जाने के लिए राज्यों के आर्द्रभूमि प्राधिकरणों के साथ मिलकर काम करेगा।

रामसर कन्वेंशन-

  • रामसर कन्वेंशन 2 फरवरी, 1971 में ईरान के शहर रामसर में अस्तित्व में आया।
  • यह अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की आर्द्रभूमियों के संरक्षण के उद्देश्य से विश्व के राष्ट्रों के बीच पहली संधि है।
  • यह संधि विश्व स्तर पर हो रहे आर्द्रभूमियों के नुकसान को रोकने और उनको संरक्षित करने की दिशा में प्रयासरत है।
  • भारत 1 फरवरी, 1982 को इस कन्वेंशन में शामिल हुआ।

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