Daily Current Affairs 13 October 2020

पुरस्कार/ सम्मान
अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार-2020
चर्चा में क्यों?
अमेरिका के पॉल. आर. मिल्ग्रॉम (Paul R. Milgrom ) तथा रॉबर्ट बी. विल्सन (Robert B. Wilson) को इस साल का अर्थशास्त्र को नोबेल पुरस्कार मिला है।
महत्वपूर्ण बिंदु
उन्हें यह पुरस्कार ‘नीलामी सिद्धांत में सुधार और नए नीलामी स्वरूप के आविष्कार’ के लिए दिया गया है।
अर्थशास्त्र के क्षेत्र में दिए जाने वाले इस पुरस्कार को तकनीकी रूप से ‘स्वीरिजेज रिक्सबैंक प्राइज’ (Sveriges Riksbank Prize in) कहा जाता है और यह वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में दिया जाता है।
इस पुरस्कार की स्थापना 1969 में हुई थी और इसे अब नोबेल पुरस्कारों में से ही एक माना जाता है।
पुरस्कार के तहत एक स्वर्ण पदक और एक करोड़ स्वीडिश क्रोना (लगभग 8.27 करोड़ रुपये) की राशि दी जाती है।
2019 में यह पुरस्कार भारतीय मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी, उनकी पत्नी, इश्तर डूफलो और माइकल क्रेमर को संयुक्त रूप से ‘गरीबी उन्मूलन पर प्रायोगिक कार्य के लिये’ दिया गया था।
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कृषि, पर्यावरण एवं जैव विविधता
उत्तराखंड में मिले दिन में उड़ने वाले फ्लाइंग मोठ
चर्चा में क्यों?
लगभग 125 वर्षों के बाद उत्तराखंड के टिहरी ज़िले में देवलसारी नामक स्थान पर दिन में उड़ने वाले फ्लाइंग मोठ (वैज्ञानिक नाम- Achelura Bifasciata) नामक कीट की पहचान की गई है।
महत्वपूर्ण बिंदु
फ्लाइंग मोठ (Flying Moth) आमतौर पर हिमालयी बेल्ट में पाया जाता है और उत्तराखंड में इसकी उपस्थिति का उल्लेख 125 वर्ष पूर्व नैनीताल के पुराने रिकॉर्डों में किया गया है।
प्रसिद्ध प्रकृतिवादी संजय सोंधी ने इस दुर्लभ कीट की पहचान की है।
यह कीट ग्लासी टाइगर तितली की नकल करता है।
दिलचस्प तथ्य यह है कि कई कीट और तितलियाँ देखने में एकसमान होती हैं।
हालाँकि दोनों के बीच कुछ भिन्नताएँ हैं जैसे तितलियों के पंखों पर आमतौर पर बड़े और रंगीन पैटर्न होते हैं जबकि कीटों के पंख रंगीन और छोटे होते हैं।
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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
हाइड्रोजन फ्यूल सेल प्रोटोटाइप कार का सफलतापूर्वक परीक्षण
चर्चा में क्यों?
सीएसआईआर, केपीआईटी टेक्नोलजीज ने हाइड्रोजन फ्यूल सेल ( hydrogen fuel cell) प्रोटोटाइप कार का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है
महत्वपूर्ण बिंदु
एचएफसी तकनीक में विद्युत ऊर्जा पैदा करने के लिए हाइड्रोजन और ऑक्सीजन (हवा से) के बीच रासायनिक प्रतिक्रिया कराई जाती है। इसमें पेट्रोल या गैस जैसे पारंपरिक जीवाश्म ईंधनों का उपयोग नहीं किया जाता।
एचएफसी पूरी तरह से देश में ही विकसित ईंधन सेल स्टैक पर आधारित है।
ईंधन सेल स्टैक से तात्पर्य विद्युत ऊर्जा पैदा करने वाली बैटरियों से है, जिन्हें एकत्र करने के लिए ज्यादा जगह की जरूरत नहीं पड़ती। इसे सात सीटों वाली कार में आसानी से फिट किया जा सकता है।
इस ईंधन सेल तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह सिर्फ अवशिष्ट पदार्थ के रूप में पानी का उत्सर्जन करती है, इस तरह अन्य वायु प्रदूषकों के साथ ही हानिकारक ग्रीनहाउस गैसों (GHG) के उत्सर्जन में कमी करने में सहयोग करती है।
यह तकनीक 65-75 डिग्री सेल्सियस तापमान पर भी काम करती है जो वाहन चलाने के वक्त पैदा होने वाली गर्मी को सह सकती है।
एचएफसी तकनीक का उपयोग जैसे-जैसे बढ़ेगा, प्रदूषण का स्तर कम होगा।
परीक्षण के लिए बैटरी से चलने वाली इलेक्ट्रिक कार में ही ईंधन सेल को फिट किया गया था।
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राष्ट्रीय परिदृश्य
सीमांत क्षेत्र में एक साथ 44 पुलों का उद्घाटन
चर्चा में क्यों?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 12 अक्टूबर 2020 को सीमांत क्षेत्र में एक साथ 44 पुलों का उद्घाटन किया।
महत्पूर्ण बिंदु
यह पहली बार है जब एकसाथ इतने पुल देश को समर्पित किए गए हैं।
सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा निर्मित यह सभी पुल रणनीतिक महत्व के हैं और दूरदराज के क्षेत्रों को कनेक्टिविटी प्रदान करते हैं।
यह 44 पुल सात राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में फैले हुए हैं। इनमें से 44 पुल जम्मू-कश्मीर (10), लद्दाख (08), हिमाचल प्रदेश (02), पंजाब (04), उत्तराखंड (08), अरुणाचल प्रदेश (08) और सिक्किम (04) में स्थित हैं।
इनकी मदद से सेना की हथियारबंद टुकड़ियां जल्द सीमा पर फॉरवर्ड लोकेशन तक पहुंच सकती हैं।
इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अरुणाचल प्रदेश के तवांग की सड़क पर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण नेचिपु सुरंग (Nechiphu tunnel) की आधारशिला भी रखी।
यह 450 मीटर लंबी, दो लेनों वाली सुरंग पश्चमी सियांग जिले में स्थित नेचिपु पास में सभी मौसम में कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में एक सुरक्षित मार्ग प्रदान करेगी।
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आर्थिक एवं वाणिज्यिक परिदृश्य
मध्य प्रदेश के छोटे शहरों के विकास के लिए ए़डीबी देगा 270 मिलियन डॉलर का ऋण
चर्चा में क्यों?
भारत और एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB)ने हाल ही में मध्य प्रदेश के 64 छोटे शहरों में शहरी सेवाओं में सुधार के लिए 270 मिलियन डॉलर के ऋण पर हस्ताक्षर किए हैं।
महत्वपूर्ण बिंदु
एशियाई विकास बैंक (ADB) और भारत सरकार के बीच हुए ऋण समझौते के तहत पानी की आपूर्ति, भारी बारिश के पानी और सीवेज प्रबंधन के लिए बुनियादी ढांचे को विकसित करने और शहरी स्थानीय निकायों (ULB) की क्षमताओं को मजबूत किया जाएगा।
यह मध्य प्रदेश शहरी सेवा सुधार परियोजना के दायरे को बढ़ाने के लिए एक अतिरिक्त धनराशि होगी।
ऋण समझौते पर वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव (फंड बैंक और एडीबी) समीर कुमार खरे ने भारत सरकार की ओर से तथा एडीबी की तरफ से एडीबी के इंडिया रेजिडेंट मिशन के कंट्री डायरेक्टर टेको कोनिशी ने हस्ताक्षर किए।
शहरी सेवा सुधार परियोजना के तहत चुने गए शहरों में रहने वाले लोगों के लिए पानी की आपूर्ति और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सेवाओं में सुधार होगा।
यह 2025 तक शहरी स्थानीय निकायों में सभी को पाइप से जलापूर्ति करने के साथ ही शहरी बुनियादी ढांचे की सेवाओं में सुधार के मध्य प्रदेश सरकार के विजन से जुड़ा हुआ है।
इस परियोजना को बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन से भी सहयोग मिलेगा, विशेष रूप से स्वच्छता उपपरियोजनाओं में योजना, डिजाइन, कार्यान्वयन, संचालन और रखरखाव में सिटीवाइड समावेशी स्वच्छता सिद्धांतों के एकीकरण के लिए।
एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB)
एशियाई विकास बैंक, एक क्षेत्रीय विकास बैंक है, जिसकी स्थापना 19 दिसंबर, 1966 को की गई थी।
इस बैंक की स्थापना का उद्देश्य एशिया-प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक विकास को गति प्रदान करना था।
इसका मुख्यालय मनीला, फिलीपींस में स्थित है।
इसके वर्तमान अध्यक्ष मसात्सुगु असाकावा हैं।
इसके 68 सदस्य हैं।
Asian Development Review, ADR, Asian Development Outlook,ADO इसके प्रमुख प्रकाशन हैं।
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मिशन/ अभियान
“कामधेनु दीपावली अभियान”
चर्चा में क्यों?
गौमाया गणेश अभियान की प्रतिक्रिया से उत्साहित, राष्ट्रीय कामधेनु आयोग (RKA) ने इस आगामी दीपावली त्योहार के अवसर पर “कामधेनु दीपावली अभियान” मनाने का अभियान शुरू किया है।
महत्वपूर्ण बिंदु
इस अभियान के माध्यम से, आरकेए इस दिवाली महोत्सव के दौरान गाय के गोबर / पंचगव्य उत्पादों के व्यापक उपयोग को बढ़ावा दे रहा है।
इस वर्ष के दिवाली उत्सव के लिए गोबर आधारित दीयों, मोमबत्तियों, धूप, अगरबत्ती, शुभ-लाभ, स्वस्तिक, समरणी, हार्डबोर्ड, वॉल-पीस, पेपर-वेट, हवन सामग्री, भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की मूर्तियों का निर्माण पहले ही शुरू हो चुका है।
आरकेए का लक्ष्य इस वर्ष दीपावली त्योहार के दौरान 11 करोड़ परिवारों में गाय के गोबर से बने 33 करोड़ दीयों को प्रज्वलित करना है। लगभग 3 लाख दीयों को केवल पवित्र शहर अयोध्या में ही प्रज्वलित किया जाएगा और 1 लाख दीये पवित्र शहर वाराणसी में जलाए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय कामधेनु आयोग (RKA) का गठन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गायों और गौवंश के संरक्षण, सुरक्षा और विकास तथा पशु विकास कार्यक्रम को दिशा प्रदान करने के लिए किया गया है।
मवेशियों से संबंधित योजनाओं के बारे में नीति बनाने और कार्यान्वयन को दिशा प्रदान करने के लिए आरकेए एक उच्च शक्ति वाला स्थायी निकाय है ताकि आजीविका उत्पादन पर अधिक जोर दिया जा सके। पशुधन अर्थव्यवस्था का निर्माण ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 73 मिलियन घरों में होता है।
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जल जीवन मिशन : लैब ऑन व्हील्स
चर्चा में क्यों?
हरियाणा में अत्याधुनिक सचल जल परीक्षण प्रयोगशाला वैन का शुभारंभ
महत्वपूर्ण बिंदु
जल शक्ति मंत्रालय के जल जीवन मिशन का उद्देश्‍य वर्ष 2024 तक प्रत्‍येक ग्रामीण घर में नल द्वारा जल का कनेक्शन प्रदान करना है।
इस मिशन के तहत काम काफी तेजी से किया जा रहा है और यह मिशन जल गुणवत्ता की निगरानी करने पर भी बहुत जोर देता है।
जल परीक्षण की बढ़ती हुई जरूरत का संज्ञान लेते हुए, हरियाणा सरकार ने अति आधुनिक चलती-फिरती जल परीक्षण प्रयोगशाला वैन का शुभारंभ करके एक नवीन दृष्टिकोण अपनाया है।
यह वैन जल परीक्षण के लिए मल्टी-पैरामीटर प्रणाली से लैस है, जिसमें विश्‍लेषक/सेंसर/प्रोब्‍स/उपकरण लगे हैं।
हरियाणा राज्‍य में पानी की गुणवत्ता मुख्य रूप से पूरी तरह से घुलनशील ठोस पदार्थ (TDS), फ्लोराइड, नाइट्रेट, लौह और क्षारीयता से प्रभावित है।
इस चलती-फिरती जल परीक्षण प्रयोगशाला वैन को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है, और यह नवीनतम प्रौद्योगिकियों और विशेषताओं से पूरी तरह लैस है।
यह वैन जल के नमूनों के पीएच, क्षारीयता, टीडीएस, कठोरता, अवशिष्ट क्लोरीन, जस्ता, नाइट्राइट, फ्लोराइड, टर्बिडिटी और सूक्ष्म जैविक परीक्षण जैसे विभिन्न जल गुणवत्ता के मापदंडों को मापने में सक्षम है।
यह चलती-फिरती जल परीक्षण प्रयोगशाला वैन मौके पर ही जल गुणवत्ता समस्‍या की तुरंत पहचान करने में मदद करेगी।
यह चलती-फिरती जल परीक्षण वैन राज्य जल परीक्षण प्रयोगशाला, करनाल में तैनात की जाएगी और इसका पूरे राज्य में परिचालन किया जाएगा।
जल जीवन मिशन
जल जीवन मिशन की घोषणा अगस्त 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई थी, इस मिशन का प्रमुख उद्देश्य वर्ष 2024 तक सभी ग्रामीण घरों में पाइप जलापूर्ति (हर घर जल) सुनिश्चित करना है।
जल जीवन मिशन की प्राथमिकता देश भर के सभी भागों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है।
इस मिशन के तहत कृषि में पुन: उपयोग के लिये वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण और घरेलू अपशिष्ट जल के प्रबंधन हेतु स्थानीय बुनियादी ढांचे के निर्माण पर भी ध्यान दिया जाएगा।
जल जीवन मिशन के कार्यान्वयन के लिये जल शक्ति मंत्रालय को नोडल मंत्रालय के रूप में नियुक्त किया गया है।
उल्लेखनीय है कि भारत में विश्व की कुल आबादी का तकरीबन 16 प्रतिशत हिस्सा मौजूद है, जबकि देश में पीने योग्य जल का मात्र 4 प्रतिशत हिस्सा ही उपलब्ध है।
वहीं लगातार गिरता भू-जल और जल स्रोतों पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव जल संरक्षण में कुछ अन्य चुनौतियाँ हैं, ऐसे में पेयजल की मांग और पूर्ति के मध्य संतुलन स्थापित करना सरकार के लिये एक बड़ी चुनौती है।
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