Daily Current Affairs 12 October 2020

खेल परिदृश्य
फ्रेंच ओपन 2020
चर्चा में क्यों?
स्पेन के राफेल नडाल ने 11 अक्टूबर 2020 को सर्बिया के नोवाक जोकोविच को पुरुष एकल वर्ग के फाइनल में हरा अपना 13वां फ्रेंच ओपन खिताब जीता।
महत्वपूर्ण बिंदु
राफेल नडाल ने रोलां गैरों में जोकोविच को एकतरफा 6-0, 6-2, 7-5 से एकतरफा सेटों में पराजित करते हुए अपना कुल 20 वां ग्रैंड स्लैम खिताब जीता।
पुरुष वर्ग में राफेल नडाल ने ग्रैंड स्लैम जीतने के मामले में रोजर फेडरर की बराबरी कर ली है। अब दोनों के नाम 20-20 ग्रैंड स्लैम खिताब हैं।
अमेरिका ओपन में वो बाहर हो गए थे लेकिन उसका कारण लाइन जज को गेंद मारना था जिसके कारण जोकोविच को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया था।
राफेल नडाल सबसे अधिक बार फ्रेंच ओपन जीतने वाले खिलाड़ी हैं। साल 2020 में उन्होंने 13 वीं बार यह खिताब अपने नाम किया है।
इगा स्वितेक ने जीती वूमेंस सिंगल
पोलैंड की युवा महिला टेनिस खिलाड़ी इगा स्वितेक ने फ्रेंच ओपन के एकल वर्ग का खिताब अपने नाम कर लिया।
स्वितेक ने फाइनल में आस्ट्रेलियन ओपन विजेता अमेरिका की सोफिया केनिन को पराजित किया।
पोलैंड की खिलाड़ी ने केनिन को सीधे सेटों में 6-4,6-1 से मात दे अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीता।
वह पोलेंड की पहली ग्रैंड स्लैम विजेता है।
टिमिया बाबोस और फ्रांस की क्रिस्टीना म्लादेनोविच ने जीता महिला युगल
हंगरी की टिमिया बाबोस और फ्रांस की क्रिस्टीना म्लादेनोविच की जोड़ी ने फ्रेंच ओपन में महिला युगल का खिताब बरकरार रखा। बाबोस-क्रिस्टीना की दूसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी ने चिली की एलेक्सा गुआराची और अमेरिका की देसिरे क्रैवस्जीक की 14वीं वरीयता प्राप्त जोड़ी को 6-4,7-5 से पराजित किया।
जोड़ी के तौर पर बाबोस और म्लादेनोविच का यह चौथा ग्रैंड स्लैम खिताब है।
इस जोड़ी ने दो बार रोलां गैरां जीतने के अलावा 2018, 2020 में ऑस्ट्रेलियन ओपन भी जीता था। 
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राज्य परिदृश्य
उत्तराखंड: मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना
महत्वपूर्ण बिंदु
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के द्वारा राज्य के बेरोजगार युवाओ ,किसानो ,प्रवासी मजदूरों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए इस योजना को लागू किया गया है।
इस योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा राज्य के बेरोजगार युवाओं ,कृषकों ,प्रवासियों को सौर ऊर्जा के ज़रिये रोजगार का सुनहरा अवसर प्रदान करने के लिए सौर ऊर्जा स्वरोजगार योजना का शासनादेश जारी कर दिया गया है।
इस योजना के अंतर्गत राज्य के बेरोजगार युवा ,कृषक और प्रवासी व्यक्ति अपनी निजी भूमि अथवा लीज पर भूमि लेकर सोलर पावर प्लांट की स्थापना कर सकेंगे जिससे उत्पादित विजली……… सरकार खरीदेगी।
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15 अक्टूबर से दिल्ली-एनसीआर में लागू होगा ग्रेप सिस्टम
चर्चा में क्यों?
प्रदूषण नियंत्रण अथॉरिटी (EPCA) ने दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण से लड़ने के लिए कठोर नियम को 15 अक्टूबर से लागू करने को कहा है।
महत्वपूर्ण बिंदु
यह अथॉरिटी सुप्रीम कोर्ट की देख रहने………. में काम कर रही है। अथॉरिटी द्वारा बनाए गए कठोर नियम graded response Action Plan ( ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP)) का एक हिस्सा है।
पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) अथॉरिटी ने दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारों को निर्देश दिया है की आवश्यक और आपातकाल सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटर को प्रतिबंधित किया जाए।
यह प्रतिबंध राजधानी दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम में लागू होगा।
GRAP के प्रावधान सबसे पहले दिल्ली में 2017 में लागू
GRAP के तहत किए गए प्रावधान सबसे पहले 2017 में दिल्ली एनसीआर में लागू किया गया था।
इसके प्रावधानों के तहत बस और मेट्रो की सेवाओं को बढ़ावा, पार्किंग फीस को बढ़ाना, वायु गुणवत्ता खराब होने की स्थिति में डीजल जनरेटर का उपयोग बंद करना है।
इसके अलावा स्थिति अधिक गंभीर होने पर GRAP में ईट पत्थर को तोड़ने इत्यादि पर रोक लगा देता है।
इसके अलावा आपातकाल की स्थिति में दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर रोक, कंस्ट्रक्शन एक्टिविटीज पर प्रतिबंध और ऑड-इवन सिस्टम लागू करने का प्रावधान है।
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पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी
आठ भारतीय समुद्र तटों को प्रतिष्ठित ”ब्लू फ्लैग” प्रमाणन
चर्चा में क्यों?
भारत के आठ समुद्र तटों को प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन ‘ब्लू फ्लैग’ दिया गया है।
महत्पूर्ण बिंदु
• ब्लू फ्लैग प्रमाणपत्र प्राप्त करने वाले आठ सागर तट हैं -गुजरात का शिवराजपुर तट, दमण एवं दीव का घोघला तट, कर्नाटक का कासरगोड बीच और पदुबिरदी बीच, केरल का कप्पड बीच, आंध्र प्रदेश का रुषिकोंडा बीच, ओडिशा का गोल्डन बीच और अंडमान निकोबार का राधानगर बीच।
• “ब्लू फ्लैग सागर तट” (Blue Flag Beaches ) विश्व के सबसे स्वच्छ सागर तट माने जाते हैं।
• ब्लू फ्लैग प्रमाण-पत्र अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक गैर सरकारी संगठन फाउंडेशन फॉर इनवॉयरमेंटल एजूकेशन (Foundation for Environmental Education-FEE) द्वारा प्रदान किया जाता है।
• FEE से मिलने वाले प्रमाण-पत्र की वैधता 1 वर्ष की होती है।
• ब्लू फ्लैग प्रमाण-पत्र को प्राप्त करने के लिये पानी की गुणवत्ता, अपशिष्ट प्रबंधन सुविधा, विकलांगों हेतु अनुकूलता, प्राथमिक चिकित्सा और मुख्य क्षेत्रों में पालतू जानवरों की न पहुँच, जैसे 33 मानकों को पूरा करना होता है।
• इस कार्यक्रम में भारत के अपने ईको लेबल “बीम्स” का भी शुभारंभ किया और इसके लिए इन आठों सागर तटों पर एक साथ – #IAMSAVINGMYBEACH नाम का ई ध्वज लहराया गया।
क्या है बीम्स?
• पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने तटवर्ती इलाकों के सतत विकास के उद्देश्य से तैयार अपनी नीतियों को आगे बढ़ाने. के लक्ष्य को लेकर अपने समन्वित तटीय प्रबंधन परियोजना (Integrated Coastal Zone Management, ICZM) के अंतर्गत एक उच्च गुणवत्ता वाला कार्यक्रम “बीम्स” (BEAMS : Beach Environment & Aesthetics Management Services) शुरू किया है।
• इसे भारत सरकार तटवर्ती इलाकों के सतत विकास के लिए लागू कर रही है ताकि वैश्विक रूप से मान्य प्रतिष्ठित ईको लेबल ब्लू फ्लैग को हासिल किया जा सके।
• बीम्स कार्यक्रम का उद्देश्य तटवर्ती क्षेत्र के जल को प्रदूषित होने से बचाना, तटों पर समस्त सुविधाओं का सतत विकास, तटीय ईको व्यवस्था और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और संरक्षण करने के साथ साथ स्थानीय प्रशासन और अन्य भागीदारों को बीच की स्वच्छता और वहां आने वालों के स्वास्थ्य और सुरक्षा का तटीय पर्यावरण और नियमों के अनुसार पालन सुनिश्चित करने को प्रेरित करना है।
• इस कार्यक्रम का लक्ष्य प्रकृति के साथ पूर्ण तादात्म्य बनाकर तटीय मनोरंजन का विकास करना है।
क्या है आईसीजेडएम?
• आईसीजेडएम की परिकल्पना 1992 में रियो दि जनेरियो में हुए पृथ्वी सम्मेलन के दौरान पेश की गई थी अब विश्व के लगभग सभी तटवर्ती देश अपने तटों के प्रबंधन का काम आईसीजेडएम के सिद्धांतों के अनुसार करते हैं।
• अतः अपने तटीय क्षेत्र के प्रबंधन और सतत विकास के लिए आईसीजेडएम के सिद्धांतों के पालन से भारत को इस अंतर्राष्ट्रीय समझौते के प्रति व्यक्त प्रतिबद्धता को पूरा करने में मदद मिलती है।
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प्रवासी पक्षियों के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना
चर्चा में क्यों?
केंद्रीय पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने घोषणा की है कि भारत ने प्रवासी पक्षियों के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना (National Action Plan for the Conservation of Migratory Birds) शुरू की है।
महत्वपूर्ण बिंदु
मंत्रालय ने यह कार्ययोजना मध्य एशियाई फ्लाईवे (central Asian flyway) के साथ शुरू की है।
उल्लेखनीय है कि विश्व में 9 फ्लाईवे हैं, मध्य एशियाई फ्लाईवे उनमें से एक है।
इसमें 30 से अधिक देशों के प्रवास मार्गों को शामिल किया गया है। इसमें रूस, मालदीव, पश्चिम और दक्षिण एशिया, ब्रिटिश हिंद महासागर क्षेत्र के ब्रीडिंग ग्राउंड शामिल हैं।
यह फ्लाईवे भारत के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह इस मार्ग पर आने वाले पक्षियों के 90 प्रतिशत से अधिक स्थलों पर महत्वपूर्ण ठहराव प्रदान करता है।
कार्ययोजना के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य
इस योजना को 2018 और 2023 के बीच लागू करने के लिए लॉन्च किया गया था।
इस योजना का समग्र लक्ष्य प्रवासी पक्षियों की आबादी में कमी का समाधान और उनके आवास को सुरक्षित करना है।
इस योजना का अल्पकालिक लक्ष्य 2027 तक जनसंख्या में गिरावट को रोकना है।
इस योजना को पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा लागू किया जायेगा।
मंत्रालय द्वारा हर दो साल में योजना के कार्यान्वयन की स्टेटस रिपोर्ट प्रकाशित की जाती है।
इस योजना का उद्देश्य सतत विकास लक्ष्यों के एजेंडे के भीतर प्रवासी पक्षियों और उनके आवासों का संरक्षण करना है।
योजना के प्रमुख घटक
अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए, योजना को निम्नलिखित छह परस्पर संबंधित घटकों में संरचित किया गया है:
प्रजाति संरक्षण (Species conservation)
पर्यावास संरक्षण और स्थायी प्रबंधन (Habitat conservation and sustainable management)
संचार और आउटरीच (Communication and outreach)
क्षमता का विकास (Capacity development)
अनुसंधान और ज्ञान आधारित विकास (Research and knowledge base development)
अंतरराष्ट्रीय सहयोग (International cooperation)
कार्ययोजना के उद्देश्य
महत्वपूर्ण आवासों पर दबाव को कम करना
प्रवासी पक्षियों की गिरावट को रोकना
निवास के प्रति खतरों से बचाव
डेटाबेस में सुधार
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चर्चित व्यक्तित्व
राजमाता विजया राजे सिंधिया
चर्चा में क्यों?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक वर्चुअल समारोह के माध्यम से, राजमाता विजया राजे सिंधिया के सम्मान में 100 रुपये का सिक्का जारी किया। उनके जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में वित्त मंत्रालय द्वारा दिया गया विशेष सिक्का जारी किया जा रहा है।
महत्वपूर्ण बिंदु
राजमाता विजया राजे सिंधिया (पूरा नाम लेखा देवीश्वरी देवी), पूर्व ग्वालियर राजघराने की अंतिम महारानी थीं।
ब्रिटिश राज के दिनों में, ग्वालियर के आखिरी सत्ताधारी महाराजा जिवाजीराव सिंधिया की पत्नी के रूप में, वह राज्य के सर्वोच्च शाही हस्तियों में शामिल थी।
भारत से राजशाही समाप्त होने पर वह सक्रिय राजनीति में रहीं और कई बार भारतीय संसद के दोनों सदनों में चुनी गई।
वह कई दशकों तक जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी की सक्रिय सदस्य भी रहीं।
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रिपोर्ट/इंडेक्स
ग्लोबल बर्डन ऑफ स्टिलबर्थ
चर्चा में क्यों?
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में “ए नेगलेक्टेड ट्रेजडी: ग्लोबल बर्डन ऑफ स्टिलबर्थ” कहा गया है कि दुनिया में हर 16 सेकण्ड में एक मृत बच्चे का जन्म (Stillbirth) होता है जिसका मतलब है कि साल भर में लगभग 20 लाख बच्चे ऐसे पैदा होते हैं जो इस दुनिया में आने के बाद अपनी ज़िन्दगी की पहली साँस शुरू ही नहीं कर पाते हैं।
महत्वपूर्ण बिंदु
यह रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF), विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), विश्व बैंक (World Bank) और संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक व सामाजिक मामलों के विभाग (DESA) ने संयुक्त रूप से तैयार की है. रिपोर्ट में कहा गया है कि मृत जन्म के लगभग 84 प्रतिशत मामले निम्न व मध्यम आय वाले देशों में होते हैं।
अपनी तरह के पहले इस संयुक्त वैश्विक अनुमान में ये भी ध्यान दिलाया गया है कि मृत जन्म उच्च आमदनी वाले देशों के लिये भी एक चुनौती बना हुआ है, जहाँ माँ का शिक्षा स्तर असमानता का एक प्रमुख कारण है. जातीय अल्पसंख्यकों को गुणवत्ता वाली पर्याप्त स्वास्थ्य देखभाल का भी अभाव हो सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2000 से लेकर 2019 के बीच स्वास्थ्य सेवाओं में अच्छी प्रगति होने के बावजूद, मृत जन्म के मामलों में केवल 2.3 प्रतिशत कमी दर्ज की गई।
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अभियान/पहल
ऑपरेशन सागर कवच
चर्चा में क्यों?
भारतीय नौसेना ने ‘सागर कवच’ नामक दो दिवसीय तटीय सुरक्षा अभ्यास किया।
महत्वपूर्ण बिंदु
सुरक्षा अभ्यास भारतीय नौसेना द्वारा भारतीय तटरक्षक बल के साथ आयोजित किया गया था।
तटीय सुरक्षा तंत्र की जांच करने और मानक संचालन प्रक्रिया का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिये यह अर्ध-वार्षिक अभ्यास है।
भारतीय तटरक्षक बल के लगभग 50 गश्ती जहाज़ और भारतीय नौसेना के 20 जहाज़ों ने अभ्यास में भाग लिया।
भारतीय नौसेना और तट रक्षक बल के अलावा आसूचना………… ब्यूरो, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, समुद्री प्रवर्तन विंग, मत्स्य विभाग, कोचीन शिपयार्ड और तटीय जिला प्रशासन ने भी भाग लिया।
अभ्यास के दौरान प्रतिभागियों को रेड और ब्लू नामक दो टीमों में विभाजित किया गया था।
रेड टीम ने तटीय क्षेत्रों में घुसपैठ की कोशिश कर रहे आतंकवादी गतिविधियों का अनुकरण किया।
ब्लू टीम ने घुसपैठ की कोशिशों को बेअसर करने के लिये तटीय सुरक्षा निगरानी को अंजाम दिया।
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