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Daily Current Affairs: 12 August 2021

चर्चित स्थान

वाटर प्लस शहर इंदौर

  • देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शीर्ष पर रहने वाला मध्य प्रदेश का इंदौर शहर अब देश का पहला वाटर प्लस शहर घोषित किया गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • सीवेज वाटर के बेहतर प्रबंधन वाले शहरों में इंदौर पहले नंबर पर आया है। यह प्रामणपत्र मिलने के बाद इंदौर का सफाई में लगातार 5वीं बार नंबर 1 आने का दावा मजबूत हो गया है।
  • दरअसल, वाटर प्लस का प्रमाण-पत्र उन शहरों को दिया जाता है, जो नदियों और नालों में सीवरों की गंदगी को नहीं जाने देता है।
  • शहरी विकास मंत्रालय की ओर से शहर को यह प्रमाण पत्र मिला है।
  • वाटर प्लस का प्रमाण-पत्र उन शहरों को मिलता है, जिन्होंने ओडीएफ डबल प्लस के सभी मानकों को पूर्ण किया हो।
  • साथ ही आवासीय और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से निकलने वाले अवशिष्ठ मल-जल को उपचार के बाद ही पर्यावरण में छोड़ा जाता हो। जो शहर इन मानकों पर खरा उतरता है उन्हें ही वाटर प्लस शहर का पुरस्कार दिया जाता है।
  • इंदौर इन सभी पैमानों पर खरा उतरा और देश में पहला वाटर प्लस शहर बनकर एक बार फिर इतिहास रच दिया।

84 शहरों ने किया था आवेदन

  • वाटर प्लस की चयन प्रक्रिया में देश के 84 शहरों ने आवेदन किए थे, शहरी विकास मंत्रालय के पैमाने पर सिर्फ 33 शहर ही उतर पाए, जिसमें इंदौर ने नंबर वन का पुरस्कार जीतकर एक नया रिकॉर्ड बनाया।
  • स्वच्छता भारत मिशन शहरी के अंतर्गत देश के शहरों का विभिन्न स्वच्छता मानकों के आधार पर परीक्षण किया जाता है। इसमें ओडीएफ प्लस, ओडीएफ डबल प्लस और वाटर प्लस की श्रेणियां हैं।

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पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी

भारत में शेरों की संख्या में वृद्धि

चर्चा में क्यों?

  • देश में एशियाई शेर की संख्या करीब 674 हो गई है। वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने विश्व शेर दिवस 10 अगस्त 2021 को यह जानकारी दी।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • पांच दशकों के प्रयासों की वजह से शेरों की संख्या 180 से चार गुना बढ़ी है।
  • हालांकि, 674 की संख्या जीव प्रजाति के अस्तित्व को खतरे में बताती हैं, पर अच्छी बात यही है कि संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है।
  • वह भी ऐसे समय में जब अफ्रीका महाद्वीप में संख्या 1950 में 1 लाख से घटते हुए आज 20 हजार पर आ चुकी है।

चालीस फीसदी घटी आबादी

  • अफ्रीका में शेरों की संख्या करीब 20 हजार है।
  • शिकार व जंगल खत्म किए जाने से पिछले दो दशक में वैश्विक स्तर पर आबादी 40%घटी है।
  • इसके उलट, इसी दौरान भारत में आबादी बढ़ी।
  • भारत में 1974 में 180 शेर बचे थे, 2010 तक संख्या 400 व आज 674 हो गई है।

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सेटेलाइट फोन से लैस हुआ काजीरंगा नेशनल पार्क

चर्चा में क्यों?

  • काजीरंगा सैटेलाइट फोन से लैस होने वाला भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान बन गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में हुई बैठक में अवैध शिकार रोकने के लिए सैटेलाइट फोन लगाने का निर्णय लिया गया था।
  • काजीरंगा वन कर्मियों को 10 सैटेलाइट फोन उपलब्ध कराए हैं।
  • सैटेलाइट फोन शिकारियों पर नजर रखने और बाढ़ जैसी आपात स्थिति से निपटने में वन कर्मियों को सहायक प्रदान करेगा।असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने राष्ट्रीय उद्यान के लिए 16 लाख रुपये की अनुमानित लागत से दस सैटेलाइट फोन खरीदे हैं।
  • बीएसएनल ऑपरेटर के जरिए यह फोन संचालित होंगे।

काजीरंगा नेशनल पार्क (Kaziranga National Park)

  • भारत के असम राज्य में स्थित यह नेशनल पार्क लगभग 430 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला हुआ है।
  • यह एक सींग के गैंडे हेतु विश्व प्रसिद्द है। भारत में एक सींग वाले गैंडों की संख्या सबसे अधिक है। सबसे अधिक एक सींग वाले गैंडे काजीरंगा नेशनल पार्क में पाए जाते हैं।
  • सर्दियों में साइबेरियन प्रवासी पक्षी यहाँ की शोभा बढ़ाते हैं।
  • काजीरंगा नेशनल पार्क (Kaziranga National Park) को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत 1974 में नेशनल पार्क के रूप में अधिसूचित किया गया था।
  • काजीरंगा नेशनल पार्क को वर्ष 1985 में इसे यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित किया गया था।
  • इसे भारत सरकार द्वारा 2006 में बाघ अभ्यारण्य घोषित किया गया था।

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रिपोर्ट/इंडेक्स

‘‘देश में बाढ़ प्रबंधन संहित जल संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय जल संधियां’’

चर्चा में क्यों

  • हाल ही में जल संसाधन समिति के द्वारा नदियों से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत की गई जिसका शीर्षक है ‘‘देश में बाढ़ प्रबंधन संहित जल संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय जल संधियाँ’’।

मह्तवपूर्ण बिंदु

  • इस रिपोर्ट में चीनी निर्माण कार्यों की निगरानी करने का सुझाव दिया गया। जिसका प्रभाव ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र पर न पड़ सके। साथ ही राष्ट्रीय हित व सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।
  • भारत के साथ हाइड्रोलॉजिकल डेटा साझा नहीं करने की हाल की चीनी नीति भारत के लिए चिंता का विषय है।
  • चीन ने सांगपो नदी (ब्रह्मपुत्र नदी) पर एक प्रमुख जल विद्युत परियोजना के निर्माण की योजना बनाई है जो भारत के लिए चिंता का विषय है।
  • चीन की जल विद्युत परियोजनाएं ब्रह्मपुत्र नदी को मौसमी नदी में परिवर्तित कर सकती है जिसका परिणाम भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में सूखे की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
  • ब्रह्मपुत्र नदी के साथ चीनी नीतियाँ भारत के लिए जैव विविधता संबंधित चुनौतियाँ उत्पन्न कर सकती है क्योंकि असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान व पोबितोरा वन्यजीव अभ्यारण ब्रह्मपुत्र नदी के जल पर निर्भर है।

ब्रह्मपुत्र नदीः

  • ब्रह्मपुत्र नदी का बेसिन चार देशों- चीन, भारत, भूटान व बांग्लादेश में फैला है। चीन में इसे सांग्पो, अरूणाचल प्रदेश में दिहांग, असम में ब्रह्मपुत्र और बांग्लादेश में जमुना की संज्ञान प्रदान की गई।
  • ब्रह्मपुत्र नदी तिब्बत के मानसरोवर झील के पूर्व से निकलती है। यह नामचा बरवा के निकट हिमालय को काटती हुई एक गहरा कैनियन का निर्माण करती है।
  • ब्रह्मपुत्र की दो सहायक नदियाँ दिबांग और लोहित पासीघाट के निकट दायें किनारे पर आकार मिलती है तत्पश्चात इसका नाम ब्रह्मपुत्र पड़ता है। इसकी कुछ सहायक नदियाँ सुबनसिरी, घन सिरी, पुथीमारी कपिली और मानस आदि है।

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चर्चित स्थान

नागरहोल नेशनल पार्क

चर्चा में क्यों?

  • कर्नाटक के कोडागु जिले के स्थानीय लोगों ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और कर्नाटक के मुख्यमंत्री को एक याचिका भेजकर राजीव गांधी राष्ट्रीय उद्यान का नाम बदलकर जनरल करियप्पा राष्ट्रीय उद्यान करने का आग्रह किया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • उल्लेखनीय है कि फील्ड मार्शल जनरल केएम करियप्पा कोडागु के रहने वाले थे। कर्नाटक के कोडागु जिले के नवीन मंडपा और विनय कायपंडा ने ये याचिका भेजी है, जिस पर उनका दावा है कि 6,000 से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं।
  • राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार करने के कुछ ही दिनों बाद ये याचिका आई है।
  • नागरहोल राष्ट्रीय उद्यान पश्चिमी घाट की तलहटी से लेकर ब्रह्मगिरी पहाड़ियों और दक्षिण में केरल राज्य तक फैला हुआ है।
  • विशेष रूप से, यह पार्क भारत के कर्नाटक राज्य में कोडगु जिले और मैसूर जिले में संयुक्त रूप से स्थित है।
  • इसे राजीव गांधी राष्ट्रीय उद्यान के रूप में भी जाना जाता है। इस पार्क को 1999 में 37 वें प्रोजेक्ट टाइगर रिजर्व के रूप में घोषित किया गया था।
  • यह नीलगिरि बायोस्फीयर रिजर्व का एक हिस्सा है।
  • लक्ष्मणतीर्थ नदी, सरती होल, नागर होल, बाले हाल, कबिनी नदी का जल इस क्षेत्र में प्रवाहित होता है। यह पार्क अपने एशियाई हाथी के लिए जाना जाता है। नागरहोल और बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान के बीच में कबीनी जलाशय है।

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राज्य परिदृश्य

गोवा: धनगर समुदाय

चर्चा में क्यों?

  • गोवा में धनगर समुदाय लगातार अपने लिए अनुसूचित जनजाति का दर्जा मांग रहे हैं लेकिन रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया ने धनगर को एक पृथक जनजातीय समुदाय मानने से इंकार कर दिया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • हाल ही में गोवा के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री केंद्रीय गृह मंत्री से इस मुद्दे पर मिले थे । इन लोगों के मध्य इस बात पर चर्चा हुई थी कि क्या गोवा के धनगर समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिया जाए।
  • इन्हें गोवा में गौली धनगर भी कहते हैं। गोवा के महादायी वन्य जीव अभयारण्य और नेत्रावली वन्य जीव अभयारण्य के आस पास के इलाकों से भी धनगर समुदाय को हाल के समय में विस्थापित होना पड़ा है।
  • धनगर जाति को 14 नवंबर सन 1952 में तात्कालिक राष्ट्रपति ने अनुसूचित जाति व अनसूचित जनजाति में शामिल किया था, लेकिन आजादी के 63 साल बाद भी इस जाति को अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति का सर्टिफिकेट नहीं मिल सका है।
  • धनगर एक जाति है जो भारत के राज्य गोवा , महाराष्ट्र हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, कर्नाटक, तमिलनाडु, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड व अन्य राज्यो में निवास करती है। धनगर समुदाय में जन्मी रानी अहिल्याबाई होल्कर का सम्मान सभी धर्मों के लोग करते हैं।
  • वहीं महाराष्ट्र में रहने वाले धनगर समुदाय की आबादी राज्य की कुल जनसंख्या का 9 प्रतिशत है ।
  • धनगर मुख्य रूप से भेंड़ बकरी चराने वाला समुदाय है जो पश्चिमी महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में निवास करता है। महाराष्ट्र में भी धनगर समुदाय वर्षों से अपने लिए शेड्यूल ट्राइब का दर्जा मांग रहा है लेकिन वर्तमान में यह महाराष्ट्र में विमुक्त जाति एंड नोमैडिक ट्राइब्स ( VJNT) की सूची में रखा गया है।
  • महाराष्ट्र में अनुसूचित जनजातियों की सूची में 36वें स्थान पर धनगर के बजाय धनगड शब्द लिखा है। लिहाजा पिछले 70 साल से धनगर समुदाय का नुकसान हो रहा है।
  • गोवा के प्रमुख लोक नृत्यों में से एक धनगर नृत्य है और गोवा , महाराष्ट्र की धनगर महिलाएं फुगड़ी नृत्य भी करती हैं।

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