Daily Current Affairs 12 August 2020

चर्चित व्यक्तित्व

कमला हैरिस

चर्चा में क्यों?

  • आगामी अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडन ने कैलिफ़ोर्निया की सीनेटर कमला हैरिस को उपराष्ट्पति पद का प्रत्याशी घोषित किया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • जमैकाई पिता और भारतीय माता की संतान कमला हैरिस पहली अमरीकी महिला होंगी जो एक बड़ी राजनीतिक पार्टी से इस पद के लिए चुनाव लड़ेंगी।
  • कमला हैरिस लॉ स्कूल से ग्रैजुएट हैं और सैन फ्रांसिस्को की सिटी अटॉर्नी (अधिवक्ता) तौर पर काम भी कर चुकी हैं। इसके बाद वह कैलिफ़ोर्निया की अटॉर्नी जनरल भी रही हैं।
  • अगर कमला और बाइडन 2020 चुनाव में जीत दर्ज करते है तो इससे कमला हैरिस के लिए साल 2024 के राष्ट्रपति चुनावों में दावेदारी का रास्ता मज़बूत हो जाएगा।

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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

कोरोना वायरस के कारण अंटार्कटिक में शोध कार्य स्थगित

चर्चा में क्यों?

  • दक्षिणी ध्रुव पर ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वे ने कोरोना वायरस की वजह अधिकांश शोध कार्य एक साल के लिए स्थगित कर दिए गए हैं।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • जिन शोध कार्यों को स्थगित किया गया है उनमें तेज़ी से पिघलने वाले थवाइट्स ग्लेशियर (Thwaites Glacier) के ऊपर होने वाला शोध कार्य भी शामिल है।
  • ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वे यह निर्णय इसलिए लिया है क्योंकि वहां यदि लोग बीमार पड़ जाएंगे तो फिर उन्हें उपचार उपलब्ध कराने की क्षमता उसके पास नहीं है।
  • हालांकि रॉदेरा (Rodera) और हैली (Heli) के मुख्य स्टेशनों पर जलवायु संबंधी महत्वपूर्ण गतिविधियों पर नज़र रखी जाएगी।
  • उल्लेखनीय है कि थवाइट्स ग्लेशियर समुद्र के जलस्तर में वृद्धि के लिए उत्तरदायी माना जाता है।

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चर्चित दिन/दिवस, सप्ताह

आत्मनिर्भर भारत सप्ताह

चर्चा में क्यों?

  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 10 से 17 अगस्त तक चलने वाले आत्मनिर्भर भारत सप्ताह की शुरुआत की है। यह सप्ताह रक्षा मंत्रालय द्वारा रक्षा निर्माण के क्षेत्र में आत्म निर्भरता को बढ़ाने के लिए आयोजित किया जा रहा है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इस दौरान रक्षा मंत्री ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और सैन्य ताकतों को बढ़ाने की घोषणा की है।
  • इस सप्ताह के दौरान होने वाली सभी गतिविधियां, स्वदेशी रक्षा उत्पादनको बढ़ावा देंगी।
  • इस दौरान राजनाथ सिंह ने 101 वस्तुओं की सूची की भी घोषणा की जो अब आयात नहीं की जाएंगी।
  • इस सूची को “निगेटिव लिस्ट” कहते हैं। इसमें सिर्फ छोटी वस्तुएं ही नहीं बल्कि बड़ी और गहन तकनीक वाली हथियार प्रणाली भी शामिल हैं।’

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भारत एवं विश्व

रिलायंस फाउंडेशन और यूएसएड मिलकर भारत में डिजिटल जेंडर डिवाइड को समाप्त करेंगे

चर्चा में क्यों?

  • रिलायंस फाउंडेशन की चेरयपर्सन नीता अंबानी ने भारत में डिजिटल जेंडर डिवाइड को समाप्त करने के लिए ‘यूनाइटेड स्टेट एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलेपमेंट’ यानी USAID के साथ समझौता किया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • अमेरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2019 में दुनिया भर में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए W-GDP (Women’s Global Development and Prosperity Initiative ) इनिशिएटिव को लॉन्च किया था।
  • इसको बनाने में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
  • W-GDP इनिशिएटिव का लक्ष्य 2025 तक विकासशील देशों की 50 लाख महिलाओं तक पहुंचने का है।
  • W-GDP इनिशिएटिव के तहत रिलायंस फाउंडेशन और USAID साथ मिलकर काम करेंगे।
  • रिलायंस फाउंडेशन महिला सशक्तिकरण के मिशन में रिलायंस जियो की ताकत का इस्तेमाल भी करना चाहता है। रिलायंस जियो के लगभग 40 करोड़ ग्राहक हैं और देश के कोने कोने में उसकी पहुंच है।
  • डिजिटल डिवाइड से आशय तकनीक तक प्रभावी पहुँच के बीच की दूरी से है। यह कई आधार पर हो सकता है।
  • जैसे गरीबी , अशिक्षा और भौगोलिक स्थिति। वहीं डिजिटल जेंडर डिवाइड इससे भी आगे का विचार है जो लैंगिक आधार पर तकनीक की पहुंच को दर्शाता है।

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चर्चित स्थल

सिनाबुंग ज्वालामुखी

चर्चा में क्यों?

  • इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप पर 2010 से धधक रहे ज्वालामुखी सिनाबुंग (Sinabung Volcano) में हाल ही में फिर से विस्फोट हुआ है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इंडोनेशिया के 120 सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक सिनाबुंग ‘रिंग ऑफ फायर’ में आता है।
  • लगभग एक साल तक शांत रहने के बाद यह ज्‍वालामुखी 10 अगस्त को फिर से फूट पड़ा।
  • इससे निकली राख 30 किलोमीटर दूर स्थित बेरास्‍तगी तक पहुंच गई ।
  • इससे पहले करीब 400 साल तक ठंडा रहने के बाद यह 2010 में धधकना शुरू हुआ था और फिर 2013 में फूटा था।
  • 2014 में इसकी चपेट में आने से 14 लोगों की मौत हो गई थी।
  • इंडोनेशिया प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर (Pacific Ring of Fire) पर स्थित है। इसलिए यहां बड़ी संख्या में ज्वालामुखी पाए जाते हैं।

पैसेफिक रिंग ऑफ़ फायर

  • पृथ्वी के 75% यानि 450 से अधिक ज्वालामुखी रिंग ऑफ़ फायर में स्थित हैं। दुनिया में आने वाले सभी भूकंपों के 90 प्रतिशत भूकंप इसी इलाके में आते हैं।
  • यह क्षेत्र प्रशांत महासागर में एक अर्धवृत के आकार में फैला है। इस क्षेत्र का विस्तार फिलीपींस सी प्लेट, प्रशांत प्लेट, यूआन दे फूका और कोकोस प्लेट और नाज्का प्लेट के बीच में है।
  • इस क्षेत्र में पृथ्वी के प्लेट टेक्टोनिक्स में बदलाव होता रहता है जिसके कारण इस इलाके में बहुत सी भूगर्भीय घटनाएं होती रहती हैं।
  • इस क्षेत्र में स्थित देशों में इंडोनेशिया, मलेशिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैड, पापुआ न्यू गिनी, सोलोमन द्वीप, फिजी, मेलानेशिया, माइक्रोनेशिया और पोलेनेशिया के साथ उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका के पूर्वी और पश्चिमी समुद्र तट आते हैं। इसलिए इन जगहों पर हमेशा भूकंप और ज्वालामुखी का खतरा बना रहता है।

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स्वास्थ्य एव पोषण

‘स्‍पूतनिक वी’ (Sputnik V): रुस की कोरोना वायरस वैक्सीन का नाम

चर्चा में क्यों?

  • रुस ने कोरोना वायरस के उपचार के लिए वैक्सीन बनाने का दावा किया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन ने 11 अगस्त  को इसकी घोषणा की कि उनके देश ने कोरोना वायरस वैक्‍सीन (coronavirus vaccine) ‘स्‍पूतनिक वी’ (Sputnik V) को बनाने में सफलता हासिल की है।
  • राष्‍ट्रपति पुतिन ने अपने दावे को और पुख्‍ता करने के लिए दुनिया को यह भी बताया कि उनकी बेटी को यह टीका लगाया है।

रूस ने बताया, कैसे बनी कोरोना की वैक्‍सीन

  • रूसी विशेषज्ञों ने कहा कि रूस ने वैक्‍सीन को बनाने में वायरल वेक्टर तरीका अपनाया है जिसे वह संस्थान पहले ही बना चुका था और इबोला, MERS जैसे मामलों में वैक्सीन के लिए इस्तेमाल किया जा चुका है।
  • उनका कहना है कि यह अभी तक कोई और नहीं कर सका है। गामलेया इस तकनीक पर 1980 के दशक से काम कर रहा था। इसलिए उसे शुरुआत शून्य से नहीं करनी पड़ी और कोरोना वायरस के खिलाफ जल्दी वैक्सीन तैयार की जा सकी।
  • रूसी वैज्ञानिकों ने कहा कि Sputnik V वैक्‍सीन में दो हिस्से हैं- पहला adenovirus है जो ‘रॉकेट कैरियर’ की तरह दूसरे हिस्से, ‘ऑर्बिटल स्टेशन’ COVID-19 जीनोम को शरीर में ले जाता है। इस वजह से इसे Sputnik नाम दिया गया है।
  • Sputnik दुनिया का पहला कृत्रिम सैटलाइट था जिसे अंतरिक्ष में भेजा गया था।

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अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य

बेलारुस: छठी बार राष्ट्रपति चुनाव जीते लुकाशेंको

चर्चा में क्यों?

  • बेलारूस में 65 वर्षीय राष्ट्रपति लुकाशेंको छठी बार राष्ट्रपति चुनाव जीत गए हैं। हालांकि चुनाव परिणामों में व्यापक धांधली के आरोप भी लग रहे हैं।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • परिणामों की घोषणा के बाद विपक्षी उम्मीदवार स्वेतलाना तिखानोव्सना देश छोड़कर चली गई हैं।
  • उनको बेलारूस में रहने पर बदले की कार्रवाई का डर सता रहा था।
  • बेलारूस में राष्ट्रपति लुकाशेंको 1994 में पहली बार चुनाव में जीत कर सत्ता में आए थे तब से वह लगातार राष्ट्पति बने हैं।
  • इस बार 37 साल की स्वेतलाना ने लुकाशेंको की सत्ता को चुनौती दी थी।
  • देश के केंद्रीय चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार लुकाशेंको को 23 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए, जबकि उनकी मुख्य विपक्षी उम्मीदवार स्वेतलाना तिखानोव्सना को सिर्फ 9.9 प्रतिशत वोट मिले।

बेलारूस में हिंसक विरोध प्रदर्शन

  • इस चुनाव के कारण राजधानी मिंस्क समेत पूरे बेलारूस में व्यापक प्रदर्शन हुए हैं और प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई की गई। लुकाशेंको को बेलारूस का निरकुंश शासक कहा जाता है। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं और हजारों को हिरासत में ले लिया गया।
  • लुकाशेंको का शासन 1994 में शुरू हुआ था और इस जीत के बाद अब वह 2025 तक सत्ता में रहेंगे।

निधन

शांति के लिए नोबल पुरस्कार विजेता जॉन ह्यूम का निधन

  • आयरलैंड के पूर्व राजनीतिज्ञ और नोबेल पुरस्कार विजेता जॉन ह्यूम का 3 अगस्त 2020 को 83 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
  • पूर्व शिक्षक और उत्तरी आयरलैंड में 30 सालों से अधिक समय तक सर्वोच्च प्रोफाइल वाले नेता रहे ह्यूम को 1968 में नागरिक अधिकार आंदोलन के दौरान प्रसिद्धि मिली।
  • वह 1970 में स्थापित सोशल डेमोक्रटिक एंड लेबर पार्टी के संस्थापक सदस्यों में थे। वह 1979 में पार्टी के नेता बन गए और नवंबर 2001 में उन्होंने इस पद को छोड़ दिया। ह्यूम को 1998 में नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ

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विधि एवं न्याय

बेटियों का पैतृक संपत्ति में बेटे के समान अधिकार होगा: सुप्रीम कोर्ट

चर्चा में क्यों?

  • देश में बेटियों को पैतृक संपत्ति में हिस्सा देने के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त 2020 को एक बड़ा फैसला दिया है।
  • सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू परिवार की पैतृक संपत्ति के बंटवारे में पुरुषों की प्राथमिकता को समाप्त कर दिया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा है कि बेटियों का पैतृक संपत्ति में साल 1956 से ही बेटे जैसा ही अधिकार होगा।उल्लेखनीय है कि साल 1956 में ही भारत में हिंदू उत्तराधिकार कानून लागू हुआ था।
  • सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने स्पष्ट कहा कि जिस तरह पैतृक संपत्ति में बेटे का अधिकार होता है, उसी तरह बेटियों का भी जन्मजात अधिकार है।
  • बेटियां अब 9 सितंबर, 2005 के पहले से पैतृक संपत्ति पर अपने अधिकार का दावा ठोक सकती हैं। 9 सितंबर 2005 को हिंदू उत्तराधिकार (संशोधन) कानून 2005 लागू हुआ था।
  • सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की पीठ के अध्यक्ष जस्टिस अरुण मिश्रा ने फैसला सुनाते वक्त कहा, “बेटा पत्नी मिलने तक बेटा रहता है, जबकि बेटी आजीवन बेटी ही रहती है।”
  • कोर्ट ने हालांकि इस आदेश को और स्पष्ट करते हुए कहा है कि कोई बेटी उन पैतृक संपत्ति पर अपना हक नहीं जता पाएंगी जिनकी बिक्री या बंटवारा 20 दिसंबर 2004 से पहले हो गया है।

पैतृक संपत्ति क्या है?

  • पैतृक संपत्ति में ऊपर की तीन पीढ़ियों की संपत्ति शामिल होती है। यानी, पिता को उनके पिता यानी दादा और दादा को मिले उनके पिता यानी परदादा से मिली संपत्ति हमारी पैतृक संपत्ति है।
  • पैतृक संपत्ति में पिता द्वारा अपनी कमाई से अर्जित संपत्ति शामिल नहीं होती है। इसलिए उस पर पिता का पूरा हक रहता कि वो अपनी अर्जित संपत्ति का बंटवारा किस प्रकार करें।
  • पिता चाहे तो अपनी अर्जित संपत्ति में बेटी या बेटे को हिस्सा नहीं दे सकता है, कम-ज्यादा दे सकता है या फिर बराबर दे सकता है।
  • अगर पिता की मृत्यु बिना वसीयतनामा लिखे हो जाए तो फिर बेटी की पिता की अर्जित संपत्ति में भी बराबर की हिस्सेदारी हो जाती है।

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