Daily Current Affairs 11 September 2020

रिपोर्ट/इंडेक्स

ग्लोबल इकोनामिक फ्रीडम इंडेक्स

चर्चा में क्यों?

  • ‘ग्लोबल इकोनामिक फ्रीडम इंडेक्स ( Global Economic Freedom Index 2020) में भारत 26 स्थान नीचे खिसक कर 105वें स्थान पर आ गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • 2019 में भारत इस इंडेक्स में 79 वें स्थान पर था।
  • इस सूची में हांगकांग प्रथम और सिंगापुर दूसरे स्थान पर है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक वर्ष में सरकार के आकार, न्यायिक प्रणाली और सम्पत्ति के अधिकार, वैश्विक स्तर पर व्यापार की स्वतंत्रता, वित्त, श्रम और व्यवसाय के विनियमन जैसी कसौटियों पर भारत की स्थिति थोड़ी खराब हुई है।

किस पैमाने पर भारत को मिले कितने अंक

  • सूचकांक में 1 से 10 तक अंक विभिन्न श्रेणियों में दिए जाते हैं।
  • प्राप्तांक दस के जितना नजदीक होता है स्वतंत्रा उसी अनुपात में अधिक मानी जाती है।
  • दस अंक के पैमाने पर सरकार के आकार के मामले में भारत को एक साल पहले के 8.22 के मुकाबले 7.16 अंक, कानूनी प्रणाली के मामले में 5.17 की जगह 5.06, अंतरराष्ट्रीय व्यापार की स्वतंत्रता के मामले में 6.08 की जगह 5.71 और वित्त, श्रम तथा व्यवसाय के विनियमन के मामले में 6.63 की जगह 6.53 अंक मिले हैं।

कौन जारी करता है इंडेक्स?

  • यह रिपोर्ट कनाडा का फ्रेजर इंस्टीट्यूट (Fraser Institute) तैयार करता है।
  • इस रिपोर्ट में 162 देशों और अधिकार क्षेत्रों में आर्थिक स्वतंत्रता को आंका गया है।
  • इनमें व्यक्तिगत पसंद का स्तर, बाजार में प्रवेश की योग्यता, निजी सम्पति की सुरक्षा, कानून का शासन सहित अन्य मानकों को देखा जाता है।
  • इसके लिये विभिन्न देशों की नीतियों और संस्थानों का विश्लेषण किया जाता है।
  • इसे भारत में दिल्ली की गैर सरकारी संस्था सेंटर फार सिविल सोसाइटी ने 10 सितंबर को जारी किया।
  • इसमें कहा गया है कि भारत में आर्थिक स्वतंत्रा बढ़ने की संभावनाएं अगली पीढ़ी के सुधारों तथा अंतराष्ट्रीय व्यापार के खुलेपन पर निर्भर करेंगी।

शीर्ष स्थान पर हैं ये देश

  • सूची में प्रथम दस देशों में क्रमश: हांगकांग सिंगापुर न्यूजीलैंड, स्विट्जरलैंड, अमेरिका, आस्ट्रेलिया, मारीशस, जॉर्जिया, कनाडा और आयरलैंड शामिल हैं।
  • जापान का सूची में 20वां, जर्मनी का 21वां, इटली का 51वां, फ्रांस का 58वां, रूस का 89वां और चीन का 124 वां स्थान है।
  • जिन देशों को सबसे नीचे स्थान मिला है उनमें अफ्रीकी देश, कांगो, जिम्बाब्वे, अल्जीरिया, ईरान, सूडान, वेनेजुएला आदि शामिल हैं।

 

………………………………………………………………………………………………………………………………………………

राज्य परिदृश्य

हिमाचल प्रदेश: नई शिक्षा नीति लागू करने वाला पहला राज्य

चर्चा में क्यों?

  • हिमाचल प्रदेश सरकार ने घोषणा की है कि राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • हिमाचल प्रदेश नई शिक्षा नीति को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
  • हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने 24 अगस्त 2020 को राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के कार्यान्वयन के लिये शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में 40 सदस्यों के एक टास्क फोर्स के गठन का निर्णय लिया था।
  • उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 29 जुलाई, 2020 को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को मंज़ूरी दी थी, जिसमें 2035 तक 50 प्रतिशत सकल नामांकन अनुपात (GER) के लक्ष्य समेत उच्च शिक्षा में कई अन्य बड़े सुधार करने का प्रावधान किया गया है।

………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………

खेल परिदृश्य

क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने किया 100 वां अतर्राष्ट्रीय गोल

चर्चा में क्यों?

  • प्रसिद्ध फुटबॉल खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो (Cristiano Ronaldo) ने हाल ही में अपना 100वाँ अंतर्राष्ट्रीय गोल किया है।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • इस उपलब्धि को हासिल करने वाले वह इतिहास के दूसरे व्यक्ति बन गए हैं।
  • क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने यह उपलब्धि पुर्तगाल की ओर से स्वीडन के विरुद्ध खेलते हुए हासिल की।
  • वहीं दूसरे हाफ टाइम में पुर्तगाल के लिये अपना 101वाँ गोल भी दागा।
  • अब क्रिस्टियानो रोनाल्डो ईरान के सेवानिवृत्त दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ी अली डेई (Ali Daei) द्वारा बनाए गए 109 अंतर्राष्ट्रीय गोल के सर्वकालिक अंतर्राष्ट्रीय रिकॉर्ड से केवल आठ गोल पीछे हैं।
  • रोनाल्डो ने अपने अंतर्राष्ट्रीय कैरियर की शुरुआत वर्ष 2003 में कज़ाख़्तान के विरुद्ध खेलते हुए की थी, उस समय उनकी उम्र मात्र 18 वर्ष थी।
  • उन्होंने अपना पहला गोल वर्ष 2004 में ग्रीस के विरुद्ध खेलते हुए किया था।
  • सक्रिय खिलाड़ियों में क्रिस्टियानो रोनाल्डो के बाद अंतर्राष्ट्रीय गोलों की सूची में भारत के सुनील छेत्री (72 गोल) और अर्जेंटीना के लियोन मेसी (Lionel Messi) का स्थान है।

………………………………………………………………………………………………………………………………………………

योजना-परियोजना

फाइव स्टार विलेज स्कीम

चर्चा में क्यों?

  • भारतीय डाक विभाग ने देश के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए फाइव स्टार गांव स्कीम (Five Star Village Scheme) शुरू की है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • स्कीम के जरिए गांव तक नहीं पहुंचाने वाली योजनाओं को पहुंचाया जाएगा।
  • फाइव स्टार गांव योजना के जरिए पोस्ट ऑफिस के सभी प्रोडक्ट यानी सभी स्कीम को ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए जारी किया जाएगा। पोस्ट ऑफिस की सभी ग्रामीण ब्रांच गांव के लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए वन-स्टॉप शॉप के रूप में कार्य करेंगी।

फाइव स्टार योजना में शामिल प्रोडक्ट्स

(1) सेविंग अकाउंट्स, रेकरिंग डिपॉजिट अकाउंट, NSC/KVP

(2) सुकन्या समृद्धि योजना/PPF

(3) इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक सेविंग अकाउंट

(4) पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी/ग्रामीण डाक जीवन बीमा पॉलिसी

(5) प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना/प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना खाता

  • कोई भी गांव इन सभी 5 प्रोडक्ट्स में से चार में हिस्सा ले सकता है। ऐसे गांव को फोर स्टार का दर्जा दिया जाएगा।
  • अगर कोई गांव तीन योजनाओं को पूरा करता है, तो उसे थ्री-स्‍टार दर्जा दिया जाएगा।

पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरुआत

  • इंडिया पोस्ट की इस योजना को महाराष्ट्र में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है।
  • मिलने वाले रिस्पॉन्स को देखते हुए इसे देश भर में लागू किया जाएगा।
  • योजना शुरू करने के लिए, हर क्षेत्र के दो ग्रामीण जिलों/क्षेत्रों की पहचान की गई है।
  • नागपुर क्षेत्र में अकोला और वाशिम; औरंगाबाद क्षेत्र में परभणी और हिंगोली; पुणे क्षेत्र में सोलापुर और पंढरपुर; गोवा क्षेत्र में कोल्हापुर और सांगली; और नवी मुंबई क्षेत्र में मालेगांव और पालघर शामिल।
  • वर्तमान वित्तीय वर्ष 2020-2021 के दौरान प्रत्येक जिले के कुल 50 गांवों को शामिल किया जाएगा।

………………………………………………………………………………………………………………………………………………

सरोद पोर्ट्स

चर्चा में क्यों?

  • केंद्रीय नौवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनसुख मंडाविया ने 10 सितंबर 2020 को नई दिल्ली में वर्चुअल समारोह के माध्यम से सरोद-पोर्ट्स (SAROD Ports: Society for Affordable Redressal of Disputes Ports) (विवादों के किफायती समाधान के लिए समिति – पोर्ट्स) की शुरुआत की।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • सरोद – पोर्ट्स को गेम चेंजर कहते हुए नौवहन राज्य मंत्री ने कहा कि इससे भारत के पोर्ट सेक्टर में उम्मीद, विश्वास और न्याय का महत्वपूर्ण तंत्र बन जाएगा।
  • सरोद – पोर्ट्स से खर्च और समय की बचत होगी साथ ही में निष्पक्ष और न्यायपूर्ण तरीके से विवादों का हल भी होगा।
  • सरोद-पोर्ट्स की स्थापना सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत की गई है।

 उद्देश्य

  • न्यायपूर्ण तरीके से विवादों का किफायती एवं समयबद्ध समाधान
  • मध्यस्थों के रूप में तकनीकी विशेषज्ञों के पैनल के साथ विवाद समाधान तंत्र का संवर्द्धन

कार्य

  • सरोद – पोर्ट्स समुद्री क्षेत्र में मध्यस्थों के माध्यम से विवादों के निपटारे में सलाह और सहायता प्रदान करेंगे, जिनमें प्रमुख बंदरगाह और निजी बंदरगाह, जेटी, टर्मिनल, गैर-प्रमुख बंदरगाह, पोर्ट और शिपिंग क्षेत्र शामिल हैं।
  • यह प्राधिकरण और लाइसेंसधारी / रियायत प्राप्तकर्ता / ठेकेदार देने के बीच के विवादों को भी कवर करेगा और विभिन्न अनुबंधों के निष्पादन के दौरान लाइसेंसधारी / रियायत प्राप्तकर्ता और उनके ठेकेदारों के बीच होने वाले विवाद भी इसमें शामिल होंगे।
  • सरोद पोर्ट्स के प्रावधान राजमार्ग क्षेत्र में एनएचएआई द्वारा गठित सरोद – रोड्स के समान हैं।

………………………………………………………………………………………………………………………………………………

चर्चित स्थान

हुबली रेलवे स्टेशन

चर्चा में क्यों?

  • भारत सरकार ने कर्नाटक सरकार को एक पत्र में कहा है कि उसे हुबली रेलवे स्टेशन का नाम बदले जाने पर कोई आपत्ति नहीं है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • केंद्र सरकार के सचिव की ओर से लिखा गया है, ‘हमें हुबली रेलवे स्टेशन का नाम बदलतर श्री सिद्धरूधा स्वामीजी रेलवे स्टेशन-हुबली करने में कोई आपत्ति नहीं है।’
  • हाल ही में उत्‍तर प्रदेश में मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर अब बनारस जंक्शन रखे जाने से संबंधित प्रस्ताव को गृह मंत्रालय ने मंजूरी दी थी।
  • श्री सिद्धरूधा स्वामीजी भारतीय हिंदू गुरु और दार्शनिक थे।
  • हुबली रेलवे स्टेशन का नाम, जो दक्षिण पश्चिम रेलवे का मुख्यालय है, पिछले पांच वर्षों में दूसरी बार बदला गया है।
  • इससे पहले साल 2015 में ‘Hubli’ to ‘Hubballi’ किया गया था।

Related Posts