Daily Current Affairs 11 August 2020

राज्य परिदृश्य

इंदिरा वन मितान योजना

चर्चा में क्यों?

  • छत्तीसगढ़ सरकार वनांचल के गांवों को स्वावलंबी बनाने के लिए इंदिरा वन मितान योजना शुरू करने जा रही है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इस योजना से आदिवासी क्षेत्र के दस हजार गांवों में युवाओं का समूह गठित कर उन्हें वन प्रबंधन का पूरा अधिकार दिया जाएगा।
  • इन समूहों के माध्यम से वनोपज की खरीदी, उसका प्रसंस्करण एवं मार्केटिंग की व्यवस्था की जाएगी।
  • प्रदेश के सभी आदिवासी विकासखंडों में वनोपज प्रसंस्करण केन्द्र भी खोला जाएगा।
  • विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त के अवसर पर इस महत्वपूर्ण योजना की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने योजना में अनुसूचित क्षेत्रों के 19 लाख परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
  • इसके लिए 8 करोड़ 50 लाख रूपए की राशि प्राधिकरण मद से उपलब्ध कराई जाएगी।

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स्वास्थ्य एवं पोषण

रुस ने बनाई कोरोना वैक्सीन

चर्चा में क्यों?

  • रूस ने विश्व की पहली कोरोना वायरस वैक्‍सीन (Covid-19 vaccine) को मंजूरी दे दी है। खुद रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन ने इसका ऐलान किया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • मॉस्‍को के गामलेया रिसर्च इंस्टिट्यूट (Gamaleya Research Institute) ने एडेनोवायरस (Adenoviruses ) को बेस बनाकर यह वैक्‍सीन तैयार की है।
  • एडेनोवायरस विषाणुओं के उस समूह को कहते हैं जो हमारी आंखों, श्वासनली, फेफड़े, आंतों और नर्वस सिस्टम में संक्रमण का कारण बनते हैं।
  • इनके सामान्य लक्षण हैं, बुखार, सर्दी, गले की तकलीफ़, डायरिया और गुलाबी आंखें।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार दुनिया भर में इस समय कोरोना वायरस की कारगर वैक्सीन तैयार करने के लिए 100 से ज़्यादा जगहों पर कोशिशें चल रही हैं। जिनमें चार जगहों पर वैक्सीन इंसानों पर प्रयोग के अंतिम चरण में हैं।

क्या होती है वैक्सीन?

  • वैक्सीन (vaccine) या टीका मानव शरीर में एंटीबॉडिज़ का निर्माण करने में कारगर होते हैं। ये मानव शरीर को बीमारी से लड़ने के काबिल बनाते हैं बिना इसे संक्रमित किए।
  • अगर वैक्सीन लगा हुआ व्यक्ति उस संबंधित बीमारी के संपर्क में आता है तो उसका इम्यून सिस्टम इसे पहचान लेता है और तुरंत एंटीबॉडिज़ रिलीज करता है। ये एंटीबॉडिज बीमारी से लड़कर उसे खत्म कर देते हैं।

कैसे काम करती है वैक्सीन ?

  • जब किसी विशेष रोग से बचाव की वैक्सीन शरीर में प्रवेश करती है तो शरीर को आभास होता है कि वास्तव में इस बीमारी के वायरस ने हमला किया है और इस तरह शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र एंटीबॉडीज़ का निर्माण करता है और जब भविष्य में इस बीमारी का वास्तविक हमला होता है तो शरीर में इसके एंटीबॉडीज़ पहले से ही होते हैं।
  • नए पैदा हुए बच्चे पहले से ही कई बीमारियों से सुरक्षित होते हैं। ऐसा बच्चों में मां के द्वारा मिले एंडीबॉडिज़ की वजह से होता है। इसे पैसिव इम्यूनिटी कहते हैं। पैसिव इम्यूनिटी सामान्य तौर पर कुछ ही हफ्ते या महीनों में असरकारी होती है।

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कृषि-पर्यावरण एवं जैव विविधता

मानव–हाथी टकराव से निपटने के सर्वोत्तम उपायों का संकलन जारी

चर्चा में क्यों?

  • केन्द्रीय वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने विश्व हाथी दिवस: 12 अगस्त के अवसर पर भारत में मानव–हाथी टकराव से निपटने के उपायों का संकलन जारी किया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • यह उपाय एक पुस्तिका के रुप में हैं जिसमें हाथियों के प्रबंधन के विभिन्न आविष्कारों की एक चित्रमय मार्गदर्शिका है जिन्हें हाथी वाले देशों द्वारा अपनाया गया है।
  • उल्लेखनीय है कि हर साल 12 अगस्त को मनाया जाने वाला विश्व हाथी दिवस एक अंतर्राष्ट्रीय वार्षिक कार्यक्रम है, जो दुनिया भर के हाथियों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए समर्पित है।
  • विश्व हाथी दिवस का लक्ष्य हाथी संरक्षण पर लोगों में जागरूकता पैदा करना और जंगली तथा पालतू हाथियों के बेहतर संरक्षण और प्रबंधन के लिए जानकारी और सकारात्मक समाधानों को साझा करना है । हाथी भारत के प्राकृतिक धरोहर पशु हैं।
  • एशियाई हाथियों को संकटग्रस्त प्रजातियों की आईयूसीएन की रेड लिस्ट (IUCN Red Lit) में ‘विलुप्तप्राय’ प्रजाति के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। ऐसा भारत को छोड़कर अधिकांश हाथी वाले देशों के संदर्भ में किया गया है, जहां हाथियों के अनुकूल निवास स्थान की कमी और उनके अवैध शिकार के कारण उनकी संख्या में काफी कमी आई है।
  • एक अनुमान के अनुसार, दुनिया में लगभग 50,000 – 60,000 एशियाई हाथी हैं। भारत में उन हाथियों की 60 प्रतिशत से अधिक आबादी रहती है।
  • फरवरी 2020 में गुजरात के गांधी नगर में संपन्न 13 वीं वन्यजीवों की प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण (Conservation of Migratory Species of Wild Animals- CMS) की कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज़ में प्रवासी प्रजातियों के सम्मेलन के परिशिष्ट 1 में भारतीय हाथियों को भी सूचीबद्ध किया गया है।

वन्यजीवों की प्रवासी प्रजातियों का संरक्षण (Conservation of Migratory Species of Wild Animals- CMS):

  • संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (United Nation Environment Programme-UNEP) के तत्त्वावधान में एक पर्यावरण संधि के रूप में CMS प्रवासी जानवरों और उनके आवासों के संरक्षण और स्थायी उपयोग के लिये एक वैश्विक मंच प्रदान करता है। इसे बॉन कन्वेंशन (Bonn Convention) के नाम से भी जाना जाता है।
  • CMS वैश्विक एवं संयुक्त राष्ट्र आधारित अंतर सरकारी संगठन है जिसे विशेष रूप से स्थलीय, जलीय और एवियन प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण एवं प्रबंधन के लिये स्थापित किया गया है।

प्रवासी प्रजातियाँ:

  • वे प्रजातियां जो भोजन, धूप, तापमान, जलवायु आदि जैसे विभिन्न कारकों के कारण वर्ष की विभिन्न अवधि में एक निवास स्थान से दूसरे स्थान पर चले जाते हैं उनको प्रवासी प्रजातियां कहते हैं।

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तितलियों की 77 नई प्रजातियों की खोज

चर्चा में क्यों?

  • मुंबई के निकट स्थित खूबसूरत पर्वतीय क्षेत्र माथेरान में तितलियों की 77 नई प्रजातियों का पता लगा है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • बंबई नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी (BHNS) द्वारा 2011 से 2019 तककिए गए अध्ययन में माथेरान में तितलियों की 77 नई प्रजातियां मिली हैं।
  • नई खोज के बाद अब माथेरान वन क्षेत्र में तितलियों कीप्रजातियों की संख्या 140 हो गई है।
  • माथेरान महाराष्ट्र की राजधानी से 80 किलोमीटर की दूरी पर है और यह इलाका 214.73 वर्ग किलोमीटर में फैला है।
  • तितलियोंकी प्रजातियों का पता लगाने के लिए करीब 125 साल के अंतराल के बाद पहली बार इस तरह का अध्ययन किया गया।
  • बीएनएचएस और सौमैया विद्या विहार विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया यह अध्ययन ‘बायोवर्सिटी डेटा जर्नल’ में प्रकाशितहुआ है।
  • इससे पहले 1894 में ब्रिटेन के शोधकर्ता जी ए बेथम ने तितलियों की प्रजातियों का पता लगाने के लिए माथेरान के पर्वतीय क्षेत्रोंका सर्वेक्षण किया था। उन्होंने तब 78 प्रजातियों का पता लगाया था।

बांबे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी (BHNS)

  • BNHS भारत में संरक्षण और जैवविविधता पर शोध कार्य करने वाले सबसे बड़े गैर-सरकारी संगठनों में से एक है।
  • इसकी स्थापना 15 सितम्बर, 1883 में की गयी थी। इसका मुख्यालय मुंबई के हार्नबिल हाउस में स्थित है।
  • यह जर्नल ऑफ़ बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी नामक पत्रिका का प्रकाशन भी करता है।
  • विज्ञान व तकनीक मंत्रालय द्वारा इसे ‘वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसन्धान संगठन’ के रूप में चिन्हित किया गया है।

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चर्चित स्थान

हुबली में रेलवे संग्रहालय का उद्घाटन

चर्चा में क्यों?

  • कर्नाटक के हुबली शहर में रेलवे संग्रहालय का उद्घाटन किया गया है।
  • रेलवे का यह म्यूजियम हुबली रेलवे स्टेशन के पास नैशनल हाइवे-67 पर बनाया गया है।
  • इस म्यूजियम के जरिए लोगों को रेलवे के गौरवशाली इतिहास और विकास की यात्रा के बारे में पता चल सकेगा।
  • इस म्यूजियम में पहले किस तरह से रेलवे काम करती थी और ट्रेनों को चलाने के लिए किस तरह की चीजों का इस्तेमाल होता है इसकी पूरी जानकारी मिलेगी।
  • यहां कई सारे पुराने उपकरण रखे गए हैं जिनका इस्तेमाल ट्रेनों को चलाने में होता था।

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मिशन/अभियान

गंदगी मुक्त भारत अभियान

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में प्रधानमंत्री ने ‘स्वच्छता’ के लिये एक सप्ताह (8 अगस्त से 15 अगस्त) तक चलने वाले ‘गंदगी मुक्त भारत’ (Gandagi Mukt Bharat) अभियान की शुरुआत की।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इस सप्ताह के दौरान 15 अगस्त, 2020 तक प्रत्येक दिन शहरी एवं ग्रामीण भारत में ‘स्वच्छता’ के लिये ‘जन-आंदोलन’ को फिर से लागू करने के लिये विशेष ‘स्वच्छता’ कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे।
  • केंद्र सरकार द्वारा ‘गंदगी मुक्त भारत’ अभियान शुरू किये जाने के बाद 9 अगस्त, 2020 को बिहार सरकार ने राज्य के लोगों को स्वच्छता के महत्त्व के बारे में सूचित करने के लिये एक जागरूकता अभियान शुरू किया।

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चर्चित दिन/ दिवस

विश्व जैव ईंधन दिवस

चर्चा में क्यों?

  • प्रत्येक वर्ष 10 अगस्‍त को “विश्व जैव ईंधन दिवस” (World Biofuel Day) मनाया जाता है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • पारंपरिक जीवाश्म ईंधन के एक विकल्‍प के रूप में गैर-जीवाश्म ईंधनों के महत्त्व के बारे में जागरूकता पैदा करने और जैव ईंधन के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा किये गये विभिन्‍न प्रयासों को उजागर करने के लिये प्रत्येक वर्ष 10 अगस्‍त को “विश्व जैव ईंधन दिवस” मनाया जाता है।
  • भारत सरकार का पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय वर्ष 2015 से हर साल इस दिवस को मना रहा है।
  • भारत सरकार का जैव ईंधन कार्यक्रम ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल से संबंधित है और इसके अनुसार ही विश्‍व जैव ईंधन दिवस-2020 की थीम ”जैव ईंधन की ओर आत्‍मनिर्भर भारत” चुनी गई है।

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