Daily Current Affairs 10 September 2020

योजना/परियोजना

22 बांस क्लस्टर्स की शुरुआत

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास तथा पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने हाल ही में 9 राज्यों के 22 बाँस क्लस्टर्स की वर्चुअल शुरूआत की। इसके साथ ही राष्‍ट्रीय बाँस मिशन (NBM) के लोगो का विमोचन किया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • जिन नौ राज्यों में 22 क्लस्टर्स की शुरुआत की गई है उनमें मध्य प्रदेश, असम, कर्नाटक, नगालैंड, त्रिपुरा, ओडिशा, गुजरात, उत्तराखंड व महाराष्ट्र शामिल है।
  • उल्लेखनीय है कि भारत में प्रतिवर्ष लगभग 14.6 मिलियन टन बाँस का उत्पादन होता है और लगभग 70,000 किसान बाँस के रोपण के कार्य में सलंग्न हैं।
  • देश में बाँस की लगभग 136 किस्में पाई जाती हैं।
  • भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट-2019 के अनुसार भारत में बाँस उत्पादन के अंतर्गत 16 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र अनुमानित है।
  • मध्यप्रदेश में बांस उत्पादन का सर्वाधिक क्षेत्रफल (2 मिलियन हेक्टेयर) है। इसके बाद महाराष्ट्र (1.54 मिलियन हेक्टेयर), अरुणाचल प्रदेश (1.49 मिलियन हेक्टेयर) और ओडिशा (1.18 हेक्टेयर) का स्थान है।

राष्ट्रीय बाँस मिशन

  • अक्तूबर 2006 में भारत सरकार ने राष्ट्रीय बाँस मिशन (NBM) को राष्ट्रीय बाँस तकनीकी और व्यापार विकास रिपोर्ट, 2003 के आधार पर लॉन्च किया था।
  • राष्ट्र्रीय बाँस मिशन का मुख्य उद्देश्य देश में बाँस उद्योग के विकास से संबंधित मुद्दों को संबोधित करना, बाँस उद्योग को नई गति एवं दिशा प्रदान करना तथा बाँस उत्पादन में भारत की संभावनाओं को साकार करना है।
  • बहु-अनुशासनात्मक और बहुआयामी दृष्टिकोण के साथ यह मिशन संयुक्त वन प्रबंधन समितियों (JFMCs) या ग्राम विकास समितियों (VDCs) के माध्यम से योजनाबद्ध हस्तक्षेप, अनुसंधान और विकास, वन तथा गैर-वन भूमि पर वृक्षारोपण पर बल देता है।
  • यह मिशन केंद्रीकृत और किसान/महिला नर्सरी की स्थापना करके गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री की आपूर्ति भी सुनिश्चित करता है।

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पुरस्कार-सम्मान

इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में विश्वप्रसिद्ध प्रकृतिवादी और प्रसारक  सर डेविड एटनबरो को वर्ष 2019 के लिये इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • सर डेविड एटनबरो रिचर्ड एटनबरो के भाई हैं। रिचर्ड एटनबरो ने ही दुनिया में चर्चित बापू के संघर्षों पर आधारित फिल्म ‘गांधी’ बनाई थी।
  • इस पुरस्कार के लिए डेविड एटनबरों का चयन पिछले साल पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता वाले अंतरराष्ट्रीय निर्णायक मंडल ने किया था।
  • ‘इंदिरा गांधी शांति, निरस्त्रीकरण और विकास पुरस्कार’ पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नाम पर दिये जाने वाला एक प्रतिष्ठित वार्षिक पुरस्कार है।
  • 1986 में स्थापित यह पुरस्कार प्रत्येक वर्ष इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा प्रदान किया जाता है।
  • पुरस्कार के तहत एक प्रशस्ति पत्र और 25 लाख रुपए का नकद प्रदान किए जाते हैं।
  • यह पुरस्कार अंतर्राष्ट्रीय शांति और विकास सुनिश्चित करने और नए अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक क्रम बनाने की दिशा में कार्यरत संगठनों या व्यक्तियों को दिया जाता है।

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आर्थिक एवं वाणिज्यिक परिदृश्य

किसान रेल सेवा

चर्चा में क्यों?

  • 09 सितंबर, 2020 को देश की दूसरी और दक्षिण भारत की पहली किसान रेल की शुरुआत की गई।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • यह रेल आंध्रप्रदेश के अनंतपुर से दिल्ली के आदर्श नगर रेलवे स्टेशन तक कृषि उत्पादों की ढुलाई करेगी।
  • वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस रेलगाड़ी की शुरुआत करते हुए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने में किसान रेल महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
  • इस दौरान उन्होंने बागवानी को प्रोत्साहन देने के लिये शीघ्र ही ”किसान उड़ान” कार्यक्रम शुरू करने की भी घोषणा की।
  • किसान रेल का प्रयोग फल-सब्जियों, मछली-मांस और दूध जैसी जल्द खराब होने वाली वस्तुओं के परिवहन के लिये किया जाएगा।
  • किसान रेल में वातानुकूलित डिब्बे निर्मित किये गए हैं और इसके माध्यम से देश भर में मछली, मांस और दूध सहित जल्द खराब होने वाली कई खाद्य योग्य वस्तुओं को निर्बाध रूप से एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुँचाया जाएगा।
  • उल्लेखनीय है कि पहली किसान रेल 7 अगस्त 2020 को महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित देवलाली से बिहार के दानापुर के लिए रवाना की गई थी।
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2020-21 में किसान रेल चलाने की घोषणा की थी ताकि जल्द खराब होने वाली कृषि उपज की निर्बाध आपूर्ति की जा सके।

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सायबर परिदृश्य

आरपीएफ ने नष्ट किया रियल मैंगो साफ्टवेयर

चर्चा में क्यों?

  • रेलवे के तत्काल टिकटों की बुकिंग शुरू होते ही टिकट खत्म हो जाने की समस्या पैदा करने वाले एक साफ्टवेयर का भंडाफोड़ किया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • रेलवे पुलिस बल (RPF) ने देशभर में की गई जांच के बाद पाया की टिकट दलाल ‘रियल मैंगो’ नाम के सॉफ्वेयर के जरिए बुकिंग शुरू होते ही कन्फर्म टिकट उड़ा लेते थे।
  • RPF ने अब इस सॉफ्टवेयर को पूरी तरह से खत्म कर दिया है।
  • RPF ने इस अवैध सॉफ्टवेयर के जरिए कन्फर्म टिकट बुक करने वाले 50 अपराधियों को पकड़ा है और 5 लाख रुपये से अधिक के टिकट जब्त किए हैं।

इस तरह काम करता है रियल मैंगो सॉफ्टवेयर

  • रियल मैंगो सॉफ्टवेयर वी3 और वी2 कैप्चा को बायपास कर मोबाइल ऐप की मदद से बैंक ओटीपी को फॉर्म में अपने आप फीड कर देता था।
  • यह सॉफ्टवेयर फॉर्म में यात्री की जानकारी और पेमेंट संबंधी डीटेल को अपने आप भर देता है।
  • सॉफ्टवेयर कई irctc आईडी के माध्यम से आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर लॉग इन करता है.
  • आरपीएफ की फील्ड यूनिट ने इस अवैध सॉफ्टवेयर के सिस्टम डेवलपर और प्रमुख प्रबंधकों सहित अब तक 50 अपराधियों को पकड़ लिया है और 5 लाख रुपये से अधिक मूल्य के टिकट जब्त किए हैं।
  • इस अवैध सॉफ्टवेयर को चलाने वाले पांच प्रमुख लोगों को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया है। इस सॉफ्टवेयर को पूरी तरह से क्रैश कर दिया गया है।

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योजना/परियोजना

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY) का शुभारम्भ

चर्चा में क्यों?

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 सितंबर को डिजिटल माध्यम से प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY) का शुभारम्भ किया।
  • प्रधानमंत्री ने इस दौरान ई-गोपाला ऐप भी लॉन्च किया, जो किसानों के प्रत्यक्ष उपयोग के लिए एक समग्र नस्ल सुधार, बाजार और सूचना पोर्टल है।

क्या है प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना?

  • प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY) मत्स्य क्षेत्र पर केन्द्रित सतत विकास योजना है, जिसे आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत वित्त वर्ष 2020-21 से वित्त वर्ष 2024-25 तक पांच साल की अवधि के दौरान सभी राज्यों/ संघ शासित प्रदेशों में कार्यान्वित किया जाना है और इस पर अनुमानित रूप से 20,050 करोड़ रुपये का निवेश होना है।
  • पीएमएमएसवाई के अंतर्गत 20,050 करोड़ रुपये का निवेश मत्स्य क्षेत्र में होने वाला सबसे ज्यादा निवेश है।
  • इसमें से लगभग 12,340 करोड़ रुपये का निवेश समुद्री, अंतर्देशीय मत्स्य पालन और जलीय कृषि में लाभार्थी केन्द्रित गतिविधियों पर तथा 7,710 करोड़ रुपये का निवेश फिशरीज इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए प्रस्तावित है।

पीएमएमएसवाई के उद्देश्य

  • इस योजना के उद्देश्यों में 2024-25 तक मछली उत्पादन अतिरिक्त 70 लाख टन बढ़ाना
  • 2024-25 तक मछली निर्यात से आय 1,00,000 करोड़ रुपये तक करना,
  • मछुआरों और मत्स्य किसानों की आय दोगुनी करना,
  • पैदावार के बाद नुकसान 20-25 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करना तथा
  • मत्स्य पालन क्षेत्र और सहायक गतिविधियों में 55 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करना शामिल हैं।

मत्स्य पालन क्षेत्र से संबंधित अन्य उद्घाटन

  • प्रधानमंत्री ने सीतामढ़ी में मछली ब्रूड बैंक और किशनगंज में एक्वाटिक डिजीज रेफरल प्रयोगशाला की स्थापना की घोषणा की, जिसके लिए पीएमएमएसवाई के तहत सहायता प्रदान की गई है।
  • ये सुविधाएं मछली किसानों के लिए गुणवत्ता और सस्ती दर पर मछली बीज की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करके मछली उत्पादन और उसकी उत्पादकता बढ़ाने में मदद करेंगी और मछलियों के रोग निदान के साथ-साथ पानी और मिट्टी की परीक्षण सुविधाओं की आवश्यकता को भी पूरा करेंगी।
  • प्रधानमंत्री ने नीली क्रांति के तहत मधेपुरा में फिश फीड मिल की एक इकाई और पटना में ‘फिश ऑन व्हील्स’ की दो इकाइयों का उद्घाटन करेंगे। वे इस अवसर पर लाभार्थियों के साथ बातचीत भी करेंगे।
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा, बिहार में व्यापक मछली उत्पादन प्रौद्योगिकी केंद्र का भी उद्घाटन करेंगे।
  • केंद्र मछली बीज उत्पादन प्रौद्योगिकी और मछली के लिए प्रदर्शन इकाई प्रौद्योगिकी, रेफरल प्रयोगशाला और नैदानिक परीक्षण की सुविधाओं के साथ मछली उत्पादन को बढ़ावा देने और मछली किसानों की क्षमता निर्माण में सहायता करेगा।

ई-गोपाला ऐप

  • ई-गोपाला ऐप (e-Gopala App) किसानों के प्रत्यक्ष उपयोग के लिए एक समग्र नस्ल सुधार, बाज़ार और सूचना पोर्टल है।
  • वर्तमान में देश में पशुधन का प्रबंधन करने वाले किसानों के लिए ऐसा कोई डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध नहीं है, जहां सभी रूपों (वीर्य, भ्रूण, आदि) में रोग मुक्त जीवाणु (जर्मप्लाज्म) खरीदना और बेचना, गुणवत्तापूर्ण प्रजनन सेवाओं की उपलब्धता (कृत्रिम गर्भाधान, पशु प्राथमिक चिकित्सा, टीकाकरण, उपचार आदि) और पशु पोषण के लिए किसानों का मार्गदर्शन करना, उचित आयुर्वेदिक दवा/एथनो पशु चिकित्सा दवा का उपयोग करते हुए जानवरों का उपचार आदि की जानकारी मिलती हो।
  • पशु किसानों को अलर्ट भेजने (टीकाकरण, गर्भावस्था निदान आदि के लिए नियत तारीख पर) या उन्हें क्षेत्र में विभिन्न सरकारी योजनाओं और अभियानों के बारे में सूचित करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। ई-गोपाला ऐप इन सभी पहलुओं पर किसानों को समाधान प्रदान करेगा।

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