Daily Current Affairs 10 August 2020

खेल परिदृश्य

टी-20 विश्व कप टूर्नामेंट 2021 भारत में होगा आयोजित

चर्चा में क्यों?

  • इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने घोषणा की है कि 2021 में होने वाला टी-20 विश्व कप टूर्नामेंट भारत में आयोजित किया जाएगा, जबकि इस साल कोरोना वायरस की वजह से स्थगित हुए T-20 विश्व कप का आयोजन 2022 में ऑस्ट्रेलिया में किया जाएगा।
  • यह निर्णय हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC), भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) की वर्चुअल बैठक में लिया गया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • उल्लेखनीय है कि इस साल 18 अक्टूबर से ऑस्ट्रेलिया में विश्व टी.20 वर्ल्ड कप का आयोजन किया जाना था, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया।
  • इसके बाद ही इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) युनाइटेड अरब अमीरात (UAE) में आयोजित करने का फैसला लिया गया।
  • इसके अलावा 2023 में वनडे वर्ल्ड कप का आयोजन भी भारत में ही होने जा रहा है।

2021 और 2022 टी20 वर्ल्ड कप के शेड्यूल

  • भारत में होने वाला टी-20 वर्ल्ड कप 2021 के अक्टूबर-नवंबर में खेला जाएगा। इसका फाइनल 14 नवंबर को निर्धारित किया गया है।
  • ऑस्ट्रेलिया में होने वाला टी-20 वर्ल्ड कप 2022 भी अक्टूबर-नवंबर में ही खेला जाएगा, जबकि फाइनल 13 नवंबर को होगा।

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चर्चित दिन / दिवस

अगस्त क्रांति दिवस

चर्चा में क्यों?

  • 9 अगस्त 2020 को ”भारत छोड़ो आंदोलन” की 78 वीं वर्षगांठ मनाई गई। 1942 में इसी दिन यह ऐतिहासिक आंदोलन शुरु हुआ था। इसलिए इसे अगस्त क्रांति भी कहते हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • 4 जुलाई 1942 के दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने एक प्रस्ताव पारित किया कि अगर अंग्रेज अब भारत नहीं छोड़ते हैं तो उनके खिलाफ देशव्यापी पैमाने पर नागरिक अवज्ञा आंदोलन चलाया जाएगा।
  • इस प्रस्ताव को लेकर भी पार्टी दो धड़ों में बंट गई। कांग्रेस के कुछ लोग इस प्रस्ताव के पक्ष में नहीं थे। इसकी वजह से कांग्रेसी नेता चक्रवर्ती गोपालाचारी ने पार्टी छोड़ दी।
  • यही नहीं पंडित जवाहर लाल नेहरू और मौलाना आजाद भी इस प्रस्ताव को लेकर पशोपेश में थे लेकिन उन्होंने गांधीजी के आह्वान पर इसका समर्थन करने का निर्णय लिया।
  • 14 जुलाई, 1942 को वर्धा में कांग्रेस की कार्यकारिणी समिति ने ‘अंग्रेज़ों भारत छोड़ो आंदोलन’ का प्रस्ताव पारित किया एवं इसकी सार्वजनिक घोषणा से पहले 1 अगस्त को इलाहाबाद (प्रयागराज) में तिलक दिवस मनाया गया।
  • 8 अगस्त 1942 को अखिल भारतीय कांग्रेस की बैठक बंबई (मुंबई) के ग्वालिया टैंक मैदान में हुई और ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के प्रस्ताव को मंज़ूरी मिली। वर्तमान में यह मैदान अगस्त क्रांति मैदान के नाम से जाना जाता है।
  • इस प्रस्ताव में यह घोषणा की गई थी कि भारत में ब्रिटिश शासन की तत्काल समाप्ति भारत में स्वतंत्रता तथा लोकतंत्र की स्थापना के लिये अत्यंत आवश्यक हो गई है।

करो या मरो का मंत्र

  • भारत छोड़ो आंदोलन का प्रस्ताव पारित होने के बाद ग्वालिया टैंक मैदान में गांधीजी जी ने कहा कि, एक छोटा सा मंत्र है जो मैं आपको देता हूँ। इसे आप अपने ह्रदय में अंकित कर लें और अपनी हर सांस में उसे अभिव्यक्त करें। यह मंत्र है-“करो या मरो”। अपने इस प्रयास में हम या तो स्वतंत्रता प्राप्त करेंगे या फिर जान दे देंगे।”
  • इस तरह भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान ‘अंग्रेज़ों भारत छोड़ो’ एवं ‘करो या मरो’ भारतीयों का नारा बन गया। और 9 अगस्त, 1942 को गांधीजी के आह्वान पर पूरे देश में एक साथ आरंभ हुआ।
  • ब्रिटिश सरकार के खिलाफ यह अंतिम निर्णायक आंदोलन था, इस आंदोलन के बाद यह तय हो गया कि भारत में अंग्रेजों के शासन का अंत करीब आ गया है।

ऑपरेशन ज़ीरो ऑवर

  • आंदोलन का दमन करने के लिए ब्रिटिश सरकार द्वारा रात को 12 बजे ऑपरेशन ज़ीरो ऑवर (Operation Zero Hour) चलाया।
  • इसके तहत कांग्रेस के सभी बड़े नेता गिरफ्तार कर लिये गए और उन्हें देश के अलग-अलग भागों में जेल में डाल दिया गया।
  • गांधीजी को पुणे के आगा खां पैलेस में रखा गया तो पंडित नेहरु समेत अन्य सदस्यों को अहमदनगर दुर्ग में रखा गया।
  • साथ ही कांग्रेस को गैर-संवैधानिक संस्था घोषित कर इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
  • इस तरह यह आंदोलन नेतृत्व विहीन होकर स्वत: स्फूर्त हो गया।

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विश्व आदिवासी दिवस पर झारखंड में सार्वजनिक अवकाश

चर्चा में क्यों?

  • विश्व आदिवासी दिवस (World Tribal Day) 9 अगस्त को झारखंड में सार्वजिक अवकाश की घोषणा की गई है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • 1982 से हर साल 9 अगस्त को ये दिवस मनाया जाता है।
  • 1982 में संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) ने आदिवासियों के भले के लिए एक कार्यदल गठित किया था, जिसकी बैठक 9 अगस्त 1982 को हुई थी।
  • इसी स्मृति में संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) प्रतिवर्ष 9 अगस्त को ‘विश्व आदिवासी दिवस’ मनाता है।
  • 2020 के लिए इस दिन की थीम अंतरराष्ट्रीय दिवस 2020 का विषय COVID-19 and indigenous peoples’ resilience” है।

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राज्य परिदृश्य

उत्तर प्रदेश सरकार और फ्लिपकार्ट के बीच एमओयू

चर्चा में क्यों?

  • ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट ने हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार की ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रॉडक्ट’ (ODOP) के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • एमओयू के तहत, योजना से जुड़े कारीगरों, बुनकरों और शिल्पियों को ”फ्लिपकार्ट समर्थ” से जोड़ा जाएगा। इस नए समझौते के बाद यूपी के उत्पादकों को विशिष्ट उत्पादों तथा शिल्पों को देशभर के लाखों उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की सुविधा मिलेगी।
  • फ्लिपकार्ट समर्थ इन कारीगरों को प्लेटफार्म से जुड़ने में मदद देते हुए उन्हें मुफ्त कैटलॉगिंग, मार्केटिंग, एकाउंट मैनेजमेंट, बिज़नेस की जानकारी और वेयरहाउसिंग सपोर्ट प्रदान करेगा।
  • उम्मीद है कि इस करार से उत्तर प्रदेश की कला और हस्तपशिल्प अब देशभर के 25 करोड़ से अधिक ग्राहकों तक उपलब्ध होगी।

खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के साथ भी समझौते पर हस्ताक्षर

  • फ्लिपकार्ट ने इससे पहले उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के साथ भी समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं ताकि फ्लिपकार्ट मार्केटप्लेस पर खादी वस्त्रों और ग्रामोद्योग उत्पादों को पेश कर बुनकरों तथा कारीगरों को लाभ दिलाया जा सके।
  • इस भागीदारी के चलते, उत्तर प्रदेश की चिकनकारी, जरदोजी कारीगरी से तैयार वस्त्रों आदि को फ्लिपकार्ट प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराया गया है।

‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रॉडक्ट’ (ODOP) योजना

  • उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ‘वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट’ योजना के तहत यूपी के सभी 75 जिलों को डेवलप करने की योजना बनाई है। इसमें हर जिले की खासियत के अनुसार उसकी प्रोडक्शन को बढ़ाया जाएगा, ताकि उस क्षेत्र के युवाओं को रोजगार मिल सके।
  • सरकार ने इसको आगे बढ़ाने के लिए 6 भागों में इसे बांटा है। जिसमें कच्चा माल , फाइनेंस, डिज़ाइन, स्ट्रक्चर टेस्टिंग लैब, ट्रेनिंग एंड स्किल डेवलपमेंट, डिस्प्ले, एग्जीबिशन एंड मार्केंटिंग अन्य चीजें शामिल हैं।
  • वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ की योजना को पहली बार जापान के ओइटा के गवर्नर मोरिहिको हिरामात्सु ने 1979 में शुरू किया था।

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भारत एवं विश्व

बांग्लादेश में बनेगा भारतीय सैनिकों का स्मारक

चर्चा में क्यों?

  • बांग्लादेश ने पाकिस्तान से स्वतंत्रता के संघर्ष के दौरान 1971 में शहीद हुए भारतीय सैनिकों की याद में एक स्मारक स्थापित करने का निर्णय किया है।
  • इसके लिए बांग्लादेश ने त्रिपुरा की सीमा पर स्थित, ब्राह्मणबारिया जिले के आशूगंज में 3.5 एकड़ का चयन किया है, जहां भारतीय सेना ने पाकिस्तान सेना के साथ कई निर्णायक लड़ाई लड़ी थी।
  • प्रस्तावित स्मारक केवल भारतीय सेना के लिए है, ताकि भारतीय सेना और बांग्लादेश के स्वतंत्रता सेनानियों के बीच अमरदीप को संजोया जा सके।

बांग्लादेश की आजादी में भारत का योगदान

  • 1971 में पाकिस्तान से पूर्वी पाकिस्तान अलग होकर एक देश बना था जो अब बांग्लादेश के नाम से जाना जाता था। बांग्लादेश की आजादी में भारत का अहम योगदान था।
  • तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान के नेता शेख मुजीबुर रहमान पूर्वी पाकिस्तान की स्वायत्ता के लिए शुरू से संघर्ष कर रहे थे।
  • पाकिस्तान में 1970 के आम चुनाव में मुजीबुर रहमान की पार्टी पूर्वी पाकिस्तानी अवामी लीग ने जबर्दस्त जीत हासिल की। लेकिन पाकिस्तान को कंट्रोल कर रहे पश्चिमी पाकिस्तान के नेताओं ने उन्हें सत्ता नहीं सौंपी इससे पूर्वी पाकिस्तान में बगावत हो गई।
  • पूर्वी पाकिस्तान में बगावत के कारण भारत में बांग्लादेश के शरणार्थियों की बाढ़ आ गई।
  • 31 मार्च, 1971 को भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भारतीय संसद में भाषण देते हुए पूर्वी बंगाल के लोगों की मदद की बात कही थी।
  • इसके बाद भारतीय सेना ने अपनी तरफ से तैयारी शुरू कर दी। इस तैयारी में मुक्तिवाहिनी के लड़ाकों को प्रशिक्षण देना भी शामिल था।
  • 23 नवंबर, 1971 को पाकिस्तान के राष्ट्रपति याह्या खान ने पाकिस्तानियों से युद्ध के लिए तैयार रहने को कहा।
  • 3 दिसंबर, 1971 को पाकिस्तान की वायु सेना ने भारत पर हमला कर दिया। भारत के अमृतसर और आगरा समेत कई शहरों को निशाना बनाया।
  • इसके साथ ही 1971 के भारत-पाक युद्ध की शुरुआत हो गई। 16 दिसंबर, 1971 को पाकिस्तान की सेना के आत्मसमर्पण और बांग्लादेश के जन्म के साथ युद्ध का समापन हुआ।
  • इस युद्ध के दौरान भारत के थलसेना अध्यक्ष सैम मानेकशॉ थे।

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कृषि, पर्यावरण एवं जैव विविधता

मॉरीशस में ‘पर्यावरणीय आपातकाल’

चर्चा में क्यों?

  • मॉरीशस ने हिंद महासागर में देश के दक्षिणपूर्वी तट पर फंसे जापान के स्वामित्व वाले एक जहाज से तेल का रिसाव शुरू होने के बाद ‘पर्यावरणीय आपातकाल’ की घोषणा कर दी है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • एमवी वाकाशिवो ( MK Wakashio) नामक यह तेल टैंकर 25 जुलाई से फंसा हुआ है।
  • मॉरीशस सरकार का कहना है कि जहाज के निचले हिस्से में दरारें आ गई हैं और तेल का रिसाव हो रहा है। इसको देखते हुए प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ ने पर्यावरणीय आपातकाल की स्थिति की घोषणा कर दी।
  • ग्रीनपीस का कहना है कि इससे मॉरीशस में अब तक सबसे भयावह पर्यावरणीय संकट पैदा हो जाएगा। इससे समुद्री जीव जंतुओं के साथ ही पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया है।

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नियुक्ति/ निर्वाचन

महिंदा राजपक्सा बने श्रीलंका के नए प्रधानमंत्री

महत्वपूर्ण बिंदु

  • श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्सा ने राजधानी कोलंबो के ऐतिहासिक बौद्ध मंदिर में 9 अगस्त 2020 को देश के नए प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली।
  • महिंदा राजपक्सा चौथी बार श्रीलंका के प्रधानमंत्री बन गए हैं। जबकि इससे पहले वह श्रीलंका के राष्ट्रपति भी रह चुके हैं।
  • श्रीलंका पीपुल्स पार्टी (SLPP) के 74 वर्षीय नेता को नौंवी संसद के लिए पद की शपथ उनके छोटे भाई एवं राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्सा ने केलानिया में पवित्र राजमाहा विहाराय में दिलाई।
  • एसएलपीपी ने पांच अगस्त के आम चुनाव में भारी जीत हासिल करते हुए संसद में दो तिहाई बहुमत हासिल किया।
  • महिंदा को 5,000,00 से अधिक व्यक्तिगत वरीयता के मत मिले। श्रीलंका के चुनावी इतिहास में पहली बार किसी प्रत्याशी को इतने मत मिले हैं।
  • एसएलपीपी ने 145 निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज करते हुए अपने सहयोगियों के साथ कुल 150 सीटें अपने नाम की जो 225 सदस्यीय सदन में दो तिहाई बहुमत के बराबर है।

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