Daily Current Affairs 13 August 2020

रिपोर्ट / सूचकांक

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में गिरावट

चर्चा में क्यों?

  • देश का औद्योगिक उत्पादन इस बार जून में वार्षिक आधार पर 16.6 फीसदी घट गया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार मुख्य रूप से मैन्युफैक्चरिंग, खनन और बिजली उत्पादन कम रहने से औद्योगिक उत्पादन में गिरावट आई।
  • हाल ही में जारी औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) के आंकड़ों के अनुसार आलोच्य महीने में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के उत्पादन में 17.1 फीसदी, जबकि खनन और बिजली उत्पादन में क्रमश: 19.8 फीसदी और 10 फीसदी की गिरावट आई है।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • हालांकि औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में मासिक आधार पर सुधार हुआ है।
  • अप्रैल में सूचकांक 53.6 था जो मई में सुधरकर 89.5 और जून में 107.8 रहा।
  • अप्रैल-जून 2020 अवधि में IIP 9 फीसदी गिरा। पिछले साल की समान तिमाही में इसे 3 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की थी।
  • एहतियाती उपाय और कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए सरकार के ‘लॉकडाउन’ लगाने से बड़े पैमाने पर औद्योगिक गतिविधियां मार्च 2020 के बाद से ठप रही। बाद में औद्योगिक गतिविधियों में छूट दी गई, जिससे चीजें धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं।

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP)

  • यह सूचकांक सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय भारत सरकार के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), द्वारा मासिक रूप से संकलित और प्रकाशित किया जाता है।
  • यह सूचकांक अर्थव्यवस्था में औद्योगिक सेक्टर के प्रमुख क्षेत्र (Core Sectors) की स्थिति का विवरण प्रस्तुत करता है।
  • इसे अर्थव्यवस्था के औद्योगिक क्षेत्र का एक महत्त्वपूर्ण आर्थिक संकेतक माना जाता है।
  • वर्तमान में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) की गणना वित्तीय वर्ष 2011-2012 को आधार वर्ष मान कर की जाती है।

सूचकांक का महत्त्व

  • औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) का उपयोग वित्त मंत्रालय और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) जैसी सरकारी एजेंसियों और निजी फर्मों तथा विश्लेषकों द्वारा विश्लेषणात्मक उद्देश्यों के लिये किया जाता है।

कोर सेक्टर उद्योग

  • कोर सेक्टर के उद्योगों को किसी अर्थव्‍यवस्‍था की बुनियाद माना जाता है। इनकी विकास दर में कमी या बढोत्‍तरी बताती है कि किसी देश की अर्थव्‍यवस्‍था की बुनियाद की हालत क्‍या है।
  • भारत में आठ कोर उद्योग हैं : कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, स्टील, सीमेंट व बिजली। कोर सेक्टर उद्योग औद्योगिक उत्पादन के सूचकांक का 40.27% हिस्सा हैं।

कोर सेक्टर के उद्दयोग और IIP में उनका भारांक :

  • पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पाद (28.04%), विद्युत्  (19.85%), स्टील (17.92%), कोयला (10.33%), कच्चा तेल  (8.98%), प्राकृतिक गैस (6.88%), सीमेंट (5.37%), उर्वरक (2.63%)।

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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

क्षुद्रग्रह सेरेस में ‘महासागरीय दुनिया’ की खोज

चर्चा में क्यों?

  • सौरमंडल में मंगल और बृहस्पति के बीच स्थित क्षुद्रग्रह सेरेस (Ceres) की बेल्ट में एक ‘महासागरीय दुनिया’ (Ocean World) की खोज की गई है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • सेरेस (Ceres) मंगल एवं बृहस्पति ग्रह के बीच क्षुद्रग्रह की बेल्ट में सबसे बड़ा पिंड है। इसकी सतह के नीचे नमकीन पानी का एक बड़ा भंडार है।
  • नासा (NASA) के डॉन अंतरिक्ष यान (Dawn Spacecraft) से मिले आंकड़ों के आधार पर प्रकाशित शोध में यह जानकारी प्रदान की गई है।
  • इस नई खोज ने सेरेस में जीवन की संभावनाओं को बल दिया है। निष्कर्षों ने खारे/ नमकीन जलाशय की उपसतह की भी पुष्टि की है, जो नमक से परिपूर्ण जल है और एक उपसतह महासागर का शेष हिस्सा है। यह धीरे-धीरे जम भी रहा है।

सेरेस

  • सेरेस (Ceres) का व्यास लगभग 590 मील (950 किमी.) है। नई खोज के लिए वैज्ञानिकों ने सेरेस के उत्तरी गोलार्द्ध में लगभग 22 मिलियन वर्ष पहले निर्मित हुए 92 किमी. चौड़े ओक्काटर क्रेटर (Occator Crater) का विश्लेषण किया। जहां चमकीले क्षेत्रों की उपस्थिति थी। जो तरल पदार्थ के वाष्पीकरण के कारण छोड़े गए साल्ट क्रस्ट हैं।

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निधन

डॉ. राहत “इंदौरी”

  • देश के विख्यात उर्दू शायर और गीतकार राहत इंदौरी का 11 अगस्त 2020 को निधन हो गया। वह 70 साल के थे।
  • डॉ. राहत इंदौरी का जन्म 01 जनवरी 1950 को मध्य प्रदेश के इंदौर में हुआ था।
  • वह देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर में उर्दू साहित्य के प्राध्यापक भी रह चुके हैं।
  • उनकी प्रारंभिक शिक्षा नूतन स्कूल इंदौर में हुई।
  • उन्होंने इस्लामिया करीमिया कॉलेज इंदौर से साल 1973 में अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी की और साल 1975 में बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल से उर्दू साहित्य में एमए किया।
  • उन्होंने त्रैमासिक पत्रिका ‘शाखें’ का 10 वर्षों तक संपादन भी किया।

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पुरस्कार/सम्मान

जांच में उत्कृष्टता के लिए केंद्रीय गृह मंत्री के पदक

चर्चा में क्यों?

  • वर्ष 2020 के लिए ‘जांच में उत्कृष्टता के लिए केंद्रीय गृह मंत्री के पदक’ से 121 पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इस पदक की शुरुआत वर्ष 2018 में की गई थी जिसका उद्देश्‍य अपराध की जांच के उच्च प्रोफेशनल मानकों को बढ़ावा देना और जांच अधिकारियों द्वारा जांच में इस तरह की उत्कृष्टता की पहचान करना है।
  • 2020 के लिए इन पुरस्कारों को प्राप्त करने वाले कर्मियों में से 15 सीबीआई के, 10-10 मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र पुलिस के, 8 उत्तर प्रदेश पुलिस के और 7-7 कर्मी केरल व पश्चिम बंगाल पुलिस के हैं, तथा शेष कर्मी अन्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के हैं। इनमें इक्कीस (21) महिला पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं।

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