Daily Current Affairs 1 September 2020

आर्थिक एवं वाणिज्यिक परिदृश्य

भारत की जीडीपी विकास दर में भारी गिरावट

चर्चा में क्यों?

  • भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP)विकास दर में लॉकडाउन के बाद वाली तिमाही में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने चालू वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही (Q1) के जीडीपी (GDP) के आंकड़े जारी कर दिए हैं।
  • इसके मुताबिक इस वर्ष की पहली तिमाही में GDP ग्रोथ रेट माइनस 23.9% रहा। यह पिछले 40 साल में अब तक की सबसे खराब GDP ग्रोथ रेट है।
  • वित्त वर्ष 2019-20 की अंतिम तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (GDP)  की दर 3.1% थी। वहीं, NSO के आंकड़ों के मुताबिक जीवीए (Gross value added- GVA) में 22.8% की गिरावट आई है।

8.21 लाख करोड़ रुपये हो गया राजकोषीय घाटा

  • NSO द्वारा 31 अगस्त को जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जुलाई में भारत का राजकोषीय घाटा (fiscal deficit) 21 लाख करोड़ रुपये रहा। जबकि इसी अवधि में पिछले वर्ष यह 5.47 लाख करोड़ रुपये था।
  • पहली तिमाही में कुल राजकोषीय घाटा बजट अनुमान के 103.1% तक पहुंच गया है।
  • मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स के अनुसार, इस तिमाही में 8 कोर इंडस्ट्रीज का कम्बाइंड इंडेक्स 119.9 रहा।
  • इसमें पिछले साल के मुकाबले 9.6% की कमी आई है। मंत्रालय के मुताबिक, वित्त वर्ष 2020-21 के Q1 में इन आठ कोर इंडस्ट्रीज का ग्रोथ माइनस 20.5% रहा।

किस सेक्टर में कितनी गिरावट?

  • कोरोना वायरस महामारी की सबसे अधिक मार होटल और टूरिज्म सेक्टर पर पड़ी है। वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में होटल इंडस्ट्री की ग्रोथ रेट -47% रही।
  • इंडस्ट्रियल सेक्टर में GDP ग्रोथ रेट माइनस 38.1% रही। वहीं, सर्विसेज सेक्टर में आर्थिक विकास की दर -20.6% दर्ज की गई। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की बात करें तो इसमें GDP की दर माइनस 39.3% रही।
  • केवल एग्रीकल्चर ही ऐसा सेक्टर रहा जिसमें सकल घरेलू उत्पाद की दर पॉजिटिव में रही। कोरोना काल में एग्रीकल्चर सेक्टर का ग्रोथ रेट 3.4% रहा। यह पिछले साल के मुकाबले 0.4% अधिक है।

क्या है राजकोषीय घाटा ?

  • सरकार की कुल आय और व्यय में अंतर को राजकोषीय घाटा कहा जाता है। इससे पता चलता है कि सरकार को कामकाज चलाने के लिये कितनी उधारी की ज़रूरत होगी।
  • कुल राजस्व का हिसाब-किताब लगाने में उधारी को शामिल नहीं किया जाता है। राजकोषीय घाटा आमतौर पर राजस्व में कमी या पूंजीगत व्यय में अत्यधिक वृद्धि के कारण होता है।

क्या है जीडीपी?

  • ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट यानी सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic Product, GDP) किसी एक साल में देश में उत्पादित होने वाले सभी उत्पादों और सेवाओं की कुल वैल्यू को कहते हैं।
  • इससे पता चलता है कि सालभर में अर्थव्यवस्था ने कितना अच्छा या ख़राब प्रदर्शन किया है। यदि जीडीपी के आंकड़े कमी को दिखाते हैं, तो इसका मतलब है कि देश की अर्थव्यवस्था सुस्त हो रही है और देश ने इससे पिछले साल के मुक़ाबले पर्याप्त सामान का उत्पादन नहीं किया और सेवा क्षेत्र में भी गिरावट रही।
  • भारत में सेंट्रल स्टैटिस्टिक्स ऑफ़िस (CSO) साल में चार बार जीडीपी का आकलन करता है। यानी हर तिमाही में जीडीपी का आकलन किया जाता है। इसके अलावा यह हर साल वार्षिक जीडीपी ग्रोथ के आँकड़े जारी करता है।
  • वर्तमान में भारत की जीडीपी की गणना के लिए 2011-12 को आधार वर्ष के रूप में प्रयोग किया जाता है।

क्यों जरुरी है विकास दर को बनाए रखना?

  • माना जाता है कि भारत जैसे कम और मध्यम आमदनी वाले देश के लिए साल दर साल अधिक जीडीपी ग्रोथ हासिल करना ज़रूरी है ताकि देश की बढ़ती आबादी की ज़रूरतों को पूरा किया जा सके।

इन 8 सेक्टर से लिया जाता है जीडीपी के लिए डेटा

  • जीडीपी के डेटा को आठ सेक्टरों से इकट्ठा किया जाता है। इनमें कृषि, मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिसिटी, गैस सप्लाई, माइनिंग, क्वैरीइंग, वानिकी और मत्स्य, होटल, कंस्ट्रक्शन, ट्रेड और कम्युनिकेशन, फ़ाइनेंसिंग, रियल एस्टेट और इंश्योरेंस, बिजनेस सर्विसेज़ और कम्युनिटी, सोशल और सार्वजनिक सेवाएँ शामिल हैं।

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निधन

प्रणब मुखर्जी

  • देश के 13 वें राष्ट्रपति रहे प्रणब मुखर्जी का 31 अगस्त 2020 को निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे।
  • प्रणब मुखर्जी का जन्म ब्रिटिश दौर की बंगाल प्रेसिडेंसी (अब पश्चिम बंगाल) के मिराती गांव में 11 दिसंबर 1935 को हुआ था।
  • उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री में एमए किया।
  • वे डिप्टी अकाउंट जनरल (पोस्ट एंड टेलीग्राफ) में क्लर्क भी रहे।
  • 1963 में वे कोलकाता के विद्यानगर कॉलेज में पॉलिटिकल साइंस के लेक्चरर भी रहे।
  • उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत 1969 में राज्यसभा सांसद के रूप में हुई।
  • वह भारत के रक्षा, विदेश और वित्त मंत्री भी रहे।
  • 2012 से लेकर 2017 तक वे देश के 13 वें राष्ट्रपति रहे। 2019 में उन्हें भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न प्रदान किया गया

प्रमुख लिखित पुस्तकें

  • द कोलिशन इयर्स 1995-2012
  • द ड्रामेटिक डिकेड
  • द टर्बुलेंट ईयर्स-1980-1996
  • थॉट्स एंड रेफ्लेक्शंस
  • चैलेंजेज बिफोर द नेशन/ सागा ऑफ द स्ट्रगल एंड सैक्रीफाइस

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कला, संस्कृति एवं इतिहास

ओणम

चर्चा में क्यों?

  • 22 अगस्त से 2 सितंबर 2020 के बीच केरल में ओणम त्यौहार मनाया गया।

महतवपूर्ण बिंदु:

  • ओणम (Onam) का त्यौहार केरल के पौराणिक राजा महाबली की स्मृति के सम्मान में मनाया जाता है।
  • यह राज्य का कृषि पर्व भी है।
  • ओणम मलयालम कैलेंडर के पहले महीने ‘चिंगम’ से शुरू होता है, इसलिये इसे मलयाली लोगों का नववर्ष भी कहा जाता है।
  • लगभग 10-12 दिन तक चलने वाले इस उत्सव का पहला और आखिरी दिन सबसे महत्त्वपूर्ण होता है।
  • ओणम के अवसर पर 26 पकवानों वाले सद्या को केले के पत्ते पर खास तरीके व क्रम में परोसा जाता है, जिसे सद्या थाली कहते हैं तथा इस भव्य महाभोज को ‘ओणासद्या’ कहा जाता है। यह ओणम का सबसे महत्त्वपूर्ण आयोजन होता है।
  • ओणम के दिन पारंपरिक खेलों, संगीत और नृत्य का आयोजन होता है।

पुलिक्कली (Pulikkali):

  • पुलिक्कली या बाघ नृत्य केरल के त्रिशूर में मनाये जाने वाले ओणम उत्सव का एक अनिवार्य हिस्सा है।
  • पुलिक्कली में कुछ विशेष लोग अपने शरीर पर चमकीले पीले एवं काले रंग से शेर की आकृति को चित्रित करके ड्रम एवं तीव्र म्यूज़िक के साथ शहर के चारों ओर घूमते हैं।

अरनमुला नौका दौड़:

  • अरनमुला नौका दौड़ केरल की सबसे प्राचीन नौका दौड़ प्रतियोगिता है, जिसे ओणम (अगस्त-सितंबर) के दौरान आयोजित किया जाता है।
  • यह केरल के पथनमथित्ता (Pathanamthitta) ज़िले में पंपा नदी में श्री कृष्ण और अर्जुन को समर्पित पार्थसारथी नामक हिंदू मंदिर के समीप मनाया जाता है।
  • इस त्योहार में गायन करते हुए और दर्शकों के शोर-शराबे के बीच साँप की आकृति वाली नौकाओं को जोड़े में दौड़ाया जाता है।

आंध्रप्रदेश में मिला प्राचीन शिलालेख

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में आंध्रप्रदेश के कडप्पा ज़िले में खुदाई के दौरान रेनाटी चोल युग (Renati Chola Era) के एक प्राचीन शिलालेख की प्राप्ति हुई है।

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • यह शिलालेख डोलोमाइट चट्टान पर तेलुगू भाषा में उत्कीर्ण किया गया है।
  • 25 पंक्तियों में उत्कीर्ण इस शिलालेख को प्राचीन तेलुगू भाषा में लिखा गया है।
  • यह शिलालेख 8वीं शताब्दी के आसपास का बताया जा रहा है जब यह क्षेत्र रेनाडू (Renadu) के चोल महाराजा के अधीन था।
  • पुराविदों के अनुसार शिलालेख में सिद्यामायु नामक एक व्यक्ति को उपहार में दी गई छह मार्टटस [Marttus- भूमि मापक इकाई) भूमि के रिकॉर्ड का उल्लेख है।
  • सिद्यामायु पिडुकुला गाँव में मंदिर की सेवा करने वाले ब्राह्मणों में से एक ब्राह्मण था।

रेनाटी चोल युग:

  • 500 से 1100 ईस्वी तक रेनाटी चोल (इन्हें रेनाडू क्षेत्र के तेलुगू चोल भी कहा जाता है) राजवंश ने रेनाडू क्षेत्र (आधुनिक कडप्पा ज़िले) पर शासन किया।
  • तेलुगू चोल शासक एरिकल मुत्तुराजु धनंजय वर्मा के तेलुगू शिलालेख तेलुगू भाषा में उत्कीर्ण सबसे पहला शिलालेख है।जो वर्तमान कडप्पा ज़िले में 575 ईस्वी में उत्कीर्ण किया गया था।

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भारत एवं विश्व

शांति सैनिक मिशन : भारत सह-प्रायोजक

चर्चा में क्यों?

  • संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव को सह-प्रायोजित करने का निर्णय लिया है, जो शांति अभियानों में महिला कर्मियों की पूर्ण, प्रभावी और सार्थक भागीदारी के लिये आह्वान करता है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इस मिशन को इंडोनेशिया द्वारा पेश किया गया था।
  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वर्ष 2019-20 के कार्यकाल के दौरान शांति व्यवस्था कायम रखना इंडोनेशिया की प्राथमिकता रही है।
  • संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने सूचित किया है कि सुरक्षा परिषद में वर्ष 2021 से शुरू होने वाले अपने कार्यकाल के दौरान भारत ने अपने लिये जो प्राथमिकतायें तय की हैं, उनमें से एक प्राथमिकता यह है कि उसके द्वारा सभी क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती हुई भागीदारी पर ज़ोर दिया जाएगा।
  • भारत की विभिन्न देशों में महिला शांति सैनिकों को तैनात करने की लंबी परंपरा रही है।
  • वर्ष 1960 के प्रारंभ में, भारत ने सशस्त्र बलों की चिकित्सा सेवाओं में महिलाओं को संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन में सेवा करने के लिये कांगो गणराज्य में भेजा था।

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रिपोर्ट/इंडेक्स

विश्व बैंक ने इज ऑफ डूइंग बिजनेस रिपोर्ट का प्रकाशन रोका

चर्चा में क्यों?

  • विश्व बैंक ने इज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease Of Doing Business) रिपोर्ट का प्रकाशन रोकने की घोषणा की है, क्योंकि अक्टूबर 2017 और 2019 में प्रकाशित आंकड़ों के बदलाव में हेराफेरी का मामला सामने आया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • अक्टूबर 2019 में प्रकाशित ईज ऑफ इूइंग बिजनेस रिपोर्ट में भारत की रैंकिंग 14 पायदान उछलकर 63वें पर आ गई थी।
  • पिछले पांच साल (2014-19) में इस इंडेक्स में भारत की रैंकिंग में 79 पायदान का सुधार हुआ है।
  • विश्व बैंक ने अपने इंडिपेंडेंट इंटरनल ऑडिट टीम से कहा है कि वे डाटा कलेक्शन की प्रक्रिया की ऑडिट करें और डूइंग बिजनेस और डाटा सुरक्षा की समीक्षा करें।
  • डूइंग बिजनेस 2018 और 2020 रिपोर्ट के आंकड़ों में बदलाव में अनियमितता हुई है। ये रिपोर्ट अक्टूबर 2017 और अक्टूबर 2019 में प्रकाशित हुई थीं। बैंक ने कहा कि डाटा में जो बदलाव हुए हैं, वे डूइंग बिजनेस की प्रणाली अनुरूप नहीं हुए हैं।

अनियमितता से प्रभावित देशों के आंकड़े पिछली तिथि से बदले जाएंगे

  • अनियमितता से प्रभावित देशों के आंकड़ों में पिछली तिथि से सुधार किए जाएंगे। बैंक के बोर्ड ऑफ एक्जीक्यूटिव डायरेक्टटर्स और प्रभावित देशों के अधिकारियों को स्थिति से अवगत करा दिया गया है।
  • 2020 की डूइंग बिजनेस रिपोर्ट में जिन देशों की रैंकिंग में सबसे ज्यादा सुधार हुए हैं, उनमें सऊदी अरब, जोर्डन, टोगो, बहरीन, ताजिकिस्तान , पाकिस्तान, कुवैत, चीन, भारत और नाइजीरिया शामिल हैं

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