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Daily Current Affairs 1 July 2021

अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य

बैहीतान जलविद्युत संयंत्र

चर्चा में क्यों?

  • चीन ने हाल ही में देश के बड़े जलविद्युत संयंत्र की दो इकाइयों का परिचालन शुरू कर दिया। इसे कथित तौर पर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा जल विद्युत संयंत्र माना जा रहा है, जिसके निर्माण पर करीब 34 अरब डालर (लगभग 2,524 अरब रुपये) की लागत का अनुमान है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • बैहीतान जलविद्युत संयंत्र ( Baihetan Hydropower Station) की दो इकाइयों की शुरुआत चीन में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी आफ चाइना (सीपीसी) के शताब्दी समारोह (एक जुलाई) से ठीक पहले की गई है।
  • जलविद्युत संयंत्र जींशा नदी पर स्थित है, जो यांगत्सी नदी का ऊपरी हिस्सा है। यह दक्षिण पश्चिमी प्रांत युन्नान एवं सिचुआन तक फैला हुआ है। चीन यांगत्सी नदी पर तीन बड़े बांध बना चुका है और अरुणाचल प्रदेश से सटे तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी पर बड़े बांध बनाने की तैयारी में है।
  • चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिंहुआ के अनुसार, 1.6 करोड़ किलोवाट क्षमता वाले बैहीतान जलविद्युत संयंत्र में 16 उत्पादन इकाइयां लगी हुई हैं।
  • प्रत्येक की क्षमता 10 लाख किलोवाट विद्युत उत्पादन की है, जो दुनिया की किसी भी विद्युत उत्पादन यूनिट से ज्यादा है।
  • रिपोर्ट में बताया गया है कि संयंत्र के अंडरग्राउंड पावरहाउस की दो इकाइयां धीरे-धीरे काम करने लगी हैं। सभी इकाइयों को जुलाई 2022 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इनसे हर साल 4 अरब किलोवाट बिजली का उत्पादन हो सकेगा।

विश्व का सबसे बड़ा बांध

  • विश्व का सबसे बड़ा बांध भी चीन में है, जिसका नाम ‘थ्री गोर्जेस डैम’ (Three Gorges Dam ) है।
  • इंटरनेशनल वाटर पावर एंड डैम कंस्ट्रक्शन पत्रिका के मुताबिक, 2.3 किलोमीटर लंबा, 115 मीटर चौड़ा और 185 मीटर ऊंचा यह बांध दुनिया का सबसे बड़ा पनबिजली बांध है।
  • यह बांध चीन के हुबेई प्रांत में यांग्शी नदी (Yangtze, China’s) पर बना हुआ है, जिसे दुनिया की तीसरी सबसे लंबी और चीन की सबसे लंबी नदी है। जिसकी लंबाई छह हजार किलोमीटर से भी अधिक है।

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चर्चित व्यक्तित्व

अभिमन्यु मिश्रा

चर्चा में क्यों?

  • भारतीय मूल के अमेरिकी अभिमन्यु मिश्रा शतरंज इतिहास के सबसे युवा ग्रैंडमास्टर बन गये हैं।
  • उन्होंने 2002 में सर्गेई कारजाकिन द्वारा बनाए गए 12 साल और सात महीने के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है।
  • अभिमन्यु ने 12 साल, चार महीने और 25 दिन की आयु में यह उपलब्धि हासिल की।
  • अभिमन्यु मिश्रा अमेरिका के न्यू जर्सी में रहते हैं। उन्होंने ने बुडापेस्ट में अपना तीसरा जीएम मानदंड हासिल किया।

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योजना/परियोजना

भारतनेट परियोजना

चर्चा में क्यों?

  • प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने आज देश के 16 राज्‍यों में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्‍यम से भारतनेट की संशोधित कार्यान्‍वयन रणनीति को मंजूरी प्रदान की।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • भारतनेट का अब इन 16 राज्यों में ग्राम पंचायतों (जीपी) से अलग सभी आबादी वाले गांवों तक विस्तार किया जाएगा।
  • संशोधित रणनीति में रियायत के साथ भारतनेट का निर्माण, उन्नयन, संचालन, रख-रखाव और उपयोग भी शामिल है, जिसका चयन प्रतिस्पर्धी अंतरराष्ट्रीय बोली प्रक्रिया द्वारा किया जाएगा। इस पीपीपी मॉडल के लिए अनुमानित अधिकतम व्यवहार्यता अंतर कोष के लिए 19,041 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
  • कैबिनेट की मंजूरी के दायरे में आने वाले राज्य केरल, कर्नाटक, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश हैं। इसके तहत ग्राम पंचायतों सहित अनुमानित 61 लाख गांवों को शामिल किया जाएगा।
  • मंत्रिमंडल ने शेष राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सभी आबादी वाले गांवों को शामिल करने के लिए भारतनेट का विस्तार करने को सैद्धांतिक मंजूरी भी दी। दूरसंचार विभाग इन (शेष) राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए अलग से तौर-तरीके तैयार करेगा।
  • भारतनेट परियोजना भारत की 5 लाख ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी में लाने का कार्यक्रम है। इस परियोजना को भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड (BBNL) धरातल पर उतार रहा है।

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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

ब्लैक कार्बन

चर्चा में क्यों?

  • एक नये अध्ययन में कहा गया है कि ब्लैक कार्बन का मानव की सेहत पर बहुत अधिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और इसकी वजह से समय से पहले ही मृत्यु हो जा सकती है। यह अध्ययन वायु प्रदूषकों के साथ जुड़ी मृत्यु दर के भविष्य के बोझ का अधिक सटीक तरीके से आकलन करने में सहायक हो सकता है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • गंगा के मैदानी क्षेत्रों में ब्लैक कार्बन (BC) की बहुतायत है जिसका क्षेत्रीय जलवायु और मानव स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव प्रभाव पड़ता है।
  • बहरहाल, अधिकांश प्रदूषण आधारित महामारी संबंधी अध्ययन अनिवार्य रूप से पार्टिकुलेट मास कंसंट्रेशन (पीएम 10 एवं/-या पीएम 5) से संपर्क से संबंधित रहे हैं, जो सामान्य रूप से बिना इसके स्रोत तथा संरचना द्वारा लोगों में अंतर किए समान विषाक्तता के साथ सभी कणों को इससे जोड़ लेते हैं जिनका वास्तव में अलग अलग स्वास्थ्य दुष्परिणाम होता है।
  • हाल ही में एक विख्यात जर्नल ‘ऐटमोस्पियरिक एनवायरनमेंट’ (Atmospheric Environment) में ‘ में इस पर शोध पत्र प्रकाशित किया गया है।

क्या है ब्लैक कार्बन (Black Carbon)?

  • ब्लैक कार्बन जीवाश्म एवं अन्य जैव ईंधनों के अपूर्ण दहन, ऑटोमोबाइल तथा कोयला आधारित ऊर्जा सयंत्रों से निकलने वाला एक पार्टिकुलेट मैटर है।
  • यह एक अल्पकालिक जलवायु प्रदूषक है जो उत्सर्जन के बाद कुछ दिनों से लेकर कई सप्ताह तक वायुमंडल में बना रहता है।

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ग्लेशियल लेक एटलस

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार ने गंगा नदी घाटी के लिये एक ‘ग्लेशियल लेक एटलस’ का विमोचन किया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • ‘ग्लेशियल लेक एटलस’ गंगा नदी घाटी में अवस्थित हिमनद झीलों पर आधारित है जो इसके उद्गम स्थल से लेकर हिमालय की तलहटी तक 2,47,109 वर्ग किलोमीटर के जलग्रहण क्षेत्र को कवर करती है।
  • गंगा नदी बेसिन के अध्ययन में भारतीय हिस्से के साथ-साथ सीमा पार क्षेत्र भी शामिल हैं। यह एटलस 25 हेक्टेयर से अधिक जल प्रसार क्षेत्र वाले गंगा नदी बेसिन के लिये एक व्यापक एवं व्यवस्थित हिमनद झील डेटाबेस प्रदान करता है।
  • एटलस को जलवायु परिवर्तन प्रभाव विश्लेषण के संदर्भ में परिवर्तन विश्लेषण के लिये भी संदर्भ डेटा के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
  • यह एटलस एनआरएससी, इसरो के भुवन पोर्टल (https://bhuvan.nrsc.gov.in/nhp/), इंडिया डब्ल्यूआरआईएस पोर्टल (indiawris.gov.in) और जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग की एनएचपी वेबसाइट (www.nhp.mowr.gov.in) पर भी उपलब्ध है।
  • यह एटलस क्षेत्रीय सीमा (विस्तार/संकुचन) में नियमित या आवधिक निगरानी परिवर्तनों और नई झीलों के निर्माण के लिये प्रामाणिक डेटाबेस भी प्रदान करता है। एटलस का उपयोग ग्लेशियर पर जलवायु प्रभाव अध्ययन के लिये भी किया जा सकता है।
  • ‘ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड’ (GLOF) के संभावित जोखिम का पता लगाने के लिये भी यह एटलस काफी महत्त्वपूर्ण साबित होगा।
  • केंद्र और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण आपदा प्रबंधन और न्यूनीकरण से संबंधित कार्यक्रम के लिये एटलस का उपयोग कर सकते हैं।

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दिन/दिवस

राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस

चर्चा में क्यों?

  • 01 जुलाई को हर साल इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) द्वारा ‘राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस’ (National Doctor’s Day) मनाया जाता है।
  • यह दिवस स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. बिधान चंद्र रॉय की जयंती एवं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।
  • डॉ. रॉय एक प्रसिद्ध चिकित्सक थे, जिन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में बहुत महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।
  • उनका जन्म 1 जुलाई, 1882 को हुआ था और इसी तारीख को वर्ष 1962 में उनकी मृत्यु हुई।
  • उन्हें 4 फरवरी, 1961 को भारत रत्न सम्मान से भी सम्मानित किया गया था।
  • उन्होंने जादवपुर टीबी अस्पताल, कमला नेहरू मेमोरियल अस्पताल, विक्टोरिया इंस्टीट्यूशन (कॉलेज), चित्तरंजन कैंसर अस्पताल और महिलाओं व बच्चों के लिये चित्तरंजन सेवा सदन जैसे चिकित्सा संस्थानों की स्थापना में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
  • यह दिवस पहली बार 1991 में मनाया गया था।

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NATRAX-हाई स्पीड ट्रैक

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में पीथमपुर, इंदौर (मध्य प्रदेश) में NATRAX- हाई स्पीड ट्रैक (NATRAX-High Speed Track) का उद्घाटन किया गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • यह एक विश्व स्तरीय 3 किमी का हाई स्पीड ट्रैक है जो एशिया का सबसे लंबा और विश्व का पाँचवाँ सबसे बड़ा ट्रैक है।
  • इसे 1000 एकड़ भूमि में विकसित किया गया है।
  • यह कई परीक्षण क्षमताएँ जैसे- अधिकतम गति का मापन, त्वरण, निरंतर गति ईंधन की खपत, वास्तविक सड़क ड्राइविंग सिमुलेशन के माध्यम से उत्सर्जन परीक्षण, लेन परिवर्तन के दौरान उच्च गति और स्थिरता मूल्यांकन, उच्च गति स्थायित्व परीक्षण आदि के साथ वाहन गतिशीलता के लिये उत्कृष्टता केंद्र है।
  • यह नेशनल ऑटोमोटिव टेस्टिंग एंड रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट (NATRIP) के तहत अत्याधुनिक ऑटोमोटिव टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन सेंटर में से एक है।
  • NATRIP ऑटोमोटिव क्षेत्र में सबसे बड़ी और सबसे महत्त्वपूर्ण पहल है जिसमें भारत सरकार, कई राज्य सरकारों तथा भारतीय ऑटोमोटिव उद्योग के प्रतिनिधि शामिल हैं।
  • यह भारी उद्योग मंत्रालय की एक फ्लैगशिप परियोजना है।
  • इसका उद्देश्य देश में अत्याधुनिक परीक्षण, सत्यापन और अनुसंधान एवं विकास अवसंरचना का निर्माण करना है।
  • हाई स्पीड ट्रैक का उपयोग हाई-एंड (High- End) कारों जैसे- बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज़ आदि की अधिकतम गति क्षमता को मापने के लिये किया जाता है जिन्हें किसी भी भारतीय परीक्षण ट्रैक पर नहीं मापा जा सकता है।

वन स्टॉप सॉल्यूशन:

  • यह सभी प्रकार के हाई स्पीड परीक्षणों के लिए विश्व में सबसे बड़ा वन स्टॉप सॉल्यूशन है।
  • यह वाहनों की व्यापक श्रेणी दो पहिया वाहनों से लेकर सबसे भारी ट्रैक्टर ट्रेलरों के लिए उपयुक्त है।

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