ग्रामीण स्थानीय निकायों को 15वें वित्त आयोग के बद्ध (Tied) अनुदान की किश्त जारी

चर्चा में क्यों?

  • केंद्रीय पंचायती राज तथा ग्रामीण विकास मंत्रालय ने ग्रामीण स्थानीय निकायों को 15वें वित्त आयोग के बद्ध (Tied) अनुदान की 15187.50 करोड़ रुपये की किस्त जारी कर दी गई है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • वर्ष 2020-21 के लिए ग्रामीण स्थानीय निकायों के अनुदान की कुल राशि 60,750 करोड़ रुपये मिलेगी, जो अब तक का सर्वाधिक अनुदान है।
  • यह अनुदान, बद्ध (टाइड) अनुदान है, जैसा कि वित्त वर्ष 2020-21 की अवधि के लिए 15वें वित्त आयोग ने प्रथम किस्त के रूप में अनुशंसित किया है और इसका उपयोग ग्रामीण स्थानीय निकायों द्वारा पेयजल की आपूर्ति, वर्षा जल संचयन, जल पुनर्चक्रण, स्वच्छता और खुले में शौच मुक्त (ODF) स्थिति के रखरखाव इत्यादि विभिन्न विकासात्मक कार्यों की सुविधा के लिए करना है।
  • वित्त आयोग ने वित्त वर्ष 2020-21 की अवधि के लिए ग्रामीण स्थानीय निकायों के अनुदान का कुल आकार 60,750 करोड़ रुपये तय किया है जो वित्त आयोग द्वारा किसी एक वर्ष में किया गया सबसे अधिक आवंटन है।

क्या है बेसिक और बद्ध अनुदान?

  • उल्लेखनीय है कि वित्त आयोग ने 28 राज्यों में,पंचायती राज के सभी स्तरों के लिए, पांचवीं और छठी अनुसूची क्षेत्रों के पारंपरिक निकायों सहित, दो भागों में, अर्थात् (i) बेसिक(Untied) अनुदान और (ii) बद्ध (Tied) अनुदान प्रदान करने की सिफारिश की है।
  • अनुदान का 50% बेसिक ग्रांट होगा और 50% बद्ध अनुदान होगा।
  • बेसिक अनुदान अबद्ध हैं और वेतन या अन्य स्थापना व्यय को छोड़कर, स्थान-विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप ग्रामीण स्थानीय निकायों द्वारा उपयोग में लाए जा सकते हैं।
  • जबकि, बद्ध अनुदान का उपयोग इन मूल सेवाओं के लिए किया जाना है (1) स्वच्छता और ओडीएफ स्थिति का अनुरक्षण और (2) पेयजल, वर्षा-जल संचयन और जल पुनर्चक्रण की आपूर्ति।

ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए ये है अनुदान वितरण का नया फार्मूला

  • राज्य सरकारें नवीनतम राज्य वित्त आयोग (एसएफसी) की स्वीकृत सिफारिशों के आधार पर पंचायतों के सभी स्तरों – गांव, ब्लॉक और जिले तथा पांचवीं एवं छठी अनुसूची क्षेत्रों के पारंपरिक निकायों को 15वें वित्त आयोग का अनुदान वितरित करेंगी,जो 15वें वित्त आयोग द्वारा तय निम्नलिखित बैंडों के अनुरूप होना चाहिए-

ग्राम / ग्राम पंचायतों के लिए  70-85%
ब्लॉक / मध्यवर्ती पंचायतों के लिए  10-25%
जिला / जिला पंचायतों के लिए 5-15%

  • दो-स्तरीय प्रणाली वाले राज्यों में, केवल ग्राम और जिला पंचायतों के मध्य यह वितरण ग्राम / ग्राम पंचायतों के लिए 70-85% और जिला / जिला पंचायतों के लिए 15-30% के बैंड में होगा ।

वित्त आयोग

  • अनुच्छेद 280(1) के तहत उपबंध है कि राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त्त किये जाने वाले एक अध्यक्ष और चार अन्य सदस्यों से मिलकर वित्त आयोग बनेगा।
  • आयोग अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपता है, जिसे राष्ट्रपति द्वारा संसद के दोनों सदनों में रखवाया जाता है।
  • प्रस्तुत सिफारिशों के साथ स्पष्टीकरण ज्ञापन भी रखवाया जाता है ताकि प्रत्येक सिफारिश के संबंध में हुई कार्यवाही की जानकारी हो सके।
  • वित्त आयोग द्वारा की गई सिफारिशें सलाहकारी प्रवृत्ति की होती हैं, इसे मानना या न मानना सरकार पर निर्भर करता है।

15 वां वित्त आयोग

  • उपरोक्त संवैधानिक प्रावधानों के तहत 27 नवम्बर, 2017 को एन.के. सिंह को 15वें वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
  • एन.के. सिंह भारत सरकार के पूर्व सचिव एवं 2008-2014 तक बिहार से राज्यसभा के सदस्य भी रह चुके हैं।
  • 15वें वित्त आयोग के पूर्णकालिक सदस्य: अशोक लाहिड़ी, अजय नारायण झा और अनूप सिंह
  • 15वें वित्त आयोग की सिफारिशें 2020-25 तक लागू होंगी

वित्त आयोग के कार्य दायित्व

  • भारत के राष्ट्रपति को यह सिफारिश करना कि संघ एवं राज्यों के बीच करों की शुद्ध प्राप्तियों को कैसे वितरित किया जाए एवं राज्यों के बीच ऐसे आगमों का आवंटन।
  • अनुच्छेद 275 के तहत संचित निधि में से राज्यों का अनुदान/सहायता का भाग तय करना।
  • राज्य वित्त आयोग द्वारा की गई सिफारिशों के आधार पर पंचायतों एवं नगरपालिकाओं के संसाधनों की आपूर्ति हेतु राज्य की संचित निधि में संवर्द्धन के लिये आवश्यक कदमों की सिफारिश करना।
  • राष्ट्रपति द्वारा प्रदत्त अन्य कोई विशिष्ट निर्देश, जो देश के सुदृढ़ वित्त के हित में हों।

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