राष्ट्रीय परिदृश्य

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-2019

चर्चा में क्यों?

  • उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-2019 – 20, जुलाई 2020 से लागू हो गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के स्थान पर यह अधिनियम लाया गया है।
  • नए अधिनियम में उपभोक्ताओं के अधिकारों को बढ़ावा देने और उनकी रक्षा के लिए केन्द्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) की स्थापना करना शामिल है।
  • सीसीपीए को उपभोक्ता अधिकारों और संस्थानों की शिकायतों/अभियोजन के उल्लंघन की जांच करने, असुरक्षित वस्तुओं और सेवाओं को वापस लेने का आदेश देने, अनुचित व्यापार चलनों और भ्रामक विज्ञापनों को रोकने का आदेश देने और निर्माताओं/समर्थनकर्ताओं/भ्रामक विज्ञापनों के प्रकाशकों पर जुर्माना लगाने का अधिकार होगा।
  • इस अधिनियम के तहत ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को 48 घंटों के भीतर उपभोक्ता को शिकायत प्राप्ति की सूचना देनी होगी और शिकायत प्राप्ति की तारीख से एक महीने के भीतर उसका निपटारा करना होगा।
  • अधिनियम उत्पाद दायित्व की अवधारणा को प्रस्तुत करता है और मुआवजे के किसी भी दावे के लिए उत्पाद निर्माता, उत्पाद सेवा प्रदाता और उत्पाद विक्रेता को इसके दायरे में लाता है।
  • नए अधिनियम में मध्यस्थता का एक वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र प्रदान किया गया है। ये इस अधिनिर्णय प्रक्रिया को सरल करेगा। जहां भी शुरुआती निपटान की गुंजाइश मौजूद हो और सभी पक्ष सहमत हों, वहां मध्यस्थता के लिए उपभोक्ता आयोग द्वारा एक शिकायत उल्लिखित की जाएगी।
  • उपभोक्ता आयोगों के तत्वावधान में स्थापित किए जाने वाले मध्यस्थता प्रकोष्ठों में मध्यस्थता आयोजित की जाएगी। मध्यस्थता के माध्यम से होने वाले निपटान के खिलाफ कोई अपील नहीं होगी।
  • उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के नियमों के अनुसार 5 लाख रुपये तक का मामला दर्ज करने के लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा। इलेक्ट्रॉनिक रूप से शिकायतें दर्ज करने के लिए भी इसमें प्रावधान है, न पहचाने जाने वाले उपभोक्ताओं की देय राशि को उपभोक्ता कल्याण कोष (CWF) में जमा किया जाएगा।
  • नौकरियों, निपटान, लंबित मामलों और अन्य मसलों पर राज्य आयोग हर तिमाही केंद्र सरकार को जानकारी देंगे।
  • नया अधिनियम उत्पाद दायित्व की अवधारणा को भी लाया है, और मुआवजे के लिए किसी भी दावे के लिए उत्पाद निर्माता, उत्पाद सेवा प्रदाता और उत्पाद विक्रेता को अपने दायरे में लाता है।

मिलावटी / नकली सामानों के निर्माण या बिक्री के लिए सजा का प्रावधान

  • इस अधिनियम में एक सक्षम न्यायालय द्वारा मिलावटी / नकली सामानों के निर्माण या बिक्री के लिए सजा का प्रावधान है।
  • पहली बार दोषी पाए जाने की स्थिति में संबंधित अदालत दो साल तक की अवधि के लिए व्यक्ति को जारी किए गए किसी भी लाइसेंस को निलंबित कर सकती है, और दूसरी बार या उसके बाद दोषी पाए जाने पर उस लाइसेंस को रद्द कर सकती है।

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण परिषद (CCPC)

  • केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण परिषद (Central Consumer Protection Council, CCPC) के गठन के लिए नियम भी तय किए गए हैं।
  • ये परिषद उपभोक्ता मुद्दों पर एक सलाहकार निकाय है, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय उपभोक्ता मामलों, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री द्वारा की जाती है और उपाध्यक्ष के रूप में संबंधित राज्य मंत्री और विभिन्न क्षेत्रों से 34 अन्य सदस्य होते हैं।
  • तीन वर्ष के कार्यकाल वाली इस परिषद के पास उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम और एनईआर, प्रत्येक क्षेत्र से दो राज्यों के उपभोक्ता मामलों के प्रभारी मंत्री होंगे। विशिष्ट कार्यों के लिए इन सदस्यों के बीच कार्य समूह का भी प्रावधान है।

आर्थिक वाणिज्यिक परिदृश्य

ज़ोरम मेगा फूड पार्क

चर्चा में क्यों?

  • केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से 20 जुलाई को मिज़ोरम के ज़ोरम मेगा फूड पार्क (Zoram Mega Food Park) का उद्घाटन किया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • मिजोरम के कोलासिब जिले के गांव-खमरंग में मेगा फूड पार्क को मेसर्स जोरम मेगा फूड पार्क प्राइवेट लिमिटेड ने प्रमोट किया है। यह मिजोरम राज्य में संचालित पहला मेगा फूड पार्क है।
  • 5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित और 55 एकड़ में फैले फूड पार्क से सीधे तौर पर 25,000 किसानों को लाभ होगा और इस क्षेत्र के 5,000 से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
  • इस मेगा फूड पार्क के सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) में डेवलपर द्वारा स्‍थापित की गई सुविधाओं में अत्‍याधुनिक अवसंरचना के अलावा कोल्ड स्टोरेज-1000 एमटी, ड्राईवेयरहाउस -3000 एमटी, डिब्‍बाबंदी के साथ कीटाणुनाशक पल्प लाइन, कीटाणुनाशक और टेट्रा पैकिंग -2 एमटी/प्रति घंटा, राइपनिंग (पकने में सहायक) चैम्बर्स -40 एमटी/प्रति घंटा मसाले सुखाने की सुविधा -2MT/प्रति घंटा, खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला शामिल हैं।

मेगा फूड पार्क योजना

  • इस योजना के तहत भारत सरकार प्रत्‍येक मेगा फूड पार्क परियोजना के लिए 50.00 करोड़ तक की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। वर्तमान में विभिन्न राज्यों में 18 मेगा फूड पार्क परियोजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं और विभिन्न राज्यों में 19 मेगा फूड पार्कों में पहले ही परिचालन शुरू हो चुका है। इनमें से 6 पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में हैं। पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में 2 एमएफपी असम और मिजोरम में चालू किए जा चुके हैं।

 

रिपोर्ट/इंडेक्स

कृषि श्रमिकों और ग्रामीण श्रमिकों के लिए सीपीआई जारी

चर्चा में क्यों?

  • 20 जुलाई को कृषि और ग्रामीण श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) – जून 2020 जारी किया गया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • जून, 2020 में कृषि श्रमिकों और ग्रामीण श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index, CPI) क्रमश: 1-1 अंक घटकर क्रमश: 1018 और 1024 के स्‍तर पर पहुंच गया।
  • कृषि श्रमिकों और ग्रामीण श्रमिकों के सामान्य सूचकांक में हुई कमी में मुख्‍य योगदान खाद्य पदार्थों का रहा, जो क्रमशः (-) 82 अंकों और (-) 1.58  अंकों का रहा।
  • उपभोक्ता मूल्य सूचकांक-कृषि श्रमिक और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक-ग्रामीण श्रमिक के खाद्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति दर जून 2020 में क्रमशः  (+) 57%  और  (+) 8.41% आंकी गई।

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index-CPI)

  • यह खुदरा खरीदार के दृष्टिकोण से मूल्य परिवर्तन को मापता है।
  • यह चयनित वस्तुओं और सेवाओं के खुदरा मूल्यों के स्तर में समय के साथ बदलाव को मापता है, जिस पर एक परिभाषित समूह के उपभोक्ता अपनी आय खर्च करते हैं।

CPI के चार प्रकार निम्नलिखित हैं:

  1. औद्योगिक श्रमिकों (Industrial Workers-IW) के लिये CPI
  2. कृषि मज़दूर (Agricultural Labourer-AL) के लिये CPI
  3. ग्रामीण मज़दूर (Rural Labourer-RL) के लिये CPI
  4. CPI (ग्रामीण/शहरी/संयुक्त)
  • इनमें से प्रथम तीन को श्रम और रोज़गार मंत्रालय में श्रम ब्यूरो (labor Bureau) द्वारा संकलित किया गया है। जबकि चौथे प्रकार की CPI को सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (CSO) द्वारा संकलित किया जाता है।
  • CPI का आधार वर्ष 2012 है।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का ऐतिहासिक मंगल अभियान

चर्चा में क्यों?

  • संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के मंगल ग्रह के लिए ऐतिहासिक अंतरिक्ष अभियान हेतु शोध यान को जापान से छोड़ा गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • होप (Hope) या अल अमाल (Al-Amal) नामक इस प्रोब 19 जुलाई 2020 को जापान के तनेगाशिमा अंतरिक्ष केंद्र ( Tanegashima Space Centre) से H2-A नामक रॉकेट से लॉन्च किया गया।
  • अब यह 50 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय करके मंगल ग्रह के मौसम और जलवायु का अध्ययन करेगा।
  • होप प्रोब के फ़रवरी 2021 तक मंगल तक पहुंचने की संभावना है, यह तारीख़ इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उस समय संयुक्त अरब अमीरात के गठन की 50वीं सालगिरह भी है।
  • ‘होप’ मिशन को अरब जगत में प्रेरणा के एक बहुत बड़े स्रोत के रूप में देखा जा रहा है। दरअसल ‘यूएई की सरकार देश की अर्थव्यवस्था की निर्भरता तेल और गैस से हटाकर भविष्य में ज्ञान पर आधारित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाना चाहते हैं।
  • होप’ मिशन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ओमरान शराफ़ हैं।

क्या खोज करेगा होप मिशन?

  • होप मिशन इस बात का अध्ययन करेगा कि मंगल के वातावरण में ऊर्जा किस तरह से गति करती है।
  • यह मंगल पर फैली धूल का भी अध्ययन करेगा क्योंकि इसी धूल के कारण मंगल का तापमान प्रभावित होता है।
  • मंगल के वातावरण में मौजूद हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के तटस्थ परमाणुओं के बर्ताव का भी ये सैटेलाइट अध्ययन करेगा।
  • ऐसी वैज्ञानिक मान्यता रही है कि अतीत में मंगल ग्रह पर पानी था। आख़िर उस पानी को क्या हुआ। होप मिशन की स्टडी के दायरे में ये विषय भी रहेगी।
  • होप प्रोब मंगल ग्रह पर अवस्थित ओलिंपस मॉन्स (सौर मंडल का सबसे बड़ा ज्वालामुखी) को भी ऊपर से देख सकेगा।

धूमकेतु नियोवाइस

चर्चा में क्यों?

  • धूमकेतु नियोवाइस (Comet Neowise) को सबसे पहले मार्च के अंतिम सप्ताह में देखा गया था और यह 21वीं सदी के उन चंद धूमकेतु में से एक बन गया है ,जिन्हें सूरज की ओर बढ़ते समय नग्न आंखों देखा जा सकता है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • यह धूमकेतु 23 जुलाई को धरती के सबसे नज़दीक होगा, इस समय वह पृथ्वी से 103 मिलियन किलोमीटर दूर होगा।
  • यह बेहद दुर्लभ खगोलीय घटना इसलिए भी है, क्योंकि इसके बाद ये धूमकेतु अगले 6,800 साल तक धरती के इतने पास से नहीं गुज़रेगा।
  • धूमकेतु में पत्थर, बर्फ और गैस के बने हुए छोटे-छोटे खण्ड होते है।सूरज की गर्मी से बर्फ पिघलती है, जिससे गैस निकलती है। इसकी वजह से धरती से हमें धूमकेतु में एक पूंछ नज़र आती है।
  • धूमकेतु नियोवाइस को नासा की सैटेलाइट नियोवाइस ने मार्च के अंत में खोजा था। अब यह बाहरी सौर मंडल की ओर वापस जा रहा है।

 

अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य

ब्रिटेन ने हॉन्गकॉन्ग के साथ प्रत्यर्पण संधि रद्द की

चर्चा में क्यों?

  • चीन द्वारा हॉन्गकॉन्ग पर नया राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून लगाये जाने की वजह से ब्रिटेन के विदेश मंत्री डॉमिनिक राब ने हॉन्गकॉन्ग के साथ अपनी प्रत्यर्पण संधि ‘तुरंत प्रभाव से’ और ‘अनिश्चितकाल के लिए’ निलंबित करने की घोषणा की है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • प्रत्यर्पण संधि के तहत हॉन्गकॉन्ग में अपराध करने वाले अगर ब्रिटेन भाग जाते थे, तो उन्हें पकड़कर वापस हॉन्गकॉन्ग भेजा जा सकता था।
  • अमेरिका के बाद अब ब्रिटेन ने हॉन्गकॉन्ग में नए सुरक्षा क़ानून और वीगर मुसलमानों की प्रताड़ना को लेकर चीन के ख़िलाफ़ यह कड़ा क़दम उठाया है।
  • दोनों देशों के बीच 30 साल से ज़्यादा समय से यह संधि थी।
  • चीन का कहना है कि ये उसके आंतरिक मामलों में दखल है और अगर ब्रिटेन ने चीन के किसी भी अधिकारी पर पाबंदी लगाई तो जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
  • इससे पहले इसी मुद्दे पर ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने चीन नियंत्रित हॉन्गकॉन्ग के साथ किए गए प्रत्यर्पण संधि निलंबित की थी।

क्या है विवाद की वजह?

  • दरअसल हॉन्गकॉन्ग में लोकतंत्र के तेज हो रहे स्वरों को दबाने के लिए चीन ने मई 2020 में विवादास्पद कानून ( National Security Law for Hong Kong (NSL) लागू किया था।
  • चीन के इस प्रस्‍ताव का अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्‍ट्रेलिया समेत कई देशों ने अपनी गहरी चिंता व्‍यक्‍त की है।
  • इन देशों ने तर्क दिया था कि यह ‘एक देश, दो प्रणालियों’ के ढांचे को कमजोर करेगा।
  • यह कानून चीन-ब्रिटिश संयुक्त घोषणा का उल्‍लंघन है। इससे वन कंट्री, टू सिस्टम फ्रेमवर्क कमजोर होगा।

हॉन्गकॉन्ग के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य

  • हॉन्गकॉन्ग लगभग एक शताब्दी तक ब्रिटेन का उपनिवेश रहा था जिसे 1997 में चीन को सौंप दिया गया।
  • इसे सौंपने के दौरान एक देश दो व्यवस्था (One Nation Two System) की व्यवस्था की गई।
  • इस व्यवस्था के अनुसार हांगकांग को विशेष दर्जा दिया गया अर्थात् हॉन्गकॉन्ग की शासन व्यवस्था चीन के मुख्य क्षेत्र से अलग होनी थी।
  • चीन को रक्षा एवं विदेश संबंधी मामलों में अधिकार दिया गया जबकि अन्य मामले हॉन्गकॉन्ग को दिये गए तथा यह तय किया गया कि वर्ष 2047 में अर्थात् चीन को हॉन्गकॉन्ग सौंपे जाने के 50 वर्ष पश्चात् इस व्यवस्था को पुनरीक्षित किया जाएगा।
  • हांगकांग पर चीन के नियंत्रण के बाद से अब तक कई बार चीन को विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा है।
  • वर्ष 2009 में भी ऐसे ही एक राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का विरोध हुआ जिसे बाद में वापस ले लिया गया।
  • 2019 में एक विवादास्पद प्रत्यर्पण कानून के बाद से लगातार हांगकांग में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन जारी है। इस विरोध को ‘अंब्रेला मूवमेंट’ कहा जाता है।
  • कोरोना वायरस लॉकडाउन के कारण यह आंदोलन थमा ही था कि अब एक और कानून लाकर चीन ने प्रदर्शनकारियों को उत्तेजित कर दिया है।

 

पुरस्कार/सम्मान

वानिकी में उत्कृष्टता के लिये राष्ट्रीय पुरस्कार

  • वर्ष 2019 के लिये वानिकी में उत्कृष्ट अनुसंधान के लिये राष्ट्रीय पुरस्कार इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेस्ट जेनेटिक्स एंड ट्री ब्रीडिंग (IFGTB) के वैज्ञानिक कन्नन सी एस वॉरियर को दिया गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु :

  • यह पुरस्कार भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (Indian Council of Forestry Research and Education- ICFRE) द्वारा प्रदान किया जाता है।
  • ICFRE वानिकी अनुसंधान का शीर्ष निकाय है। जिसे हाल ही में प्रधानमंत्री द्वारा भूमि क्षरण से संबंधित मुद्दों पर उत्कृष्ट कार्य करने के लिये उत्कृष्टता केंद्र के रूप में घोषित किया गया था।
  • कन्नन सी एस वॉरियर को यह पुरस्कार देश में पहली बार उपयुक्त लवणीय मृदा के लिये कैसुअरीना (Casuarina) के तीन लवण-सहिष्णु उत्पादक क्लोन जारी करने के लिये प्रदान किया गया है।
  • भारत में 6.73 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र लवण प्रभावित है और यह दुनिया में कैसुअरीना (Casuarina) का सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र भी है जो इन क्लोनों के उत्पादन के लिये एक महत्त्वपूर्ण स्थान भी है।

क्या होता है कैसुअरीना ?

  • कैसुअरीना (Casuarina) जिसे कट्टडी (Kattadi) एवं सवुक्कू (Savukku) के नाम से भी जाना जाता है, एक पौधे की प्रजाति है जिसकी कैसुअरीना इक्विसेटिफोलिया (Casuarina Equisetifolia) सहित 17 से अधिक प्रजातियाँ हैं।
  • यह बैक्टीरिया फ्रैंकिया (Frankia) के साथ सहजीवी संघ में ‘नाइट्रोजन स्थिरीकरण’ (Nitrogen Fixation) में प्रमुख भूमिका निभाता है।
  • यह ईंधन की लकड़ी, कागज बनाने की लुगदी और बायोमास-आधारित बिजली उत्पादन के लिये एक पसंदीदा विकल्प है।
  • इनका उपयोग तटीय क्षेत्रों में आश्रय के लिये और कृषि फसलों एवं केले के बागानों की रक्षा के लिये वायु अवरोध के रूप में किया जाता है।
  • कन्नन सी एस वॉरियर ने केरल के अलप्पुझा ज़िले में लुप्तप्राय सेक्रेड ग्रोव्स (Sacred Groves) के संरक्षण पर भी व्यापक कार्य किया है।

चर्चित व्यक्तित्व

रोशनी नादर

चर्चा में क्यों?

  • रोशनी नादर आईटी क्षेत्र की बहुराष्ट्रीय कंपनी एचसीएल टेक्नॉलॉजीज़ की चेयरपर्सन बन गई हैं।
  • इस पद के साथ ही वह एक लिस्टेड भारतीय आईटी कंपनी का नेतृत्व करने वाली पहली महिला भी बन गई हैं।
  • इससे पहले इस पद पर रोशनी के पिता शिव नादर थे जो इस कंपनी का नेतृत्व कर रहे थे।
  • हालांकि शिव नादर कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर बने रहेंगे।
  • उन्होंने 1976 में इस कंपनी की नींव रखी थी और आज यह कंपनी भारत की प्रमुख आईटी कंपनियों में से एक मानी जाती है।
  • एचसीएल ग्रुप के तहत एचसीएल टेक्नॉलॉजीज़, एचसीएल इंफ़ोसिस्टम और एचसीएल हेल्थ केयर शामिल है।
  • लगभग डेढ़ लाख कर्मचारियों वाली एचसीएल का विस्तार दुनिया के 49 देशों में है।

रोशनी नादर

  • रोशनी नादर अभी तक एचसीएल कॉर्पोरेशन की सीईओ और एक़्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर थीं।
  • फोर्ब्स मैगज़ीन ने रोशनी नादर को साल 2019 में दुनिया की 54वीं सबसे ताक़तवर महिला के रूप में चुना था।
  • Hurun Rich list ने साल 2019 में उन्हें भारत की सबसे अमीर महिला चुना था।

चर्चित पुस्तक

द टैंगम्स: एन एथ्नोलॉजिकल स्टडीज ऑफ द क्रिटिकली एन्डेंजर्ड ग्रुप ऑफ अरुणाचल प्रदेश

चर्चा में क्यों?

  • द टैंगम्स: एन एथ्नोलॉजिकल स्टडीज ऑफ द क्रिटिकली एन्डेंजर्ड ग्रुप ऑफ अरुणाचल प्रदेश (The Tangams: An Ethnolinguistic Study of the Critically Endangered Group of Arunachal Pradesh) नामक पुस्तक का विमोचन अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेमा खांडू ने किया।
  • इस पुस्तक का प्रकाशन सेंटर फॉर एन्डेंजर्ड लैंग्वेजेज (CFEL), राजीव गांधी विश्वविद्यालय और हिमालयन पब्लिशर्स, नई दिल्ली द्वारा किया गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • यूनेस्को के लुप्तप्राय भाषाओं के विश्व एटलस (UNESCO World Atlas of Endangered Languages ) 2009 में  टैंगम भाषा को ‘गंभीर रूप से लुप्तप्राय’ के रूप में चिह्नित किया गया है।
  • तिब्बती-बर्मी भाषा परिवार से जुड़ी टैंगम एक मौखिक भाषा है जो तानी समूह से संबंधित है।
  • तांगम जनजाति समुदाय अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सियांग जिले के कोगिंग गांव में रहता है।
  • समुदाय की कुल आबादी 253 है और वे केवल उसी गांव में रहते हैं।
  • पुस्तक के सह-लेखक कलिंग डाबी, कोम्बोंग दरंग, रेझनी बोरंग, चेरा देवी, रूमी देउरी हैं और संयुक्त रूप से लिसा लोमडक और रेजोनी बोरंग द्वारा इसे संपादित किया गया है।

निधन:

लाल जी टंडन

  • मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का 21 जुलाई 2020 को निधन हो गया। वह कुछ दिनों से गंभीर रूप से बीमार थे।
  • उन्होंने 85 वर्ष की उम्र में लखनऊ के एक अस्पताल में अंतिम साँसें लीं।
  • उनकी अनुपस्थिति में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को मध्य प्रदेश के राज्यपाल का अतिरिक्त दायित्व सौंप दिया गया था।
  • लखनऊ में 1935 में जन्मे लालजी टंडन भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक वरिष्ठ राजनेता थे।
  • लखनऊ के पूर्व सांसद रहे लाल जी टंडन को 2018 में बिहार का राज्यपाल बनाया गया था।

Related Posts

Leave a Reply