कृषि श्रमिकों और ग्रामीण श्रमिकों के लिए सीपीआई जारी

चर्चा में क्यों?

  • 20 जुलाई को कृषि और ग्रामीण श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) – जून 2020 जारी किया गया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • जून, 2020 में कृषि श्रमिकों और ग्रामीण श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index, CPI) क्रमश: 1-1 अंक घटकर क्रमश: 1018 और 1024 के स्‍तर पर पहुंच गया।
  • कृषि श्रमिकों और ग्रामीण श्रमिकों के सामान्य सूचकांक में हुई कमी में मुख्‍य योगदान खाद्य पदार्थों का रहा, जो क्रमशः (-) 82 अंकों और (-) 1.58  अंकों का रहा।
  • उपभोक्ता मूल्य सूचकांक-कृषि श्रमिक और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक-ग्रामीण श्रमिक के खाद्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति दर जून 2020 में क्रमशः  (+) 57%  और  (+) 8.41% आंकी गई।

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index-CPI)

  • यह खुदरा खरीदार के दृष्टिकोण से मूल्य परिवर्तन को मापता है।
  • यह चयनित वस्तुओं और सेवाओं के खुदरा मूल्यों के स्तर में समय के साथ बदलाव को मापता है, जिस पर एक परिभाषित समूह के उपभोक्ता अपनी आय खर्च करते हैं।

CPI के चार प्रकार निम्नलिखित हैं:

  1. औद्योगिक श्रमिकों (Industrial Workers-IW) के लिये CPI
  2. कृषि मज़दूर (Agricultural Labourer-AL) के लिये CPI
  3. ग्रामीण मज़दूर (Rural Labourer-RL) के लिये CPI
  4. CPI (ग्रामीण/शहरी/संयुक्त)
  • इनमें से प्रथम तीन को श्रम और रोज़गार मंत्रालय में श्रम ब्यूरो (labor Bureau) द्वारा संकलित किया गया है। जबकि चौथे प्रकार की CPI को सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (CSO) द्वारा संकलित किया जाता है।
  • CPI का आधार वर्ष 2012 है।

Related Posts

Leave a Reply