COVID-19 जांच की पहली रैपिड किट

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरलोलॉजी (NIV) पुणे ने COVID-19 जांच की पहली रैपिड किट को वैध कर दिया है। यह किट वर्तमान संक्रमण के साथ-साथ भविष्य में भी काम आएगी। इसमें कोविड-19 से मुक्ति के बाद भी बीमारी की पहचान की जा सकेगी। यह किट व्यक्ति के शरीर में मौजूद संक्रमण का पता लगाने में सक्षम है। इसके लिए एंटीबॉडी ‘आइजीएम’ पॉजिटिव आएगा। वहीं कोरोना से मुक्त हो चुके मरीज में वषों बाद भी पता चल सकेगा कि वह पहले इससे संक्रमित रह चुका है। इसके लिए उसके शरीर में बन चुकी एंटीबॉडी ‘आइजीजी’ पकड़ने में भी यह किट सक्षम होगी। दरअसल, व्यक्ति में पांच प्रकार की एंटीबॉडी- जी, ए, एम, डी, ई होती हैं। इसमें संक्रमण की शुरुआत में आइजीएम बनती है, बाद में आइजीजी का निर्माण होता है। ऐसे में कोरोना से मुक्ति पा चुका व्यक्ति कभी अन्य बीमारी की गिरफ्त में आया तो उसके जोखिम की स्थिति व इलाज की दिशा तय करने में आसानी होगी। गाइड लाइन के अनुसार, किट से जांच ब्लड, सीरम व प्लाज्मा से किया जाएगा। वहीं इसमें संक्रमण के सात से 10 दिन में टेस्ट पॉजिटिव आएगा।

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