उमिफेनोविर दवा का क्लिनिकल परीक्षण

चर्चा में क्यों?

  • वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) की लखनऊ स्थित प्रयोगशाला सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट (CDRI) को एंटी-वायरल दवा उमिफेनोविर (Umifenovir) के तीसरे चरण के चिकित्सीय परीक्षण (clinical trial) के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI)की मंजूरी मिल गई है। यह मंजूरी मिलने के बाद भारतीय रोगियों पर इस दवा का परीक्षण किया जा सकेगा।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • यह दवा मानव कोशिकाओं में वायरस के प्रवेश को रोकने एवं प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय करके यह दवा कार्य करती है और इसके उपयोग को सुरक्षित पाया गया है।
  • चीन और रूस में उमिफेनोविर का उपयोग मुख्य रूप से इन्फ्लुएंजा के इलाज के लिए किया जाता है एवं अन्य किसी देश में यह उपलब्ध नहीं है।
  • हाल ही में कोविड-19 के रोगियों के उपचार के लिए इस दवा के संभावित उपयोग को चिह्नित किया गया है।
  • दवा के निर्माण और मार्केटिंग की जिम्मेदारी मेडिजेस्ट फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड, गोवा को सौंपी गई है।
  • सीडीआरआई के निदेशक प्रोफेसर तपस कुंडू ने कहा है कि दवा के लिए सभी सक्रिय औषध तत्व स्वदेशी रूप से उपलब्ध हैं और चिकित्सीय परीक्षण सफल होता है तो उमिफेनोविर कोविड-19 के खिलाफ एक सुरक्षित, प्रभावकारी, सस्ती दवा के रूप में उभर सकती है। इस दवा की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी अच्छी देखी गई है।

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