चीन-भूटान में सीमा विवाद

चर्चा में क्यों?

  • चीन ने भूटान के भू-भाग को लेकर नई दावेदारी की है जिससे दोनों देशों में सीमा विवाद उत्पन्न हो गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • हाल ही में चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा चीन और भूटान की सीमा का तीन जगहों पर कभी सीमांकन नहीं हुआ।
  • सीमा पर पूर्वी, मध्य और पश्चिमी इलाकों पर लंबे समय से विवाद है। ऐसे में कोई भी तीसरी पार्टी ( भारत) इसमें दखलअंदाजी न करे।
  • इससे पहले चीन ने भूटान के सकतेंग वन्यजीव अभयारण्य (Sakteng Wildlife Sanctuary ) की जमीन को विवादित बताया था।
  • इसके बाद भूटान ने साफ किया था कि यह अभयारण्य उसके देश का अभिन्न हिस्सा है।
  • सकतेंग अभयारण्य अरुणाचल प्रदेश के सेला पास से करीब 17 किमी की दूरी पर है।
  • यह भूटान के उत्तर पूर्वी क्षेत्र में 650 वर्ग किमी में फैला है।
  • यह अभयारण्य लाल पांडा, हिमालयन ब्लैक बियर और हिमलयन मोनाल तीतर जैसे दुर्लभ वन्यजीवों का के लिए प्रसिद्ध है।

भूटान को दी जा रही मदद का किया विरोध

  • चीन ने जून 2020 में सकतेंग अभयारण्य को विवादित संयुक्त राष्ट्र के ग्लोबल इन्वाइरन्मेंट फैसिलिटी (GEF) के तहत मिलने वाले फंड को रोकने की कोशिश की थी।

भूटान और चीन के बीच 1984 से 2016 के बीच 24 बार सीमा वार्ता हुई है। लिखित दस्तावेज़ों के अनुसार इससे पहले कभी भी पूर्वी भूटान या त्राशिगैंग दोंगशाक ज़िला, जहां सकतेंग अभयारण्य है, उसका ज़िक्र नहीं किया गया। ये ज़िला अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर स्थित है।

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