2017 में सीरिया में किया गया रासायनिक हथियारों का प्रयोग: OPCW

वैश्विक रासायनिक हथियारों की निगरानी करने वाली संस्था रासायनिक हथियार निषेध संगठन (OPCW) ने पहली बार स्पष्ट रूप से सीरिया में जहरीले रासायनिक हमलों के लिए सीरिया की सेना को दोषी ठहराया है। संगठन के अनुसार सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद की वायु सेना ने विद्रोहियों के प्रभाव वाले क्षेत्रों में 2017 में तीन बार नर्व गैस सरीन और क्लोरीन का इस्तेमाल किया। रासायनिक हथियार निषेध संगठन (OPCW) द्वारा गठित एक नई खोजी टीम (IIT) की पहली रिपोर्ट में यह निष्कर्ष सामने आए। यह खोज सीरिया में नौ साल से चल रहे गृहयुद्ध में हमलों के अपराधियों की पहचान करने को लेकर थी।
पश्चिमी देशों और अधिकारों के समूहों ने रिपोर्ट जारी होने के बाद सीरिया की निंदा की, जो अब दूसरों के बीच संयुक्त राष्ट्र में यह तय करने के लिए जाएगा कि आगे और क्या कार्रवाई की जाए। बता दें कि मार्च 2017 में, सीरियाई लड़ाकू जेट विमानों ने सीरिया के लटमिनाह के उत्तरी गांव में सरीन क्लोरीन से भरा बैरल बम गिराया।
सरीन गैस:
जर्मन वैज्ञानिकों द्वारा वर्ष 1938 में सरीन नामक रसायन हानिकारक कीटों को मारने के लिये एक कीटनाशक के रूप में तैयार किया गया था। परंतु वर्तमान समय में यह एक सबसे खतरनाक ‘नर्व गैस’ मानी जाती है।
रासायनिक संरचना में यह दूसरे नर्व एजेंट जैसा ही है। तरल रूप में यह गंधहीन और रंगहीन होती है। वाष्पशील होने के कारण यह आसानी से गैस में परिवर्तित हो जाती है।
क्लोरीन गैस:
क्लोरीन का आमतौर वॉटर फिल्टरेशन प्लांट में इसका इस्तेमाल होता है, इसे बड़े पैमाने पर तैयार किया जाता है और सिलिंडर में ट्रांसपोर्ट किया जाता है। इसे केमिलकल वॉर में इस्तेमाल करना बहुत आसान है।क्लोरीन सबसे पहला रासायनिक हथियार था।
यह दम घोंटता है। वैसे तो इसका मक़सद लोगों को बेबस करना है मगर इससे मौतें भी होती हैं।यह  पहली बार 1915 में यह इस्तेमाल हुआ।
रासायनिक हथियारों के निषेध के लिये संगठन

  • (Organisation for the Prohibition of Chemical Weapons- OPCW)
    ‘रासायनिक हथियार निषेध संगठन’ (Organisation for the Prohibition of Chemical Weapons- OPCW) संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा समर्थित एक स्वतंत्र संस्था (संयुक्त राष्ट्र संघ से स्वतंत्र) है, यह रासायनिक हथियार कंवेंशन (Chemical Weapons Convention- CWC) के प्रावधानों को क्रियान्वित करती है।
  • 29 अप्रैल, 1997 को अस्तित्त्व में आया तथा इसका मुख्यालय नीदरलैंड के हेग में स्थित है।
  • OPCW में 193 हस्ताक्षरकर्त्ता देश हैं, जो वैश्विक आबादी के 98% का प्रतिनिधित्व करते हैं।
  • इज़रायल ने संधि पर हस्ताक्षर तो किये हैं लेकिन रासायनिक हथियार अभिसमय की पुष्टि नहीं की है।
  • 14 जनवरी, 1993 को भारत सीडब्ल्यूसी के लिये एक मूल हस्ताक्षरकर्त्ता बना।

OPCW के कार्य:

  • अंतर्राष्ट्रीय सत्यापन के तहत सभी मौजूदा रासायनिक हथियारों को नष्ट करना।
  • रासायनिक हथियारों को फिर से उभरने से रोकने के लिये रासायनिक उद्योग की निगरानी करना।
  • रासायनिक हथियारों के खतरों से सदस्य देशों की सुरक्षा तथा सहायता प्रदान करना।
  • कंवेंशन के कार्यान्वयन को मज़बूत करने तथा रसायन विज्ञान के शांतिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने के लिये अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना।

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