चंद्रिका प्रसाद संतोखी बने सूरीनाम के राष्ट्रपति

चर्चा में क्यों?

  • भारतीय मूल के चंद्रिका प्रसाद संतोखी को लैटिन अमेरिकी देश सूरीनाम का राष्ट्रपति चुन लिया गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • उन्होंने पूर्व सैन्य तानाशाह डेसी बॉउटर्स की जगह ली है, जिनकी नेशनल पार्टी ऑफ सूरीनाम (NPS) मई में हुए चुनाव हार गई थी। बॉउटर्स ने वर्ष 1980 में निर्वाचित सरकार का तख्तापलट दिया था।
  • चंद्रिका प्रसाद संतोखी ने ऐसे समय में सूरीनाम के नेतृत्व की बागडोर संभाली है जब उसके रिश्ते नीदरलैंड समेत दूसरे पश्चिमी देशों से खराब हो चुके हैं। देश इस समय आर्थिक संकट के दौर से भी गुजर रहा है।
  • चंद्रिका प्रसाद संतोखी देश के पूर्व न्यायमंत्री व प्रोग्रेसिव रिफॉर्म पार्टी (PRP) के नेता हैं।
  • उनको नेशनल एसेंबली ने 13 जुलाई को राष्ट्रपति के रूप में सर्वसम्मति से चुना लिया।
  • वह सूरीनाम के मुख्य पुलिस आयुक्त और देश के न्याय मंत्री भी रह चुके हैं।

सूरीनाम

  • सूरीनाम गणराज्य, दक्षिण अमरीका महाद्वीप के उत्तर में स्थित एक देश है।
  • यह पूर्व में नीदरलैंड का उपनिवेश रहा है।
  • सूरीनाम को 25 नवंबर 1975 में आजादी मिली थी।
  • सूरीनाम पूर्व में फ्रेंच गुयाना और पश्चिमी गुयाना स्थित है।
  • देश की दक्षिणी सीमा ब्राजील और उत्तरी सीमा अटलांटिक महासागर से मिलती है।
  • इसकी राजधानी पारामारिबो है।
  • यहां की कुल आबादी 5,87,000 की आबादी है, जिसमें 27.4 फीसद लोग भारतवंशी हैं।
  • यहां सबसे ज्यादा बोले जानी वाला भाषा डच है। इसके अलावा सरनन टोंगो यहां मुख्य बोलचाल की भाषा है। जबकि सूरीनामी हिन्दी यहां की तीसरी सबसे बड़ी भाषा के रूप में जानी जाती है जो भोजपुरी का एक रूप है।
  • प्रोग्रेसिव रिफॉर्म पार्टी (PRP) मूल रूप से भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व करती है।
  • पीआरपी को सूरीनाम में यूनाइटेड हिंदुस्तानी पार्टी कहा जाता था।
  • सूरीनाम मूल रूप से बॉक्साइट के निर्यात पर निर्भर रहा है, लेकिन हाल ही में उसके जलीय क्षेत्र में विशाल तेल भंडार पाए गए हैं। ये तेल भंडार देश को आर्थिक मुश्किलों से निकालने में मददगार साबित हो सकते हैं।

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