विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति ने दी सेंट्रल विस्टा परियोजना को मंजूरी

2 मई, 2020 को विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति ने 922 करोड़ रुपये में नए संसद के प्रस्ताव को मंजूरी दी। सेंट्रल विस्टा कमेटी ने भी नई योजना को मंजूरी दे दी है। पेड़ों की कटाई और इससे संबंधित पर्यावरण संबंधी चिंताओं का मामला उच्चतम न्यायालय के समक्ष लंबित है। हालांकि, शीर्ष अदालत ने हाल ही में सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।इस परियोजना का लक्ष्य त्रिकोणीय संसद भवन बनाना है। इसके तहत राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक 3 किलोमीटर लंबे राज पथ की मरमम्त की जायेगी।
सेंट्रल विस्टा क्या है?
नई दिल्ली के सेंट्रल विस्टा में संसद भवन, राष्ट्रपति भवन, इंडिया गेट, नॉर्थ और साउथ ब्लॉक और नेशनल आर्काइव्स हैं। संसद भवन को लुटियन्स और बेकर द्वारा डिजाइन किया गया था। राष्ट्रपति भवन को एडविन लुटियन्स द्वारा डिजाइन किया गया था और सचिवालय में उत्तर और दक्षिण दोनों ब्लॉक शामिल हैं जिसे हर्बर्ट बेकर द्वारा डिजाइन किया गया था।
नई योजना के तहत राष्ट्रपति भवन, मौजूदा संसद भवन, इंडिया गेट और राष्ट्रीय अभिलेखागार की इमारत को वैसा ही रखा जाएगा। सेंट्रल विस्टा के मास्टर प्लान के मुताबिक पुराने गोलाकार संसद भवन के सामने गांधीजी की प्रतिमा के पीछे नया तिकोना संसद भवन बनेगा।
यह 13 एकड़ जमीन पर बनेगा। इस जमीन पर अभी पार्क, अस्थायी निर्माण और पार्किंग है। नए संसद भवन में दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा के लिए एक-एक इमारत होगी, लेकिन सेंट्रल हॉल नहीं बनेगा।

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