COVID-19 संक्रमित व्यक्तियों की पहचान के लिए सी-डैक नाड़ी

COVID-19 से संक्रमित व्यक्तियों या देश भर में लोगों की आवाजाही पर नज़र रखने के कार्य को आसान बनाने के लिये सी-डैक (C-DAC) ने एक डेटा विज्ञान आधारित उपकरण नाड़ी (NAADI) तैयार किया है।नाड़ी (NAADI) का पूर्ण रूप National Analytical Platform for Dealing with Intelligent Tracing, Tracking and Containment है।
यह उपकरण देश भर में COVID -19 रोगियों या क्वारंटाइन लोगों के आवागमन को ट्रैक करने में मदद करेगा। इस उपकरण द्वारा उत्पन्न जानकारी एक मीटर तक सटीक होगी जो चिकित्सा पेशेवरों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों एवं डेटा वैज्ञानिकों के लिये सहायक होगी।
C-DAC द्वारा विकसित किये गए इस उपकरण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सुपर कंप्यूटर (Supercomputer using Artificial Intelligence), मशीन लर्निंग (Machine Learning), हेल्थकेयर एनालिटिक्स आधारित रिसर्च (Healthcare Analytics based Research) अर्थात् COVID-19 (SAMHAR) का प्रयोग किया गया है।
SAMHAR परियोजना:
भारत सरकार की SAMHAR परियोजना राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (National Supercomputing Mission) के साथ साझेदारी में संचालित की जा रही है।
इसकी शुरुआत COVID-19 से निपटने हेतु स्टार्टअप्स एवं उद्योगों के सहयोग से एक तीव्र सुपर कंप्यूटिंग सिस्टम एवं अनुसंधान समुदाय के निर्माण के उद्देश्य से की गई थी।
सेंटर फॉर डवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग
(Centre for Development of Advanced Computing: C-DAC)
सी-डैक (C-DAC) सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य संबंधित क्षेत्रों में अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने के लिये भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Electronics and Information Technology) के अंतर्गत एक स्वायत्त वैज्ञानिक सोसायटी है।
वर्ष 2003 में नेशनल सेंटर फॉर सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी, ER&DCI इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (तिरुवनंतपुरम) तथा भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स डिज़ाइन एवं प्रौद्योगिकी केंद्र (Centre for Electronics Design and Technology of India- CEDTI) का सी-डैक (C-DAC) में विलय कर दिया गया था।
भारत का पहला स्वदेशी सुपर कंप्यूटर, परम-8000 वर्ष 1991 में C-DAC द्वारा ही बनाया गया था।

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