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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

धूमकेतु नियोवाइस

चर्चा में क्यों? धूमकेतु नियोवाइस (Comet Neowise) को सबसे पहले मार्च के अंतिम सप्ताह में देखा गया था और यह 21वीं सदी के उन चंद धूमकेतु में से एक बन गया है ,जिन्हें सूरज की ओर बढ़ते समय नग्न आंखों देखा जा सकता है। महत्वपूर्ण बिंदु यह धूमकेतु 23 जुलाई को धरती के सबसे नज़दीक...
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संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का ऐतिहासिक मंगल अभियान

चर्चा में क्यों? संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के मंगल ग्रह के लिए ऐतिहासिक अंतरिक्ष अभियान के लिए शोध यान को जापान से छोड़ा गया है। महत्वपूर्ण बिंदु होप (Hope) या अल अमाल (Al-Amal) नामक इस प्रोब को जापान के तनेगाशिमा अंतरिक्ष केंद्र ( Tanegashima Space Centre) से H2-A नामक रॉकेट से लॉन्च किया गया। अब...
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आरटी-पीसीआर पर आधारित विश्व की सबसे सस्ती कोविड-19 डायग्नोस्टिक किट

चर्चा में क्यों केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने 15 जुलाई 2020 को नई दिल्ली में आईआईटी दिल्ली द्वारा विकसित की गई आरटी-पीसीआर पर आधारित विश्व की सबसे सस्ती कोविड-19 डायग्नोस्टिक किट को डिजिटल माध्यम से लॉन्च किया। महत्वपूर्ण बिंदु कोरोश्योर (Corosure Kit ) नामक किट का विकास स्वदेशी रूप से किया...
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स्वदेशी सोशल मीडिया मोबाइल एप एलिमेंट्स

चर्चा में क्यों? हाल ही में ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ के तहत स्वदेशी सोशल मीडिया मोबाइल एप ‘एलिमेंट्स’ (Elyments) लॉन्च किया गया। महत्वपूर्ण बिंदु 5 जुलाई को भारत के उपराष्ट्रपति वैंकैया नायडू और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर ने इसको लॉन्च किया। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत आर्ट ऑफ लिविंग (Art Of Living) ने...
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मंगलयान ने लीं फोबोस की तस्वीरें

भारत के मंगलयान ने मंगल के सबसे बड़े चंद्रमा फोबोस (Phobos) की तस्वीरें खीची हैं। यह फोटो मंगलयान में लगे मार्स कलर कैमरा (Mars Colour Camera (MCC) से 1 जुलाई 2020 को खींची गईं। महत्वपूर्ण तथ्य मंगल की पृथ्वी से दूरी लगभग 12 करोड़ किलोमीटर है। तस्वीरें लेते समय मंगलयान मंगल ग्रह से 7200 किलोमीटर...
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ज़ीलैंडिया महाद्वीप का मानचित्र जारी

चर्चा में क्यों? हाल ही में न्यूजीलैंड के वैज्ञानिकों ने जीलैंडिया (Zealandia) महाद्वीप का नया मानचित्र जारी किया। महत्वपूर्ण बिंदु: ज़ीलैंडिया ऑस्ट्रेलिया के पूर्व में 5 मिलियन वर्ग किलोमीटर का एक महाद्वीप है जो आधुनिक न्यूज़ीलैंड के नीचे समुद्र में डूबा है। वैज्ञानिकों ने 1990 के दशक में इसकी खोज की थी जिसे वर्ष 2017...
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भारत की पहली COVID-19 वैक्सीन

चर्चा में क्यों? केन्द्र सरकार ने भारत बायोटेक द्वारा तैयार की जा रही भारत की पहली COVID-19 वैक्सीन ‘कोवाक्सिन’ (COVAXIN) को क्लीनिकल ट्रायल की स्वीकृति दे दी है। अब शीघ्र ही इसका इंसानों पर ट्रायल शुरू हो जाएगा। महत्वपूर्ण बिंदु भारत में तैयार की जा रही यह कोविड-19 की पहली वैक्सीन है जिसे क्लीनिकल ट्रायल...
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उन्नत टॉरपीडो डिकॉय सिस्टम ‘मारीच’

चर्चा में क्यों? भारतीय नौसेना की एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता में वृद्धि के लिए युद्धपोतों के सभी मोर्चों से गोलाबारी करने में सक्षम उन्नत टॉरपीडो डिकॉय सिस्टम मारीच (Advanced Torpedo Decoy System Maareech) को बेड़े में शामिल किया गया है। महत्वपूर्ण बिंदु टॉरपीडो विध्वंसक प्रणाली ‘मारीच’ का डिजाइन और विकास स्वदेश में ही रक्षा अनुसंधान और...
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BeiDou: चीन की नेवीगेशन प्रणाली

चर्चा में क्यों? 23 जून 2020 को चीन ने अपने ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम BeiDou-3 के अंतिम सैटेलाइट को  लॉन्च कर दिया है। महत्वपूर्ण बिंदु यह चीनी जीपीएस BeiDou का तीसरा संस्करण है। इसका पहला संस्करण, “बिग डिपर,” 2012 में कमीशन किया गया था। चीन का जीपीएस BeiDou 35 सैटेलाइट से मिलकर बना है। इसके अंतिम...
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ब्लैजर '1ES 0806+524' से निकलने वाली उच्च ऊर्जा की गामा किरणों में बदलावों का अध्ययन

चर्चा में क्यों भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के एक स्वायत्त संस्थान आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (Aryabhatta Research Institute of Observational Sciences (ARIES), नैनीताल के वैज्ञानिकों ने ब्लैजर ‘1 ES-0806+524’ से निकलने वाली उच्च ऊर्जा की गामा किरणों में बदलावों का अध्ययन किया। महत्वपूर्ण तथ्य ब्लैजर ( Blazar) सुदूर एक आकाशगंगा...
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240 साल पुराने न्यूट्रॉन तारे की खोज

चर्चा में क्यों? नासा और यूरोपीय स्पेस एजेंसी (ESA) के खगोलविदों ने अंतरिक्ष में एक न्यूट्रॉन तारे (Neutron Star) की खोज की है। इसे स्विफ्ट J-0-1607 नाम दिया है महत्वपूर्ण बिंदु इसकी खोज नासा की नील गेहर्ल्स स्विफ्ट वेधशाला (NASA’s Neil Gehrels Swift Observatory) के वैज्ञानिकों ने की। मार्च 2020 में खोजा गया यह न्यूट्रॉन...
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उमिफेनोविर दवा का क्लिनिकल परीक्षण

चर्चा में क्यों? वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) की लखनऊ स्थित प्रयोगशाला सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट (CDRI) को एंटी-वायरल दवा उमिफेनोविर (Umifenovir) के तीसरे चरण के चिकित्सीय परीक्षण (clinical trial) के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI)की मंजूरी मिल गई है। यह मंजूरी मिलने के बाद भारतीय रोगियों पर इस दवा का परीक्षण...
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