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कृषि, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी

Daily Current Affairs 18 September 2020

बैंकिंग विनियमन (संशोधन) विधेयक 2020 चर्चा में क्यों? लोकसभा ने बैंकिंग विनियमन (संशोधन) विधेयक 2020 पारित किया है। इस विधेयक में बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 को संशोधित करने के प्रस्ताव किया गया है। महत्वपूर्ण बिंदु इस विधेयक के माध्यम से केंद्र सरकार का लक्ष्य देश भर के सहकारी बैंकों को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के पर्यवेक्षण...
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काजीरंगा नेशनल पार्क में बाढ़ से जानवरों की मौत

चर्चा में क्यों? असम में भारी बारिश के चलते आई बाढ़ से आमजन के साथ ही जानवरों को काफी नुकसान पहुंचा है। काजीरंगा नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व में अब तक 100 से अधिक जानवरों की मौत हो चुकी है। काजीरंगा नेशनल पार्क असम में स्थित काजीरंगा राष्ट्रीय पार्क भारत का सबसे पुराना वन्यजीव संरक्षण...
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बाथिनोमस रक्ससा: विशालकाय कॉकरोच

चर्चा में क्यों? नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर को शोधकर्ताओं को समुद्री रिसर्च के दौरान एक विशालकाय कॉकरोच मिला है। महत्वपूर्ण बिंदु कॉकरोच की पहचान एक नई प्रजाति के रूप में की गई है, इसे “बाथिनोमस रक्ससा” (Bathynomus raksasa) नाम दिया गया है। सिंगापुर के रिसर्च टीम ने इंडोनेशिया के वेस्ट जावा के तट से गहरे...
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पोबा रिजर्व फॉरेस्ट असम

चर्चा में क्यों? असम के मुख्यमंत्री, सर्बानंद सोनोवाल ने असम के धेमाजी जिले में एक महत्वपूर्ण जैव विविधता हॉटस्पॉट, पोबा रिजर्व फॉरेस्ट को अपग्रेड करने की घोषणा की है। महत्वपूर्ण तथ्य 1924 में पोबा रिजर्व फॉरेस्ट के रूप में घोषित, इस वन का क्षेत्रफल 10,522 हेक्टेयर है और यह बड़ी संख्या में वनस्पतियों और जीवों...
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त्रिपुरा में यिप्तमा वाट्सोनी तितली की दोबारा खोज

61 साल बाद त्रिपुरा में यिप्तमा वाट्सोनी तितली (Ypthima watsoni’ butterfly) की दोबारा खोज की गई है। महत्वपूर्ण तथ्य वन्यजीव शोधकर्ताओं की एक टीम ने उत्तरी त्रिपुरा जिले के जाम्पुई हिल्स में फुलडुंगसी नामक एक गाँव के पास 61 साल बाद ”यिप्तमा वाट्सोनी” तितली की फिर से खोज की है। इसे आमतौर पर “लूप्ड थ्री-रिंग”...
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दुर्लभ प्रजाति की वनस्पति ‘ग्राउंड आर्किड’की खोज

चर्चा में क्यों? दुधवा नेशनल पार्क में अत्यंत दुर्लभ प्रजाति की वनस्पति ‘ग्राउंड आर्किड’ की प्रजाति खोजी गई है। महत्वपूर्ण बिंदु उत्तर प्रदेश के दुधवा टाइगर रिजर्व में घास के मैदानों में एक शोध टीम ने अत्यंत दुर्लभ प्रजाति की वनस्पति ‘ग्राउंड आर्किड’ को खोज निकाला है। इसका वानस्पतिक नाम ‘यूलोफिया ऑब्ट्यूस’ ((Eulophia obtusa) है...
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विश्व का सबसे बड़ा कैमरा ट्रैप वन्यजीव सर्वेक्षण

चर्चा में क्यों? अखिल भारतीय बाघ आकलन 2018 के चौथे चक्र ने विश्व का सबसे बड़ा कैमरा ट्रैप वन्यजीव सर्वेक्षण (WORLD’S LARGEST CAMERA TRAP WILDLIFE SURVEY) होने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। महत्वपूर्ण बिंदु कैमरा ट्रैप मोशन सेंसर्स के साथ लगे हुए बाहरी फोटोग्राफिक उपकरण होते हैं जो किसी भी जानवर के गुजरने पर...
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भारत की सबसे बड़ी तितली की खोज

चर्चा में क्यों? हाल ही में हिमालयी तितली ‘गोल्डन बर्डविंग’ (Golden Birdwing) को 88 साल बाद भारत की सबसे बड़ी तितली के रूप में खोजा गया। महत्वपूर्ण बिंदु ‘गोल्डन बर्डविंग’ का वैज्ञानिक नाम ‘ट्रॉइडस अयकुस’ (Troides aeacus) है। इसने 1932 से अब तक देश की सबसे बड़ी तितली का खिताब अपने पास रखने वाली ट्रौइडेस...
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छिपकली की नई प्रजाति की खोज

चर्चा में क्यों? महाराष्ट्र के शोधकर्ताओं ने फैन-थ्रोटेड छिपकली (New species of a Fan-Throated Lizard) की नई प्रजाति की खोज की है। महत्वपूर्ण बिंदु: उत्तरी कर्नाटक के बागलकोट जिले की बंजर भूमि से एक फैन-थ्रोटेड छिपकली, सीताना धरवारेंसिस (Sitana Dharwarensis) की नई प्रजाति की खोज की। शोधकर्ता बेंगलुरु स्थित नेशनल सेंटर फॉर बायोलॉजिकल साइंसेज (NCBS)...
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भारत में तितलियों को दो नई प्रजातियां मिली

चर्चा में क्यों? अरुणाचल प्रदेश के छांगलांग जिले में तितलियों को दो नई प्रजातियां खोज निकाली गई हैं। इनकी पहचान बटरफ्लाई शोध संस्थान भीमताल (उत्तराखंड) में की गई। महत्वपूर्ण बिंदु दो नई खोजी गई प्रजातियों को मिलाकर अब देश में तितलियों की प्रजाति बढ़कर 1327 हो गई हैं। जो दो नई प्रजातियां खोजी गई हैं...
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देहिंग पटकाई वन्यजीव अभयारण्य

चर्चा में क्यों? 6 जुलाई, 2020 को असम सरकार ने ‘देहिंग पटकाई वन्यजीव अभयारण्य’ (Dehing Patkai Wildlife Sanctuary) को ‘राष्ट्रीय उद्यान’ (National Park) बनाने का निर्णय लिया है। महत्वपूर्ण बिंदु देहिंग पटकाई वन्यजीव अभयारण्य 111.42 वर्ग किमी में फैला हुआ है।जबकि 937 वर्ग किमी क्षेत्र के साथ देहिंग पटकाई हाथी अभयारण्य डिब्रूगढ़ और तिनसिया जिलों...
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उत्तराखंड में हाथियों की संख्या में वृद्धि

चर्चा में क्यों? उत्तराखंड में हाथियों की संख्या बढ़कर 2026 हो गयी है और वर्ष 2017 की तुलना में यह 10.17 प्रतिशत बढ़ी है। महत्वपूर्ण बिंदु मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई उत्तराखण्ड राज्य वन्य जीव सलाहकार बोर्ड की बैठक में यह जानकारी दी गयी। इसके लिए छह जून से आठ जून तक...
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