चीन में ब्यूबॉनिक प्लेग का मामला सामने आया

चर्चा में क्यों?

  • चीन के इनर मंगोलिया स्वायत्त क्षेत्र के एक शहर में ब्यूबॉनिक प्लेग (Bubonic Plague) का एक मामला सामने आया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • बायानूर शहर में मिला मरीज़ एक चरवाहा है और उसे क्वारंटीन में रखा गया है।
  • ब्यूबॉनिक प्लेग बैक्टेरिया के इन्फेंक्शन से होता है। ये ख़तरनाक हो सकते हैं लेकिन आमतौर पर एंटी बायोटिक दवाइयों से इनका इलाज संभव है।
  • ब्यूबॉनिक प्लेग के मामले समय-समय पर दुनिया भर में सामने आते रहते हैं।
  • साल 2017 में मैडागास्कर में प्लेग के 300 मामले सामने आए थे। 2019 में मंगोलिया में मैरमोट नाम के जानवर को खाने से दो लोगों को प्लेग हो गया और उनकी मौत हो गई थी।
  • मैरमोट प्लेग के बैक्टेरिया के वाहक होते हैं। इनका शिकार करना ग़ैरक़ानूनी है।

क्या है ब्यूबॉनिक प्लेग?

  • ब्यूबॉनिक प्लेग लसीकापर्व (Lymph Nodes) में सूजन पैदा कर देते हैं। शुरुआत में इस बीमारी की पहचान मुश्किल होती है क्योंकि इसके लक्षण 3 से 7 दिनों के बाद दिखते हैं और किसी दूसरे फ़्लू की तरह ही होते हैं।
  • इससे पीड़ित लोगों का एंडी बॉडी से इलाज किया जाता है।
  • ब्यूबॉनिक प्लेग को ब्लैक डेथ भी कहते हैं। 14वीं शताब्दी में ब्लैक डेथ के कारण एशिया, अफ्रीका और यूरोप में करीब पाँच करोड़ लोगों की मौत हो गई थी।
  • अंतिम बार इसका भयानक प्रकोप 1665 का द ग्रेट प्लेग में दिखा था जिसमें शहर के हर पांच में से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।
  • 19वीं शताब्दी में चीन और भारत में प्लेग के फैलने से एक करोड़ 20 लाख लोगों की मौत हो गई थी।

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