कोरोना संकट से निपटने को तीस हजार वेंटीलेटर बनाएगा BEL

कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी से निपटने के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL)ने रक्षा विकास एवं अनुसंधान संगठन (DRDO) के डिजाइन किए वेंटीलेटर का देश में ही बड़ी संख्या में निर्माण शुरू कर दिया है। वेंटीलेटर बनाने की इस बड़ी पहल तहत बीईएल आगामी दो माह में ही 30,000 वेंटीलेटर बनाकर स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंप देगा।
कोरोना महामारी से प्रभावित मरीजों की संख्या में इजाफे की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रलय ने रक्षा मंत्रालय से जुड़े सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) से वेंटीलेटर समेत कई दूसरे चिकित्सा व बचाव उपकरणों का निर्माण करने को कहा है। आईसीयू में कोरोना प्रभावित मरीजों की जीवन रक्षा के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय बड़ी संख्या में वेंटीलेटर का प्रबंध कर रहा है। बीईएल ने डीआरडीओ के डिजाइन किए इस वेंटीलेटर में मैसूर की मेसर्स एसकैनरी ने कुछ सुधार किया था जिसका बीईएल के साथ गठबंधन है। बीईएल जहां नए वेंटीलेटर का निर्माण कर रहा है, वहीं आर्डिनेंस फैक्ट्री, मेडक कई अस्पतालों के खराब वेंटीलेटरों की मरम्मत कर उन्हें फिर से संचालन योग्य बना रही है।
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (Bharat Electronics Limited (BEL) की स्थापना भारतीय रक्षा सेवाओं की विशिष्टीकृत इलेक्ट्रॉनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 1954 में रक्षा मंत्रालय के अधीन भारत सरकार द्वारा बेंगलूर,कर्नाटक में स्थापित की गई थी । वर्षों के दौरान, यह भारत और विदेश में विविध क्षेत्रों में ग्राहकों की ज़रूरतों को पूरा करते हुए बहु-उत्पाद, बहु-प्रौद्योगिकी, बहु-यूनिट वाली कंपनी के रूप में विकसित हुई है । बीईएल उन चुने हुए सरकारी क्षेत्र के उपक्रमों में है जिन्हें भारत सरकार द्वारा नवरत्न का दर्जा प्रदान किया गया है ।
क्या होता है वेंटीलेटर?

  • वेंटिलेटर (Ventilator) एक ऐसी मशीन है जो उन रोगियों की मदद करती है जो किसी भी कारण से अपने आप ठीक से सांस नहीं ले पाते हैं। इसे अन्य नामों के रूप में भी जाना जाता है जैसे – ब्रीदिंग मशीन या रेस्पिरेटर या मैकेनिकल वेंटिलेटर आदि।
  • वेंटिलेटर एक ऐसी मशीन है जो किसी मरीज़ की सांस लेने में मदद करती है. ये फेफड़ों में ऑक्सीजन डालती है और कार्बन डाईऑक्साइड निकालती है।
  • वेंटिलेटर को लाइफ सेविंग मशीन भी कहा जाता है क्योंकि ये उस वक़्त इस्तेमाल की जाती है जब मरीज़ के फेफड़े काम करना बहुत कम कर देते हैं. सर्जरी से पहले भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • वेंटिलेटर मशीन में एक ट्यूब जुड़ी होती है जिसे मरीज़ के मुंह, नाक या गले में छोटे से कट के ज़रिए शरीर में डाला जाता है।
  • कोविड19 के इलाज में तकरीबन 5 फ़ीसदी मरीज़ों को ही क्रिटिकल केयर की ज़रूरत पड़ती है. ऐसे लोगों को उपचार के लिए आईसीयू में भर्ती किया जाता है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक कोविड19 के 80 प्रतिशत मरीज़ बिना अस्पताल में इलाज़ के ठीक हो जाते हैं।
  • लेकिन, छह मरीज़ों में से एक गंभीर रूप से बीमार हो जाते हैं और उन्हें सांस लेने में दिक्कत आती है।

Related Posts

Leave a Reply