बैंकिंग सेवा- सार्वजनिक उपयोगिता सेवा घोषित

केंद्र सरकार ने औद्योगिक विवाद अधिनियम (Industrial Disputes Act) के प्रावधानों के तहत बैंकिंग उद्योग को 21 अक्तूबर तक छह माह की अवधि के लिये सार्वजनिक उपयोगिता सेवा (Public Utility Service) घोषित किया है। केंद्र सरकार द्वारा की गई इस घोषणा का अर्थ है कि अधिनियम लागू रहने की अवधि तक बैंकिंग उद्योग के कर्मचारियों व अधिकारियों द्वारा कोई हड़ताल आयोजित नहीं की जाएगी।
यह निर्णय श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय द्वारा कोरोनावायरस (COVID-19) महामारी के मद्देनज़र लिया गया है, ध्यातव्य है कि कोरोनावायरस के कारण लागू किये गए लॉकडाउन के प्रभावस्वरूप, भारत की आर्थिक गतिविधियाँ काफी अधिक प्रभावित हुई हैं।
बैंकिंग उद्योग को सार्वजनिक उपयोगिता सेवा घोषित करने के का प्रमुख उद्देश्य COVID-19 महामारी के फलस्वरूप आर्थिक संकट का सामना कर रहे ग्राहकों को सुरक्षा एवं बेहतर सेवा प्रदान करना है। उल्लेखनीय है कि बैंकिंग उद्योग में एक दर्जन से अधिक कर्मचारी और अधिकारी यूनियन संघ हैं, जो समय-समय पर सदस्यों के वेतन जैसे विषयों से संबंधित मुद्दों को लेकर हड़ताल के रूप में अपना विरोध दर्ज कराते हैं, किंतु इस नियम के बाद 6 महीने की अवधि के लिये ऐसा संभव नहीं हो पाएगा।

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