असम के तिनसुकिया में गैस के कुंए में आग

असम के तिनसुकिया (Tinsukia) जिले में स्थित भारत सरकार की तेल कंपनी ऑयल इंडिया लि. (Oil India Ltd) के गैस के कुएं में आग लग गई है।असम के तिनसुकिया जिले में स्थित बागजान गैस कुएं से पिछले 14 दिन से अनियंत्रित तरीके से प्राकृतिक गैस (Natural Gas) का रिसाव हो रहा था। अग्निकांड की वजह से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। डिब्रू-साईखोवा राष्ट्रीय उद्यान के पास स्थित इस कुएं में 9 जून को विस्फोट हुआ, जिसके बाद आग ने विकराल रुप ले लिया है।
दुर्घटना का प्रभाव
अग्निकांड से आस-पास के गांवों के निवासियों की आजीविका पर संकट उत्पन्न हो गया है। इसके अलावा बाघजान गांव के पास से गुजरने वाली डिब्रू नदी के पानी पर भी गैस रिसाव के कारण काफी असर पड़ा है। गैस रिसाव के प्रभाव से नदियों में मछलियां मर गई हैं। साथ ही लुप्तप्राय नदी डॉल्फिन अनेक प्रकार की मछलियों की मारी गई हैं। उल्लेखनीय है कि दुर्घटना स्थन के पास ही मगुरी-मोटापुंग वेटलैंड (Maguri-Motapung Wetland) स्थित है, जो कि एक महत्त्वपूर्ण पक्षी क्षेत्र (Important Bird Area- IBA) के रूप में अधिसूचित किया गया है। डिब्रू-सैखोवा राष्ट्रीय उद्यान भी इसके पास में ही है जहां वनस्पतियों तथा वन्य जीवों की कुछ दुर्लभ प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
क्या होती है प्राकृतिक गैस :
प्राकृतिक गैस (Natural Gas) एक जीवाश्म ईंधन आधारित ईंधन है जो भूगर्भ में चट्टानों के बीच खाली स्थान के बीच पाई जाती । इस गैस का सबसे बड़ा घटक मीथेन है। मीथेन के अलावा कार्बन डाइऑक्साइड, जल वाष्प आदि भी प्राकृतिक गैस में पाए जाते हैं। इसका उपयोग रासायनिक उर्वरक बनाने, प्लास्टिक उत्पादन, वाहन ईंधन (CNG) तथा अन्य व्यावसायिक रूप से महत्त्वपूर्ण कार्बनिक रसायनों के निर्माण, ताप विद्युत गृहों में किया जाता है।
असम में गैस/तेल उत्पादन क्षेत्र
कच्चा तेल टर्शियरी युग की अवसादी शैलों में पाया जाता है। भारत में असम का डिगबोई पहला उत्पादक क्षेत्र है। यहां अब भी तेल और गैस का उत्पादन होता है। असम में डिगबोई, नहरकटिया तथा मोरान महत्त्वपूर्ण तेल उत्पादक क्षेत्र हैं। तमिलनाडु का पूर्वी तट, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, त्रिपुरा, राजस्थान तथा गुजरात एवं महाराष्ट्र में अन्य महत्त्वपूर्ण पेट्रोलियम भंडार पाए जाते हैं।

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