काजीरंगा नेशनल पार्क में बाढ़ से जानवरों की मौत

चर्चा में क्यों?

  • असम में भारी बारिश के चलते आई बाढ़ से आमजन के साथ ही जानवरों को काफी नुकसान पहुंचा है। काजीरंगा नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व में अब तक 100 से अधिक जानवरों की मौत हो चुकी है।

काजीरंगा नेशनल पार्क

  • असम में स्थित काजीरंगा राष्ट्रीय पार्क भारत का सबसे पुराना वन्यजीव संरक्षण क्षेत्र है। 1905 में इसे पहली बार अधिसूचित किया गया था जबकि 1908 में इसे संरक्षित वन घोषित किया गया था।
  • इसका गठन विशेष रूप से एक सींग वाले गैंडे के संरक्षण के लिये किया गया था। जिनकी संख्या तब यहां लगभग 24 जोड़ी थी।
  • उल्लेखनीय है कि मार्च 2018 में की गई गेंडों की जनगणना के अनुसार, काजीरंगा नेशनल पार्क में लगभग 2,413 गैंडे हैं।
  • विश्व के दो-तिहाई एक सींग वाले गैंडे काजीरंगा नेशनल पार्क में ही पाए जाते हैं
  • 1916 में काजीरंगा को एक पशु अभ्यारण्य घोषित किया गया था।
  • 1950 में इसे एक वन्यजीव अभ्यारण्य घोषित किया गया।
  • वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत 1974 में काजीरंगा को राष्ट्रीय उद्यान के रूप में अधिसूचित किया गया।
  • काजीरंगा नेशनल पार्क को वर्ष 1985 में यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल में शामिल में किया गया था।
  • उद्यान में लगभग 250 से अधिक मौसमी जल निकाय (Water Bodies)हैं, इसके अलावा डिपहोलू नदी (Dipholu River ) इसके मध्य से बहती है।

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