इबोला की दवा कोरोना वायरस के उपचार में हो सकती है कारगर

कोविड-19 के इलाज में रेमडेसिविर (Remdesivir)नाम की दवा भी असरकारी साबित हो रही है लेकिन वैज्ञानिक इसके अभी और परीक्षण की जरूरत महसूस कर रहे हैं। शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि क्लिनिकल ट्रायल में मरीजों पर इस दवा का जल्द और अच्छा असर देखा गया है। साथ ही और परीक्षणों की आवश्यकता जताई है। रेमडेसिविर नाम की यह दवा एक दशक पहले इबोला वायरस पीड़ितों के इलाज के लिए बनाई गई थी।
अमेरिका के टेक्सास प्रांत के ह्यूस्टन मेथॉडिस्ट हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं के मुताबिक दवा के क्लिनिकल ट्रायल के शुरुआती चरण में ही दवा कोरोना पीड़ितों को दी गई है। इसके शुरुआती नतीजे उत्साहजनक रहे हैं। इस समय ये महत्वपूर्ण हैं। इस समय कोविड-19 से जल्द निपटना ही प्राथमिकता है। चीन ने भी माना है कि रेमडेसिविर दवा कोरोना वायरस का असर आगे बढ़ने से रोकने में सक्षम है। वह इसी फैमिली के वायरस सार्स को निष्क्रिय करने में भी सहायक है। कोरोना फैमिली के वायरस व्यक्ति की भीतर की कोशिकाओं को संक्रमित करने के बाद शरीर में उनका प्रतिरूप तैयार करना शुरू कर देते हैं, इसके चलते स्थिति गंभीर होती चली जाती है। इसी प्रकार से वायरस अपना प्रतिरूप भी तैयार करता जाता है।

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