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अमेरिका ने चीन पर ‘जीरो यील्ड’ मानक का उल्लंघन करने का आरोप लगाया

अमेरिका ने चीन पर गुपचुप तरीके से कम शक्ति वाले परमाणु परीक्षण का आरोप लगाया है। अमेरिकी विदेश विभाग का कहना है कि चीन के लोप न्यूर परमाणु परीक्षण केंद्र(Lop Nur test site)की गतिविधियों से इस बात की आशंका गहराई है कि चीन ‘जीरो यील्ड’ मानक का उल्लंघन कर रहा है। जीरो यील्ड के तहत ऐसे परमाणु परीक्षण को अनुमति है, जिसमें कोई एक्स्प्लोसिव चेन रिएक्शन नहीं होता है। रिपोर्ट में परीक्षण का प्रमाण दिए बिना कहा गया है, ‘सालभर लोप न्यूर केंद्र के आसपास की गतिविधियां और चीन की ओर से पारदर्शिता की कमी से इस बात की आशंका गहरा गई है कि चीन जीरो यील्ड मानक (Zero yield standard)का उल्लंघन कर रहा है।’
1996 में परमाणु हथियारों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए कंप्रेहेंसिव टेस्ट बैन ट्रीटी (Comprehensive Test Ban Treaty ,CTBT) हुई थी। चीन संधि के अनुपालन पर नजर रखने वाले मॉनिटरिंग सेंटर के सेंसर तक पहुंचने वाले डाटा को ब्लॉक करने जैसे कदम उठाकर पारदर्शिता प्रभावित करता रहा है। सीटीबीटी ऑर्गनाइजेशन के प्रवक्ता कहना है कि 2018 में चीन में लगे पांच सेंसर को मिलने वाले डाटा में बाधा आनी शुरू हुई थी। हालांकि अगस्त, 2019 से इस डाटा में कोई बाधा नहीं आई है।
व्यापक परमाणु-परीक्षण-प्रतिबंध संधि
(The Comprehensive Nuclear-Test-Ban Treaty- CTBT)
CTBT संधि सभी प्रकार के परमाणु हथियारों के परीक्षण एवं उपयोग को प्रतिबंधित करती है। यह संधि जिनेवा के निरस्त्रीकरण सम्मेलन के पश्चात् प्रकाश में आई। इस संधि पर वर्ष 1996 में हस्ताक्षर किये गए। अब तक इस संधि पर 184 देश हस्ताक्षर कर चुके हैं। भारत इसका हस्ताक्षरकर्ता देश नहीं है।

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