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अमेरिका ने रोकी विश्व स्वास्थ्य संगठन की आर्थिक सहायता

कोरोना संकट के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की साख पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। विश्व के ताकतवर देशों के निशाने पर यह संगठन लगातार आ रहा है और आरोप लगा रहा है कि इनकी ओर से कोरोना के भयावह प्रकोप से बचने के लिए न तो समय पर चेतावनी जारी की गयी न इसके लिए जरूरी कदम उठाए गए। इस साल के शुरू में हुए कोरोना कहर को दूसरे विश्वयुद्ध के बाद सबसे बड़ा ग्लोबल संकट माना जा रहा है। इसी क्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना वायरस संकट पर गैर जिम्मेदार तरीके से काम करने का आरोप लगाते हुए 15 अप्रैल 2020 को विश्व स्वास्थ्य संगठन को दी जाने वाली आर्थिक सहायता पर रोक लगा दी । अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि जब तक कोरोना वायरस के प्रसार को कम करने को लेकर तैयारी में गंभीर चूक जानकारी को छुपाने में डब्ल्यूएचओ की भूमिका की समीक्षा नहीं हो जाती, तब तक यह रोक जारी रहेगी। अमेरिका हर साल डब्लूएचओ को 40 से 50 करोड़ डॉलर देता तो इस संगठन को किसी देश की ओर से दी जाने वाली सबसे बड़ी राशि है। चीन 4 करोड़ डॉलर के करीब देता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी उठाया था प्रासंगिकता पर सवाल
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सबसे पहले विश्व की सबसे ताकतवर देशों के प्लेटफार्म पर डब्लूएचओ की प्रासंगिकता पर सवाल उठाया था। उन्होंने 26 मार्च को जी-20 देशों की मीटिंग में संगठन के कामकाज पर अपरोक्ष रूप से सवाल उठाया था। मीटिंग में पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसी संस्थाओ में बड़ा बदलाव और सुधार हो जो अभी तक पिछली शताब्दी के बदलाव पर काम कर रहे हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य

  1. स्वास्थ्य क्षेत्र के लिये संयुक्त राष्ट्र की विशेष एजेंसी ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ (World Health Organization-WHO) की स्थापना 7 अप्रैल 1948 हुई थी।
  2. इसके स्थापना दिवस को हर साल विश्व स्वास्थ्य दिवस के तौर पर मनाया जाता है। हर साल विश्व स्वास्थ्य दिवस की थीम अलग-अलग होती है।
  3. इस साल यानी 2020 के लिए विश्व स्वास्थ्य दिवस की थीम ‘नर्सों और मिडवाइफ की सहायता करें’ है। इस थीम के माध्मय से नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की अहम भूमिका को सराहा गया है।
  4. इसका मुख्यालय जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड में स्थित है।
  5. वर्तमान में 194 देश WHO के सदस्य हैं। 150 देशों में इसके कार्यालय होने के साथ-साथ इसके छह क्षेत्रीय कार्यालय भी हैं।
  6. यह एक अंतर-सरकारी संगठन है तथा सामान्यतः अपने सदस्य राष्ट्रों के स्वास्थ्य मंत्रालयों के सहयोग से कार्य करता है।
  7. WHO वैश्विक स्वास्थ्य मामलों पर नेतृत्व प्रदान करते हुए स्वास्थ्य अनुसंधान संबंधी एजेंडा को आकार देता है तथा विभिन्न मानदंड एवं मानक निर्धारित करता है।
    साथ ही WHO साक्ष्य-आधारित नीति विकल्पों को स्पष्ट करता है, देशों को तकनीकी सहायता प्रदान करता है तथा स्वास्थ्य संबंधी रुझानों की निगरानी और मूल्यांकन करता है।

उद्देश्य/कार्य:

  • अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य संबंधी कार्यों पर निर्देशक एवं समन्वय प्राधिकरण के रूप में कार्य करना।
  • संयुक्त राष्ट्र के साथ विशेष एजेंसियों, सरकारी स्वास्थ्य प्रशासन, पेशेवर समूहों और ऐसे अन्य संगठनों जो स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी हैं, के साथ प्रभावी सहयोग स्थापित करना एवं उसे बनाए रखना।
  • सरकारों के अनुरोध पर स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत करने के लिये सहायता प्रदान करना।
  • ऐसे वैज्ञानिक और पेशेवर समूहों के मध्य सहयोग को बढ़ावा देना जो स्वास्थ्य प्रगति के क्षेत्र में योगदान करते हैं
  • अपनी स्थापना के बाद से डब्ल्यूएचओ ने स्मॉल पॉक्स बिमारी को खत्म करने में बड़ी भूमिका निभाई है। फिलहाल डब्ल्यूएचओ एड्स, इबोला और टीबी जैसी खतरनाक बिमारियों की रोकथाम पर काम कर रहा है।
  • डब्ल्यूएचओ वर्ल्ड हेल्थ रिपोर्ट के लिए जिम्मेदार होता है जिसमें पूरी दुनिया से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का एक सर्वे होता है।

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